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Last Updated :मुंबई , शनिवार, 14 मार्च 2026 (14:49 IST)

शेयर बाजार में धड़ाम, सेंसेक्स 5 दिन में 4355 अंक टूटा, युद्ध काल में निवेशकों के 33 लाख करोड़ स्वाहा

share market review market ki baat
Share Market Review Market ki Baat : अमेरिका इजराइल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग की वजह से इस हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट हुई। मार्च के दूसरे कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स 4355 अंक गिरा तो निफ्टी में भी 1299 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। युद्ध काल में अब तक बाजार पूंजीकरण 33.68 लाख करोड़ रुपए घट गया है। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।

कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को 1,353 अंक टूटकर 77,566 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 422 अंक गिरकर 24,028 पर बंद हुआ था। मंगलवार को सेंसेक्स मंगलवार को 640 अंक बढ़कर 78,205 के स्तर पर जा पहुंचा। निफ्टी भी 233 अंक की बढ़त के साथ 24261 पर बंद हुआ।
 
इसके बाद के 3 कारोबारी दिनों में भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। बुधवार को सेंसेक्स 1342 अंक गिरकर 76,863 और निफ्टी 395 अंक टूटकर बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स 829 अंकों की गिरावट के साथ 76,034 अंकों पर बंद हुआ वहीं निफ्टी भी 228 अंक की तेज गिरावट के साथ 23,639 पर आ गया। सेंसेक्स शुक्रवार को 1,471 अंक टूटकर 74564 के स्तर पर आ गया था, जबकि निफ्टी 488 अंक गिरकर 23151 पर बंद हुआ था।

इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल

विदेशी निवेशकों की बिकवाली, क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें, रुपए की कमजोरी, इंडिया वीआईएक्स में बढ़ोतरी और स्ट्रेट ऑफ हार्मूज में बढ़ते तनाव की वजह से तेल सप्लाय बाधित होने से बाजार से निवेशकों ने दूरी बना ली। युद्ध की वजह से बाजार में बिकवाली की धारणा बनी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार भी बीते सप्ताह 11 अरब डॉलर से ज्यादा घट गया।

कैसा रहेगा अगला हफ्ता

शेयर बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा के अनुसार, बाजार युद्ध को नकारात्मक रूप में ही ले रहा है। क्रूड में तेजी और एलपीजी संकट की वजह से फिलहाल तेजी की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। यूरोप में महंगाई बढ़ी है और तेल संकट भी पैर पसार रहा है। चीन ने भी अपना एक्सपोर्ट 50 फीसदी तक घटा दिया है।
 
उन्होंने कहा कि भारत में भी फार्मा सेक्टर को कच्चा माल नहीं मिल पा रहा है। पाम ऑइल और सोयाबिन ऑइल महंगा हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में याहं भी महंगाई बढ़ने के आसार है। इस वजह से रिजर्व बैंक भी रेट ऑफ इंटरेस्ट नहीं घटा सकेगा।
 
बागौरा ने बताया कि निफ्टी 23600 से ऊपर जाने की स्थिति में 24000 का टारगेट अचिव कर सकता है। वहीं 23300 का स्तर ब्रेक होने के बाद इसके 22500 से 22700 के बीच रहने की संभावना है।
 
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें
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