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रजनीकांत हैं जिनके भक्त वे ''महावतार बाबा'' जिंदा हैं 5 हजार वर्षों से, क्या वे कृष्ण हैं?

सोमवार,जनवरी 18, 2021
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वेद, पुराण और स्मृति ग्रंथों में हमें वरुण देव के बारे में जानकारी मिलती है। वेदों में इनका उल्लेख प्रकृति की शक्तियों के रूप में मिलता है जबकि पुराणों में ये एक जाग्रत देव हैं। हालांकि वेदों में कहीं कहीं उन्हें देव रूप में भी चित्रित किया गया है। ...
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पुराणों में माता लक्ष्मी की उत्पत्ति के बारे में विरोधाभास पाया जाता है। एक कथा के अनुसार माता लक्ष्मी की उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले रत्नों के साथ हुई थी, लेकिन दूसरी कथा के अनुसार वे भृगु ऋषि की बेटी हैं। लक्ष्मीजी की अभिव्यक्ति को दो ...
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ब्रह्मा के पुत्र अत्रि ने कर्दम ऋषि की पुत्री अनुसूया से विवाह किया था। अनुसूया की माता का नाम देवहूति था। अत्रि को अनुसूया से एक पुत्र जन्मा जिसका नाम दत्तात्रेय था। अत्रि-दंपति की तपस्या और त्रिदेवों की प्रसन्नता के फलस्वरूप विष्णु के अंश से ...
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एक जमान था जब भावातीत ध्यान की बहुत धूम थी। भावातीत ध्यान को लेकर पहले लोग इस तरह से जुनूनी हो चले थे कि वे समझते थे कि हमने बहुत बड़ी विद्या प्राप्त कर ली। ऐसी भी अफवाहें थी कि इस ध्यान के माध्यम से लोग हवा में उपर उठ जाते थे। फिर ओशो का जमाना आया ...
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भगवान शिव अर्थात सती वा पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है वे सभी धर्मों में पूज्जनीय है। शिव की वेशभूषा ऐसी है कि प्रत्येक धर्म के लोग उनमें अपने प्रतीक ढूंढ सकते हैं। शिव के शिष्यों से एक ऐसी परंपरा की शुरुआत हुई, ...
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अधिकतर लोग शनि भगवना से डरते हैं इसी कारण वे उनके मंदिर में उनकी आराधना करने जाते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने शनिदेव और हनुमानजी दोनों की ही आराधना करते हैं। भगवान शनिदेव के बारे में वैसे तो सभी जानते हैं कि वे दंडनायक है। शनिदेव से सभी डरते ...
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जब पाण्डव दूसरे वनवास के समय वन-वन भटक रहे थे तब एक यक्ष से उनकी भेंट हुई जिसने युधिष्ठिर से विख्यात 'यक्ष प्रश्न' किए थे। पांडवजन अपने तेरह-वर्षीय वनवास के दौरान वनों में विचरण कर रहे थे। तब उन्होंने एक बार प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश की। पानी ...
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हिन्दू धर्म में कई देवियां हैं उन्हीं में से एक है मनसा देवी। माता मनसा देवी कौन है? क्या वह शिव की पुत्री हैं या कि वो ऋषि कश्यप की पुत्री हैं। क्या है उनकी कहानी और कहां है उनका खास स्थान जानिए वह सभी कुछ जो आप जानता चाहते हैं।
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प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। उन्हें गुरु वंश का प्रथम गुरु, साथक, योगी और वैज्ञानिक माना जाता है। हिंदू मान्यताओं अनुसार दत्तात्रेय ने पारद से व्योमयान उड्डयन की शक्ति का पता लगाया था और चिकित्सा ...
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प्रतिवर्ष मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। भारत के प्रत्येक प्रांत में उन्हें पूजा जाता है। आओ जानते हैं भगवान दत्तात्रेय के बारे में 10 रोचक बातें।
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मार्गशीर्ष में कृष्ण पक्ष की अष्‍टमी को काल भैरव की पूजा का प्रचलन है। इस दौरान काल भैरव के खास मंदिरों के आसपास जत्रा जैसा माहौल हो जाता है। आओ जानते हैं काल भैरव के 16 रहस्य और जानें कि किस तरह मुक्त हो सकते हैं संकटों से।
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बंगाल के महान क्रांतिकारियों में से एक महर्षि अरविंद देश की आध्यात्मिक क्रां‍ति की पहली चिंगारी थे। उनका जन्म 15 अगस्त 1872 को कोलकाता में हुआ था और 5 दिसंबर 1950 को उनका पांडुचेरी में निधन हो गया था। उनके पिता के.डी. कृष्णघन घोष एक डॉक्टर थे। माता ...
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भारत में खगोलशास्त्र के सूत्र हमें ऋग्वेद में देखने को मिलते हैं। वैदिककाल में भी कई खगोलशास्त्री हुए हैं जिनके ज्ञान को ही बाद के वैज्ञानिकों ने आगे बढ़ाया। आर्यभट्ट के अलावा, भास्कराचार्य (जन्म- 1114 ई., मृत्यु- 1179 ई.), बौद्धयन (800 ईसापूर्व), ...
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महाराजा चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के काल के प्रसिद्ध खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट्ट (सन् 476) के अलावा भास्कराचार्य और बौद्धयन भी गणित में महारत रखते थे। आर्यभट्ट के जन्मकाल को लेकर जानकारी उनके ग्रंथ आर्यभट्टीयम से मिलती है। इसी ग्रंथ में उन्होंने ...
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आयुर्वेद मानव जाति के लिए ज्ञात सबसे आरंभिक चिकित्‍सा शाखा है। प्राकृतिक चिकित्सा इसका एक अंग मात्र है। आयुर्वेद का जन्म भारत में हुआ। इसके सूत्र हमें ऋग्वेद और अथर्ववेद में मिलते हैं। आयुर्वेद के जनक और आयुर्वेद के मूल सिद्धांत को जानिए।
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सहस्रबाहु अर्जुन ने अपने जीवन में यूं तो बहुतों से युद्ध लड़े लेकिन उनमें दो लोग खास थे। पहले रावण और दूसरे परशुराम। रावण से जीत गए और परशुराम से हार गए।
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भाईदूज के दिन श्री चित्रगुप्त की पूजा करते हैं। इस दिन पर कलम-दवात की करते हैं। दीपावली के पांच दिनी उत्सव में यम के निमित्त दीपदान किया जाता है परंतु इन पांच दिनों में सबसे ज्यादा महत्व भगवान चित्रगुप्त की पूजा का ही है और वह भी खासकर भाईदूज के ...
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लक्ष्मीजी 8 अवतार बताए गए हैं:- महालक्ष्मी, जो वैकुंठ में निवास करती हैं। स्वर्गलक्ष्मी, जो स्वर्ग में निवास करती हैं। राधाजी, जो गोलोक में निवास करती हैं। दक्षिणा, जो यज्ञ में निवास करती हैं। गृहलक्ष्मी, जो गृह में निवास करती हैं। शोभा, जो हर वस्तु ...
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आचार्य चाणक्य को ही कौटिल्य, विष्णु गुप्त और वात्सायन कहते हैं। उनका जीवन बहुत ही कठिन और रहस्यों से भरा हुआ है। आओ जानते हैं उनके जीवन की संक्षिप्त कहानी।
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