विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में जीत हासिल कर विनेश फोगाट ने देश को टोक्यो ओलंपिक-2020 का कोटा दिलाया

पुनः संशोधित बुधवार, 18 सितम्बर 2019 (17:55 IST)
नूर सुल्तान। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्टार ने बुधवार को 53 किग्रा भार वर्ग में मुकाबले के लिए क्वालिफाई करने के साथ ही देश को का कोटा दिला दिया।

विनेश ने महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग के रेपेचेज राउंड के दूसरे राउंड में विश्व रजत विजेता सारा हिलदेब्रांट को 8-2 से पराजित किया। इसी के साथ उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले के लिए क्वालीफाई कर लिया है और अब पदक के लिए उनका मुकाबला यूनान की मारिया प्रीवोलारस्की से होगा।

भारत की ओलंपिक पदक उम्मीद विनेश ने इससे पहले सुबह रेपेचेज के पहले राउंड में ब्लाहिन्या को 5-0 से हराकर दूसरे राउंड में प्रवेश किया था।
विनेश को प्री क्वार्टरफाइनल में पूर्व चैंपियन जापान की मायू मुकाइदा के हाथों 7-0 से पराजय झेलनी पड़ी थी। लेकिन मुकाइदा के फाइनल में पहुंचने की बदौलत भारतीय पहलवान को रेपेचेज राउंड में जगह बनाने का मौका मिल गया।

रियो ओलंपिक की रजत विजेता और भारत की टोक्यो ओलंपिक-2020 में बड़ी पदक उम्मीद सिंधु का अब महिला एकल के दूसरे दौर में कनाडा की मिशेल ली और थाईलैंड की पोर्नपावी चोचूवोंग के बीच मुकाबले की विजेता जोड़ी से मुकाबला होगा।

देश के लिए विश्व चैंपियनशिप-2019 में स्वर्ण पदक जीतने वाली देश की एकमात्र बैडमिंटन खिलाड़ी बनी सिंधु का जुईरूई के खिलाफ प्रदर्शन उनकी फॉर्म के अनुरूप रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच इससे पहले बराबरी का रिकॉर्ड था लेकिन इस जीत से विश्व की 5वें नंबर की सिंधु ने अपना जुईरूई के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 4-3 पहुंचा दिया है।
सिंधु ने पहले गेम में 8-3 की मजबूत बढ़त बनाई, लेकिन विपक्षी खिलाड़ी ने लगातार 5 अंक लेकर 8-8 से बराबरी कर ली। इसके बाद सिंधु ने अधिक आक्रामकता दिखाई और 18-14 की बढ़त बना ली। सिंधु ने इस गेम में 5 गेम प्वांइट जीते। दूसरे गेम में भारतीय शटलर का प्रदर्शन एकतरफा रहा और उन्होंने 6-6 की शुरुआती बराबरी के बाद लगातार 15-10 से बढ़त बनाई और लगातार 4 अंग लेकर 18-12 से आगे हो गई।

हालांकि पहले ही दौर में साइना का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। साइना को थाई खिलाड़ी ने एकमात्र बार वर्ष 2017 में थाईलैंड ओपन में हराया था। हालांकि करियर के कुल 5 मैचों में साइना उनसे अभी भी 3-2 से आगे हैं। 29 वर्षीय साइना ने वर्ष 2014 में चांगझू में खिताब जीता था और 2015 में फाइनल तक पहुंची थी।

लेकिन लंदन ओलंपिक की कांस्य विजेता साइना का खराब प्रदर्शन बरकरार रहा और अपने से 10 रैंक नीचे 18वीं रैंकिंग की बुसानन के खिलाफ वह 69 में से कुल 27 अंक ही जीत सकीं। थाई खिलाड़ी ने कुल 3 गेम अंक जीते जबकि साइना एक भी गेम प्वांइट नहीं ले सकीं। पूर्व नंबर एक खिलाड़ी चोट के कारण 2 महीने तक कोर्ट से दूर रही हैं। वह विश्व चैंपियनशिप में भी दूसरे ही राउंड में बाहर हो गई थीं।
पुरुष एकल के पहले ही राउंड के मुकाबले में 15वीं रैंकिंग के प्रणीत को भी काफी संघर्ष करना पड़ गया, लेकिन इस जीत से उन्होंने सुपान्यू के खिलाफ अपना करियर रिकॉर्ड 4-1 पहुंचा दिया है। थाई खिलाड़ी के खिलाफ उन्होंने कुल 119 अंकों में से 63 जीते जबकि सुपान्यू ने 56 अंक जीते। दोनों ही खिलाड़ियों ने 3-3 गेम प्वांइट जीते।

भारतीय शटलर अब दूसरे राउंड में चीन के लू गुआंग झू से मुकाबले में उतरेंगे। 21वीं रैंकिंग के चीनी खिलाड़ी के खिलाफ यह उनका दूसरा मैच होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच वर्ष 2018 को सैयद मोदी बैडमिंटन टूर्नामेंट में हुए पहले मैच में प्रणीत को गुआंग झू ने पराजित किया था।

 

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