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अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच भी चढ़ा बाजार, अब अगले हफ्ते इन फैक्टर्स पर रहेगी निवेशकों की नजर

market ki baat share market review 18 july
Share Market Weekly Review : अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपए में भारी गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। इस हफ्ते सेंसेक्स में 582 अंकों की बढ़त रही तो निफ्टी भी 126 अंक ऊपर बंद हुआ। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।
 

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 47  अंकों की बढ़त के साथ 77,616 पर था तो निफ्टी 4 अंक बढ़कर 24,211 पर जा पहुंचा। सेंसेक्स 561 अंक गिरकर 77055 पर बंद हुआ तो निफ्टी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,052 पर जा पहुंचा।
 
बुधवार को सेंसेक्स 130 अंकों की बढ़त के साथ 77185 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 26 अंक बढ़कर 24,078 पर पहुंच गया। गुरुवार को बाजार में फ्लैट ही बंद हुए। सेंसेक्स में मात्र 1 अंक की बढ़त थी तो निफ्टी में 6 अंकों की गिरावट देखी गई। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में निवेशकों ने जमकर खरीदारी दी। इससे सेंसेक्स 964 अंक बढ़कर 78,152 पर पहुंच गया तो निफ्टी 261 अंकों की बढ़त के 24,334 पर बंद हुआ।
 

रुपए में भारी गिरावट 

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मर्चेंट डॉलर की मजबूत मांग के कारण भारतीय रुपये के भविष्य को लेकर चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई हैं। इसके चलते शुक्रवार को सुस्त कारोबार के साथ समाप्त हुए सप्ताह में रुपये ने मई के बाद से अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की। रुपया साप्ताहिक आधार पर लगभग 1% गिरकर 96.28 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। ALSO READ: रुपये में 9 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट, रुपया 96.28 प्रति डॉलर
 

SBI फंड्स के IPO को कैसा मिला रिस्पांस?

SBI फंड्स मैनेजमेंट के 9,812.91 करोड़ रुपए के IPO को कुल 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 17 जुलाई को अलॉटमेंट भी हो गया। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। ग्रे मार्केट में IPO का GMP करीब 97 रुपए है, इससे करीब 17% प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद जताई जा रही है। बड़े संस्थागत निवेशकों (QIB) ने इस आईपीओं में जबरदस्त दिलचस्पी दिखाई, उनका हिस्सा 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा 22.51 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 3.60 गुना भरा गया।
 

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

बाजार विशेषज्ञ सुयश राठौर ने बताया अमेरिका ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार दबाव में रहा। बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम के बीच विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। एसबीआई, टेक महिंद्रा, यश बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही परिणामों ने भी निवेशकों में उत्साह का संचार किया। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के सहारे बाजार हरे निशान में बंद हुआ। ALSO READ: रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q1 FY27 नतीजे, 3.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा रेवेन्यू, जियो-रिटेल ने दिखाया दम
 

कैसा रहेगा अगला हफ्ता?

यदि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, विदेशी निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, कमजोर कॉरपोरेट नतीजे, वैश्विक अनिश्चितता, कच्चे तेल में तेज उछाल या विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। राठौर के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, महंगे कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी का अगले हफ्ते भी बाजार पर असर पड़ सकता है। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर का बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।
 
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें
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