श्रावण मास में करें ये 10 आसान उपाय, पूरे साल मिलेगा भगवान शिव का आशीर्वाद
हिंदू धर्म में श्रावण (सावन) मास को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है। इस पवित्र महीने में किए गए छोटे और सरल उपाय भी अतिशीघ्र शुभ फल प्रदान करते हैं। सावन के महीने में अपनाए जाने वाले 10 प्रमुख और आसान उपाय।
जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक
प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान के बाद तांबे के लोटे से शिवलिंग पर जल अर्पित करें। सावन सोमवार को दूध, गंगाजल या पंचामृत से अभिषेक करने से मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
अखंडित बेलपत्र अर्पित करें
शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए 3 पत्तियों वाले अखंडित (कटे-फटे न हों) बेलपत्र चढ़ाएं। बेलपत्र पर चंदन से 'राम' या 'ॐ' लिखकर चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है।
'ॐ नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप
सावन में रोजाना रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है।
शिवलिंग पर अक्षत (चावल) चढ़ाना
पूजा के दौरान शिवलिंग पर बिना टूटे हुए (अक्षत) चावल चढ़ाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है और आर्थिक तंगी दूर होती है। हालांकि अक्षत्र चढ़ाने से पहले पंडितजी से सलाह जरूर लें।
शाम को घी का दीपक जलाएं
सावन के दौरान प्रतिदिन शाम को शिवलिंग या बेलपत्र के वृक्ष के पास शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें। इससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
काले तिल और शमी के पत्ते
जल में थोड़े से काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा शनि दोष और कार्यों की बाधाएं दूर करने के लिए शमी पत्र चढ़ाना उत्तम माना गया है।
धतूरा और भांग का भोग
भगवान शिव को अति प्रिय धतूरा, भांग और आंकड़े के फूल अर्पित करें। माना जाता है कि ऐसा करने से पुराने रोग और भय दूर होते हैं।
सावन सोमवार का व्रत
सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। यह व्रत मनचाहा वर प्रदान करने और वैवाहिक जीवन में मधुरता लाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
जरूरतमंदों को दान-पुण्य
सावन मास में किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र, या फल का दान करें। इस महीने में किए गए दान का फल कई गुना होकर वापस मिलता है।
सात्विक जीवनशैली और विचार
पूरे सावन मास में सात्विक आहार लें, मांस-मदिरा और लहसुन-प्याज़ से परहेज करें। मन, वचन और कर्म से किसी का अहित न सोचें तथा घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।
सावन के दौरान इन उपायों को निष्ठा और श्रद्धा के साथ अपनाने से पूरे वर्ष भगवान भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।

