वेट एंड वॉच मोड में शेयर बाजार, अगले सप्ताह कैसी रहेगी निफ्टी की चाल?
Share market review Market ki Baat : भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता रेंज बाउंड रहा। हफ्ते में केवल 4 ही दिन कारोबार हुआ। इनमें से 2 दिन बाजार लाल निशान तो 2 दिन हरे निशान में रहा। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह।
शेयर बाजार : कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सेंसेक्स 302 अंक बढ़कर 83,878 पर पहुंचा। निफ्टी भी 107 अंकों की बढ़त के साथ 25790 पर बंद हुआ। मंगलवार को शेयर बाजार में फिर गिरावट आई। सेंसेक्स 252 अंक गिरकर 83,628 पर पहुंचा। निफ्टी 58 अंक गिरकर 25,732 पर बंद हुआ।
बुधवार को सेंसेक्स 245 अंक गिरकर 83,383 पर पहुंचा। निफ्टी 67 अंकों की गिरावट के साथ 25,666 पर बंद हुआ। 15 जनवरी, गुरुवार को महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव की वजह से बाजार बंद थे। शुक्रवार को सेंसेक्स 188 अंक बढ़कर 83,570 पर पहुंचा। निफ्टी 29 अंकों की बढ़त के साथ 25,694 पर बंद हुआ।
इन फैक्टर्स से तय हुई शेयर बाजार की चाल
ईरान पर अमेरिका के रुख, भारत अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद और वैश्विक बाजारों से आए संकेतों से इस हफ्ते बाजार में निवेशक वेट एंड वॉच की स्थिति में दिखे। FII ने पूरे हफ्ते बिकवाली की। बैंकिंग, PSU और मिड/स्मॉलकैप शेयरों ने सप्ताहभर मिश्रित प्रदर्शन दिखाया, जिनसे बाजार का समग्र रुख थोड़ा स्थिर रहा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी बाजार में जमकर मुनाफा वसूली हुई। सेंसेक्स दिन के हाई से 600 अंक से ज्यादा टूट गया।
शेयर बाजार में कैसा रहेगा अगला हफ्ता
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही उठापटक को देखते हुए निवेशक फिलहाल सतर्क रूख अपनाए हुए हैं। ईरान पर अमेरिकी एक्शन पर सभी की नजरें हैं। यह बाजार की दिशा तय करेगी। बाजार रेंज बाउंड रहने की संभावना है। हालांकि बाजार में हल्की रिकवरी की संभावनाएं भी बन रही है।
बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि ईरान की करेंसी वैल्यू जीरो होने, ईरान अमेरिका तनाव, अमेरिका और यूरोप का ग्रीनलैंड पर रवैया अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान से भारत इंपोर्ट कम करता है और एक्सपोर्ट ज्यादा करता है। ट्रेड सरप्लस होने की वजह से ईरान के हालात का भारतीय बाजारों पर काफी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते बाजार वोलेटाइल टू नेगेटिव रह सकता है। 25300 से 25400 के स्तर पर लिवाली की जा सकती है। इसके बाद 24700 से 24800 पर बाइंग की स्थिति बन सकती है।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।