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    <title><![CDATA[ईरान-इजरायल युद्ध]]></title>
    <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war</link>
    <description><![CDATA[Iran Israel War LIVE Updates: ईरान-इजरायल युद्ध 2026 (Iran US Israel War) से जुड़ी ताजा खबरें, हमले, जवाबी कार्रवाई, Middle East crisis, तेल कीमतों पर असर, अमेरिका की भूमिका और वैश्विक प्रतिक्रिया की हर बड़ी अपडेट यहां पढ़ें। Get latest Iran Israel ...]]></description>
    <copyright>Copyright webdunia.com</copyright>
    <lastBuildDate>Thu, 09 Apr 2026 23:30:57 +0530</lastBuildDate>
    <language>en-us</language>
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      <title>ईरान-इजरायल युद्ध</title>
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    <item>
      <title><![CDATA[Strait of Hormuz पर संकट बरकरार, अमेरिका ने यूरोप पर बनाया दबाव, ट्रम्प ने NATO को दी चेतावनी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-presses-allies-on-strait-of-hormuz-trump-criticizes-nato-ahead-of-islamabad-talks-126040900065_1.html</link>
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      <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम ने कूटनीति के लिए एक छोटा सा रास्ता तो खोला है, लेकिन तनाव अभी कम नहीं हुआ है। अभी वार्ता में अधर में पड़ी है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल समर्थन के वादे पर्याप्त नहीं होंगे।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-10/31/full/1761934429-2656.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1100" /></p>
	अमेरिका और ईरान के बीच नाजुक युद्धविराम ने कूटनीति के लिए एक छोटा सा रास्ता तो खोला है, लेकिन तनाव अभी कम नहीं हुआ है। अभी वार्ता में अधर में पड़ी है। डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल समर्थन के वादे पर्याप्त नहीं होंगे। ब्रिटेन के नेतृत्व में 40 से अधिक देशों के गठबंधन (जिसमें जापान, कनाडा और यूरोपीय देश शामिल हैं) ने इस मार्ग को फिर से खोलने में मदद करने की बात कही है, जहां से दुनिया का लगभग पाँचवां हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। इस संकट ने अमेरिका और नाटो (NATO) सहयोगियों के बीच मतभेदों को भी उजागर कर दिया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/mamata-banerjee-alleges-bjp-removed-90-lakh-names-from-voter-list-to-grab-power-126040900061_1.html" target="_blank">SIR में 90 लाख वोटर लिस्ट से बाहर, ममता बनर्जी का BJP पर आरोप, खटखटाएंगी अदालत का दरवाजा</a></strong></p>
	ट्रम्प ने नाटो प्रमुख मार्क रुटे से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए लिखा कि जब हमें जरूरत थी तब नाटो वहां नहीं था, और अगर हमें फिर से जरूरत पड़ी तो वे वहां नहीं होंगे। ट्रम्प की यह टिप्पणी सहयोगियों द्वारा सीमित समर्थन दिए जाने की हताशा को दर्शाती है। उन्होंने यहाँ तक संकेत दिया है कि यदि समर्थन नहीं बढ़ा, तो अमेरिका इस गठबंधन से पीछे हट सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वॉशिंगटन अब अपने यूरोपीय सहयोगियों पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित करने के लिए तेजी से कदम उठाने का दबाव बना रहा है। दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग के बाधित होने से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भारी दबाव है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pakistan-mediation-lebanon-confusion-us-iran-ceasefire-dispute-126040900053_1.html" target="_blank">Ceasefire : क्या लेबनान पर बढ़ते भ्रम के लिए Pakistan जिम्मेदार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम के बीच विरोधाभासों का दौर</a></strong></p>
	हालांकि जमीन पर हालात अब भी अस्थिर हैं। 14 दिनों के युद्धविराम की घोषणा के बावजूद संघर्ष पूरी तरह नहीं थमा है। ईरान ने लेबनान में इजराइली हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया है। हॉर्मुज का रास्ता फिलहाल बंद है और यातायात सामान्य होने के कोई संकेत नहीं हैं। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलिबाफ ने कहा है कि लेबनान और &#39;एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस&#39; इस 10-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव का अभिन्न अंग हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/america-iran-ceasefire-israel-lebanon-airstrike-hezbollah-commander-killed-126040900043_1.html" target="_blank">America Iran Ceasefire : लेबनान के पीछे क्यों पड़ा इजराइल, सीजफायर की आड़ में बड़ा खेल, एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी की मौत</a></strong></p>
</p>
<h3>
	इस्लामाबाद में निर्णायक वार्ता</h3>
<p>
	इस बीच, कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस 11 अप्रैल को ईरान के साथ सीधी बातचीत के लिए इस्लामाबाद में एक अमेरिकी दल का नेतृत्व करेंगे। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य एक स्थायी युद्धविराम स्थापित करना है। अब सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या यह शांति बनी रहती है और सहयोगी देश कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 21:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 21:17:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय, इस्लामाबाद में 2 दिन की छुट्टी, क्या-क्या होगा बंद]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/uncertainty-over-us-iran-talks-two-day-holiday-announced-in-islamabad-what-remains-closed-126040900060_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/uncertainty-over-us-iran-talks-two-day-holiday-announced-in-islamabad-what-remains-closed-126040900060_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले राजधानी में बुधवार को 2 दिन की छुट्टी की घोषणा की। उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने बताया कि इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल (गुरुवार, शुक्रवार) को राजधानी में ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="shehbaz sharif" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/09/full/1767928429-4097.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	पाकिस्तान सरकार ने शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता से पहले राजधानी में बुधवार को 2 दिन की छुट्टी की घोषणा की। उपायुक्त इरफान नवाज मेमन ने बताया कि इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने 9 और 10 अप्रैल (गुरुवार, शुक्रवार) को राजधानी में अवकाश घोषित किया है। हालांकि बातचीत को लेकर सशंय है। पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रजा अमीरी मोगदम ने सोशल मीडिया से उस पोस्ट को डिलीट कर दिया, जिसमें वार्ता में शामिल होने के लिए ईरानी प्रतिनिधि के इस्लामाबाद जाने के बारे में बताया गया था।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pakistan-mediation-lebanon-confusion-us-iran-ceasefire-dispute-126040900053_1.html" target="_blank">Ceasefire : क्या लेबनान पर बढ़ते भ्रम के लिए Pakistan जिम्मेदार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम के बीच विरोधाभासों का दौर</a></strong></p>
	ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या ईरान को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है और वह इस्लामाबाद में बातचीत नहीं करना चाहता है प्रशासन की तरफ से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि यह छुट्टी सिर्फ इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी में लागू होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जरूरी सेवाएं जैसे पुलिस, अस्पताल, बिजली और गैस सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/it-learning/google-chrome-launches-vertical-tabs-feature-how-to-enable-126040900056_1.html" target="_blank">Chrome का नया लुक, अब ऊपर वाले टैब्स से पाएं छुटकारा, इस सीक्रेट सेटिंग से बदलें अपना ब्राउजिंग एक्सपीरियंस</a></strong></p>
	लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गतिविधियों की योजना इसी हिसाब से बनाएं। सवाल उठता है कि इतनी बड़ी तैयारी क्यों की जा रही है। दरअसल, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता की मेजबानी करने जा रहा है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच हाल ही में दो हफ्ते का सीजफायर हुआ है।  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 18:53:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 18:56:13 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ceasefire : क्या लेबनान पर बढ़ते भ्रम के लिए Pakistan जिम्मेदार, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम के बीच विरोधाभासों का दौर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pakistan-mediation-lebanon-confusion-us-iran-ceasefire-dispute-126040900053_1.html</link>
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      <description><![CDATA[अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता कर शांतिदूत बने पाकिस्तान की की टेंशन अब बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों से विरोधाभासों का दौर जारी है। समझौते की शर्तों, विशेषकर लेबनान की स्थिति को लेकर तीनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को झुठला रहे हैं। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="sharif_donald trump_ netanyahoo" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/full/1775736401-1179.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का समझौता कर शांतिदूत बने पाकिस्तान की की टेंशन अब बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों से विरोधाभासों का दौर जारी है। समझौते की शर्तों, विशेषकर लेबनान की स्थिति को लेकर तीनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को झुठला रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि लेबलान पर हमले जारी रहेंगे। <br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/america-iran-ceasefire-israel-lebanon-airstrike-hezbollah-commander-killed-126040900043_1.html" target="_blank">America Iran Ceasefire : लेबनान के पीछे क्यों पड़ा इजराइल, सीजफायर की आड़ में बड़ा खेल, एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी की मौत</a></strong></p>
</p>
<h3>
	मुंह ताकता Mediator पाकिस्तान </h3>
<p>
	इस पूरे विवाद के केंद्र में अब पाकिस्तान खड़ा है, जिसने इस डील में मध्यस्थता (Mediator) की थी।  8 अप्रैल, 2026 का दिन पाकिस्तान के लिए किसी उत्सव से कम नहीं था। सालों बाद पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराकर अपनी सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत दर्ज की थी। लेकिन यह खुशी चंद घंटों की ही मेहमान साबित हुई। समझौते के तुरंत बाद इजराइल ने ईरान के सहयोगी लेबनान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/crime/dhar-woman-priyanka-hires-contract-killer-to-murder-husband-for-lover-126040900047_1.html" target="_blank">बेवफाई, सुपारी और खूनी साजिश, धार की प्रियंका ने दोहराई इंदौर की सोनम रघुवंशी की कहानी</a></strong></p>
</p>
<h3>
	शहबाज शरीफ का ऐलान बना गले की फांस </h3>
<p>
	विवाद की जड़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का वह बयान है, जो उन्होंने बुधवार को युद्धविराम की घोषणा करते समय दिया था। पीएम शरीफ ने विशेष रूप से बड़े अक्षरों (Capital Letters) में उल्लेख किया था कि यह समझौता &#39;हर जगह&#39; लागू होगा, जिसमें &#39;लेबनान&#39; भी शामिल है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान ने मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों को अलग-अलग व्याख्याएं दीं, जिससे यह खूनी भ्रम पैदा हुआ? फिलहाल, इस कूटनीतिक जीत पर हार के बादल मंडराने लगे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या लेबनान समझौते का हिस्सा था</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	इस हमले के बाद सबसे बड़ा भ्रम यह पैदा हो गया कि क्या लेबनान इस युद्धविराम का हिस्सा था या नहीं? दोनों पक्षों को समझौते की शर्तें समझाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की थी, जो अब इस कूटनीतिक तूफान के बीच घिर गया है। वाशिंगटन और तेल अवीव का स्पष्ट कहना है कि लेबनान- जिस पर इजराइल 2 मार्च से लगातार हमले कर रहा है- कभी भी इस युद्धविराम समझौते का हिस्सा नहीं था।  ईरान का कहना है कि इजराइल ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है। लेबनान ने उसका साथ दिया है और वह आगे भी साथ रहेगा। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नेतन्याहू की चेतावनी- जारी रहेंगे हिज्बुल्लाह पर हमले</h3>
<p>
	इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी पहली मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यह युद्धविराम अभी भी बेहद नाजुक है। उन्होंने साफ शब्दों में संकेत दिया कि यह &#39;अंत नहीं है&#39; और अगर इजरायल के निर्धारित उद्देश्य पूरे नहीं हुए तो इजरायल किसी भी समय सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू कर सकता है। नेतन्याहू ने कहा कि हमारी उंगली ट्रिगर पर है और जरूरत पड़ने पर हम किसी भी क्षण युद्ध में लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि युद्धविराम समझौता इजरायल के पूर्ण सहयोग से ही हुआ था और उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इजरायल को अंतिम समय में सूचित किया गया था। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हुआ यह अस्थायी समझौता हिज्बुल्लाह पर लागू नहीं होता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान के साथ शत्रुता में विराम के बावजूद इजरायली सेना हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगी। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 17:36:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान में फिर छिड़ेगी भीषण जंग! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए संकेत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/donald-trump-truth-social-post-iran-warning-strait-of-hormuz-126040900050_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/donald-trump-truth-social-post-iran-warning-strait-of-hormuz-126040900050_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774406921-5337.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774406921-5337.jpg</image>
      <description><![CDATA[Iran-US tensions: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने तेवर कड़े करते हुए एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Trump Claims Victory Over Iran" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774406921-5337.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Trump Claims Victory Over Iran" width="1200" /></p>
	<br />
	Iran-US tensions: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने तेवर कड़े करते हुए एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो उसे ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई। इस बीच, पाकिस्तान में युद्ध रुकवाने को लेकर वार्ता होने जा रही है। हालांकि, लेबनान पर इजराइली हमलों को लेकर ईरान ने नाराजगी जाहिर की है। </p>
<h3>
	पूरी तरह तबाह करने की तैयारी</h3>
<p>
	ट्रंप ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान के चारों ओर अपनी सैन्य घेराबंदी मजबूत कर ली है। उन्होंने लिखा कि US के सभी जहाज, विमान और सैनिक, साथ ही अतिरिक्त गोला-बारूद और हथियार... ईरान के अंदर और आस-पास तब तक मौजूद रहेंगे, जब तक कि असली समझौता पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता। ट्रंप का संकेत साफ है कि वे ईरान को किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं हैं।</p>
<h3>
	&#39;असली समझौता&#39; न होने पर भीषण परिणाम</h3>
<p>
	ट्रंप ने युद्ध की भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर समझौता विफल रहता है, तो गोलीबारी शुरू हो जाएगी। उन्होंने इस संभावित हमले को &#39;बड़ा, बेहतर और ताकतवर&#39; बताया है। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात यह भी जोड़ी कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी परमाणु हथियार का उपयोग नहीं किया जाएगा।<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="449" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/full/1775735399-8861.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
	</p>
</p>
<h3>
	होर्मुज जलडमरूमध्य पर आश्वासन</h3>
<p>
	दुनिया भर के तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता &#39;होर्मुज़ जलडमरूमध्य&#39; (Strait of Hormuz) को लेकर ट्रंप ने दुनिया को आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि यह जलमार्ग पूरी तरह खुला और सुरक्षित रहेगा, ताकि वैश्विक आपूर्ति बाधित न हो। उल्लेखनीय है कि लेबनान पर इजराइली हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज को एक बार फिर से बंद कर दिया। </p>
<h3>
	सेना को &#39;जीत&#39; का इंतजार</h3>
<p>
	अपनी सेना का मनोबल बढ़ाते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी सेना वर्तमान में गोला-बारूद जमा कर रही है और अपनी &#39;अगली जीत&#39; का इंतजार कर रही है। उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में अंत में लिखा— "अमेरिका वापस आ गया है! दूसरी ओर, जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर &#39;अधिकतम दबाव&#39; बनाने की रणनीति का हिस्सा है। वे ईरान को एक ऐसे समझौते की मेज पर लाना चाहते हैं जो अमेरिका की शर्तों के अनुकूल हो।</p>
<p>
	Edited by: vrijendra Singh Jhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:14:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 17:20:06 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[America Iran Ceasefire : लेबनान के पीछे क्यों पड़ा इजराइल, सीजफायर की आड़ में बड़ा खेल, एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी की मौत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/america-iran-ceasefire-israel-lebanon-airstrike-hezbollah-commander-killed-126040900043_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/thumb/1_1/1775731023-8105.jpg"/>
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      <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर (US Iran Ceasefire) की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ इजराइल के लेबनान पर हमले जारी है। इजराइल एक के बाद एक लेबनान पर हमले कर रहा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="750" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/full/1775731023-8105.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों के सीजफायर (US Iran Ceasefire) की घोषणा हो चुकी है। दूसरी तरफ इजराइल के लेबनान पर हमले जारी है। इजराइल एक के बाद एक लेबनान पर हमले कर रहा है। इससे सीजफायर के तय सीमा से पहले खत्म होने का डर पैदा हो गया है। इसी बीच लेबनान से बड़ी खबर सामने आई है। इसके अनुसार इजराइल ने एयर स्ट्राइक में हिजबुल्लाह प्रमुख के करीबी सहयोगी अली यूसुफ हरशी को मार गिराने का दावा किया है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/did-shashi-tharoor-praise-pakistan-and-mock-indians-for-dhurandhar-2-126040900023_1.html" target="_blank">Fact-Check: क्या शशि थरूर ने पाकिस्तान को बताया &#39;ग्लोबल सिक्योरिटी लीडर&#39; और भारतीयों को &#39;फिल्मों में व्यस्त&#39;? जानें सच</a></strong></p>
</p>
<p>
	अमेरिका के सीजफायर के ऐलान वाले दिन ही इजराइली सेना ने 10 मिनट में 100 से ज्यादा हवाई हमले किए। 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने लेबनान में तबाही मचा दी। ये हमले लेबनान की राजधानी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में किए गए, जिसमें रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया। लेबनान के लिए यह इस संघर्ष का सबसे जानलेवा दिन साबित हुआ।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसमें कम से कम 254 लोग मारे गए और 1100 से ज्यादा घायल हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है, क्योंकि बचाव दल मलबे के नीचे लोगों को तलाश रह है। हवाई हमलों की इस लहर को लेबनान में युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़ी बताया जा रहा है। यह लहर डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा के बाद शुरू हुई। लेबनान के राष्ट्रपति ने इसे नरसंहार कहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो हफ्ते का सीजफायर भी खतरे में पड़ता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। वहीं ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया देने की बात कही है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों देशों से अपील की है कि लेबनान को भी शांति समझौते में शामिल किया जाए। Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:03:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 16:07:40 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान ने कर लिया न्यूक्लियर टेस्ट, रूसी नेता मेदवेदेव के बयान से हड़कंप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/russia-medvedev-iran-hormuz-nuclear-test-news-126040900017_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/russia-medvedev-iran-hormuz-nuclear-test-news-126040900017_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/thumb/1_1/1775716336-1473.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/thumb/1_1/1775716336-1473.jpg</image>
      <description><![CDATA[Strait of Hormuz : रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान ने अपने परमाणु हथियार का परीक्षण पहले ही कर लिया है। इसका नाम होर्मुज जलडमरूमध्य है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Dmitri Medvedev" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/09/full/1775716336-1473.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Dmitri Medvedev" width="1200" /></p>
	</p>
	Strait of Hormuz : रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान ने अपने परमाणु हथियार का परीक्षण पहले ही कर लिया है। इसका नाम होर्मुज जलडमरूमध्य है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-lebanon-strike-ceasefire-iran-hormuz-shutdown-middle-east-crisis-126040900004_1.html" target="_blank">मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, सीजफायर की शर्तों पर क्या पाकिस्तान ने किया गुमराह?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	मेदवेदेव ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ संघर्ष-विराम किस तरह आगे बढ़ेगा। लेकिन एक बात निश्चित है — ईरान ने अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर लिया है। इसे &#39;होर्मुज जलडमरूमध्य&#39; कहा जाता है। इसकी क्षमता असीमित है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	होर्मुज को ईरान का सीक्रेट हथियार बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका के खिलाफ इसका इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है। ईरान ने अपनी अपनी ताकत दिखा दी है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-rejects-iran-proposal-white-house-ceasefire-tensions-middle-east-126040900006_1.html" target="_blank">व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, ट्रंप ने कूड़ेदान में फेंका ईरान का 10 बिंदुओं का प्रस्ताव</a></strong></p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			It&#39;s not clear how the truce between Washington and Tehran will play out. But one thing is certain - Iran has tested its nuclear weapons. It is called the Strait of Hormuz. Its potential is inexhaustible.</p>
		— Dmitry Medvedev (@MedvedevRussiaE) <a href="https://twitter.com/MedvedevRussiaE/status/2041829852588683289?ref_src=twsrc%5Etfw">April 8, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से करीब 20% वैश्विक तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को बंद कर दिया था। इससे वैश्विक तेल सप्लाई और अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित हुई थी। इसे खुलवाने के लिए ही अमेरिका और इजराइल युद्ध विराम के लिए राजी हुए। हालांकि शाम होते ही ईरान ने हार्मुज स्ट्रेट को फिर बंद कर दिया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	लेबनान पर इजराइल के हमले की वजह से दोनों पक्षों तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका और इजराइल का कहना है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है। वहीं ईरान ने भी कह दिया है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वह सीजफायर से अलग हो जाएगा।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 11:49:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 12:02:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, ट्रंप ने कूड़ेदान में फेंका ईरान का 10 बिंदुओं का प्रस्ताव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-rejects-iran-proposal-white-house-ceasefire-tensions-middle-east-126040900006_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-rejects-iran-proposal-white-house-ceasefire-tensions-middle-east-126040900006_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/thumb/1_1/1768445950-4483.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/thumb/1_1/1768445950-4483.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर की शर्तों पर मचे बवाल पर व्हाइट हाउस ने प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान का 10 बिंदुओं का प्रस्ताव कूड़ेदान में फेंक दिया। उन्होंने कहा कि हमें ईरान की ओर से एक प्रस्ताव ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="trump" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/15/full/1768445950-4483.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच सीजफायर की शर्तों पर मचे बवाल पर व्हाइट हाउस ने प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान का 10 बिंदुओं का प्रस्ताव कूड़ेदान में फेंक दिया। उन्होंने कहा कि हमें ईरान की ओर से एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक व्यवहारिक आधार माना गया है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-lebanon-strike-ceasefire-iran-hormuz-shutdown-middle-east-crisis-126040900004_1.html" target="_blank">मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, सीजफायर की शर्तों पर क्या पाकिस्तान ने किया गुमराह?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	लेविट ने कहा कि ईरान ने शुरुआत में 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया, जो गंभीर और स्वीकार्य नहीं था। इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया गया और राष्ट्रपति के साथ ही उनकी नेगोसिएशन टीम ने इस प्रस्ताव को सचमुच कूड़ेदान में फेंक दिया था। उन्होंने मीडिया से यह आग्रह किया कि ऐसी किसी भी बात को आगे न बढ़ाया जाए, जिसका तथ्यों से कोई संबंध नहीं है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			.<a href="https://twitter.com/PressSec?ref_src=twsrc%5Etfw">@PressSec</a>: "The Iranians originally put forward a 10-point plan that was fundamentally unserious, unacceptable, and completely discarded... many outlets in this room have falsely reported on that plan as being acceptable to the United States, and that is false. With <a href="https://twitter.com/POTUS?ref_src=twsrc%5Etfw">@POTUS</a>&#39;… <a href="https://t.co/6tvdqeJTpj">pic.twitter.com/6tvdqeJTpj</a></p>
		— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) <a href="https://twitter.com/RapidResponse47/status/2041935045087068469?ref_src=twsrc%5Etfw">April 8, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी ईरान की चाहतों की सूची को किसी समझौते के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने देश को आश्वस्त किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा समझौता ही करेंगे, जो अमेरिकी जनता के हित में होगा। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ट्रंप की ईरान को धमकी</h3>
<p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी देते हुए कहा कि असली समझौता होने तक खाड़ी देशों में अमेरिकी सैनिक तैनात रहेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्ण समझौता नहीं हुआ तो पहले से भी ज्यादा हमले होंगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि इजराइल के लेबनान पर हमले में 254 लोगों की मौत हो गई जबकि 1600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस घातक हमले के बाद सीजफायर पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। ईरान ने एक बार फिर हार्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:45:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 09:56:25 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव, सीजफायर की शर्तों पर क्या पाकिस्तान ने किया गुमराह?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-lebanon-strike-ceasefire-iran-hormuz-shutdown-middle-east-crisis-126040900004_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-lebanon-strike-ceasefire-iran-hormuz-shutdown-middle-east-crisis-126040900004_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/thumb/1_1/1775631383-4902.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/thumb/1_1/1775631383-4902.jpg</image>
      <description><![CDATA[सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर बड़ा हमला कर दिया। इसमें 254 लोगों की मौत हो गई जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले से नाराज ईरान ने फिर स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद कर दिया है। उसने इजराइल पर सीजफायर की शर्तों की ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="ceasefire US Iran" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/full/1775631383-4902.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="ceasefire US Iran" width="1200" /></p>
	सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर बड़ा हमला कर दिया। इसमें 254 लोगों की मौत हो गई जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले से नाराज ईरान ने फिर स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद कर दिया है। उसने इजराइल पर सीजफायर की शर्तों की उल्लंघन का आरोप लगाया जबकि अमेरिका और इजराइल का कहना है कि लेबनान ईरान के साथ सीजफायर का हिस्सा नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान ने सीजफायर की शर्तों पर दोनों पक्षों को गुमराह किया है?</p>
<h3>
	सीजफायर पर क्या बोले थे शाहबाज शरीफ? </h3>
<p>
	पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बहुत विनम्रता के साथ, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान और दूसरी जगहों सहित हर जगह तुरंत सीजफायर पर सहमत हो गए हैं, जो तुरंत लागू होगा। मैं इस समझदारी भरे कदम का दिल से स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति गहरा आभार व्यक्त करता हूं और उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने के लिए आमंत्रित करता हूं ताकि सभी विवादों को सुलझाने के लिए एक पक्के समझौते पर आगे बातचीत की जा सके।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	हमले से भड़का ईरान</h3>
<p>
	इजराइल के लेबनान पर हमले से नाराज ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद कर दिया है। ईरान ने 3 शर्ते तोड़ने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर सीजफायर तोड़ने की धमकी दी है। ईरान का कहना है कि इजराइल और लेबनान की लड़ाई में वो हिजबुल्ला को अकेला नहीं छोड़ सकते। उसने लेबनान पर हमले रोकने की अपील की है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इजराइली हमले से फ्रांस भी नाराज</h3>
<p>
	फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुएल मैक्रों ने लेबनान पर इजराइली हमले का विरोध करते हुए इसे युद्ध विराम के लिए खतरा बताया। उन्होंन कहा कि लेबनान को भी सीजफायर के तहत सुरक्षा मिलनी चाहिए। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या बोला अमेरिका?</h3>
<p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लेबनान इस समझौते में शामिल नहीं था। उन्होंने लेबनान के बाहर रखे जाने की वजह हिजबुल्ला को बताया और कहा कि हिजबुल्ला की वजह से। वे इस समझौते में शामिल नहीं थे। उसका भी हल निकल जाएगा। सब ठीक है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	नेतन्याहू की युद्ध शुरू करने की धमकी</h3>
<p>
	इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजराइल का &#39;मिशन अभी अधूरा&#39; है और जरूरत पड़ी तो युद्ध दोबारा शुरू किया जा सकता है। नेतन्याहू ने बताया कि सीजफायर पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहमति थी, लेकिन अभी कुछ लक्ष्य बाकी हैं जिन्हें या तो समझौते से या फिर युद्ध के जरिए हासिल किया जाएगा। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि इजराइल ने ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर दिया है और फिलहाल जो हमले हो रहे हैं, वे पुराने स्टॉक से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान सीजफायर का हिस्सा नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बहरहाल लेबनान को लेकर पाकिस्तान ईरान के साथ खड़ा नजर आ रहा है। वहीं अमेरिका और इजराइल का स्टैंड पूरी तरह अलग नजर आ रहा है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि सीजफायर कितने दिन चलेगा। </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 08:51:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 09 Apr 2026 09:01:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान ने फिर बंद किया Strait of Hormuz, लेबनान में 254 मौत के बाद भड़का तनाव, समझौता तोड़ने की धमकी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-shuts-strait-of-hormuz-lebanon-strikes-254-dead-ceasefire-threat-126040800081_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-shuts-strait-of-hormuz-lebanon-strikes-254-dead-ceasefire-threat-126040800081_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/03/thumb/1_1/1772521295-15.png"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/03/thumb/1_1/1772521295-15.png</image>
      <description><![CDATA[ईरान ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि इजराइल अगर लेबनान पर हमले जारी रखता है और सीजफायर का उल्लंघन करता है तो वह इस समझौते से बाहर हो जाएगा। Tasnim न्यूज एजेंसी के अनुसार इजरायली हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Strait of Hormuz" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/03/full/1772521295-15.png" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Strait of Hormuz" width="1408" /></p>
	ईरान ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि इजराइल अगर लेबनान पर हमले जारी रखता है और सीजफायर का उल्लंघन करता है तो वह इस समझौते से बाहर हो जाएगा। Tasnim न्यूज एजेंसी के अनुसार इजरायली हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी है। हालांकि इससे पहले अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर के बाद दो टैंकर सुरक्षित गुजर चुके थे। ईरानी मीडिया और Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान पर इजरायल की बमबारी को लेकर ईरान का सख्त रुख है।<br />
	<br />
	इजराइल का कहना है कि लेबनान इस सीजफायर का हिस्सा नहीं है। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने बुधवार को लेबनान में अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। इस बीच दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजराइल को सीजफायर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया। पोस्ट में अमेरिका पर भी तीखा हमला किया गया। इसमें लिखा गया, &#39;ट्रंप, अगर आप इजराइल जैसे ‘बेकाबू कुत्ते’ को नहीं रोक सकते, तो क्या हम आपके लिए इन्हें पट्टा पहनाएं?<br />
	<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-role-us-iran-ceasefire-china-pakistan-mediation-126040800077_1.html" target="_blank">जख्मी खामनेई मोजतबा की अमेरिका-ईरान सीजफायर में क्या रही भूमिका, कैसे पर्दे के पीछे चली हाईलेवल कूटनीति, पढ़िए पूरी कहानी</a></strong></p>
	रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान सीजफायर से हटने और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। Tasnim ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि अगर हमले नहीं रुके, तो ईरान समझौता खत्म कर देगा। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजराइली हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं।<br />
	<p>
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	<h3>
		इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा- मिशन अभी अधूरा </h3>
	<p>
		इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजराइल का &#39;मिशन अभी अधूरा&#39; है और जरूरत पड़ी तो युद्ध दोबारा शुरू किया जा सकता है। नेतन्याहू ने बताया कि सीजफायर पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहमति थी, लेकिन अभी कुछ लक्ष्य बाकी हैं जिन्हें या तो समझौते से या फिर युद्ध के जरिए हासिल किया जाएगा। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि इजराइल ने ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर दिया है और फिलहाल जो हमले हो रहे हैं, वे पुराने स्टॉक से किए जा रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 23:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 23:57:38 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[जख्मी खामनेई मोजतबा की अमेरिका-ईरान सीजफायर में क्या रही भूमिका, कैसे पर्दे के पीछे चली हाईलेवल कूटनीति, पढ़िए पूरी कहानी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-role-us-iran-ceasefire-china-pakistan-mediation-126040800077_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-role-us-iran-ceasefire-china-pakistan-mediation-126040800077_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव मंगलवार तक एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा था। ईरान संभावित अमेरिकी हमले के लिए तैयार था, वहीं खाड़ी देशों में ईरानी जवाबी कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। वॉशिंगटन भी लंबे संघर्ष की तैयारी में था, लेकिन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Mojtaba Khamenei iran new supreme leader" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/04/full/1772595536-4856.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Mojtaba Khamenei" width="1200" /></p>
	अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव मंगलवार तक एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा था। ईरान संभावित अमेरिकी हमले के लिए तैयार था, वहीं खाड़ी देशों में ईरानी जवाबी कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। वॉशिंगटन भी लंबे संघर्ष की तैयारी में था, लेकिन मंगलवार शाम, डेडलाइन से कुछ मिनट पहले हालात अचानक बदल गए और दोनों पक्षों ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान कर दिया। यह पिछले पांच हफ्तों से चल रहे संघर्ष का सबसे चौंकाने वाला मोड़ रहा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/china-mediated-pakistan-afghanistan-talks-urumqi-no-deal-tensions-126040800076_1.html" target="_blank">पाकिस्तान-अफगानिस्तान वार्ता बिना समझौते खत्म, तनाव बरकरार, चीन की चौधराहट भी नहीं आई काम</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह पहली बार था जब मोजतबा खामेनेई ने इस संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अपने वार्ताकारों को समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के निर्देश दिए। पहले ऐसी खबरें थीं कि वे गंभीर रूप से घायल हैं और इलाज करा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने नोट्स के जरिए बातचीत का नेतृत्व किया और अंततः सीजफायर प्रस्ताव को मंजूरी दी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	पर्दे के पीछे पाकिस्तान के मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच ड्राफ्ट साझा कर रहे थे जबकि चीन का दबाव और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई के निर्देश इस समझौते में अहम साबित हुए। रिपोर्ट के अनुसार यह समझौता बेहद &#39;अराजक&#39; कूटनीतिक दिन के दौरान तैयार हुआ। अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ ने शुरुआत में ईरान के प्रस्ताव को &#39;बेकार&#39; बताया था, लेकिन पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देशों की मध्यस्थता से कई ड्राफ्ट के बाद सहमति बनी।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-israel-lebanon-conflict-fragile-truce-middle-east-new-126040800055_1.html" target="_blank">अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान में इजराइल की जंग से 2 हफ्ते भी नहीं टिकेगा समझौता?</a></strong></p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	सीजफायर के तहत ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने और अमेरिका, इज़रायल व अन्य मध्य पूर्वी देशों पर हमले रोकने पर सहमति जताई। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान पर हमले बढ़ाने की धमकियों को फिलहाल वापस लेने की बात कही। हालांकि इज़रायल ने साफ किया कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/iran-usa-war-impact-on-india-economy-shortage-essential-items-126040800039_1.html" target="_blank">कंडोम से लेकर पैरासिटामोल तक की किल्लत! ईरान-अमेरिका युद्ध ने भारत में क्यों मचा दिया &#39;आर्थिक तूफान&#39;?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	चीन भी रहा लगातार सक्रिय </h3>
<p>
	ईरान का करीबी सहयोगी चीन इस पूरे घटनाक्रम में पर्दे के पीछे सक्रिय रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने ईरान पर दबाव डाला कि वह लचीलापन दिखाए और तनाव कम करे।  चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने संघर्ष शुरू होने के बाद 26 बार अलग-अलग देशों से बातचीत की जबकि बीजिंग ने शटल डिप्लोमेसी के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की। चीन ने लगातार सीजफायर और कूटनीतिक समाधान की वकालत की और अंततः समझौते को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 21:41:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 21:44:00 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ceasefire : अमेरिका का दावा, ईरान ने मांगी सीजफायर की 'भीख', होर्मुज पर जारी रहेगी फीस]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-claims-iran-begged-ceasefire-hormuz-tax-middle-east-crisis-126040800075_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-claims-iran-begged-ceasefire-hormuz-tax-middle-east-crisis-126040800075_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774424286-0586.jpg"/>
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      <description><![CDATA[यूनाइटेड स्टेट्स सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने इस सीज़फ़ायर की भीख मांगी थी, और हम सब यह जानते हैं। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी लड़ाई के मैदान में एक ऐतिहासिक और ज़बरदस्त जीत थी। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी ने ईरान की सेना को खत्म कर दिया और आने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="iran stops pakistan ship in hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774424286-0586.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	यूनाइटेड स्टेट्स सेक्रेटरी ऑफ़ वॉर, पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान ने इस सीज़फ़ायर की भीख मांगी थी, और हम सब यह जानते हैं। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी लड़ाई के मैदान में एक ऐतिहासिक और ज़बरदस्त जीत थी। ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी ने ईरान की सेना को खत्म कर दिया और आने वाले कई सालों तक उसे लड़ाई में बेअसर कर दिया। दो हफ्तों के सीजफायर के ऐलान के साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की भी तैयारी कर ली गई है। जिस होर्मुज की वजह से पूरी दुनिया में तहलका मचा था, उसके खुलने के ऐलान भर से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-tariff-warning-uranium-enrichment-hormuz-shipping-news-126040800061_1.html" target="_blank">US-Israel-Iran War Ceasefire : डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान छोड़े यूरेनियम संवर्धन, हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ</a></strong></p>
</p>
<p>
	8 अप्रैल 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका-ईरान सीजफायर समझौते के तहत होर्मुज को खोलने का फैसला कर लिया गया है। हालांकि, यहां से गुजरने वाले जहाजों को ट्रांजिट फीस देना होगा। ईरान के साथ-साथ अब ओमान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेगा। फारस की खाड़ी में पड़ने वाला 34 किमी का यह गलियारा शिपिंग जहाजों से मोटी फीस वसूली के बाद ही उन्हें वहां से गुजरने की इजाजत देगा। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के वॉटर टेरिटोरियल के बीच पड़ता है। अब तक ईरान इस रास्ते पर टोल टैक्स वसूल रहा था। अब सीजफायर समझौते के बाद ओमान भी इसमें शामिल हो गया है।    </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/is-pakistan-heading-for-military-rule-asim-munir-factor-ceasefire-role-126040800069_1.html" target="_blank">क्या पाकिस्तान में फिर आएगा मार्शल लॉ? &#39;मुनीर फैक्टर&#39; और सीजफायर के बाद बढ़ी सेना की ताकत</a></strong></p>
</p>
<h3>
	इस्लामाबाद में होगी बातचीत</h3>
<p>
	ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस बात की पुष्टि की है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ पाकिस्तान की मदद से होने वाली शांति बातचीत में तेहरान हिस्सा लेगा।  यह बात प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को कही। शहबाज ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति पेजेशकियन के साथ टेलीफोन पर ‘अच्छी और गर्मजोशी भरी’ बातचीत की। यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सशर्त युद्धविराम पर सहमत होने के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें जहाज परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना भी शामिल है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:24:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 19:27:52 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या पाकिस्तान में फिर आएगा मार्शल लॉ? 'मुनीर फैक्टर' और सीजफायर के बाद बढ़ी सेना की ताकत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/is-pakistan-heading-for-military-rule-asim-munir-factor-ceasefire-role-126040800069_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/is-pakistan-heading-for-military-rule-asim-munir-factor-ceasefire-role-126040800069_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-06/20/thumb/1_1/1750404590-259.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-06/20/thumb/1_1/1750404590-259.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच हुए सीजफायर ने जहां एक बड़े युद्ध को टाल दिया, वहीं पाकिस्तान के अंदर एक नई बहस को जन्म दिया। क्या देश में सेना का प्रभाव अब और बढ़ने वाला है? और क्या हालात सैन्य शासन (मार्शल लॉ) की ओर बढ़ सकते हैं?]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="asim munir and trump" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-06/20/full/1750404590-259.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="asim munir and trump" width="740" /></p>
	ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच हुए सीजफायर ने जहां एक बड़े युद्ध को टाल दिया, वहीं पाकिस्तान के अंदर एक नई बहस को जन्म दिया। क्या देश में सेना का प्रभाव अब और बढ़ने वाला है? और क्या हालात सैन्य शासन (मार्शल लॉ) की ओर बढ़ सकते हैं? <br />
	<br />
	इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका बेहद अहम रही है। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने इसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ नाम दिया है जबकि इस मध्यस्थता का सबसे ज्यादा श्रेय पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर को दिया जा रहा है।  फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि पाकिस्तान में सैन्य शासन लगने वाला है, लेकिन एक बात स्पष्ट है कि &#39;मुनीर फैक्टर&#39; आने वाले समय में पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता संतुलन को जरूर प्रभावित करेगा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-tariff-warning-uranium-enrichment-hormuz-shipping-news-126040800061_1.html" target="_blank">US-Israel-Iran War Ceasefire : डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान छोड़े यूरेनियम संवर्धन, हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ</a></strong></p>
</p>
<h3>
	&#39;मुनीर फैक्टर&#39; क्यों बना चर्चा का केंद्र?</h3>
<p>
	एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक मुनीर के अमेरिका और ईरान दोनों के रक्षा प्रतिष्ठानों से मजबूत संपर्क हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान, दोनों ने इस सीजफायर के लिए असीम मुनीर की भूमिका की सराहना की है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी सार्वजनिक तौर पर पाकिस्तान और उसकी सेना का आभार जताया।पाकिस्तान ने खुद को एक भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में स्थापित किया है  यही कारण है कि पाकिस्तान की सेना एक बार फिर सत्ता के केंद्र में नजर आ रही है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-israel-lebanon-conflict-fragile-truce-middle-east-new-126040800055_1.html" target="_blank">अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान में इजराइल की जंग से 2 हफ्ते भी नहीं टिकेगा समझौता?</a></strong></p>
	<h3>
		पाकिस्तान पर भरोसा क्यों?</h3>
	<p>
		ईरान और अमेरिका दोनों ने पाकिस्तान को मध्यस्थ के रूप में स्वीकार किया। इसकी कई वजहें मानी जा रही हैं। </p>
	<p>
		 </p>
	<ul>
		<li>
			ईरान और पाकिस्तान के बीच भौगोलिक और कूटनीतिक नजदीकी</li>
		<li>
			पाकिस्तान का इज़रायल से कोई औपचारिक संबंध न होना</li>
		<li>
			अमेरिका के साथ हाल के वर्षों में बेहतर होते रिश्ते</li>
	</ul>
	<p>
		 </p>
	<p>
		इसी संतुलन ने पाकिस्तान को इस बड़े वैश्विक संकट में अहम भूमिका निभाने का मौका दिया।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		क्या बढ़ रहा है सेना का राजनीतिक प्रभाव?</h3>
</p>
<p>
	पाकिस्तान में पहले भी कई बार सेना ने सीधे सत्ता संभाली है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सेना प्रमुख को इतनी बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलती है, तो देश के अंदर उनकी ताकत और प्रभाव बढ़ना स्वाभाविक माना जाता है।  राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक सरकार की तुलना में सेना की छवि ज्यादा मजबूत बन रही है। विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में सेना की भूमिका निर्णायक होती जा रही है। इससे सिविल सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल मार्शल लॉ जैसे हालात के सीधे संकेत नहीं हैं, लेकिन सत्ता संतुलन सेना की ओर झुकता जरूर दिख रहा है।  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 18:29:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 18:39:33 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US-Israel-Iran War Ceasefire : डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी- ईरान छोड़े यूरेनियम संवर्धन, हथियार देने वाले देशों पर 50% टैरिफ]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-tariff-warning-uranium-enrichment-hormuz-shipping-news-126040800061_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-tariff-warning-uranium-enrichment-hormuz-shipping-news-126040800061_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/thumb/1_1/1775495513-9079.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/thumb/1_1/1775495513-9079.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर सकता है, लेकिन इसके लिए ईरान को यूरेनियम संवर्धन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/full/1775495513-9079.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सीजफायर को लेकर बड़ी खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने पर विचार कर सकता है, लेकिन इसके लिए ईरान को यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह छोड़ना होगा।  ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, उस पर अमेरिका 50% का भारी टैरिफ लगाएगा। इस बीच खबर है कि सीजफायर के बाद वैश्विक व्यापार के लिए राहत की खबर भी सामने आई है।<br />
	<p>
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	Strait of Hormuz से दो जहाजों ने सफलतापूर्वक पार किया है। इससे संकेत मिल रहा है कि यह अहम समुद्री मार्ग धीरे-धीरे फिर खुल सकता है। Araghchi ने कहा कि दो हफ्ते के सीजफायर के दौरान इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही ईरान की सेना के समन्वय से संभव होगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि भी देश ईरान को सैन्य हथियार देगा, उस देश से अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर तुरंत 50% टैरिफ लगाया जाएगा। इसमें किसी तरह की छूट या अपवाद नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर आगे काम करेंगे और ईरान में हुए &#39;उत्पादक शासन परिवर्तन&#39; के बाद नई संभावनाएं बनी हैं। </p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	उन्होंने दावा किया कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा। अमेरिका और ईरान मिलकर भूमिगत परमाणु सामग्री को हटाने पर काम करेंगे। इस पूरी गतिविधि पर सैटेलाइट के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है । उन्होंने यह भी कहा कि टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत जारी है और 15 में से कई बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 17:00:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 17:29:17 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अमेरिका-ईरान सीजफायर पर संकट, लेबनान में इजराइल की जंग से 2 हफ्ते भी नहीं टिकेगा समझौता?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-israel-lebanon-conflict-fragile-truce-middle-east-new-126040800055_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/20/thumb/1_1/1773975344-1132.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर एक महीने से अधिक समय तक हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद बुधवार को दोनों पक्षों ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, इस समझौते की नाजुक स्थिति ईरान द्वारा साझा की गई शर्तों से ही साफ नजर आ रही है। ईरान ने पूरे ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Benjamin Netanyahu on Israel Iran War" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/20/full/1773975344-1132.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Benjamin Netanyahu on Israel Iran War" width="1200" /></p>
	अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर एक महीने से अधिक समय तक हमलों और जवाबी कार्रवाई के बाद बुधवार को दोनों पक्षों ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, इस समझौते की नाजुक स्थिति ईरान द्वारा साझा की गई शर्तों से ही साफ नजर आ रही है। ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में हमले रोकने की बात कही है, लेकिन इज़रायल ने लेबनान में अपने सैन्य ऑपरेशन बंद करने से साफ इनकार कर दिया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यही स्थिति आने वाले दिनों में फिर से हमलों और जवाबी हमलों की चिंगारी बन सकती है, वह भी इस दो हफ्ते की अवधि के भीतर। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सीजफायर पहले से ही कमजोर माना जा रहा है, तो क्या यह तब भी टिक पाएगा जब इजराइल लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा?</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/west-bengal-assembly-election-2026-news/west-bengal-elections-ec-warning-tmc-booth-jamming-officers-transfer-126040800050_1.html" target="_blank">west bengal elections : चुनाव आयोग का TMC को सख्त अल्टीमेटम, &#39;बूथ जैमिंग&#39; पर दी कड़ी चेतावनी</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह सीजफायर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ द्वारा घोषित किया गया, जो दो सप्ताह तक लागू रहने वाला है। तेहरान और वॉशिंगटन के प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचकर स्थायी शांति समझौते पर बातचीत करने वाले हैं। हालांकि, यह विराम मध्य पूर्व में हफ्तों से जारी हमलों और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को हुए नुकसान के बीच राहत जरूर देता है, लेकिन एक पक्ष अब भी लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखने पर अड़ा हुआ है-और वह है इजराइल।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	सीजफायर की घोषणा करते हुए शरीफ ने इसे “हर जगह तत्काल युद्धविराम, जिसमें लेबनान भी शामिल है” बताया। लेकिन इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि “दो हफ्ते का सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा। यह बयान न सिर्फ पाकिस्तान द्वारा बताए गए समझौते के विपरीत है, बल्कि ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव के एक अहम बिंदु- क्षेत्र में उसके सहयोगी संगठनों (जैसे हिज़्बुल्लाह) के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने-के भी खिलाफ जाता है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	सीजफायर की घोषणा के साथ ही इसकी मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं। उसी दौरान खबरें आईं कि यूएई, इज़रायल, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए। बुधवार को अबू धाबी में एक गैस प्रोसेसिंग सुविधा ईरानी हमले के बाद आग की चपेट में आ गई। इससे पहले मंगलवार को इज़रायली सेना ने ईरान के शिराज स्थित एक पेट्रोकेमिकल साइट पर हमला करने का दावा किया था।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	लेबनान में इज़रायल क्या कर रहा है?</h3>
<p>
	अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी स्थायी शांति समझौते की सफलता इस सीजफायर के टिके रहने पर निर्भर करती है, जिसमें हर जगह संघर्ष रोकने की बात कही गई है- लेबनान भी इसमें शामिल है। लेकिन समस्या यह है कि इज़रायल ने साफ कर दिया है कि वह लेबनान में अपने ऑपरेशन जारी रखेगा। 2 मार्च को इज़रायली सेना ने लेबनान में जमीनी अभियान शुरू किया, जिसका मकसद लितानी नदी तक एक “बफर ज़ोन” बनाना बताया गया है, ताकि ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह के हमलों को रोका जा सके।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यह सैन्य कार्रवाई तब शुरू हुई जब हिज़्बुल्लाह ने इज़रायल पर हमले किए। संगठन का कहना था कि यह जवाबी कार्रवाई थी- इज़रायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और नवंबर 2024 के सीजफायर के उल्लंघन के खिलाफ। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, 2 मार्च के बाद से इज़रायली हमलों में 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 16:41:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 16:47:34 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान में सीजफायर के बीच भारतीयों के लिए अलर्ट: तुरंत देश छोड़ने की सलाह]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-embassy-advisory-iran-indian-citizens-leave-immediately-126040800029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-embassy-advisory-iran-indian-citizens-leave-immediately-126040800029_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[Indian Embassy Advisory Iran: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीकों से ईरान छोड़ने की सलाह दी है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Air India " class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/02/full/1770049103-466.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	Indian Embassy Advisory Iran: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीकों से ईरान छोड़ने की सलाह दी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान में भारतीय दूतावास ने बुधवार को वहां मौजूद अपने नागरिकों के लिए ताजा एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी भारतीय नागरिकों से जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ने को कहा गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दूतावास ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सुझाए गए सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें। बिना उसकी अनुमति और समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करें। एडवाइजरी के साथ दूतावास ने कई इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय तुरंत मदद ले सकें।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Advisory as on 08 April 2026. <a href="https://t.co/pusFQIAKKI">pic.twitter.com/pusFQIAKKI</a></p>
		— India in Iran (@India_in_Iran) <a href="https://twitter.com/India_in_Iran/status/2041756690047979944?ref_src=twsrc%5Etfw">April 8, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	इससे पहले मंगलवार शाम को भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहने की सलाह दी थी। यह एडवाइजरी उस समय आई थी जब हालात बेहद तनावपूर्ण थे और हमले तेज होने की आशंका जताई जा रही थी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उल्लेखनीय है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच आज से 15 दिन का सीजफायर लागू हो गया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज भी जहाजों के लिए खोल दिया है। इससे अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 13:04:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 13:25:19 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सीजफायर पर ईरान की 10 शर्तें, जिन पर अमेरिका करेगा बातचीत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-10-conditions-ceasefire-trump-hormuz-reopens-us-talks-126040800019_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-10-conditions-ceasefire-trump-hormuz-reopens-us-talks-126040800019_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/thumb/1_1/1775631383-4902.jpg"/>
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      <description><![CDATA[US Iran Ceasefire : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 15 दिनों के सीजफायर का एलान कर दिया। ईरान स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खोलने पर सहमत हो गया है। जानिए क्या है ईरान की 10 शर्तें जिन पर पाकिस्तान में अमेरिका चर्चा के लिए राजी हुआ है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="ceasefire US Iran" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/full/1775631383-4902.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="ceasefire US Iran" width="1200" /></p>
	</p>
	US Iran Ceasefire : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 15 दिनों के सीजफायर का एलान कर दिया। ईरान स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खोलने पर सहमत हो गया है। जानिए क्या है ईरान की 10 शर्तें जिन पर पाकिस्तान में अमेरिका चर्चा के लिए राजी हुआ है? <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/pakistan-ceasefire-role-shahbaz-sharif-draft-post-controversy-126040800016_1.html" target="_blank">सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल: शहबाज शरीफ के ‘Draft पोस्ट’ से बढ़ा विवाद</a></strong></p>
<h3>
	सीजफायर के लिए ईरान की 10 शर्ते</h3>
<ol>
	<li>
		ईरान पर कोई हमला नहीं होगा। अमेरिका आक्रामकता नहीं दिखाएगा।</li>
	<li>
		हार्मुज पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा।</li>
	<li>
		ईरान को यूरेनियम संवर्धन का अधिकार रहेगा।</li>
	<li>
		अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाएगा।</li>
	<li>
		संयुक्त राष्‍ट्र ईरान के खिलाफ अपने प्रस्ताव वापस ले।</li>
	<li>
		सभी द्वितियक प्रतिबंधों से ईरान को मुक्त किया जाए।</li>
	<li>
		युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई हो।</li>
	<li>
		अमेरिका इस क्षेत्र से अपने सभी सैनिक हटाए।</li>
	<li>
		लेबनान और दूसरे मोर्चे पर सभी हमले रोके जाए।</li>
	<li>
		अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा संस्थान (IAEA) के प्रस्ताव खारिज हो।</li>
</ol>
<h3>
	क्या लेबनान पर बंद होंगे हमले? </h3>
<p>
	लेबनान के सीजफायर में शामिल होने को लेकर ईरान और इजराइल में मतभेद नजर आ रहे हैं। हालांकि इजराइल ने दावा किया कि ईरान की 10 सीजफायर शर्तों में लेबनान पर हमले रोकने की बात नहीं है। वहीं ईरान का कहना है कि इजराइल को लेबनान पर हमले रोकने होंगे। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-pressure-resignation-demand-protests-white-house-iran-ceasefire-126040800007_1.html" target="_blank">सीजफायर के बाद भी कम नहीं हुई ट्रंप की मुश्किलें, 85 सांसदों ने मांगा इस्तीफा</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इस्लामाबाद में होगी बात </h3>
<p>
	ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) ने घोषित सशर्त संघर्ष विराम के बाद एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अधिकतम 15 दिनों के भीतर बातचीत की जाएगी। ये बातचीत इसलिए होगी ताकि मैदान में ईरान की जीत को राजनीतिक वार्ताओं में भी मजबूत किया जा सके।</p>
<h3>
	सभी पक्षों ने किए जीत के दावे</h3>
<p>
	अमेरिका, इजराइल और ईरान तीनों की पक्ष सीजफायर को अपनी जीत बता रहे हैं। हार्मुज खुलने को अमेरिका अपनी जीत बता रहा है तो इस पर अभी भी ईरान का नियंत्रण बरकरार है। इजराइल युद्धविराम नहीं चाहता लेकिन उसने भी अमेरिका की बात मानते हुए सीजफायर पर सहमति दे दी है। ईरान और इजराइल दोनों ही साफ कर चुके हैं कि युद्धविराम का मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है।</p>
<p>
	edited by :Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:07:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 12:27:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सीजफायर के बाद भी कम नहीं हुई ट्रंप की मुश्किलें, 85 सांसदों ने मांगा इस्तीफा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-pressure-resignation-demand-protests-white-house-iran-ceasefire-126040800007_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-pressure-resignation-demand-protests-white-house-iran-ceasefire-126040800007_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/17/thumb/1_1/1773743236-8907.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/17/thumb/1_1/1773743236-8907.jpg</image>
      <description><![CDATA[US Iran Ceasefire : ईरान से सीजफायर की घोषणा के बाद भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सीजफायर का ऐलान होते ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस पहुंच गए। इस बीच 85 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Donald trump Iran US war" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/17/full/1773743236-8907.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	US Iran Ceasefire : ईरान से सीजफायर की घोषणा के बाद भी अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। सीजफायर का ऐलान होते ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस पहुंच गए। इस बीच 85 अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप के इस्तीफे की मांग की है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-hormuz-strait-reopens-126040800002_1.html" target="_blank">ट्रंप का बड़ा ऐलान: 15 दिन तक ईरान पर नहीं होगा हमला, हार्मुज जलडमरूमध्य खुला</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	बताया जा रहा है कि ट्रंप से इस्तीफे की मांग करने वाले सभी सांसद विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के हैं। पहली बार ट्रंप पर विपक्ष का इस तरह का दबाव बनता नजर आ रहा है। वह अपनी नीतियों के कारण विपक्ष के निशाने पर है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	युद्ध से पहले ट्रंप को लग रहा था कि वेनेजुएला की तरह ही ईरान भी जल्द ही पस्त हो जाएगा। मगर युद्ध लंबा चल गया। ईरान के पास खोने को ज्यादा कुछ नहीं था लेकिन अमेरिका अर्थव्यवस्था के साथ ही दुनियाभर में तेल संकट खड़ा हो गया। इससे डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक साख भी दांव पर लग गई। बहरहाल पाकिस्तान और चीन के हस्तक्षेप से अमेरिका और ईरान युद्ध रोकने पर सहमत हो गए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान-अमेरिका के बीच 40 दिनों से चल रहे युद्ध की वजह से अमेरिका की भी अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ रहा था। वहां भी लोग चाहते थे कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाए। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-confirms-trump-ceasefire-hormuz-safe-passage-2-weeks-126040800003_1.html" target="_blank">ईरान ने ट्रंप के सीजफायर पर लगाई मुहर: 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत को तैयार, 2 हफ्ते खुला रहेगा हार्मुज</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 28 फरवरी से जारी युद्ध के बाद अब सीजफायर का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका और इजराइल 15 दिनों तक ईरान पर हमला नहीं करेंगे। समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खुल गया है। हालांकि ईरान और ओमान को हार्मुज से टैक्स वसूलने की अनुमति मिल गई है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:12:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 10:18:51 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान ने ट्रंप के सीजफायर पर लगाई मुहर: 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत को तैयार, 2 हफ्ते खुला रहेगा हार्मुज]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-confirms-trump-ceasefire-hormuz-safe-passage-2-weeks-126040800003_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-confirms-trump-ceasefire-hormuz-safe-passage-2-weeks-126040800003_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/thumb/1_1/1775613189-2674.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/thumb/1_1/1775613189-2674.jpg</image>
      <description><![CDATA[US Iran Ceasefire : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर एलान के बाद ईरान ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दावा किया कि ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="araghchi trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/08/full/1775613189-2674.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="US Iran ceasefire" width="1200" /></p>
	</p>
	US Iran Ceasefire : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर एलान के बाद ईरान ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत को तैयार है और हमले रुकने पर ईरान भी सैन्य अभियान रोक देगा। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-hormuz-strait-reopens-126040800002_1.html" target="_blank">ट्रंप का बड़ा ऐलान: 15 दिन तक ईरान पर नहीं होगा हमला, हार्मुज जलडमरूमध्य खुला</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुधवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा कि अगर उसके ऊपर हमले बंद कर दिए जाते हैं तो वह अपने रक्षात्मक अभियान तुरंत रोक देगा। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य से दो सप्ताह तक सुरक्षित आवागमन उसके सशस्त्र बलों के समन्वय में संभव होगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बयान में कहा गया कि ईरान की ओर से, मैं अपने प्रिय भाइयों, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के क्षेत्र में युद्ध समाप्त करने के अथक प्रयासों के लिए आभार और प्रशंसा व्यक्त करता हूं।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Statement on behalf of the Supreme National Security Council of the Islamic Republic of Iran: <a href="https://t.co/cEtBNCLnWT">pic.twitter.com/cEtBNCLnWT</a></p>
		— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) <a href="https://twitter.com/araghchi/status/2041655156215799821?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ के एक्स पर किए गए सौहार्दपूर्ण अनुरोध के जवाब में, और अमेरिका द्वारा अपने 15 सूत्री प्रस्ताव के आधार पर वार्ता के अनुरोध और अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं, यदि ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपने रक्षात्मक अभियान बंद कर देंगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अराघची ने कहा कि 2 सप्ताह की अवधि के लिए, ईरान की सशस्त्र सेनाओं के समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन संभव होगा।<br />
	<br />
	हालांकि ईरान ने साफ कहा कि युद्ध विराम का मतलब युद्ध खत्म होना नहीं है। अगर दुश्मन गलती करेगा तो करारा जवाब देंगे।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 07:13:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 07:27:14 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप का बड़ा ऐलान: 15 दिन तक ईरान पर नहीं होगा हमला, हार्मुज जलडमरूमध्य खुला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-hormuz-strait-reopens-126040800002_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-ceasefire-trump-hormuz-strait-reopens-126040800002_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/thumb/1_1/1773540726-9766.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/thumb/1_1/1773540726-9766.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 28 फरवरी से जारी युद्ध के बाद अब सीजफायर का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका और इजराइल 15 दिनों तक ईरान पर हमला नहीं करेंगे। समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खुल गया है। हालांकि ईरान और ओमान को हार्मुज ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="us iran ceasefire" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/full/1773540726-9766.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 28 फरवरी से जारी युद्ध के बाद अब सीजफायर का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका और इजराइल 15 दिनों तक ईरान पर हमला नहीं करेंगे। समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हार्मुज खुल गया है। हालांकि ईरान और ओमान को हार्मुज से टैक्स वसूलने की अनुमति मिल गई है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को स्थगित करने पर सहमत हूं। उन्होंने इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक कदम बताया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी सीजफायर के फैसले का स्वागत किया है। वहीं, ईरान ने जंग रोकने के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			???????????????????????? ????. ???????????????????? ???????????????????? ???????????????????????? ???????????????? ????????:???????? ???????? ???????????? ????????.????????.???????? <a href="https://t.co/QEeflm2ma9">pic.twitter.com/QEeflm2ma9</a></p>
		— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) <a href="https://twitter.com/TrumpDailyPosts/status/2041675926992572426?ref_src=twsrc%5Etfw">April 8, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	ट्रंप तय करेंगे बातचीत की दिशा</h3>
<p>
	व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप का बयान ही आगे की दिशा तय करेगा। बातचीत का आधार क्या होगा राष्ट्रपति के रूख से तय होगा। सच ये है कि हमारे राष्ट्रपति और हमारी पावरफुल सेना ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को राजी किया है और अब आगे की बातचीत जारी रहेगी।</p>
<p>
	<h3>
		2 हफ्तों के लिए खुलेगा स्ट्रेट ऑफ हार्मुज</h3>
	ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि दो हफ्तों की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, &#39;मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं: यदि ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपने रक्षात्मक अभियान रोक देंगी।&#39;<br />
	<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Statement on behalf of the Supreme National Security Council of the Islamic Republic of Iran: <a href="https://t.co/cEtBNCLnWT">pic.twitter.com/cEtBNCLnWT</a></p>
		— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) <a href="https://twitter.com/araghchi/status/2041655156215799821?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<h3>
		<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>सीजफायर पर क्या बोले शाहबाज शरीफ </h3>
	पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, बहुत विनम्रता के साथ, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान और दूसरी जगहों सहित हर जगह तुरंत सीजफायर पर सहमत हो गए हैं, जो तुरंत लागू होगा। मैं इस समझदारी भरे कदम का दिल से स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व के प्रति गहरा आभार व्यक्त करता हूं और उनके प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने के लिए आमंत्रित करता हूं ताकि सभी विवादों को सुलझाने के लिए एक पक्के समझौते पर आगे बातचीत की जा सके।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			With the greatest humility, I am pleased to announce that the Islamic Republic of Iran and the United States of America, along with their allies, have agreed to an immediate ceasefire everywhere including Lebanon and elsewhere, EFFECTIVE IMMEDIATELY.<br />
			I warmly welcome the…</p>
		— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) <a href="https://twitter.com/CMShehbaz/status/2041665043423752651?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
	गौरतलब है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान में भारी तबाही हुई। वहीं ईरान ने भी इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए। युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल संकट खड़ा हो गया था।</p>
<p>
	edited by  : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 06:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 08 Apr 2026 08:40:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hormuz पर संकट बरकरार, UN में बहरीन का प्रस्ताव गिरा, रूस-चीन का वीटो]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-hormuz-strait-crisis-un-bahrain-resolution-fails-russia-china-veto-126040700075_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-hormuz-strait-crisis-un-bahrain-resolution-fails-russia-china-veto-126040700075_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775126731-1169.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775126731-1169.jpg</image>
      <description><![CDATA[रूस और चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस प्रस्ताव को ‘वीटो’ कर दिया, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था और जिसमें बार-बार संशोधन किया गया था। प्रस्ताव में बार-बार संशोधन इस उम्मीद के साथ किया गया था ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Strait of Hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775126731-1169.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Strait of Hormuz" width="1200" /></p>
	रूस और चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस प्रस्ताव को ‘वीटो’ कर दिया, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था और जिसमें बार-बार संशोधन किया गया था। प्रस्ताव में बार-बार संशोधन इस उम्मीद के साथ किया गया था कि ये दोनों देश इस पर मतदान से दूर रहेंगे। पंद्रह सदस्यीय यूनएसएससी में बहरीन की ओर से लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में 11 वोट और विरोध में दो वोट पड़े। वहीं, दो सदस्यों ने मतदान से दूरी बनाई।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/will-us-launch-nuclear-attack-on-iran-trump-plan-white-house-statement-126040700072_1.html" target="_blank">क्या ईरान पर होगा Nuclear अटैक, डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान</a></strong></p>
</p>
<p>
	प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका, क्योंकि वीटो शक्ति रखने वाले सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों-रूस और चीन ने इसके विरोध में मतदान किया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मतदान से पहले, संयुक्त राष्ट्र में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मिशन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। कच्चे माल और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति अवरुद्ध है। ईरान की अवैध कार्रवाइयों के कारण दुनिया भर में अरबों लोग बुनियादी वस्तुओं के लिए अधिक कीमत चुका रहे हैं। अब समय आ गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की जाए।’</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यूएई ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ‘जलडमरूमध्य खोलने’ संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी देने और ईरान के हमलों तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष उससे उत्पन्न खतरों को समाप्त करने का आग्रह किया। बहरीन खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और जॉर्डन के समर्थन से होर्मुज जलडमरूमध्य पर सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव ले आया था। बहरीन वर्तमान में अप्रैल महीने के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, वीटो शक्ति रखने वाले स्थायी सदस्य रूस चीन और फ्रांस ने बल प्रयोग की मंजूरी का विरोध किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को रणनीतिक महत्व वाले जलमार्ग खोलने या अपने बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमलों का सामना करने के लिए निर्धारित की गई समय सीमा से कुछ घंटे पहले यह मतदान हुआ।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन आमतौर पर इसी जलमार्ग से होता है और युद्ध के दौरान इस जलडमरूमध्य पर ईरान की मजबूत पकड़ के कारण तेल-गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, यदि यह प्रस्ताव पारित भी हो जाता, तो भी पांचवें सप्ताह में पहुंच चुके इस युद्ध पर शायद ही इसका कोई प्रभाव पड़ता, क्योंकि रूस और चीन को ‘वीटो’ करने से रोकने के लिए मतदान से दूर रखने के उद्देश्य से इस प्रस्ताव को काफी कमजोर कर दिया गया था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बहरीन के प्रारंभिक प्रस्ताव में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन सुनिश्चित करने और इसे बंद करने के प्रयासों को रोकने के लिए ‘‘सभी आवश्यक साधनों’’ (संयुक्त राष्ट्र की शब्दावली में सैन्य कार्रवाई भी शामिल) का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	सुरक्षा परिषद में ‘वीटो’ शक्ति रखने वाले पांच देशों में शामिल रूस, चीन और फ्रांस ने बल प्रयोग को मंजूरी देने का विरोध किया था, जिसके बाद प्रस्ताव में संशोधन किया गया और उसमें आक्रामक कार्रवाई से संबंधित सभी संदर्भ हटा दिए गए। इसमें केवल ‘‘सभी आवश्यक रक्षात्मक साधनों’’ को ही अधिकृत किया गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बाद में प्रस्ताव को और कमजोर कर दिया गया, ताकि सुरक्षा परिषद की मंजूरी (जो कि कार्रवाई का आदेश होता है) का कोई भी जिक्र न रहे और इसके प्रावधान केवल होर्मुज जलडमरूमध्य तक सीमित कर दिए जाएं। पिछले मसौदों में आसपास के जलक्षेत्रों को भी शामिल किया गया था।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-warning-iran-regime-change-statement-global-crisis-2026-126040700058_1.html" target="_blank">Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे</a></strong></p>
</p>
<p>
	मंगलवार को वीटो किए गए प्रस्ताव में ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक समुद्री मार्गों के इस्तेमाल में रुचि रखने वाले देशों को परिस्थितियों के अनुरूप रक्षात्मक प्रकृति के समन्वित प्रयास करने के लिए दृढ़तापूर्वक प्रोत्साहित किया गया था, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान दिया जा सके।’’</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसमें व्यापारिक और वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा मुहैया करना और जलडमरूमध्य के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बंद करने, बाधित करने या उसमें हस्तक्षेप करने के प्रयासों को रोकना शामिल किया गया था। प्रस्ताव में यह भी मांग की गई थी कि ईरान व्यापारिक और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तुरंत बंद करे और होर्मुज जलडमरूमध्य से उनके आवागमन की स्वतंत्रता में बाधा डालना और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना बंद करे। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 23:37:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 23:40:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या ईरान पर होगा Nuclear अटैक, डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/will-us-launch-nuclear-attack-on-iran-trump-plan-white-house-statement-126040700072_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/will-us-launch-nuclear-attack-on-iran-trump-plan-white-house-statement-126040700072_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775582361-7011.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775582361-7011.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की चेतावनी के बाद व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि ईरान को अमेरिकी प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए तय समय-सीमा तक का ही मौका है।  कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="677" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/full/1775582361-7011.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1075" /></p>
	अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की चेतावनी के बाद व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि ईरान को अमेरिकी प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए तय समय-सीमा तक का ही मौका है।  कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है और अगले कुछ घंटे वैश्विक स्तर पर निर्णायक साबित हो सकते हैं। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने का दावा किया है। ट्रंप ने आज भी ट्रुथ सोशल पर दुनिया को डराने वाला पोस्ट शेयर किया। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/indians-in-iran-advisory-stay-put-48-hours-government-warning-2026-126040700071_1.html" target="_blank">ईरान में फंसे भारतीयों को अलर्ट, अगले 48 घंटे जहां हैं, वहीं रहें, सरकार की सख्त एडवाइजरी</a></strong></p>
</p>
<p>
	व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि ईरानी शासन के पास पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे तक का वक्त है। आगे क्या होगा, यह केवल राष्ट्रपति ही जानते हैं। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-ceasefire-donald-trump-threat-response-war-to-continue-126040700065_1.html" target="_blank">न सीजफायर होगा, न सरेंडर, जंग जारी रहेगी, ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार</a></strong></p>
</p>
<p>
	इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। ईरान पर रेलवे, पुलों और बिजली संयंत्रों जैसे अहम ढांचों पर हमलों की भी खबरें सामने आई हैं। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिकी धमकियों से उसके सैन्य अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमेरिकी व इजरायली बलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या कहा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने </h3>
<p>
	ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका के पास ऐसे हथियार हैं जिनका उसने अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है। जेडी वेंस की इस बयान के बाद ये अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि क्या अमेरिका, ईरान पर न्यूक्लियर अटैक करने वाला है। लेकिन व्हाइट हाउस ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की तरफ से बयान सामने आया है कि अमेरिका, ईरान पर न्यूक्लियर अटैक नहीं करेगा। </p>
<p>
	<p>
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</p>
<h3>
	हॉर्मुज को खोलने वाले प्रस्ताव पर रूस और चीन का वी‍टो</h3>
<p>
	संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े एक प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो कर दिया है। यह प्रस्ताव पहले ही कई बार कमजोर किया जा चुका था ताकि दोनों देश इसे स्वीकार कर लें, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसे वीटो कर दिया। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव पर वोटिंग 11-2 से हुई। इस प्रस्ताव को बहरीन ने पेश किया था। शुरुआत में इसमें &#39;सभी जरूरी उपाय&#39; अपनाने की बात कही गई थी, जिसका मतलब सैन्य कार्रवाई की अनुमति भी हो सकता था। इसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना और इसे बंद करने की कोशिशों को रोकना था। Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 22:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 22:49:58 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान में फंसे भारतीयों को अलर्ट, अगले 48 घंटे जहां हैं, वहीं रहें, सरकार की सख्त एडवाइजरी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/indians-in-iran-advisory-stay-put-48-hours-government-warning-2026-126040700071_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/indians-in-iran-advisory-stay-put-48-hours-government-warning-2026-126040700071_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775563218-8942.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर हमले की डेडलाइन खत्म होने का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, दुनिया में इसको लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं। भारत ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों को कहा गया है कि 48 घंटे जहां ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/full/1775563218-8942.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर हमले की डेडलाइन खत्म होने का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, दुनिया में इसको लेकर आशंकाएं बढ़ गई हैं। भारत ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों एडवाइजरी जारी की है। भारतीयों को कहा गया है कि 48 घंटे जहां हैं वहीं रहें। बिजली प्लांट और सैन्य ठिकानों से दूर रहें। हाइवे पर यात्रा न करें। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-warning-iran-regime-change-statement-global-crisis-2026-126040700058_1.html" target="_blank">Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे</a></strong></p>
</p>
<p>
	MEA ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि ईरान में तेज़ी से बदलते हालात को देखते हुए जो भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे वहीं रहें, सुरक्षित जगह पर रहें और आगे आने-जाने से बचें।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Advisory in view of the rapidly evolving situation in Iran.<a href="https://twitter.com/MEAIndia?ref_src=twsrc%5Etfw">@MEAIndia</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/IranAdvisory?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#IranAdvisory</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/TravelAdvisory?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#TravelAdvisory</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/SafetyAlert?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#SafetyAlert</a> <a href="https://t.co/lwGIREnVGk">pic.twitter.com/lwGIREnVGk</a></p>
		— DD News (@DDNewslive) <a href="https://twitter.com/DDNewslive/status/2041529263397204080?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>ईरान के अंदर और ईरान के बॉर्डर क्रॉसिंग पर किसी भी तरह की आवाजाही पर तेहरान में भारतीय दूतावास के साथ करीबी तालमेल और दूतावास से साफ़ गाइडेंस मिलने के बाद ही विचार किया जा सकता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/migrant-workers-5kg-lpg-cylinder-supply-doubled-india-government-order-2026-126040700053_1.html" target="_blank">युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश</a></strong></p>
</p>
<p>
	सरकार की ओर से कहा गया है कि जो लोग दूतावास द्वारा बुक किए गए होटलों में ठहरे हैं, उन्हें वहीं अंदर रहना चाहिए और मौके पर मौजूद दूतावास की टीमों के साथ नियमित संपर्क रखना चाहिए। सभी से अनुरोध है कि वे आधिकारिक अपडेट्स पर बारीकी से नजर रखें। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 21:01:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 21:07:16 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[न सीजफायर होगा, न सरेंडर, जंग जारी रहेगी, ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-ceasefire-donald-trump-threat-response-war-to-continue-126040700065_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-ceasefire-donald-trump-threat-response-war-to-continue-126040700065_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/13/thumb/1_1/1773370701-3307.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/13/thumb/1_1/1773370701-3307.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि न सीजफायर होगा, न सरेंडर होगा, जंग जारी रहेगी। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा- आज रात एक ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="donald trump on moztaba khamenai" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/13/full/1773370701-3307.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="donald trump on moztaba" width="1200" /></p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा कि न सीजफायर होगा, न सरेंडर होगा, जंग जारी रहेगी। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म करने की धमकी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर कहा- आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-warning-iran-regime-change-statement-global-crisis-2026-126040700058_1.html" target="_blank">Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे</a></strong></p>
</p>
<p>
	तेहरान टाइम्स के मुताबिक अब न तो सीधे और न ही परोक्ष (बैकचैनल) तरीके से कोई संपर्क हो रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के संदेशों का आदान-प्रदान भी रोक दिया गया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/migrant-workers-5kg-lpg-cylinder-supply-doubled-india-government-order-2026-126040700053_1.html" target="_blank">युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश</a></strong></p>
	ट्रंप ने यह चेतावनी ईरान के लिए तय की गई डेडलाइन से करीब 12 घंटे पहले दी है। इस डेडलाइन के तहत ईरान को मंगलवार को एक समझौते पर राजी होना था, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल था। ऐसा न करने पर उसे कड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी लेकिन वॉशिंगटन में रात 8 बजे की डेडलाइन से पहले ईरान के पास अभी भी सरेंडर करने का समय है।<br />
	 </p>
<h3>
	रेलवे लाइन और पुलों को किया तबाह </h3>
<p>
	इजराइली एयरफोर्स ने मंगलवार को ईरान में करीब 10 अहम रेल लाइनों और पुलों पर हमला किया है। द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, यह हमले इसलिए किए गए ताकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अपने हथियार और सैन्य सामान एक जगह से दूसरी जगह न ले जा सके। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 19:49:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 19:53:36 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-warning-iran-regime-change-statement-global-crisis-2026-126040700058_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/04/thumb/1_1/1767551231-9781.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/04/thumb/1_1/1767551231-9781.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक तीखे और भावनात्मक बयान में कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/04/full/1767551231-9781.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक तीखे और भावनात्मक बयान में कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार को रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तो उसके जरूरी ठिकानों पर हमला किया जाएगा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/migrant-workers-5kg-lpg-cylinder-supply-doubled-india-government-order-2026-126040700053_1.html" target="_blank">युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश</a></strong></p>
</p>
<p>
	उन्होंने आगे कहा कि हालांकि अब जब पूरी तरह और सम्पूर्ण सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) हो चुका है, जहां अलग, अधिक समझदार और कम कट्टर विचार वाले लोग आगे आएंगे, तो शायद कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत हो सकता है। कौन जानता है? इसका जवाब हमें आज रात मिल जाएगा।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			"A whole civilization will die tonight, never to be brought back again. I don’t want that to happen, but it probably will. However, now that we have Complete and Total Regime Change, where different, smarter, and less radicalized minds prevail, maybe something revolutionarily… <a href="https://t.co/6QBl4K161v">pic.twitter.com/6QBl4K161v</a></p>
		— Press Trust of India (@PTI_News) <a href="https://twitter.com/PTI_News/status/2041489954539442328?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-oil-hub-kharg-island-hit-multiple-strikes-ceasefire-talks-stall-126040700048_1.html" target="_blank">Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी</a></strong></p>
	ट्रंप ने इसे दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक बताते हुए कहा कि 47 वर्षों का जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का दौर अब आखिरकार खत्म होगा।  अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि ईरान के महान लोगों पर की कृपा बनी रहे।<br />
	<h3>
		ईरान पर ताबड़तोड़ हमले</h3>
	<p>
		अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान में कई जगहों पर हमला किया। सबसे बड़ा हमला खार्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑइल टर्मिनल को निशाना बनाया गया। ईरान का करीब 80 से 90% कच्चा तेल यहीं से एक्सपोर्ट होता है। इसी दौरान कोम और कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला किया गया। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 18:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 19:01:05 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/migrant-workers-5kg-lpg-cylinder-supply-doubled-india-government-order-2026-126040700053_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/migrant-workers-5kg-lpg-cylinder-supply-doubled-india-government-order-2026-126040700053_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775563048-901.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775563048-901.jpg</image>
      <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="502" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/full/1775563048-901.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="781" /></p>
	</p>
	केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-oil-hub-kharg-island-hit-multiple-strikes-ceasefire-talks-stall-126040700048_1.html" target="_blank">Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी</a></strong></p>
</p>
<p>
	पत्र के मुताबिक, हर राज्य में प्रवासी मजदूरों को दिए जाने वाले 5 किलो FTL सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति को दोगुना किया जाएगा। यह बढ़ोतरी 2-3 मार्च 2026 के दौरान प्रवासी मजदूरों को दी गई औसत दैनिक सप्लाई (सिलेंडरों की संख्या) के आधार पर तय की गई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बढ़ी हुई आपूर्ति पहले तय 20 प्रतिशत की सीमा (21 मार्च 2026 के पत्र के पैरा 2(a) में उल्लेखित) से अधिक होगी। यानी अब राज्यों को जरूरत के मुताबिक अधिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। निर्देशों के अनुसार, ये 5 किलो FTL सिलेंडर राज्य सरकारों या उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के पास ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की मदद से उपलब्ध कराए जाएंगे। इनका उपयोग केवल संबंधित राज्यों में प्रवासी मजदूरों को सप्लाई करने के लिए ही किया जाएगा। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/regional-hindi-news/manipur-internet-shutdown-rocket-attack-2-children-killed-imphal-unrest-126040700044_1.html" target="_blank">Manipur में बड़ा बवाल, रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद</a></strong></p>
</p>
<p>
	सरकार के इस फैसले को प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब कई राज्यों में कामकाजी आबादी की निर्भरता सस्ती रसोई गैस पर बढ़ी हुई है। Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 17:23:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 17:27:34 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-oil-hub-kharg-island-hit-multiple-strikes-ceasefire-talks-stall-126040700048_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-oil-hub-kharg-island-hit-multiple-strikes-ceasefire-talks-stall-126040700048_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/10/thumb/1_1/1773146082-618.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/10/thumb/1_1/1773146082-618.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर एक बार फिर कई हमलों की खबरें सामने आई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) को लेकर बातचीत लगभग ठप पड़ चुकी है और तनाव चरम पर पहुंच गया है। खार्ग ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Kharg island" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/10/full/1773146082-618.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र Kharg Island पर एक बार फिर कई हमलों की खबरें सामने आई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्धविराम (ceasefire) को लेकर बातचीत लगभग ठप पड़ चुकी है और तनाव चरम पर पहुंच गया है। खार्ग द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, जहां से देश के करीब 90% तेल निर्यात होता है। ईरान ने अपने पड़ोसियों को भी चेतावनी दी है। ईरान के काशान में रेलवे ब्रिज पर हुए हमले में 2 लोगों की मृत्यु हो गई, IRNA ने प्रांतीय अधिकारी के हवाले से बताया। <br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Two pharmacists killed as US-Israeli aggression targets 25 Iranian pharma units in 40 days <a href="https://t.co/H8jvhJAeVs">https://t.co/H8jvhJAeVs</a></p>
		— Press TV ???? (@PressTV) <a href="https://twitter.com/PressTV/status/2041476077101469978?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>ईरान की IRGC नौसेना की वायु रक्षा प्रणाली ने सोमवार रात केशम द्वीप के ऊपर अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। इसका एक वीडियो भी जारी किया गया है। ट्रंप ने ईरान को जो अल्टीमेटम दिया है वह खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है। इजराइल तो लगातार हमला कर ही रहा है। इस बीच अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/regional-hindi-news/manipur-internet-shutdown-rocket-attack-2-children-killed-imphal-unrest-126040700044_1.html" target="_blank">Manipur में बड़ा बवाल, रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद</a></strong></p>
</p>
<p>
	हाल के हमलों में इस रणनीतिक द्वीप को निशाना बनाया गया। इससे दुनिया के ऊर्जा बाजार को टेंशन में डाल दिया है। खार्ग आइलैंड पर हमले और ठप पड़ी वार्ताओं ने साफ कर दिया है कि ईरान युद्ध अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। अगर जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को बड़े युद्ध की तरफ धकेल सकता है।<br />
	<br />
	<p>
		खार्ग द्वीप पर हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि &#39;अब संयम खत्म हो चुका है।&#39; Metro.uk की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बयान से क्षेत्र में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंकाएं और गहरा गई हैं। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		यह अमेरिकी हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान ने वॉशिंगटन के एक और युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और संघर्ष अब छठे हफ्ते में पहुंच चुका है।  IRGC ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़ी बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है, जिससे क्षेत्र में तेल और गैस की आपूर्ति &#39;कई वर्षों तक&#39; प्रभावित हो सकती है। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		यह चेतावनी उस बयान के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा था कि वह यह विचार कर रहे हैं कि क्या अमेरिकी सेना खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकती है। ईरान के तट से करीब 16 मील दूर और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से लगभग 300 मील उत्तर-पश्चिम में स्थित इस द्वीप को इसकी कड़ी सुरक्षा और अलग-थलग स्थिति के कारण अक्सर &#39;फॉरबिडन आइलैंड&#39; भी कहा जाता है।</p>
	<p>
		<h3>
			डोनाल्ड ट्रंप की बड़े हमले की चेतावनी </h3>
	</p>
	<p>
		इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले नहीं रुके तो खार्ग द्वीप के तेल ढांचे पर हमले किए जाएंगे। रविवार को उन्होंने ईरान पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि तेहरान को जल्द से जल्द होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना चाहिए और इसके लिए 48 घंटे की समयसीमा भी तय की। IRGC ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरानी परिसंपत्तियों को निशाना बनाया गया तो मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगियों के ऊर्जा ढांचे को “राख में बदल दिया जाएगा। </p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिका इस इलाके पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर चुका है। इसमें कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका ने संकेत दिया था कि अगर बातचीत सफल नहीं होती तो ईरान के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान ने अमेरिका के प्रस्तावित अस्थायी युद्धविराम को सिरे से खारिज कर दिया है और स्थायी शांति समझौते की मांग रखी है। ईरान का कहना है कि किसी भी समझौते से पहले अमेरिकी हमले पूरी तरह बंद हों, प्रतिबंध हटाए जाएं और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की जाए।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/istanbul-israeli-consulate-shooting-3-dead-2-police-injured-126040700042_1.html" target="_blank">इस्तांबुल में इजराइली कॉन्सुलेट हमला, 3 की मौत, 2 पुलिसकर्मी घायल</a></strong></p>
</p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने शर्तें नहीं मानीं, तो और बड़े हमले किए जा सकते हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर उसके ऊर्जा या नागरिक ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वह &#39;भारी और व्यापक&#39; जवाब देगा। इससे पूरे मध्य पूर्व में बड़े युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 16:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 17:20:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[इस्तांबुल में इजराइली कॉन्सुलेट हमला, 3 की मौत, 2 पुलिसकर्मी घायल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/istanbul-israeli-consulate-shooting-3-dead-2-police-injured-126040700042_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/istanbul-israeli-consulate-shooting-3-dead-2-police-injured-126040700042_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/03/thumb/1_1/1754199039-5324.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिका ईरान युद्ध के बीच इजराइली कॉन्सुलेट पर गोलीबारी की खबरें हैं। खबरों के अनुसार इस्तांबुल में इजराइली कॉन्सुलेट पर गोलीबारी हुई। गोलीबारी में 3 की मौत हो गई और 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। तुर्किए के गृह मंत्री ने कहा कि 3 हमलवारों ने हमला किया। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="crime" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/03/full/1754199039-5324.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका ईरान युद्ध के बीच इजराइली कॉन्सुलेट पर गोलीबारी की खबरें हैं। खबरों के अनुसार इस्तांबुल में इजराइली कॉन्सुलेट पर गोलीबारी हुई। गोलीबारी में 3 की मौत हो गई और 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। तुर्किए के गृह मंत्री ने कहा कि 3 हमलवारों ने हमला किया। इसमें 2 सगे भाई थे। </p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 16:09:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 16:12:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या होगा जब ईरान में रात में 3.30 बजेंगे? ट्रंप की डेडलाइन हो रही है खत्म]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/trump-iran-deadline-3-30-am-human-shield-threat-126040700022_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/trump-iran-deadline-3-30-am-human-shield-threat-126040700022_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775549998-3141.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/thumb/1_1/1775549998-3141.jpg</image>
      <description><![CDATA[Donald Trump Iran deadline: अमेरिकी राष्ट्रप‍ति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो डेडलाइन दी थी वह अमेरिकी समय अनुसार मंगलवार रात 8 बजे खत्म हो रही है। उस समय ईरान में 8 अप्रैल को तड़के (मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात) 3.30 बज रहे होंगे। ट्रंप ने कहा ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Donald Trump Iran deadline" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/07/full/1775549998-3141.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Donald Trump Iran deadline: अमेरिकी राष्ट्रप‍ति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो डेडलाइन दी थी वह अमेरिकी समय अनुसार मंगलवार रात 8 बजे खत्म हो रही है। उस समय ईरान में 8 अप्रैल को तड़के (मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात) 3.30 बज रहे होंगे। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानी तो वे उसे पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। पाषाण युग में पहुंचा देंगे। दूसरी ओर, ईरान भी ट्रंप के आगे झुकने को तैयार नहीं है।</p>
<h3>
	1.40  करोड़ ईरानी जान देने के लिए तैयार</h3>
<p>
	हालांकि ट्रंप ने ईरान को 10 दिन का वक्त दिया था, लेकिन इजराइल के साथ उसके संयुक्त हमले इस दौरान भी जारी रहे। सोमवार रात को हुए हमलों में भी ईरान में 15 लोगों की मौत हुई है। इस बीच, ईरान सरकार की एक अपील ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। सरकार ने ईरान के लोगों से कहा है कि वे पॉवर प्लांट के पास &#39;मानव श्रृंखला&#39; बनाएं। ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियन ने कहा है कि 1.40  करोड़ ईरानी अपनी जान देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं भी जान देने के लिए तैयार हूं, तैयार था और तैयार रहूंगा। ईरानी सरकार ने लोगों से ट्रेन और ट्रेन ट्रैक से भी दूर रहने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल ट्रेन और ट्रेन ट्रैक को भी निशाना बना सकते हैं। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-us-ceasefire-proposal-demands-permanent-end-war-strait-of-hormuz-tensions-126040600081_1.html" target="_blank">45 दिन का सीजफायर, ईरान की 10 शर्तें, क्या फैसला लेंगे Donald Trump</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	बड़ा सवाल यह है कि यदि ईरानी मानव श्रृंखला बनाते हैं तो क्या अमेरिका और इजराइल वहां हमला कर पाएंगे? हालांकि ट्रंप जिस तरह से अपनी जीत का लगातार दावा कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि वे ईरान पर बड़ा हमला नहीं करेंगे, लेकिन ट्रंप का कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता, वह कब, कैसा उठा लें, उनके अलावा कोई नहीं जानता। </p>
<h3>
	ईरान को बर्बाद करने की धमकी</h3>
<p>
	दरअसल, ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट (Truth Social) और बयानों में स्पष्ट किया है कि यदि डेडलाइन तक समझौता नहीं हुआ तो वे ईरान को पूरी तरह बर्बाद कर देंगे। उसके बुनियादी ढांचे को पूरी तरह खत्म कर देंगे। उन्होंने ईरान के सभी पावर प्लांट (बिजली घर) और पुलों को पूरी तरह तबाह करने की धमकी दी है। उन्होंने इसे &#39;पॉवर प्लांट डे&#39; और &#39;ब्रिज डे&#39; का नाम दिया है। ट्रंप ने कहा है कि पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात मंगलवार की रात हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के लोग &#39;नरक&#39; जैसी स्थिति में रहने को मजबूर होंगे। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/russia-ukraine-war-news/us-president-donald-trump-issues-fresh-warning-to-iran-126040500037_1.html" target="_blank">होर्मुज संकट पर बौखलाए ट्रंप, ईरान को दी खुली धमकी, बोले- सबकुछ तबाह कर देंगे, तेल पर करेंगे कब्जा</a></strong></p>
<h3>
	क्या है ईरान का रुख?</h3>
<p>
	ट्रंप की हालिया धमकियों और &#39;7 अप्रैल की डेडलाइन&#39; पर ईरान का रुख काफी सख्त है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव में झुकने वाला नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे (बिजली घरों और पुलों) पर हमला करता है, तो ईरान भी &#39;जैसे को तैसा&#39; जवाब देगा। ईरान ने कहा है कि उनकी सेना उन सभी ठिकानों को निशाना बनाएगी जो अमेरिका के हैं या जो इस हमले में अमेरिका की मदद करेंगे। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html" target="_blank">जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	वहीं, ईरानी संसद (मजालिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने ट्रंप की धमकियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपकी लापरवाह हरकतें अमेरिका को हर परिवार के लिए एक &#39;जीते-जागते नर्क&#39; में धकेल रही हैं। अगर आप युद्ध अपराध करेंगे, तो पूरा क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) जल उठेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप केवल इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इशारों पर काम कर रहे हैं।</p>
<h3>
	क्या है ईरान की मांग?</h3>
<p>
	ईरान का कहना है कि उसे कोई अस्थायी युद्धविराम नहीं चाहिए, बल्कि युद्ध का स्थायी अंत, प्रतिबंधों को हटाना और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण की गारंटी चाहिए। ईरान ने साफ किया है कि &#39;स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज&#39; तभी खुलेगा जब एक नया कानूनी ढांचा बनेगा और ईरान को पारगमन शुल्क में हिस्सा मिलेगा। ईरान के नेताओं का मानना है कि ट्रंप की धमकियां उनकी &#39;घबराहट और हताशा&#39; का प्रतीक हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका और इजराइल की जंग से वहां के लोग सहमे हुए हैं। ईरान के एक तबका ऐसा भी है जो ट्रंप की धमकियों को राष्ट्र के अपमान के तौर पर देख रहा है। अपनी जमीन की रक्षा की भावना के तहत ये लोग अमेरिकी कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस बात से भी नाराज हैं अमेरिका &#39;नागरिक बुनियादी ढांचे&#39; को निशाना बनाने की बात कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत एक &#39;युद्ध अपराध&#39; की श्रेणी में आता है।<br />
	Edited by: Vrijendra SinghJhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 13:45:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 14:12:07 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप की धमकी के बाद इजराइल का अलर्ट, क्या ट्रेनों पर होगा बड़ा हमला?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-warning-iran-trains-trump-threat-war-escalation-oil-crisis-126040700015_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-warning-iran-trains-trump-threat-war-escalation-oil-crisis-126040700015_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/thumb/1_1/1768358692-2719.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/thumb/1_1/1768358692-2719.jpg</image>
      <description><![CDATA[Israel Warns Irani People : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 1 रात में तबाह करने संबंधी धमकी के बाद इजराइल ने भी ईरानियों को ट्रेनों और रेलवे ट्रैक से दूर रहने की चेतावनी दी है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="trump and netanyahu" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/full/1768358692-2719.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="trump and netanyahu" width="1200" /></p>
	Israel Warns Irani People : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 1 रात में तबाह करने संबंधी धमकी के बाद इजराइल ने भी ईरानियों को ट्रेनों और रेलवे ट्रैक से दूर रहने की चेतावनी दी है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-unconscious-iran-war-the-times-report-health-update-126040700007_1.html" target="_blank">ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर, कहां चल रहा है इलाज?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	इजराइली सेना ने ईरान के लोगों के लिए फारसी भाषा में अपना संदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि ट्रेन और रेलवे लाइनों से दूर रहें। इस संदेश के जारी होते ही ईरान में कुछ बड़ा होने की आशंका पैदा हो गई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	आईडीएफ ने सोशल मीडिया साइट पर अपने फारसी भाषा के अकाउंट पर लिखा है, ‘आपकी सुरक्षा के लिए हम पूरे देश में अब से अगले 12 घंटों तक (ईरानी समयानुसार रात 9 बजे तक) ट्रेनों का उपयोग करने या ट्रेन से यात्रा करने से बचने का अनुरोध करते हैं। ट्रेनों और रेलवे पटरी के पास आपकी मौजूदगी आपके जीवन को खतरे में डाल सकती है।&#39;</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="rtl" lang="fa">
			هشدار فوری به استفاده‌کنندگان و مسافران قطارها در کشور ایران.<br />
			<br />
			شهروندان گرامی، به منظور امنیت شما، خواهشمندیم از این لحظه تا ساعت ۲۱:۰۰ به وقت ایران، از استفاده و سفر با قطار در سراسر ایران خودداری نمایید.<br />
			<br />
			حضور شما در قطارها و در مجاورت خطوط راه‌آهن جانتان را به خطر می… <a href="https://t.co/Fm3BAAEFra">pic.twitter.com/Fm3BAAEFra</a></p>
		— ارتش دفاعی اسرائیل | IDF Farsi (@IDFFarsi) <a href="https://twitter.com/IDFFarsi/status/2041385577287663833?ref_src=twsrc%5Etfw">April 7, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	युद्ध विराम समझौते पर अमेरिका और ईरान के बीच सहमति नहीं बनने से 28 फरवरी से जारी युद्ध के और भीषण होने की आशंका है। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान जल्द ही एक बड़ा हमला करेंगे जिससे ईरान में तबाही का एक और मंजर देखने को मिल सकता है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-f15-pilot-rescue-iran-operation-trump-anger-media-leak-national-security-126040700012_1.html" target="_blank">US पायलट का रेस्क्यू प्लान लीक होने पर भड़के ट्रंप, जेल भेजने की धमकी</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति हर हाल में हार्मुज को जल्द से जल्द खुलवाना चाहते हैं जबकि ईरान अस्थायी युद्ध विराम के बदले हार्मुज खोलने के लिए राजी नहीं है। उसने स्थायी युद्धविराम के लिए सूत्रीय मांगें रखी है। उसने साफ कर दिया है कि अगर हमले बढ़े तो वह बाब अल मंदेब स्ट्रेट को भी बंद कर देगा। इससे दुनिया में तेल संकट और गहरा जाएगा। इधर इजराइल युद्ध को जारी रखना चाहता हैं।  </p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 12:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 13:00:40 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US पायलट का रेस्क्यू प्लान लीक होने पर भड़के ट्रंप, जेल भेजने की धमकी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-f15-pilot-rescue-iran-operation-trump-anger-media-leak-national-security-126040700012_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/thumb/1_1/1775495513-9079.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिकी सेना ने 36 घंटे लंबे स्पेशल ऑपरेशन में ईरान में क्रैश हुए F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया। इस मिशन को नेवी सील टीम-6 ने अंजाम दिया। अब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेस्क्यू ऑपरेशन का प्लान लीक होने पर कड़ी नाराजगी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="donald trump warns media" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/full/1775495513-9079.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="donald trump warns media" width="1200" /></p>
	अमेरिकी सेना ने 36 घंटे लंबे स्पेशल ऑपरेशन में ईरान में क्रैश हुए F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया। इस मिशन को नेवी सील टीम-6 ने अंजाम दिया। अब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेस्क्यू ऑपरेशन का प्लान लीक होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रंप ने पायलट से जुड़ी जानकारी लीक करने वाले को जेल भेजने की धमकी दी है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-unconscious-iran-war-the-times-report-health-update-126040700007_1.html" target="_blank">ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर, कहां चल रहा है इलाज?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को घंटों तक पता नहीं था कि F-15 एयरमैन लापता है। मीडिया रिपोर्ट से ईरान को यह पता चल गया कि एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया है जबकि दूसरा लापता है। उन्होंने मीडिया से जानकारी लीक करने वाले सोर्स का नाम बताने को कहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को उन पत्रकारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, जिन्होंने F-15 फाइटर जेट के एयरमैन के ईरान में लापता होने के बारे में रिपोर्ट दी थी। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-pilot-rescue-iran-f15-crash-navy-seal-mission-126040600021_1.html" target="_blank">पायलट को बचाने में फूंक दिए 2,000 करोड़ के विमान, ईरान में नेवी सील टीम के सफल मिशन की कहानी</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	रिपोर्ट छपने के बाद ईरान ने रखा ईनाम</h3>
<p>
	ट्रंप ने बताया कि रिपोर्ट छपने के बाद, ईरान ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की। जिसमें लापता पायलट को पकड़ने वाले को इनाम देने की पेशकश की गई थी। इससे खोज और बचाव अभियान और भी मुश्किल हो गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि हम उस जानकारी लीक करने वाले को ढूंढने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही उसका पता लगा लेंगे। हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे, जिसने यह जानकारी जारी की है और हम कहेंगे: &#39;यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, या तो जानकारी दें या जेल जाएं&#39;।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:59:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 12:15:26 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की हालत गंभीर, कहां चल रहा है इलाज?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-unconscious-iran-war-the-times-report-health-update-126040700007_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/mojtaba-khamenei-unconscious-iran-war-the-times-report-health-update-126040700007_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/04/thumb/1_1/1772595536-4856.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Mojtaba Khamenei in Coma: अमेरिका-इजराइल और ईरान में भीषण युद्‍ध के बीच ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि मोजतबा खामेनेई अचेत हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Mojtaba Khamenei in coma" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/04/full/1772595536-4856.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Mojtaba Khamenei" width="1200" /></p>
	Mojtaba Khamenei in Coma: अमेरिका-इजराइल और ईरान में भीषण युद्‍ध के बीच ब्रिटेन के अखबार द टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि मोजतबा खामेनेई अचेत हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कोम शहर में चल रहा रहा है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-press-conference-live-on-iran-126040600082_1.html" target="_blank">Donald Trump ने कहा- ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं, वो रात कल भी हो सकती है</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	रिपोर्ट के अनुसार, एक डिप्लोमैटिक मेमो में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बारे में ये जानकारी दी गई है। यह मेमो अमेरिकी और इजराइली खुफिया एजेंसियों पर आधारित है। इसे खाड़ी देशों के सहयोगी देशों के साथ साझा किया गया है।<br />
	<br />
	रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई किसी भी फैसले या युद्ध संचालन में शामिल होने की स्थिति में नहीं हैं। ईरान की ओर से अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पहले भी मीडिया खबरों में दावा किया गया था कि मोजतबा उसी अमेरिका-इजराइल एयर स्ट्राइक में घायल हुए थे, जिसमें उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। दावा किया गया था कि उन्हें युद्ध के बीच रूस ले जाया गया है और मॉस्को में उनका इलाज किया जा रहा है। हालांकि बाद में रूस के राजदूत ने बताया था कि वे ईरान के अंदर ही हैं।</p>
<h3>
	अमेरिकी हमले से कैसे बचे थे मोजतबा?</h3>
<p>
	ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों से इसलिए बच गए थे क्योंकि मिसाइलों से उनके घर पर हमला होने से कुछ मिनट पहले ही वह अपने बगीचे में टहलने के लिए बाहर निकल गए थे। जिस अमेरिकी-इजरायली अटैक में उनके पिता अली खामेनेई और अन्य परिवार को मारा गया, उसी में मोजतबा खामेनेई को भी टारगेट किया गया था।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ट्रंप भी कर चुके हैं यह दावा</h3>
<p>
	मोजतबा खामेनेई को लेकर डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार दावा कर चुके हैं कि वो या तो अमेरिकी हमलों में मारे जा चुके हैं या फिर बेहद जख्मी हालत में हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वो सार्वजनिक तौर पर दिखते नहीं, जिसकी वजह से ये संदेह और गहरा हो जाता है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 10:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 10:48:02 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Donald Trump ने कहा- ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं, वो रात कल भी हो सकती है]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-press-conference-live-on-iran-126040600082_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-press-conference-live-on-iran-126040600082_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/thumb/1_1/1775495513-9079.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/thumb/1_1/1775495513-9079.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान को लेकर अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पूरी दुनिया की नजर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ईरान को धमकी दी कि वे एक रात में उसे खत्म कर देंगे। ट्रंप ने कहा ईरान का ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/hp/home-page/2026-04/06/full/1775495513-9079.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान को लेकर अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पूरी दुनिया की नजर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ईरान को धमकी दी कि वे एक रात में उसे खत्म कर देंगे। ट्रंप ने कहा ईरान का परमाणु मिशन पूरा नहीं होगा। साथ ही ईरान से दो पायलटों को बचाने के मिशन की तारीफ करते हुए खुद की पीठ थपथपाई।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-orders-nia-probe-in-malda-violence-case-pulls-up-west-bengal-government-126040600075_1.html" target="_blank">Malda violence मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को लगाई फटकार, 26 गिरफ्तार लोगों से NIA करेगी पूछताछ</a></strong></p>
	<h3>
		प्लान लीक करने वाले को छोड़ेंगे नहीं </h3>
	<p>
		प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जैसा कि आप शायद जानते हैं, हमने पहले वाले के बारे में एक घंटे तक बात नहीं की। फिर किसी ने कुछ लीक कर दिया, उम्मीद है कि हम लीकर को ढूंढ लेंगे। यह एक बहुत मुश्किल ऑपरेशन बन गया क्योंकि एक लीकर ने लीक कर दिया कि हमारे पास एक है, हमने एक को बचा लिया है, लेकिन एक और है जिसे हम ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। जिस व्यक्ति ने यह स्टोरी की है, अगर वह नहीं बताता है तो वह जेल जाएगा, और यह ज़्यादा दिन नहीं चलेगा। उन्होंने उस आदमी को बहुत रिस्क में डाल दिया, और उन्होंने उन सैकड़ों लोगों को भी खतरे में डाल दिया जो उसे ढूंढने गए थे।</p>
	<h3>
		ईरान को एक रात में खत्म कर देंगे</h3>
	<p>
		अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरे देश पर एक रात में कब्ज़ा किया जा सकता है, और वह रात कल रात हो सकती है। हम आज यहां मिलिट्री द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े, सबसे मुश्किल, सबसे मुश्किल कॉम्बैट सर्च में से एक की सफलता का जश्न मनाने के लिए हैं।</p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/utility/epfo-3-0-pf-withdrawal-rules-upi-atm-benefits-uan-kyc-update-india-126040600051_1.html" target="_blank">EPFO 3.0 New Rule: ATM और UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा, जानिए कितनी है लिमिट और क्या है प्रोसेस, किन 32 बैंकों से टाइअप</a></strong></p>
	<p>
		हमने एक को उठाने के लिए 200 आदमी भेजे और यह कुछ ऐसा है जिसे आमतौर पर उतना करने की कोशिश नहीं की जाती जितनी आप करना चाहते हैं। हमें बहुत से लोगों, बहुत से महान लोगों ने मदद की। इसमें शामिल होना सम्मान की बात थी। यह बहुत ऐतिहासिक है। यह रेस्क्यू बहुत ऐतिहासिक है। पूरे देश पर एक रात में कब्ज़ा किया जा सकता है, और वह रात कल रात हो सकती है।</p>
	<h3>
		अमेरिका ने खुद गिराया था अपना विमान</h3>
	<p>
		ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने खुद सेना को आदेश दिया था कि किसी भी कीमत पर अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को बहादुर बताते हुए कहा कि देश अपने जवानों को कभी पीछे नहीं छोड़ता। अब तक अमेरिका ने ईरान के 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है और पिछले 37 दिनों में 10,000 से ज्यादा बार लड़ाकू उड़ानें भरी हैं। ट्रम्प ने माना कि ईरान ने एक अमेरिकी F-15 विमान गिराया था, लेकिन यह दुश्मन की किस्मत थी यानी ये सिर्फ एक लकी हिट थी।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/astrology-articles/operation-sindoor-2-india-pakistan-war-astrology-prediction-126040600042_1.html" target="_blank">ऑपरेशन सिंदूर 2.0: क्या फिर से होने वाला है भारत और पाकिस्तान का युद्ध, क्या कहता है ज्योतिष</a></strong></p>
	</p>
	<h3>
		सुनाई ऑपरेशन की कहानी  </h3>
	<p>
		अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में फंसे अमेरिकी सैनिक के रेस्क्यू की पूरी कहानी बताते हुए कहा कि जब F-15E फाइटर जेट गिराया गया, तो उसमें मौजूद अधिकारी पैराशूट से नीचे उतरा और गंभीर हालत में भी खुद को बचाने की कोशिश करता रहा। उस अधिकारी के चेहरे से काफी खून बह रहा था, लेकिन फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने ट्रेनिंग के अनुसार खतरनाक पहाड़ी इलाके में ऊपर की ओर चढ़ना शुरू किया, ताकि दुश्मन से बच सके और पकड़ा न जाए।</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		सैनिक खुद किया अपने घाव का इलाज</h3>
	<p>
		अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उस सैनिक ने खुद ही अपने घावों का इलाज किया और फिर अमेरिकी सेना से संपर्क कर अपनी लोकेशन बताई। इसके बाद उसे बचाने के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया। कहा कि इस रेस्क्यू मिशन में कुल 155 विमान लगाए गए थे, जिनमें बमवर्षक, फाइटर जेट, ईंधन भरने वाले टैंकर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। यह एक बहुत बड़ा और जटिल ऑपरेशन था। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 22:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 07:31:11 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[45 दिन का सीजफायर, ईरान की 10 शर्तें, क्या फैसला लेंगे Donald Trump]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-us-ceasefire-proposal-demands-permanent-end-war-strait-of-hormuz-tensions-126040600081_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-us-ceasefire-proposal-demands-permanent-end-war-strait-of-hormuz-tensions-126040600081_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/21/thumb/1_1/1771668845-4862.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/21/thumb/1_1/1771668845-4862.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इसके बजाय 10 बिंदुओं वाला जवाब भेजा है। इसमें संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की गई है। यह जानकारी ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने दी है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Donald Trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-02/21/full/1771668845-4862.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और इसके बजाय 10 बिंदुओं वाला जवाब भेजा है। इसमें संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने की मांग की गई है। यह जानकारी ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने दी है। वहीं, अमेरिका की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रपति Donald Trump ने अभी तक किसी भी संभावित युद्धविराम समझौते को मंजूरी नहीं दी है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-orders-nia-probe-in-malda-violence-case-pulls-up-west-bengal-government-126040600075_1.html" target="_blank">Malda violence मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को लगाई फटकार, 26 गिरफ्तार लोगों से NIA करेगी पूछताछ</a></strong></p>
</p>
<p>
	IRNA के अनुसार ईरान ने अपने जवाब में साफ कर दिया है कि वह अस्थायी युद्धविराम के पक्ष में नहीं है और संघर्ष का स्थायी अंत चाहता है। तेहरान ने सोमवार को अपनी यह स्थिति पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाई। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने अपने प्रस्ताव में कई अहम शर्तें रखी हैं, जिनमें- </p>
<p>
	 </p>
<ul>
	<li>
		क्षेत्र में सभी संघर्षों का अंत</li>
	<li>
		Strait of Hormuz से सुरक्षित आवागमन के लिए प्रोटोकॉल</li>
	<li>
		आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना</li>
	<li>
		युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की प्रतिबद्धता</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि 45 दिन का सीजफायर केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/utility/epfo-3-0-pf-withdrawal-rules-upi-atm-benefits-uan-kyc-update-india-126040600051_1.html" target="_blank">EPFO 3.0 New Rule: ATM और UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा, जानिए कितनी है लिमिट और क्या है प्रोसेस, किन 32 बैंकों से टाइअप</a></strong></p>
</p>
<h3>
	स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अल्टीमेटम</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	रविवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक Strait of Hormuz खोलने की समयसीमा तय की थी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह जलमार्ग बंद रहा तो ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	 पहले भी दे चुके हैं ऐसी चेतावनियां</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने सोमवार को भी अपनी चेतावनी दोहराई। इससे पहले भी वह कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं, जहां समयसीमा तय की गई लेकिन बाद में बातचीत की संभावनाएं भी बनी रहीं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थों की कोशिशें जारी हैं, ताकि दोनों देशों के बीच सहमति से समाधान निकल सके और क्षेत्र में तनाव कम हो।  डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- ईरान के लड़ाके बहुत सही है। हम ईरान में उनका सफाया कर रहे हैं। <br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			???? TRUMP: "Iran cannot have a nuclear weapon...They just don&#39;t want to say &#39;uncle.&#39; They don&#39;t want to cry, as the expression goes, &#39;uncle&#39;, but they will. And if they don&#39;t, they&#39;ll have no bridges. They&#39;ll have no power plants. They&#39;ll have no anything." <a href="https://t.co/UsJe0jFlVg">pic.twitter.com/UsJe0jFlVg</a></p>
		— Breaking911 (@Breaking911) <a href="https://twitter.com/Breaking911/status/2041176961112813787?ref_src=twsrc%5Etfw">April 6, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>ईरान के पास न्यूक्लियर वेपन नहीं हो सकता। वे बस &#39;अंकल&#39; नहीं कहना चाहते। वे रोना नहीं चाहते, जैसा कि कहावत है, &#39;अंकल&#39;, लेकिन वे कहेंगे। और अगर वे नहीं रोते, तो उनके पास कोई पुल नहीं होगा। उनके पास कोई पावर प्लांट नहीं होगा। उनके पास कुछ भी नहीं होगा।Edited by : Sudhir Sharma</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 21:18:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 06 Apr 2026 21:55:59 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Missiles vs Memes: ट्रम्प के खिलाफ ईरान की डिजिटल जंग का नया चेहरा, सारी Embassies ने जम कर किया Troll]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/memes-vs-missiles-iran-embassies-from-all-over-the-world-troll-donald-trump-126040600066_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/memes-vs-missiles-iran-embassies-from-all-over-the-world-troll-donald-trump-126040600066_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775483037-1646.jpeg"/>
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      <description><![CDATA[जैसे-जैसे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है, यह टकराव अब सिर्फ Battlefield तक सीमित नहीं रहा। अब एक नई जंग सोशल मीडिया पर भी लड़ी जा रही है, जहां मिसाइलों के साथ-साथ मीम्स और तंज भी हथियार बन चुके हैं। दुनियाभर में मौजूद ईरान की एम्बेसीज़ और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775483037-1646.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	<br />
	जैसे-जैसे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है, यह टकराव अब सिर्फ Battlefield तक सीमित नहीं रहा। अब एक नई जंग सोशल मीडिया पर भी लड़ी जा रही है, जहां मिसाइलों के साथ-साथ मीम्स और तंज भी हथियार बन चुके हैं। दुनियाभर में मौजूद ईरान की एम्बेसीज़ और कांसुलेट्स इस डिजिटल लड़ाई में खुलकर उतर आए हैं। वे लगातार डोनाल्ड ट्रम्प के पोस्ट्स पर sarcastic replies और memes के जरिए जवाब दे रहे है। उन्हें बुरी तरह ट्रोल कर रहे हैं। इस तरह diplomacy अब स्क्रीन पर shift होकर एक viral meme war में बदलती नजर आ रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सोशल मीडिया बना नया युद्धक्षेत्र</strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	मार्च के अंत से लेकर अप्रैल की शुरुआत तक, दुनिया भर में मौजूद ईरान की Embassies और कांसुलेट्स ने एक अलग ही रणनीति अपनाई। उन्होंने ट्रेडिशनल डिप्लोमेसी बयान छोड़कर सीधे सोशल मीडिया पर उतरकर डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों का जवाब देना शुरू किया, वो भी sarcasm, humour और memes के जरिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>जब डिप्लोमेसी बनी मीम पेज</strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	इस डिजिटल अभियान में सबसे खास बात थी इसका अंदाज़। जहां पहले एम्बेसीज़ सधे हुए शब्दों में प्रतिक्रिया देती थीं, वहीं अब वे हल्के-फुल्के लेकिन चुभते हुए जवाब देने लगीं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>कुछ वायरल उदाहरण:</strong><br />
	<br />
	 </p>
<p>
	Iran जिम्बाब्वे एम्बेसी: We’ve lost the keys”)</p>
<p>
	<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="677" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775480403-7276.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="730" /></p>
	</p>
	<br />
	 </p>
<p>
	<br />
	<em><strong>टाइम डेडलाइन पर तंज: (“8 PM ठीक नहीं है… 1–2 AM कर दें?”)</strong></em><br />
	<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="682" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775481811-8374.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1080" /></p>
	</p>
	<br />
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="1024" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775481928-0456.jpeg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1024" /></p>
	</p>
	<br />
	<br />
	<br />
	 </p>
<p>
	इन छोटे-छोटे जवाबों ने इंटरनेट पर बड़ी चर्चा छेड़ दी है। जहां GenZ अब इन्हें एन्जॉय कर रहे हैं। वहीं ट्रम्प का पारा आसमान छू रहा है। रविवार को उन्होंने पोस्ट कर लिखा था कि Donald Trump ने कहा मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे, दोनों एक साथ होंगे। इससे बेहतर कुछ नहीं होगा!!! स्ट्रेट खोलो, नहीं तो तुम नर्क में रहोगे।"</p>
<p>
	<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Trump right now <a href="https://t.co/XfsBMOnzOR">pic.twitter.com/XfsBMOnzOR</a></p>
		— Embassy of Iran in Bulgaria (@IRANinBULGARIA) <a href="https://twitter.com/IRANinBULGARIA/status/2040517584294982123?ref_src=twsrc%5Etfw">April 4, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	<strong>ट्रम्प की आक्रामक भाषा और उसका असर</strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रम्प के बयान अक्सर तीखे, सीधे और Dramatic रहे हैं। उन्होंने खुले तौर पर धमकियां दीं, समयसीमा तय की और कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। लेकिन यही स्टाइल उनके खिलाफ भी गई। ईरान ने उसी टोन को पकड़कर उसे व्यंग्य और मज़ाक में बदल दिया, जिससे उनकी बातों की गंभीरता पर सवाल उठने लगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	कुछ जवाबों में तो सीधे सलाह भी दी गई:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<em><strong>"Take it easy, tiger”</strong></em><br />
	<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			<em><strong>!Take it easy, tiger<br />
			.Keep your cool <a href="https://t.co/XWYFdvSzQm">pic.twitter.com/XWYFdvSzQm</a></strong></em></p>
		<em><strong>— Embassy of Iran in Bulgaria (@IRANinBULGARIA) <a href="https://twitter.com/IRANinBULGARIA/status/2040781368087503247?ref_src=twsrc%5Etfw">April 5, 2026</a></strong></em></blockquote>
	<em><strong><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script> </strong></em></p>
<p>
	<em><strong><em><strong>"Think about 25th Amendment”</strong></em></strong></em></p>
<p>
	<em><strong> </strong></em><br />
	<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Seriously think about the 25th amendment, Section 4. <a href="https://t.co/AjSQUb2gG4">pic.twitter.com/AjSQUb2gG4</a></p>
		— Iran Embassy SA (@IraninSA) <a href="https://twitter.com/IraninSA/status/2040847986842796437?ref_src=twsrc%5Etfw">April 5, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		<em><strong> </strong></em></p>
	<p>
		<strong>एक नई तरह की जंग: Narrative vs Firepower</strong></p>
	<p>
		<em><strong> </strong></em></p>
	<p>
		यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि आधुनिक युद्ध अब सिर्फ हथियारों से नहीं लड़ा जाता। यह एक Information war भी है, जहां perception और narrative उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितना सैन्य बल।</p>
	<p>
		<em><strong> </strong></em></p>
	<p>
		<em><strong>एक तरफ हैं Missiles </strong></em></p>
	<p>
		<em><strong>दूसरी तरफ हैं Memes</strong></em></p>
	<p>
		<em><strong> </strong></em></p>
	<p>
		<em><strong>और कई बार, एक सही समय पर किया गया Memes लाखों लोगों की सोच को प्रभावित कर सकता है।</strong></em></p>
	<p>
		<strong> </strong></p>
	<p>
		<strong>डिप्लोमेसी का बदलता रूप</strong></p>
	<p>
		<em><strong> </strong></em></p>
	<p>
		ईरान की एम्बेसीज़ ने यह साबित कर दिया कि आज के दौर में कूटनीति सिर्फ बंद कमरों में नहीं होती। अब यह खुलकर सोशल मीडिया पर खेली जाती है, जहां हर पोस्ट, हर लाइन और हर मीम एक संदेश बन जाता है। यह रणनीति न केवल ट्रम्प के बयानों का जवाब है, बल्कि यह वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी छवि और समर्थन बनाने का एक तरीका भी है।</p>
	<p>
		<em><strong> </strong></em><br />
		<blockquote class="twitter-tweet">
			<p dir="ltr" lang="en">
				<em><strong>Shh… the key’s under the flowerpot. <br />
				Just open for friends. <a href="https://t.co/145adX21Cw">https://t.co/145adX21Cw</a></strong></em></p>
			<em><strong>— Iran Embassy SA (@IraninSA) <a href="https://twitter.com/IraninSA/status/2040850022498029598?ref_src=twsrc%5Etfw">April 5, 2026</a></strong></em></blockquote>
		<em><strong><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script> </strong></em></p>
	<p>
		<strong>निष्कर्ष: क्या मीम्स बन गए हैं नया हथियार?</strong></p>
	<p>
		<em><strong><em><strong> </strong></em></strong></em></p>
	<p>
		<em><strong><em><strong>इस डिजिटल टकराव ने एक बात साफ कर दी है ,</strong></em></strong></em><em><strong><em><strong> जंग सिर्फ जमीन या आसमान में नहीं, बल्कि स्क्रीन पर भी लड़ी जाती है।</strong></em></strong></em></p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		जहां एक ओर मिसाइलें ताकत दिखाती हैं, वहीं मीम्स perception को shape करते हैं।</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 18:23:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 07 Apr 2026 11:53:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>कृति शर्मा</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hormuz Strait : ईरान का 'अस्थायी युद्धविराम' से इनकार, ट्रंप ने दी नई डेडलाइन, अमेरिका-इजराइल के हमलों में तबाह हुआ तेहरान का पूरा पावर सेंटर, देखें मारे गए नेताओं की लिस्ट]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-strait-of-hormuz-trump-deadline-israel-lebanon-strikes-126040600047_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-strait-of-hormuz-trump-deadline-israel-lebanon-strikes-126040600047_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291312-3603.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291312-3603.jpg</image>
      <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि तेहरान को युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान 'अस्थायी युद्धविराम' के बदले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को नहीं खोलेगा। सूत्रों के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775291312-3603.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने पुष्टि की है कि तेहरान को युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान &#39;अस्थायी युद्धविराम&#39; के बदले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को नहीं खोलेगा। सूत्रों के अनुसार ईरान और अमेरिका को युद्ध रोकने का एक प्रस्ताव मिला है जो सोमवार से प्रभावी हो सकता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/delhi-assembly-security-breach-car-rams-gate-2-high-alert-delhi-police-126040600041_1.html" target="_blank">सुरक्षा में बड़ी चूक, दिल्ली विधानसभा में घुसी अज्ञात कार, बैरियर तोड़कर बाहर भी निकली</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ट्रंप ने ईरान को दी 24 घंटे की मोहलत</h3>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए अपनी स्व-घोषित समय सीमा को 24 घंटे आगे बढ़ा दिया है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि या तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए समझौते पर राजी हो जाए, अन्यथा उसे बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर बड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर नई डेडलाइन की घोषणा करते हुए लिखा:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>"मंगलवार, रात 8:00 बजे (पूर्वी समय)!"</strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	यूएई के खोर फक्कन बंदरगाह पर आग, 4 घायल</h3>
<p>
	संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह सरकार ने बताया कि रविवार को खोर फक्कन बंदरगाह पर आग लगने से एक नेपाली और तीन पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह आग ईरान द्वारा दागे गए एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल/ड्रोन) को हवा में नष्ट किए जाने के बाद उसके मलबे के गिरने से लगी। घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	लेबनान में इजरायली हमले, 15 की मौत</h3>
<p>
	लेबनान के अधिकारियों के अनुसार, रविवार को इजरायली हमलों में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 39 अन्य घायल हुए। बेरूत के &#39;जनाह&#39; इलाके में हुए हमले में 5 लोगों की जान गई, जबकि बेरूत के पूर्व में स्थित ऐन सादेह में एक अपार्टमेंट पर हुए हमले में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/iran-usa-war-ceasefire-islamabad-accord-hormuz-strait-peace-deal-126040600036_1.html" target="_blank">क्या थम जाएगा ईरान-अमेरिका युद्ध? होर्मुज खोलने वाले ‘इस्लामाबाद अकॉर्ड’ पर टिकी दुनिया की नजर</a></strong><br />
		<br />
		<h3>
			मारे गए ईरान के प्रमुख राजनीतिक और सुरक्षा चेहरे </h3>
		<p>
			<strong>अयातुल्ला अली खामेनेई :</strong> ईरान के सर्वोच्च नेता, जिनकी हत्या 28 फरवरी को एक हमले में कर दी गई थी।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>अली लारीजानी : </strong>सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और अनुभवी राजनेता। लारीजानी 17 मार्च को परदीस क्षेत्र में हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में अपने बेटे और एक डिप्टी के साथ मारे गए।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>इस्माइल खतीब : </strong>ईरान के खुफिया मंत्री। कट्टरपंथी मौलवी और राजनेता खतीब, 18 मार्च को एक इजरायली हमले में मारे गए। उन्होंने अगस्त 2021 से नागरिक खुफिया तंत्र की कमान संभाली थी।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>अली शामखानी :</strong> खामेनेई के करीबी सलाहकार और सुरक्षा एवं परमाणु नीति निर्धारण के प्रमुख स्तंभ। शामखानी 28 फरवरी को तेहरान पर हुए हमलों में मारे गए थे।</p>
		<p>
			 </p>
		<h3>
			 इन सैन्य कमांडरों का भी हुआ खात्मा</h3>
		<p>
			ईरानी सेना (IRGC) और रक्षा तंत्र को निशाना बनाते हुए किए गए हमलों में निम्नलिखित शीर्ष कमांडर मारे गए हैं:</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>मोहम्मद पाकपुर :</strong> IRGC के कमांडर-इन-चीफ।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>अजीज नासिरजादेह :</strong> ईरान के रक्षा मंत्री।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>अब्दुलरहीम मौसवी : </strong>ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>गुलामरेजा सुलेमानी :</strong> ईरान के बासिज अर्धसैनिक बल के कमांडर।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>बेहनाम रजाई :</strong> रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना खुफिया शाखा के प्रमुख।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>अलीरेजा तंगसीरी :</strong> रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के कमांडर।</p>
		<p>
			 </p>
		<p>
			<strong>माजिद खादेमी :</strong> IRGC के खुफिया विभाग के प्रमुख।</p>
	</p>
</p>
<h3>
	ईरानी संसद अध्यक्ष का पलटवार- युद्ध अपराधों से कुछ हासिल नहीं होगा </h3>
<p>
	ट्रंप की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने इसे "लापरवाह" बयान बताया। कलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;X&#39; पर लिखा कि आप युद्ध अपराधों के जरिए कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे। एकमात्र वास्तविक समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को खत्म करना है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 16:24:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 06 Apr 2026 16:33:34 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बड़ा खुलासा : इजराइली सेना के हौसले पस्त, IDF Commanders ने दी 10 बड़े संकट की चेतावनी!]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/israel-army-crisis-idf-chief-warning-10-red-flags-middle-east-war-126040600024_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/israel-army-crisis-idf-chief-warning-10-red-flags-middle-east-war-126040600024_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775458590-9611.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775458590-9611.jpg</image>
      <description><![CDATA[Israeli Military Crisis: इजराइल और मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है, जिसकी कल्पना शायद इजराइली सरकार ने भी नहीं की थी। अब तक अपनी अजेय शक्ति के लिए जानी जाने वाली इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के भीतर से ही विद्रोह और थकान की ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Israeli Military Crisis" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775458590-9611.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Israeli Military Crisis: इजराइल और मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर आ गया है, जिसकी कल्पना शायद इजराइली सरकार ने भी नहीं की थी। अब तक अपनी अजेय शक्ति के लिए जानी जाने वाली इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के भीतर से ही विद्रोह और थकान की आवाजें उठने लगी हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हाल ही में इजराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक में जो कहा, उसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं में से एक इजराइली सेना ‘खुद में ढह सकती है’।</p>
<h3>
	क्या हैं वे ‘10 चेतावनियां’ (Red Flags)?</h3>
<p>
	जनरल ज़मीर ने कैबिनेट के सामने 10 बड़े संकटों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने &#39;लाल झंडियां&#39; कहा है। हालांकि सभी 10 बिंदुओं का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन मुख्य चिंताएं ये हैं:</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>सैनिकों की भारी कमी : </strong>गाजा, लेबनान और ईरान के साथ सीधे युद्ध के कारण जनशक्ति (Manpower) खत्म हो रही है।</p>
<p>
	<strong>कानूनी ढांचा ढहना : </strong>नया भर्ती कानून और अनिवार्य सेवा विस्तार कानून न होने से सेना पंगु हो रही है।</p>
<p>
	<strong>रिजर्विस्टों की थकान : </strong>जो सैनिक रिजर्व में थे, वे अब अपनी क्षमता से अधिक सेवा दे चुके हैं।</p>
<p>
	<strong>मानसिक और शारीरिक थकान : </strong>लंबे समय तक मोर्चे पर रहने से सैनिकों का मनोबल गिर रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर का कहना है कि बिना नए कानूनों के जल्द ही IDF अपने नियमित मिशनों के लिए तैयार नहीं रहेगी और हमारा रिजर्व सिस्टम पूरी तरह टूट जाएगा। </p>
<h3>
	थकान का संकट : जब योद्धा ही हार मानने लगें</h3>
<p>
	इजराइली सेना की रीढ़ उसके रिजर्विस्ट (रिजर्व सैनिक) होते हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से इनकी स्थिति दयनीय हो गई है:</p>
<ul>
	<li>
		<strong>बार-बार तैनाती : </strong>कई सैनिक छठी या 7वीं बार युद्ध के मैदान में भेजे जा चुके हैं।</li>
	<li>
		<strong>आर्थिक मार : </strong>महीनों तक ड्यूटी पर रहने के कारण कई सैनिकों की नौकरियां चली गईं और उनके व्यवसाय ठप हो गए।</li>
	<li>
		<strong>पारिवारिक संकट : </strong>एक रिजर्विस्ट ने यनेट न्यूज को बताया कि हम बाहर तो लड़ ही रहे हैं, लेकिन असली लड़ाई घर के भीतर लड़नी पड़ रही है। परिवार बिखर रहे हैं।</li>
</ul>
<p>
	इसी थकान का नतीजा है कि कई सैनिकों ने अब ड्यूटी पर रिपोर्ट करने से इनकार करना शुरू कर दिया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ईरान और लेबनान : ‘बहु-मोर्चे’ की दोहरी मार</h3>
<p>
	फरवरी 2026 के बाद से इजराइल के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब यह सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं है:</p>
<ul>
	<li>
		<strong>ईरान : </strong>सीधे हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई का दबाव।</li>
	<li>
		<strong>लेबनान : </strong>हिजबुल्लाह के साथ जमीनी संघर्ष।</li>
	<li>
		<strong>अन्य मोर्चे : </strong>सीरिया, वेस्ट बैंक और यमन से लगातार मिल रही चुनौतियां।</li>
</ul>
<p>
	सेना को एक साथ 5 से 6 मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है, जिससे संसाधनों और रसद (Logistics) पर भारी दबाव है।</p>
<h3>
	राजनीतिक घमासान : अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स विवाद</h3>
<p>
	सेना में सैनिकों की कमी का एक बड़ा कारण राजनीतिक भी है। इजराइल में अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स (Haredim) समुदाय को सैन्य सेवा से छूट मिली हुई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>नाराजगी : </strong>जहां आम इजराइली अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, वहीं एक बड़े वर्ग को छूट मिलने से समाज और सेना में भारी असंतोष है। यायर लापिड (विपक्ष नेता) का कहना है कि यह छूट देश की सुरक्षा के बजाय राजनीतिक हितों के लिए दी जा रही है।</p>
<h3>
	क्या होगा आगे?</h3>
<p>
	प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य सेवा की अवधि बढ़ाने और बजट बढ़ाने का आश्वासन तो दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या पैसा थके हुए सैनिकों की जगह ले सकता है? इजराइल इस समय एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहां उसे अपनी सैन्य रणनीति और आंतरिक सामाजिक नीतियों पर फिर से विचार करना होगा। अगर &#39;10 चेतावनियों&#39; को नजरअंदाज किया गया, तो इजराइल की सुरक्षा के लिए खतरा बाहरी दुश्मनों से ज्यादा आंतरिक &#39;सिस्टम कोलैप्स&#39; से हो सकता है। (अलजजीरा में साइमन स्पीकमैन की रिपोर्ट पर आधारित)</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 12:21:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 06 Apr 2026 12:26:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पायलट को बचाने में फूंक दिए 2,000 करोड़ के विमान, ईरान में नेवी सील टीम के सफल मिशन की कहानी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-pilot-rescue-iran-f15-crash-navy-seal-mission-126040600021_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-pilot-rescue-iran-f15-crash-navy-seal-mission-126040600021_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775458007-9064.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिका ने 36 घंटे लंबे स्पेशल ऑपरेशन में ईरान में क्रैश हुए F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया। इस मिशन को नेवी सील टीम-6 ने अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान अमेरिका को C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का नुकसान उठाना ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="F-15 plane crash" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775458007-9064.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="F-15 plane crash" width="1200" /></p>
</p>
अमेरिका ने 36 घंटे लंबे स्पेशल ऑपरेशन में ईरान में क्रैश हुए F-15E लड़ाकू विमान के पायलट को सुरक्षित निकाल लिया। इस मिशन को नेवी सील टीम-6 ने अंजाम दिया। ऑपरेशन के दौरान अमेरिका को C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का नुकसान उठाना पड़ा। इनकी कीमत 2000 करोड़ बताई जा रही है। पायलट को सुरक्षित कुवैत के अमेरिकी एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/israel-army-crisis-idf-chief-warning-10-red-flags-middle-east-war-126040600024_1.html" target="_blank">बड़ा खुलासा : इजराइली सेना के हौसले पस्त, IDF Commanders ने दी 10 बड़े संकट की चेतावनी!</a></strong><br />
<br />
<p>
	ईरान के जैग्रोस पहाड़ों में फंसे अपने F-15E पायलट का रेस्क्यू किया है। इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली नेवी सील टीम पाकिस्तान के ऐबटाबाद में 2011 में ओसामा बिन लादेन के ऑपरेशन के लिए भी जानी जाती है। पायलट को बचाने के मिशन में सैकड़ों विशेष सैनिकों के साथ ही कई लड़ाकू विमान भी शामिल थे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान की ओर से भी लगातार फायरिंग के बीच अमेरिका अपने पायलट को सुरक्षित बचाने में सफल रहा। कुवैत के अमेरिकी एयरफोर्स के अस्पताल पायलट को भर्ती कराया गया है।</p>
<h3>
	कब क्रैश हुआ था अमेरिकी F-15E </h3>
<p>
	ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को दावा किया था कि सेना ने उसके दक्षिणी इलाके में एक अमेरिकी जेट को मार गिराया है। यह विमान हवा से जमीन और हवा से हवा में मार कर सकता है। लेजर और जीपीएस की मदद से सटीक निशाने पर गोला-बारूद और अन्य बम गिराने में भी सक्षम है। इनका इस्तेमाल ईरान में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को मार गिराने के लिए किया गया होगा। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-threat-ghalibaf-response-126040600011_1.html" target="_blank">ट्रंप की धमकी से बढ़ा युद्ध संकट, गालिबफ बोले- अमेरिका को झेलना होगा नरक</a></strong></p>
<h3>
	क्या था पायलट का संदेश</h3>
<p>
	पायलट ने रेडियो संदेश में कहा कि &#39;ईश्वर की शक्ति।&#39; यह संदेश स्पष्‍ट नहीं था और ट्रैनिंग का हिस्सा नहीं था। इससे भ्रम फैल गया। यह आशंका भी जताई गई कि यह संदेश ईरान की किसी चाल का हिस्सा हो सकता है। बाद में एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि असल में संदेश &#39;भगवान अच्छा है&#39; था। जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि पायलट जीवित है और सुरक्षित है।</p>
<h3>
	कैसे किया गया पायलट का रेस्क्यू</h3>
<p>
	ईरान में लड़ाकू विमान क्रेश होने के बाद एक पायलट का तुरंत रेस्क्यू कर लिया गया जबकि दूसरा पायलट पैराशूट की मदद से क्रैश साइट से दूर चला गया। उसने फ्लाइंग सूट के सिग्नल और लोकेशन सूट के सिग्नल स्विच ऑफ कर दिए। ईरानी सेना भी पायलट को तलाश रही थी। उस पर 55 लाख का ईनाम भी घोषित किया गया था। इस बीच CIA ने दावा किया कि हमने पायलट खोज लिया है। इससे ईरान का ध्यान भटका। इस बीच पायलट की सही लोकेशन पता की गई। इसके बाद अमेरिका ने ईरान में अपने 3 विमानों को नष्‍ट कर दिया और अमेरिकी जेट्‍स और सील कमांडों की मदद से पायलट को निकाल लिया गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	मिशन पूरा होने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पायलट के बचाए जाने की पुष्टि की। उन्होंने इसे बेहद साहसी और जोखिम भरा मिशन बताया। उन्होंने कहा कि बचाए गए अधिकारी अब पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह ऑपरेशन कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू का हिस्सा था।  इस अभियान में कोई अमेरिकी न तो मारा गया और न ही घायल हुआ।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 11:44:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 06 Apr 2026 13:00:40 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप की धमकी से बढ़ा युद्ध संकट, गालिबफ बोले- अमेरिका को झेलना होगा नरक]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-threat-ghalibaf-response-126040600011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-threat-ghalibaf-response-126040600011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775445153-5167.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/thumb/1_1/1775445153-5167.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध भीषण स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। ट्रंप ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पूलों को उड़ाने की धमकी दे रहे हैं तो ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद-बगेर गालिबफ ने पलटवार करते हुए कहा कि आपके लापरवाह कदम हर अमेरिकी परिवार को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="ghalibaf answer to trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/06/full/1775445153-5167.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="ghalibaf answer to trump" width="1200" /></p>
	</p>
	अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव बेहद गंभीर हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इसके जवाब में ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बगेर गालिबफ ने कहा कि आपके लापरवाह कदम हर अमेरिकी परिवार को जीते-जी नरक में धकेल रहे हैं और हमारा पूरा क्षेत्र जलने वाला है। बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद-बगेर गालिबफ ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आपके लापरवाह कदम हर अमेरिकी परिवार को जीते-जी नरक में धकेल रहे हैं और हमारा पूरा क्षेत्र जलने वाला है, क्योंकि आप नेतन्याहू के आदेशों का पालन करने पर अड़े हैं। गलती मत कीजिए। युद्ध अपराधों के जरिए आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र वास्तविक समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को खत्म करना है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			1/ Your reckless moves are dragging the United States into a living HELL for every single family, and our whole region is going to burn because you insist on following Netanyahu’s commands.<br />
			<br />
			Make no mistake: You won’t gain anything through war crimes.</p>
		— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) <a href="https://twitter.com/mb_ghalibaf/status/2040823145251090462?ref_src=twsrc%5Etfw">April 5, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	क्या थी ट्रंप की धमकी </h3>
<p>
	गौरतलब है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि 6 अप्रैल को समझौता होने की अच्छी संभावना है, वे अभी बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि अगर तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों और पुलों पर हमले कर सकता है और उसे नरक जैसा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। ट्रंप ने अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को भी मारने की धमकी दी है। वे आज रात साढ़े 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/russia-ukraine-war-news/us-president-donald-trump-issues-fresh-warning-to-iran-126040500037_1.html" target="_blank">होर्मुज संकट पर बौखलाए ट्रंप, ईरान को दी खुली धमकी, बोले- सबकुछ तबाह कर देंगे, तेल पर करेंगे कब्जा</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<h3>
	फिर महंगा हुआ क्रूड</h3>
<p>
	अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के तेज होने की आशंका से फिर महंगा हुआ क्रूड। WTI क्रूड 11.9 डॉलर प्रति बैरल, ब्रेंट क्रूड 110.5 डॉलर प्रति बैरल। इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल हुए।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 08:31:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 06 Apr 2026 08:49:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US rescues pilot in Iran : हॉलीवुड एक्शन मूवी स्टाइल में अमेरिकी पायलट का रेस्क्यू, ईरान में चला खतरनाक ऑपरेशन, पढ़िए पूरी कहानी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/inside-most-daring-us-ops-to-rescue-downed-pilot-from-iran-126040500023_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/inside-most-daring-us-ops-to-rescue-downed-pilot-from-iran-126040500023_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/thumb/1_1/1775377321-6985.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/thumb/1_1/1775377321-6985.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के क्रैश के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन आधुनिक युद्ध इतिहास के सबसे जटिल अभियानों में से एक बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त चुनौतियां भी सामने आईं, जिनमें ईरानी हमले में ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/full/1775377321-6985.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के क्रैश के बाद शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन आधुनिक युद्ध इतिहास के सबसे जटिल अभियानों में से एक बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त चुनौतियां भी सामने आईं, जिनमें ईरानी हमले में ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर  और A-10 Thunderbolt II को नुकसान पहुंचना शामिल है। अमेरिकी सेना ने भीषण गोलीबारी के बीच ईरान में घुसकर एयरमैन की जान बचा ली है। ईरान ने एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया था और उसके बाद दो पायलट ईरानी जमीन पर थे। ट्रंप ने कहा कि हमारे दोनों पायलट बचा लिए गए हैं।<br />
	 </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/india-iaf-1000kg-aerial-bomb-project-drdo-gaurav-glide-bomb-development-126040500020_1.html" target="_blank">IAF के लिए 1000 किलोग्राम बम बनाने की तैयारी, तबाही मचा देगा DRDO का ‘गौरव’</a></strong></p>
</p>
<p>
	घटना उस समय शुरू हुई जब एक F-15E Strike Eagle दुश्मन क्षेत्र में गिर गया। विमान के दो क्रू मेंबर अंधेरे में इजेक्ट हो गए। इनमें से एक सुरक्षित निकल गया, जबकि दूसरा पहाड़ी इलाके में फंस गया, जहां चारों ओर दुश्मन बल सक्रिय थे। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि वास्तविक युद्ध की घटना थी। बाद में सैन्य अधिकारियों ने इसे &#39;अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस के इतिहास के सबसे चुनौतीपूर्ण और जटिल मिशनों में से एक&#39; बताया। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/pakistan-threat-kolkata-warning-khawaja-asif-rajnath-singh-response-india-pakistan-tensions-126040500014_1.html" target="_blank">Pakistan की कोलकाता तक हमले की धमकी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जवाब- दुस्साहस का मिलेगा निर्णायक जवाब</a></strong><br />
		 </p>
	<h3>
		कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन</h3>
</p>
<p>
	इस ऑपरेशन की शुरुआत तब हुई जब सप्ताह की शुरुआत में ईरान के अंदर अमेरिकी F-15E पर फायरिंग हुई, जिससे दोनों क्रू मेंबर को इजेक्ट होना पड़ा। एक पायलट को कुछ ही घंटों में सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दूसरा क्रू मेंबर- जो वेपन सिस्टम्स ऑफिसर था- घायल अवस्था में पहाड़ी इलाके में फंस गया। उसके पास सीमित सर्वाइवल उपकरण ही मौजूद थे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/western-disturbance-india-weather-update-delhi-rain-hailstorm-madhya-pradesh-alert-126040500011_1.html" target="_blank">weather update : देश में असमय बारिश क्यों, IMD ने क्या कहा, किन राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट</a></strong></p>
</p>
<p>
	रिटायर्ड मेजर जनरल मार्क मैककार्ली के अनुसार, घायल एयरमैन को कई ईरानी बलों से बचते हुए छिपना पड़ा, क्योंकि उसे पकड़ने के लिए इनाम तक घोषित किया गया था। हालांकि, वह पूरी तरह अकेला नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, उसके पास एक ट्रैकिंग बीकन और सुरक्षित संचार उपकरण था, जो लगातार उसकी लोकेशन अमेरिकी कमांड सेंटर तक भेज रहा था। यही तकनीक रेस्क्यू मिशन की रीढ़ बनी।</p>
<h3>
	दो सेनाओं के बीच ‘रेस’</h3>
<p>
	इसके बाद जो हुआ, वह सिर्फ एक बचाव अभियान नहीं बल्कि समय के खिलाफ एक दौड़ बन गया। अमेरिका की सेना जहां तेजी से अपने सैनिक को खोजने और निकालने में जुटी थी, वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने भी उसी इलाके में समानांतर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			JUST IN: Footage shows wreckage of US Black Hawk helicopters and C-130 military transport aircraft destroyed by US forces before departing Iran. <a href="https://t.co/uJv89NVfbj">pic.twitter.com/uJv89NVfbj</a></p>
		— BRICS News (@BRICSinfo) <a href="https://twitter.com/BRICSinfo/status/2040698552830042304?ref_src=twsrc%5Etfw">April 5, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>Axios की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्ष एक ही क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे, जिससे यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी, गति और सैन्य ताकत की हाई-स्टेक्स प्रतिस्पर्धा में बदल गया। इस दौरान हालात इतने संवेदनशील थे कि किसी भी चूक से मिशन विफल हो सकता था और बड़ा सैन्य टकराव हो सकता था।<br />
	<br />
	<h3>
		पायलट को बचाने में अमेरिका के 2 और प्लेन ध्वस्त</h3>
	<p>
		इनमें से एक C-130 &#39;Hercules&#39; था। प्लेन बचाव दल के &#39;Commando&#39; को लेकर गया था, लेकिन प्लेन ईरान के किसी रिमोट क्षेत्र  पर सभी &#39;Commando&#39; को उतारने के थोड़ी देर बाद दुश्मनों से घिर गया और उड़ नहीं पाया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि पायलट को बचाने के बाद अमेरिकी सेना ने दोनों प्लेन खुद ही ब्लास्ट कर दिए और रेस्क्यू के लिए आए तीन नए लड़ाकू विमान से पायलट को लेकर निकल गए।  बचाने के क्रम में &#39;Commandos&#39; और &#39;IRGC&#39; के बीच भीषण लेकिन छोटी लड़ाई भी हुई, अमेरिकी पायलट एक घर में छुपा था जिस तक पहुंचने में पहले अमेरिकी सेना सफल रही।<br />
		<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
			<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
				<img align="center" alt="" class="imgCont" height="600" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/05/full/1775379866-5735.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="586" /></p>
		</p>
		<br />
		<h3>
			पहाड़ी इलाके में बेहद जटिल ऑपरेशन</h3>
		<p>
			रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिणी ईरान में डाउन हुए F-15E Strike Eagle के वेपन्स सिस्टम ऑफिसर  (WSO) को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने बेहद जटिल ऑपरेशन चलाया। इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल फोर्सेज, SEAL Team Six के कमांडो, फाइटर जेट्स,  हेलिकॉप्टर्स, और साइबर व स्पेस इंटेलिजेंस शामिल थे। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, यह ऑपरेशन &#39;अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन के इतिहास के सबसे कठिन मिशनों में से एक&#39; था जिसमें पहाड़ी इलाका, घायल एयरमैन और तेजी से बढ़ती ईरानी फोर्सेज के कारण चुनौती और बढ़ गई।<br />
			<br />
			WSO ने 24 घंटे से ज्यादा समय तक ईरानी बलों से बचते हुए पहाड़ों में मूव किया और कम्युनिकेशन एस्टेब्लिश किया, इस बीच अमेरिकी एयरक्राफ्ट ने ईरानी मूवमेंट को रोकने के लिए एयरस्ट्राइक और फायरिंग की। ऑपरेशन का अंतिम चरण भी कम चैलेंजिंग नहीं था। रेस्क्यू के बाद वापसी के लिए आए दो ट्रांसपोर्ट विमान खराब हो गए। बाद में तीन नए विमान भेजकर सभी को सुरक्षित निकाला गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक खराब विमानों को IRGC के हाथ लगने से रोकने के लिए नष्ट कर दिया गया। Edited by : Sudhir Sharma</p>
	</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 13:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 05 Apr 2026 15:20:09 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[F-15E का दूसरा अमेरिकी पायलट मिला, ईरान से सुरक्षित बाहर निकालना बनी सबसे बड़ी चुनौती]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/f-15e-second-us-pilot-found-iran-rescue-operation-biggest-challenge-126040500010_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/f-15e-second-us-pilot-found-iran-rescue-operation-biggest-challenge-126040500010_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/thumb/1_1/1775239876-949.jpg"/>
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      <description><![CDATA[शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट को मार गिराया। इस हमले के बाद एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट लापता था। इसका तलाशी अभियान जारी थी। इस बीच खबर आ रही है कि लापता पायलट मिल गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/full/1775239876-949.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	शुक्रवार को ईरान ने अमेरिका के F-15E जेट को मार गिराया। इस हमले के बाद एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट लापता था। इसका तलाशी अभियान जारी थी। इस बीच खबर आ रही है कि लापता पायलट मिल गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि F-15E विमान के दूसरे पायलट को भारी गोलीबारी के बाद बचा लिया गया है। उन्होंने बताया कि लापता पायलट को बचाने कि पुष्टि हो गई है, लेकिन वह अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/bushehr-nuclear-plant-attack-iaea-radiation-normal-iran-us-israel-conflict-update-126040500009_1.html" target="_blank">बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला, ईरान-अमेरिका संघर्ष और भड़का, IAEA ने बताया रेडिएशन का कितना खतरा</a></strong></p>
</p>
<p>
	ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार से अब तक दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों-F-15E Strike Eagle और A-10 Thunderbolt II-को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि United States और Israel की सेनाएं लापता क्रू मेंबर की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, जबकि एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-live-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html" target="_blank">जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले</a></strong></p>
</p>
<p>
	हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के आसपास स्टील, ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए और खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया, जिसमें कुवैत की एक तेल रिफाइनरी में आग लगने और इजरायल के औद्योगिक स्थलों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:31:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 05 Apr 2026 09:33:33 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बुशेहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला, ईरान-अमेरिका संघर्ष और भड़का,  IAEA ने बताया रेडिएशन का कितना खतरा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/bushehr-nuclear-plant-attack-iaea-radiation-normal-iran-us-israel-conflict-update-126040500009_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/bushehr-nuclear-plant-attack-iaea-radiation-normal-iran-us-israel-conflict-update-126040500009_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2023-09/15/thumb/1_1/1694744691-5209.jpg"/>
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      <description><![CDATA[इंटरनेशन एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (International Atomic Energy Agency) ने शनिवार को कहा कि Iran के Bushehr Nuclear Power Plant के पास हुए प्रोजेक्टाइल हमले के बाद भी रेडिएशन स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। वैश्विक परमाणु सुरक्षा एजेंसी के ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="503" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2023-09/15/full/1694744691-5209.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="630" /></p>
	इंटरनेशन एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (International Atomic Energy Agency) ने शनिवार को कहा कि Iran के Bushehr Nuclear Power Plant के पास हुए प्रोजेक्टाइल हमले के बाद भी रेडिएशन स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गई है। वैश्विक परमाणु सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने उसे जानकारी दी कि शनिवार सुबह प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे वहां मौजूद एक इमारत झटकों और मलबे के कारण प्रभावित हुई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान ने यह भी बताया कि इस हमले में प्लांट की सुरक्षा टीम का एक सदस्य प्रोजेक्टाइल के टुकड़े लगने से मारा गया। ईरान की अर्ध-सरकारी Tasnim News Agency के अनुसार, विस्फोट से बुशेहर प्लांट की एक सहायक इमारत को नुकसान पहुंचा, लेकिन मुख्य संचालन और महत्वपूर्ण ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब United States और Israel के साथ ईरान का संघर्ष 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, जबकि कूटनीतिक प्रयासों में कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-live-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html" target="_blank">जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्यों अहम है ईरान का परमाणु कार्यक्रम?</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान की बढ़ती परमाणु क्षमता इस संघर्ष के केंद्र में है। Israel और United States दोनों ही ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के सख्त खिलाफ हैं। साल 2015 में Barack Obama प्रशासन ने Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) के तहत ईरान के साथ समझौता किया था, जिसमें यूरेनियम संवर्धन पर सीमाएं तय की गई थीं और IAEA को निरीक्षण की अनुमति दी गई थी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, 2018 में Donald Trump ने इस समझौते को खत्म कर दिया। इसके बाद ईरान ने यूरेनियम संवर्धन तेज कर दिया, जो अब हथियार-स्तर के काफी करीब पहुंच चुका है। इसके अलावा, 2025 में अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर IAEA निरीक्षकों की पहुंच भी रोक दी है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	  ताजा सैन्य हालात</h3>
<p>
	ईरान ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार से अब तक दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों-F-15E Strike Eagle और A-10 Thunderbolt II-को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि United States और Israel की सेनाएं लापता क्रू मेंबर की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, जबकि एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल ने तेहरान के आसपास स्टील, ऊर्जा और परिवहन ढांचे को निशाना बनाया है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए और खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया, जिसमें कुवैत की एक तेल रिफाइनरी में आग लगने और इजरायल के औद्योगिक स्थलों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 09:16:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 05 Apr 2026 09:20:52 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप का दावा- तेहरान में ‘भीषण हमले’ में ईरानी सैन्य अधिकारी ढेर]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-claims-iran-military-leaders-killed-tehran-strike-48-hour-warning-hormuz-crisis-126040500008_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-claims-iran-military-leaders-killed-tehran-strike-48-hour-warning-hormuz-crisis-126040500008_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/thumb/1_1/1769852096-7185.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/thumb/1_1/1769852096-7185.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरान की राजधानी तेहरान में हुए एक 'भीषण हमले' के दौरान कई ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए। उन्होंने यह दावा शनिवार (अमेरिकी स्थानीय समय) को Truth Social पर किए गए एक पोस्ट में किया।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/full/1769852096-7185.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि ईरान की राजधानी तेहरान में हुए एक &#39;भीषण हमले&#39; के दौरान कई ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए। उन्होंने यह दावा शनिवार (अमेरिकी स्थानीय समय) को Truth Social पर किए गए एक पोस्ट में किया।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-live-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html" target="_blank">जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले</a></strong></p>
</p>
<p>
	इसी पोस्ट में ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन के बाद की स्थिति को दिखाता है। वीडियो में अधिकतर अंधेरा नजर आता है, लेकिन बैकग्राउंड में विमान की आवाजें और कई जोरदार धमाकों की ध्वनि सुनाई देती है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने लिखा, “ईरान के कई सैन्य नेता, जिन्होंने देश का गलत और अविवेकपूर्ण नेतृत्व किया, तेहरान में इस बड़े हमले में खत्म कर दिए गए, साथ ही बहुत कुछ और भी नष्ट हुआ है।” हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस घटना के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ईरान को ट्रंप की अंतिम चेतावनी</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि यह कार्रवाई ट्रंप की उस कड़ी चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद सामने आई, जिसमें उन्होंने Iran को 6 अप्रैल की डेडलाइन याद दिलाई थी। ट्रंप ने कहा था कि या तो समझौता किया जाए या फिर Strait of Hormuz को खोला जाए, वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने पोस्ट में लिखा, याद रखें, मैंने ईरान को 10 दिन दिए थे—या तो समझौता करें या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलें। समय खत्म हो रहा है- 48 घंटे बाद भयानक परिणाम होंगे। भगवान की महिमा हो! </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ईरान ने अल्टीमेटम ठुकराया</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान की केंद्रीय सैन्य नेतृत्व ने ट्रंप के इस अल्टीमेटम को सख्ती से खारिज कर दिया है और इसे निराधार व अनुचित बताया है। खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के वरिष्ठ अधिकारी जनरल Ali Abdollahi Aliabadi ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी को कमजोरी और अस्थिरता का संकेत बताया।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ऊर्जा ढांचे पर हमले टाले</h3>
<p>
	इससे पहले 26 मार्च को ट्रंप ने घोषणा की थी कि ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को 10 दिन के लिए टाल दिया गया है और नई समयसीमा 6 अप्रैल तय की गई है। उन्होंने कहा था कि यह फैसला ईरानी सरकार के “अनुरोध” पर लिया गया और बातचीत बेहद अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 08:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 05 Apr 2026 08:42:20 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[जंग होगी भीषण, डोनाल्ड ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ईरान ने कहा- खुलेंगे नर्क के दरवाजे, कुवैत के बिजली-पानी प्लांट पर ड्रोन हमले]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-trump-ultimatum-iran-big-surprise-kuwait-drone-attack-126040500007_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290786-4996.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290786-4996.jpg</image>
      <description><![CDATA[खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल को 'बड़े सरप्राइज' की चेतावनी देते हुए कहा है कि उसकी युद्ध रणनीति योजना के अनुसार जारी है। इस बीच, कुवैत ने पुष्टि की है कि उसके हवाई क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290786-4996.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल को &#39;बड़े सरप्राइज&#39; की चेतावनी देते हुए कहा है कि उसकी युद्ध रणनीति योजना के अनुसार जारी है। इस बीच, कुवैत ने पुष्टि की है कि उसके हवाई क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया गया है।</p>
<h3>
	ईरान का &#39;बड़ा सरप्राइज&#39; और अमेरिका को चुनौती</h3>
<p>
	ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने दावा किया है कि उनके पास एक &#39;विशिष्ट टारगेट बैंक&#39; तैयार है। समाचार एजेंसी &#39;फ़ार्स&#39; के मुताबिक अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पुलों को निशाना बनाने की धमकी को &#39;हास्यास्पद&#39; करार दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका का टारगेट बैंक गलत है और अमेरिकी सैन्य अभियान, जिसमें उसके युद्धक विमानों का नुकसान शामिल है, पूरी तरह विफल रहा है।<br />
	<br />
	एक शीर्ष अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे पास अमेरिका और इजरायल के लिए एक बड़ा सरप्राइज है, जिसके लिए बस थोड़े समय का इंतजार है। ईरान ने जोर देकर कहा कि उसने असममित युद्ध (Asymmetric Warfare) के जरिए दुश्मन को थकाने की कला सीख ली है और अमेरिका की &#39;त्वरित और आसान हमले&#39; की रणनीति पूरी तरह फेल हो गई है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कुवैत के बिजली और पानी के प्लांट निशाना</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	क्षेत्रीय तनाव की आग अब पड़ोसी देशों तक फैल रही है। कुवैत सेना के मुताबिक: ईरानी ड्रोनों ने कुवैत के दो बिजली और जल अलवणीकरण Desalination) संयंत्रों पर हमला किया।  इस हमले में दो बिजली उत्पादन इकाइयां ठप हो गई हैं और भारी भौतिक नुकसान हुआ है।  कुवैत सिटी में एक सरकारी इमारत पर भी ड्रोन से हमला किया गया, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम : बरपेगा कहर</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समय खत्म हो रहा है। 48 घंटे बाद उन पर कहर बरपेगा। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने इस अल्टीमेटम को सिरे से खारिज कर दिया है। जनरल अली अब्दुल्लाही अली आबादी ने ट्रंप की चेतावनी को "बेबस, घबराहट से भरा और मूर्खतापूर्ण कदम" बताया है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	खुल जाएंगे नर्क के दरवाजे</h3>
<p>
	ईरानी सैन्य कमान ने स्पष्ट किया है कि यदि हमले तेज हुए, तो वे क्षेत्र में अमेरिकी बलों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सभी बुनियादी ढांचे और इजरायल के इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे। जनरल अलीआबादी ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर अमेरिका ने अपनी आक्रामकता नहीं रोकी, तो ईरान &#39;नर्क के दरवाजे&#39; खोल देगा। Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 05 Apr 2026 08:04:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 05 Apr 2026 15:23:27 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[28 मार्च से 3 अप्रैल 2026 : ईरान के ऊर्जा केन्द्रों को नष्ट करने की धमकी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/threat-to-destroy-iran-energy-centers-126040400029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/threat-to-destroy-iran-energy-centers-126040400029_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291312-3603.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291312-3603.jpg</image>
      <description><![CDATA[ट्रंप ने होर्मुज नहीं खोलने पर ईरान के ऊर्जा केन्द्रों को नष्ट करने की धमकी दी। IRGC की धमकी, एप्पल, गूगल और मेटा जैसी 18 प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों को निशाना बनाएंगे। ईरानी ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775291312-3603.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
ट्रंप ने होर्मुज नहीं खोलने पर ईरान के ऊर्जा केन्द्रों को नष्ट करने की धमकी दी। IRGC की धमकी, एप्पल, गूगल और मेटा जैसी 18 प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों को निशाना बनाएंगे। ईरानी ड्रोन ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों को निशाना बनाया। ट्रंप का दावा, ईरान संघर्ष विराम चाहता है। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इसका खंडन किया।
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775291390-9598.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:57:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 14:00:10 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[21 से 27 मार्च 2026 : ईरान ने डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-fires-missile-at-diego-garcia-126040400028_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-fires-missile-at-diego-garcia-126040400028_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291119-2088.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775291119-2088.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान ने 4000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दाग कर पूरी दुनिया में फैलाई सनसनी। अमेरिका ने ईरान के Natanz Nuclear Facility पर भारी 'बंकर बस्टर' बमों से हमला किया। इजराइल के हमले में IRGC एयरोस्पेस फोर्स के ड्रोन यूनिट कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775291119-2088.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
ईरान ने 4000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दाग कर पूरी दुनिया में फैलाई सनसनी। अमेरिका ने ईरान के Natanz Nuclear Facility पर भारी &#39;बंकर बस्टर&#39; बमों से हमला किया। इजराइल के हमले में IRGC एयरोस्पेस फोर्स के ड्रोन यूनिट कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सईद आगा की मौत। ईरान की जवाबी कार्रवाई में 47 इजराइली घायल।  ईरान के परमाणु ईंधन चक्र को तोड़ने के लिए इजराइल का अराक और यज्द पर हमला।
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775291194-5337.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:53:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 13:56:45 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[14 से 20 मार्च 2026 : खार्ग द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/major-us-attack-on-kharg-island-126040400027_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/major-us-attack-on-kharg-island-126040400027_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290941-7526.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290941-7526.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा पर रखा 1 करोड़ का इनाम। ईरान ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की। अमेरिका को झटका, जापान-ऑस्ट्रेलिया ने नौसेना भेजने से किया इंकार। दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290941-7526.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिका का बड़ा हमला। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा पर रखा 1 करोड़ का इनाम। ईरान ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की। अमेरिका को झटका, जापान-ऑस्ट्रेलिया ने नौसेना भेजने से किया इंकार। दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन धमाका। अमेरिका और इजराइल ने तेहरान और बुशहर प्रांत में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल केंद्रों और लॉन्चरों को निशाना बनाया।
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290983-5087.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:51:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 13:53:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[7 से 13 मार्च 2026 : ईरान के बिजली ग्रिड पर हमले, कई शहरों में अंधेरा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/attacks-on-iran-power-grid-several-cities-in-dark-126040400026_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/attacks-on-iran-power-grid-several-cities-in-dark-126040400026_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290786-4996.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290786-4996.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सेना ने मध्य ईरान, विशेषकर इस्फहान प्रांत में दो बड़े एयरबेस पर भारी बमबारी की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसी बीच, ईरान ने घोषणा की कि वह केवल 'गैर-शत्रु' जहाजों को ही हॉर्मुज से निकलने देगा। ईरान के सरकारी नेटवर्क ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290786-4996.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सेना ने मध्य ईरान, विशेषकर इस्फहान प्रांत में दो बड़े एयरबेस पर भारी बमबारी की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। इसी बीच, ईरान ने घोषणा की कि वह केवल &#39;गैर-शत्रु&#39; जहाजों को ही हॉर्मुज से निकलने देगा। ईरान के सरकारी नेटवर्क और बिजली ग्रिड पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले। कई शहर अंधेरे में डूबे। 
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290823-768.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 13:50:36 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[28 फरवरी से 6 मार्च 2026 : ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/death-of-iran-supreme-leader-khamenei-126040400025_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/death-of-iran-supreme-leader-khamenei-126040400025_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290475-3532.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775290475-3532.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और अली लारीजानी समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों की हत्या। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290475-3532.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	</p>
	<br />
	अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और अली लारीजानी समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों की हत्या। ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। इसके बाद दुनिया में तेल संकट की शुरुआत हुई। वैश्विक तेल संकट की शुरुआत।
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Iran-US War" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775290507-8013.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 13:42:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 13:47:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप का यू टर्न, बोले- थोड़ा समय मिला तो खोल देंगे हार्मुज स्ट्रेट]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-hormuz-strait-statement-iran-war-oil-supply-crisis-126040400008_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-hormuz-strait-statement-iran-war-oil-supply-crisis-126040400008_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774424286-0586.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774424286-0586.jpg</image>
      <description><![CDATA[Strait of Hormuz latest news : ईरान से युद्ध के बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि वह थोड़ा और समय मिलने पर इसे आसानी से खोल सकते हैं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="iran stops pakistan ship in hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774424286-0586.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	Strait of Hormuz latest news : ईरान से युद्ध के बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्ट्रेट ऑफ हार्मुज पर अपने बयानों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि वह थोड़ा और समय मिलने पर इसे आसानी से खोल सकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर अपनी पोस्ट में कहा, &#39;थोड़ा और समय मिलने पर हम आसानी से हार्मुज जलडमरूमध्य खोल सकते हैं, तेल निकाल सकते हैं और खूब धन कमा सकते हैं। इससे दुनिया में तेल की नदियां बह जाएंगी।&#39;</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Donald J. Trump Truth Social 04:03.26 08:22 AM EST<br />
			<br />
			With a little more time, we can easily OPEN THE HORMUZ STRAIT, TAKE THE OIL, & MAKE A FORTUNE. IT WOULD BE A “GUSHER” FOR THE WORLD??? President DONALD J. TRUMP</p>
		— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) <a href="https://twitter.com/TrumpDailyPosts/status/2040054601726972123?ref_src=twsrc%5Etfw">April 3, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि अमेरिका ईरान के हार्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को कैसे खत्म कर सकता है या वो किस तेल की बात कर रहे हैं। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	हार्मुज पर ट्रंप के बदलते बयान</h3>
<p>
	28 फरवरी को मिडिल ईस्ट युद्ध शुरू होन के बाद से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से तेल सप्लाय पूरी तरह रोक दी है। यहां से दुनिया के 20 फीसदी तेल के सप्लाय होती है। इस वजह से तेल संकट से कई देशों का हाल बेहाल हो गया है। हालांकि उसने भारत समेत कई देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनु‍मति दी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार अलग-अलग तरीकों से हार्मुज को खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पहले ईरान पर दबाव बनाया, फिर नाटो से हार्मुज खुलवाने में मदद मांगी। दोनों ही योजनाएं विफल होने पर यहां हमले की धमकी दी। इसके बाद भी ईरान तेल से भरे 400 जहाजों को रास्ता देने को राजी नहीं हुआ।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पिछले दिनों ट्रंप ने एक साक्षात्कार में ईरान का तेल लेने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान का तेल उनकी पसंदीदा है। इसके बाद उन्होंने कह दिया कि अमेरिका यहां से तेल नहीं लेता है। वे हार्मुज को खुलवाने में मदद नहीं करेंगे।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 10:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 10:20:18 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[क्या अब पश्चिम एशिया में शुरू होगी परमाणु हथियारों की होड़?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/latest-deutsche-welle-news/west-asia-nuclear-threat-iran-israel-war-nuclear-race-analysis-126040400004_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/latest-deutsche-welle-news/west-asia-nuclear-threat-iran-israel-war-nuclear-race-analysis-126040400004_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775271072-146.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/thumb/1_1/1775271072-146.jpg</image>
      <description><![CDATA[इसमें कोई शक नहीं कि मौजूदा जंग ने पश्चिम एशिया में परमाणु हमले के डर को बहुत बढ़ा दिया है। फरवरी के आखिर में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, तब से इजराइल और ईरान दोनों देशों के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="nuclear threat" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/04/full/1775271072-146.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="nuclear threat" width="1200" /></p>
	</p>
	काथरीन शेयर</p>
<p>
	पश्चिम एशिया में परमाणु हथियारों का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह सिर्फ ईरान या इजराइल के परमाणु ठिकानों पर हो रहे हमले नहीं हैं। असली डर यह है कि दूसरे देशों को लग सकता है, उनके पास भी परमाणु बम होना जरूरी है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसमें कोई शक नहीं कि मौजूदा जंग ने पश्चिम एशिया में परमाणु हमले के डर को बहुत बढ़ा दिया है। फरवरी के आखिर में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले शुरू किए, तब से इजराइल और ईरान दोनों देशों के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर हमला इसलिए किया गया, ताकि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसका उल्टा असर भी हो सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	परमाणु हथियार रखना एक तरह का बचाव माना जाता है। इसके पीछे की सोच यह है कि ये आपके दुश्मनों को आपके खिलाफ कोई कदम उठाने से रोकते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	जानकार अक्सर उत्तर कोरिया का उदाहरण देते हैं। उसने परमाणु हथियार बना लिए हैं। कुछ लोगों का तर्क है कि इसी वजह से उस तानाशाही शासन को कोई छू भी नहीं सकता।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यूक्रेन की मिसाल इससे बिल्कुल अलग है। साल 1994 में यूक्रेन ने रूस, अमेरिका और ब्रिटेन से मिली सुरक्षा गारंटी के बदले परमाणु हथियारों का अपना भंडार त्यागने का फैसला किया। उस समय यूक्रेन सबसे ज्यादा परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर था। अब यह दलील दी जाती है कि अगर यूक्रेन ने परमाणु हथियार अपने पास रखे होते, तो रूस कभी उस पर हमला नहीं कर पाता। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	परमाणु हथियार बनाने के साधन, सुरक्षा के लिए काफी नहीं</h3>
<p>
	ईरान को एक ऐसी स्थिति में माना जाता था, जिसे &#39;न्यूक्लियर हथियारों की लेटेंसी&#39; कहा जाता है। न्यूक्लियर हथियारों की लेटेंसी का मतलब है कि किसी देश के पास परमाणु हथियार बनाने के सभी साधन हैं, लेकिन उसने अभी तक हथियार नहीं बनाया होता है। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	रूपल मेहता, राजनीति विज्ञान की प्रोफेसर हैं और फिलहाल अमेरिका में रहती हैं। उन्होंने मार्च की शुरुआत में &#39;लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स&#39; के लिए लिखी एक टिप्पणी में कहा, "सालों तक, ईरान ने रणनीतिक अस्पष्टता बनाए रखी। उसने परमाणु बम बनाने के करीब पहुंचने की कोशिश तो की, लेकिन उसे पूरी तरह बनाया नहीं। ऐसा उसने इसलिए किया, ताकि उस पर वे हमले न हों जो अब हो रहे हैं।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	रूपल मेहता ने आगे लिखा, "लेकिन अब ईरान के नए नेतृत्व के सामने एक बहुत कड़वा सच है। परमाणु बम बनाने की कोशिश करना खतरनाक तो था ही, लेकिन बम को अधूरा छोड़ देना सबसे बड़ी और जानलेवा गलती साबित हुई।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इस हफ्ते ईरान के नेताओं ने एक बहुत बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा है कि ईरान 1968 की ऐतिहासिक परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर निकल सकता है। इस संधि का मकसद दुनिया में परमाणु हथियारों का विस्तार रोकना है। इसमें अभी 191 देश शामिल हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान युद्ध के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधों में जो बदलाव आए हैं, उनके चलते मध्य-पूर्व के दूसरे देश भी शायद परमाणु हथियार हासिल करना चाहें। केल्सी डेवनपोर्ट, वॉशिंगटन स्थित &#39;आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन&#39; में &#39;नॉन-प्रोलिफरेशन पॉलिसी&#39; (परमाणु अप्रसार नीति) की निदेशक हैं। वह इस आशंका की पुष्टि करती हैं, "कई ऐसे कारक हैं, जो खाड़ी देशों को परमाणु हथियारों के और करीब ले जाएंगे।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	खाड़ी देश इस वक्त इजराइल और ईरान, दोनों की अपनी-अपनी ताकत दिखाने की होड़ के बीच फंस गए हैं। अब उन्हें अमेरिका के साथ हुए अपने सुरक्षा समझौतों पर भी पहले जैसा भरोसा नहीं रहा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	डेवनपोर्ट ने अनुमान जताया, "हालांकि, इस बात की संभावना कम ही है कि इनमें से कोई भी देश तुरंत परमाणु बम बनाने की होड़ में शामिल हो जाएगा। अगर इस क्षेत्र का कोई भी देश परमाणु हथियार बनाना चाहेगा, तो उसे कई बड़ी तकनीकी और राजनीतिक बाधाओं को पार करना होगा।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	डेवनपोर्ट ने कहा कि खाड़ी देशों के नेता भी मौजूदा संघर्ष खत्म होने का इंतजार करेंगे, ताकि यह देख सकें कि ईरान की सत्ता और उसका परमाणु कार्यक्रम किस दिशा में जाता है। लेकिन निश्चित रूप से, यह संघर्ष सुरक्षा के लिए परमाणु हथियारों की जरूरत की सोच को बढ़ावा देगा।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	परमाणु हथियार किसे चाहिए?</h3>
<p>
	पिछले साल सऊदी अरब ने परमाणु ताकत बनने की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया। वहां के शासक मोहम्मद बिन सलमान पहले ही साफ कर चुके हैं कि अगर ईरान ने परमाणु बम बनाया, तो सऊदी अरब भी पीछे नहीं रहेगा। नवंबर में अमेरिका की यात्रा के बाद, बिन सलमान कथित तौर पर परमाणु सहयोग से जुड़े एक समझौते के साथ लौटे। इसके तहत, उनके देश को यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल जाएगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेरिस में रहने वाली स्वतंत्र शोधकर्ता नूर ईद ने मध्य पूर्व की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर कई थिंक टैंक के लिए शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। वह बताती हैं कि सऊदी अरब के साथ इस प्रकार के किसी भी समझौते के लिए सबसे पहले अमेरिकी संसद से मंजूरी लेनी होगी।  </p>
<p>
	 </p>
<p>
	नूर ने डीडब्ल्यू को बताया कि अमेरिका ने करीब 155 देशों के साथ 26 परमाणु सहयोग समझौते किए हैं।उनमें से तकरीबन सभी में एक "अतिरिक्त प्रोटोकॉल" शामिल है, जिसपर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ मिलकर हस्ताक्षर किए गए हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसके कारण आईएईए को संबंधित देश की परमाणु गतिविधियों पर करीबी नजर रखने का मौका मिलता है। ईद बताती हैं कि हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ऐसा लगता है कि सऊदी अरब और अमेरिका के करार में सिर्फ एक द्विपक्षीय सुरक्षा समझौते की जरूरत होगी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	आईएईए के पूर्व निदेशक रॉबर्ट केली ने इस हफ्ते &#39;ब्लूमबर्ग&#39; से कहा, "यह फैसला पिछले सभी नियमों और मिसालों को तोड़ता है।" बकौल केली, "यह आइडिया कि अमेरिकी प्रशासन सऊदी अरब को वही सब करने की छूट देने को तैयार है जिसके लिए वे ईरान पर बम बरसा रहे हैं, दोहरा मापदंड लगता है।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बावजूद इसके, जैसा कि नूर ईद भी ध्यान दिलाती हैं, सऊदी अरब को परमाणु ताकत विकसित करने में 10 से 20 साल लगेंगे। हथियारों की तो फिलहाल बात ही छोड़ दें। इसके अलावा भी कई दूसरी समस्याएं हैं, जैसे कुशल कर्मचारियों की कमी। नूर मानती हैं कि फिलहाल सऊदी अरब, परमाणु परियोजनाओं को ज्यादातर घरेलू ऊर्जा के स्रोत के तौर पर ही देखता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पास पहले से ही एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जिसका नाम बराकाह है। जब 2009 में उसने अमेरिका के साथ समझौता किया था, तो वह अतिरिक्त प्रोटोकॉल मानने के लिए तैयार हो गया था। उसने साफ कहा था कि वह खुद यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नूर बताती हैं कि यूएई के लिए, न्यूक्लियर पावर का मकसद सैन्य महत्वाकांक्षाओं के बजाय, परमाणु ऊर्जा विकसित करने वाला पहला अरब देश बनने का गौरव है। लेकिन उनके समझौते में एक शर्त है, जिसे &#39;मोस्ट-फेवर्ड नेशन क्लॉज&#39; कहा जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसे समझाते हुए नूर बताती हैं कि इस शर्त के अनुसार, &#39;अगर किसी क्षेत्रीय या पड़ोसी देश के साथ ज्यादा सुविधाजनक समझौता होता है, तो उनके पास अपनी शर्तों पर फिर से बातचीत करने का अधिकार सुरक्षित रहता है।&#39; नूर का कहना है कि 2025 में सऊदी परमाणु सहयोग समझौते में ढील दिए जाने की एक वजह शायद चीन और रूस के साथ अमेरिका की प्रतिस्पर्धा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ये देश दुनियाभर में परमाणु सामग्री के मुख्य आपूर्तिकर्ता हैं। ट्रंप ने वादा किया था कि वह अमेरिका के न्यूक्लियर सेक्टर में नई जान फूकेंगे। नूर बताती हैं कि अब तक, रूस और चीन के साथ होने वाले परमाणु करारों में शर्तें उतनी कड़ी नहीं होतीं। शायद इसीलिए, सऊदी अरब को अपने पाले में रखने के लिए अमेरिका को भी अपने नियमों में नरमी बरतनी पड़ी।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	&#39;आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन&#39; की केल्सी डेवनपोर्ट ने कहा कि मध्य पूर्व के अन्य देश जो परमाणु क्षमता हासिल करने की कतार में हो सकते हैं, उनमें मिस्र और तुर्की शामिल हैं। रूस के सहयोग से, मिस्र भूमध्य सागर के तट पर एक न्यूक्लियर रिएक्टर बना रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, मिस्र ने आधिकारिक तौर पर मध्य-पूर्व को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने की वकालत की है। जानकारों का यह भी कहना है कि वह अभी आर्थिक मुश्किलों में है। ऐसे में, इस बात की संभावना कम ही है कि वह परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए कर पाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नूर ईद ने बताया कि तुर्की अभी रूस के साथ मिलकर एक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित कर रहा है। जल्द ही वह चीन के साथ भी सहयोग शुरू कर सकता है। वह बताती हैं, "लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि वे सिर्फ परमाणु हथियार हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ क्यों जाएंगे।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नूर आगे बताती हैं, "उनका रक्षा उद्योग काफी अच्छे से विकसित हो रहा है और उसे बेहतर पहचान भी मिल रही है।" डीडब्ल्यू से बातचीत में नूर ने यह भी ध्यान दिलाया कि तुर्की पहले ही नाटो का सदस्य है। जब तक वह इस गठबंधन को छोड़ने का मन नहीं बना लेता, तब तक उसके पास नाटो का &#39;सुरक्षा कवच&#39; मौजूद है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>परमाणु हथियारों के प्रसार को कैसे रोका जा सकता है?</strong></p>
<p>
	केल्सी डेवनपोर्ट का मानना है कि परमाणु हथियारों का प्रसार रोकने के लिए बड़ी तस्वीर देखना भी जरूरी है। जैसा कि उन्होंने डीडब्ल्यू को बताया, "परमाणु हथियारों का प्रसार रोकने वाली व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म होने देना चीन या रूस के हित में नहीं है। वे कभी नहीं चाहेंगे कि परमाणु हथियारों को रोकने वाला अंतरराष्ट्रीय सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो जाए, क्योंकि इससे उनका अपना नुकसान है।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने आगे कहा, "अगर आप मध्य पूर्व से थोड़ा हटकर देखें, तो कुछ ऐसे देश हैं जिनके परमाणु हथियार बनाने की संभावना सबसे ज्यादा है। वे चीन के पड़ोस में ही हैं, जैसे कि दक्षिण कोरिया और जापान। लेकिन दिक्कत यह है कि रूस और चीन ने अब तक ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिसमें परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के नियमों का उल्लंघन करने के लिए ईरान को जवाबदेह ठहराया गया हो।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसलिए, डेवनपोर्ट का तर्क है कि भले ही रूस और चीन परमाणु हथियार बनाने में मदद के लिए सामग्री और तकनीक दे सकते हैं, लेकिन वे सक्रिय रूप से सहायता नहीं करेंगे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वह बताती हैं, "अब ज्यादा संभावना इस बात की है कि खाड़ी देश दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच चल रहे झगड़े का फायदा उठाएंगे। एक तरफ अमेरिका और यूरोप हैं, तो दूसरी तरफ रूस और चीन। खाड़ी देश इन दोनों गुटों के बीच की दूरियों का इस्तेमाल करेंगे, ताकि वे परमाणु बम बनाने की दहलीज तक पहुंच सकें और उन पर कोई सख्त पाबंदी भी न लगे।"</p>
<p>
	 </p>
<p>
	डेवनपोर्ट का कहना है कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के लिए मध्य पूर्व के देशों को आपस में बातचीत करनी ही होगी। वह कहती हैं, "मैं मानती हूं कि इस भीषण जंग के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर हाथ मिलाना या बात करना बिल्कुल भी आसान नहीं होगा। लेकिन, इसके अलावा और कोई रास्ता नहीं है। अगर देश आपस में बात नहीं करेंगे, तो वे इसी नतीजे पर पहुंचेंगे कि दुश्मनों से बचने और अपने देश पर हमलों को रोकने के लिए परमाणु बम बनाना ही इकलौता रास्ता है।"</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 08:12:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 04 Apr 2026 08:22:14 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[deutsche welle news]]></category>
      <authorname>DW</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान का दावा, 2 अमेरिकी लड़ाकू विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर मार गिराए, पायलटों की तलाश में जुटा अमेरिका]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-claims-us-fighter-jets-black-hawk-shot-down-126040300053_1.html</link>
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      <description><![CDATA[ईरान ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने 2 अमेरिकी लड़ाकू विमानों और एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। अमेरिका ने अपने पायलटों को बचाने के लिए ईरानी क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/full/1775239876-949.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	ईरान ने शुक्रवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने 2 अमेरिकी लड़ाकू विमानों और एक ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। अमेरिका ने अपने पायलटों को बचाने के लिए ईरानी क्षेत्र में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Wild footage of a U.S. Air Force HC-130J “Combat King II” Combat Search and Rescue (CSAR) Aircraft flying low over the countryside of Southern Iran while refueling a pair of MH-60G “Pave Hawk” Combat Search and Rescue (CSAR) Helicopters earlier this morning, as the search… <a href="https://t.co/ROiBsWjWQs">pic.twitter.com/ROiBsWjWQs</a></p>
		— OSINTdefender (@sentdefender) <a href="https://twitter.com/sentdefender/status/2040077062250094723?ref_src=twsrc%5Etfw">April 3, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ईरान के ऊपर एक अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया गया। हालांकि विमान में सवार क्रू की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। अमेरिकी सेना संभावित बचे हुए पायलटों का पता लगाने के लिए तेजी से अभियान चला रही है ताकि वे ईरान के हाथ न लगें।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/uttar-pradesh/up-ats-busts-pakistan-linked-terror-module-foils-plot-to-damage-lucknow-railway-station-126040300044_1.html" target="_blank">UP ATS का बड़ा एक्शन, पाकिस्तान से चल रहे आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, लखनऊ रेलवे स्टेशन को दहलाने की साजिश नाकाम</a></strong></p>
</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि उसने पहले पांचवीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट  को और उसके कुछ घंटों बाद F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया।<br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Black Hawk Downed<br />
			<br />
			Iranian air defense systems have successfully downed a US UH-60 Black Hawk helicopter in Iraqi airspace, according to unconfirmed reports circulating widely on Iraqi media channels. <a href="https://t.co/xcWAo1qswT">pic.twitter.com/xcWAo1qswT</a></p>
		— Tasnim News Agency (@Tasnimnews_EN) <a href="https://twitter.com/Tasnimnews_EN/status/2040034751717741013?ref_src=twsrc%5Etfw">April 3, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>हालांकि अमेरिका ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इनमें से कौन सा विमान गिराया गया।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/earthquake-shocks-felt-in-delhi-ncr-jammu-kashmir-chandigarh-latest-updates-126040300047_1.html" target="_blank">Earthquake in Delhi-NCR : दिल्ली-NCR में फिर आया भूकंप! गूंज उठे अलार्म, दफ्तरों और सोसाइटियों में मची अफरा-तफरी</a></strong></p>
</p>
<p>
	सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार गिराए गए अमेरिकी फाइटर जेट के एक क्रू मेंबर को अमेरिकी बलों ने सुरक्षित बचा लिया है। F-15E दो सीटों वाला विमान होता है, जिसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम्स ऑफिसर (WSO) होता है, जबकि F-35 एक सिंगल-सीट विमान है। इस बीच यूएस मीडिया ने दावा किया कि F15-ई के एक क्रू मेंबर को रेस्क्यू किया गया है। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/latest-career-news/cbse-clarifies-purpose-of-qr-codes-on-question-papers-not-web-links-126040300043_1.html" target="_blank">CBSE Exam 2026: प्रश्नपत्रों पर छपे QR कोड्स को लेकर बोर्ड की बड़ी सफाई, छात्र और अभिभावक न हों भ्रमित</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्या कहा ईरानी मीडिया ने </h3>
<p>
	इससे पहले ईरानी मीडिया ने कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया था कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने मध्य ईरान में दूसरे F-35 जेट को मार गिराया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस विमान का पायलट संभवतः इजेक्ट नहीं कर पाया।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-attack-uae-bahrain-data-centers-aws-cloud-war-impact-126040300032_1.html" target="_blank">युद्ध में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान क्यों बना रहा है सॉफ्ट टारगेट और इसके पीछे क्या है रणनीति</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में कराज ब्रिज पर हमले का जश्न मनाया था। इसके बाद तेहरान ने अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराकी हवाई क्षेत्र में अमेरिकी UH-60 Black Hawk हेलीकॉप्टर को भी मार गिराया।<br />
	<br />
	यह हेलीकॉप्टर कथित तौर पर गिराए गए जेट के पायलट की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन का हिस्सा था। इस दावे पर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने सर्च ऑपरेशन में C-130 Hercules विमान सहित कई हेलीकॉप्टर और जेट तैनात किए थे, लेकिन ईरानी एयर डिफेंस की फायरिंग के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा।</p>
<p>
	<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/it-news/google-gemma-4-ai-model-features-and-usage-guide-126040300027_1.html" target="_blank">Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका</a><br />
	 </strong><br />
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			ईरान के सरकारी टीवी पर घोषणा हो रही है कि जो भी व्यक्ति लापता अमेरिकी पायलट को ज़िंदा सरकार को सौंपेगा उसे बड़ा ईनाम दिया जाएगा… <a href="https://t.co/aLVEUYjyUq">pic.twitter.com/aLVEUYjyUq</a></p>
		— LP Pant (@pantlp) <a href="https://twitter.com/pantlp/status/2040085776466403382?ref_src=twsrc%5Etfw">April 3, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<h3>
		पायलट पर इनाम का ऐलान </h3>
	<p>
		ईरानी मीडिया ने इस बीच स्थानीय लोगों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर कोई &#39;दुश्मन पायलट&#39; नजर आए तो उसे पुलिस के हवाले करें और इसके लिए इनाम देने की भी बात कही गई है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें C-130 विमान और दो हेलीकॉप्टर दक्षिणी ईरान के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते दिखाई दे रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 23:35:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 23:45:46 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान का बड़ा दावा, मार गिराया अमेरिकी F-15 फाइटर जेट, पायलट को बनाया बंदी! हड़कंप]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-claims-shooting-down-us-f15-fighter-jet-pilot-captured-latest-updates-126040300034_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-claims-shooting-down-us-f15-fighter-jet-pilot-captured-latest-updates-126040300034_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/19/thumb/1_1/1773943847-1052.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/19/thumb/1_1/1773943847-1052.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका के बढ़ते हमले के बीच ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट के पायलट को पकड़ लिया है। तेहरान ने दावा किया कि यह विमान ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमा के भीतर मार गिराया था।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="479" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/19/full/1773943847-1052.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="700" /></p>
	अमेरिका के बढ़ते हमले के बीच ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है कि उसके सुरक्षा बलों ने अमेरिका के F-35 फाइटर जेट के पायलट को पकड़ लिया है। तेहरान ने दावा किया कि यह विमान ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमा के भीतर मार गिराया था। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/abu-dhabi-interception-debris-indians-nepali-nationals-injured-ajban-uae-incident-126040300033_1.html" target="_blank">अबू धाबी में गिरा मलबे का टुकड़ा, 5 भारतीय सहित 12 लोग घायल, एयर डिफेंस ने नाकाम किया हमला</a></strong></p>
</p>
<p>
	अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई, कई सीनियर सैन्य कमांडरों और आम नागरिकों की हत्या के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर बिना उकसावे के सैन्य हमले शुरू कर दिए थे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	Tasnim न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना आज सुबह से ही अपने फाइटर जेट के पायलट को ढूंढने का तलाशी अभियान चला रही है। इस लड़ाकू विमान को ईरान के सशस्त्र बलों ने मार गिराया था। इस ऑपरेशन में ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और C-130 हरक्यूलीज विमान शामिल हैं, लेकिन अब तक उनकी कोशिशें नाकाम रही हैं। पेंटागन ने फिलहाल इस दावे की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि वे अपनी एयरक्राफ्ट इन्वेंट्री की जांच कर रहे हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-attack-uae-bahrain-data-centers-aws-cloud-war-impact-126040300032_1.html" target="_blank">युद्ध में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान क्यों बना रहा है सॉफ्ट टारगेट और इसके पीछे क्या है रणनीति</a></strong></p>
</p>
<p>
	शुक्रवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका का एक एडवांस्ड फाइटर जेट (F-35) मार गिराया। पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर दिया और वह ईरान के अंदर ही उतर गया। हालांकि जब तक अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं की जाती, ये माना नहीं जा सकता है कि फाइटर जेट को कितना नुकसान हुआ है लेकिन ईरान के दावे मजबूत हैं।  इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें कथित तौर पर मिसाइल से जेट को हवा में निशाना बनाते हुए दिखाया गया। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 18:14:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 18:26:03 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अबू धाबी में गिरा मलबे का टुकड़ा, 5 भारतीय सहित 12 लोग घायल, एयर डिफेंस ने नाकाम किया हमला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/abu-dhabi-interception-debris-indians-nepali-nationals-injured-ajban-uae-incident-126040300033_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/abu-dhabi-interception-debris-indians-nepali-nationals-injured-ajban-uae-incident-126040300033_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-06/23/thumb/1_1/1750686925-6892.jpg"/>
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      <description><![CDATA[संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में शुक्रवार को एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा एक प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद उसका मलबा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 5 भारतीय नागरिकों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="566" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-06/23/full/1750686925-6892.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में शुक्रवार को एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा एक प्रोजेक्टाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद उसका मलबा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 5 भारतीय नागरिकों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-attack-uae-bahrain-data-centers-aws-cloud-war-impact-126040300032_1.html" target="_blank">युद्ध में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान क्यों बना रहा है सॉफ्ट टारगेट और इसके पीछे क्या है रणनीति</a></strong></p>
</p>
<p>
	 अबू धाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार, शहर के अज्बान इलाके में इंटरसेप्शन के बाद मलबा गिरा, जिससे यह दुर्घटना हुई। सभी पांच भारतीय नागरिकों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल बाकी सभी लोग नेपाली नागरिक हैं। इनमें से 6 नेपाली नागरिकों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं, जबकि एक नेपाली नागरिक गंभीर रूप से घायल हुआ है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	यह घटना उसी क्षेत्र में गैस सुविधा केंद्र में लगी आग के कुछ घंटों बाद सामने आई, जिसे भी इंटरसेप्शन के मलबे के कारण बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा सफलतापूर्वक प्रोजेक्टाइल को रोकने के बाद उसका मलबा नीचे गिरा, जिससे यह नुकसान हुआ। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता दी जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma (प्रतीकात्मक चित्र)</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 18:01:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 18:03:16 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[युद्ध में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरान क्यों बना रहा है सॉफ्ट टारगेट और इसके पीछे क्या है रणनीति]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-attack-uae-bahrain-data-centers-aws-cloud-war-impact-126040300032_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/thumb/1_1/1775216433-4813.jpg"/>
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      <description><![CDATA[ईरान के ड्रोन हमलों ने युद्ध के स्वरूप को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में Amazon Web Services (AWS) के दो डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया, जबकि बहरीन में एक अन्य कमर्शियल डेटा सेंटर भी हमले की चपेट में आया। यह पहली बार है जब किसी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/full/1775216433-4813.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1012" /></p>
	</p>
	ईरान के ड्रोन हमलों ने युद्ध के स्वरूप को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में Amazon Web Services (AWS) के दो डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया, जबकि बहरीन में एक अन्य कमर्शियल डेटा सेंटर भी हमले की चपेट में आया। यह पहली बार है जब किसी देश ने युद्ध के दौरान जानबूझकर व्यावसायिक डेटा सेंटर्स को निशाना बनाया है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/it-news/google-gemma-4-ai-model-features-and-usage-guide-126040300027_1.html" target="_blank">Gemma 4: गूगल ने पेश किया अब तक का सबसे शक्तिशाली ओपन AI मॉडल; जानें इसकी खासियतें और इस्तेमाल का तरीका</a></strong></p>
	आखिर डेटा सेंटर्स को निशाना बनाने के पीछे ईरान की रणनीति क्या है। अब तक डेटा सेंटर्स पर साइबर हमले और जासूसी होती रही है, जैसे 2024 में यूक्रेनी हैकर्स द्वारा रूसी सैन्य डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचाना, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हुए ये हमले फिजिकल थे, जिनमें ड्रोन ने सीधे इमारतों को क्षतिग्रस्त किया। एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि यह पूरी तरह से युद्ध के स्वरूप में बदलाव का संकेत नहीं है, लेकिन इससे यह स्पष्ट हो गया है कि डेटा सेंटर्स अब &#39;सॉफ्ट टारगेट&#39; बन चुके हैं।<br />
	 </p>
<p>
	इनकी संरचना बड़ी और अपेक्षाकृत कमजोर होती है, साथ ही इनमें विशेष एयर डिफेंस नहीं होता, जिससे ये आसानी से निशाने पर आ सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विस्तार ने डेटा सेंटर्स को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है। अमेरिकी सेना हमलों और ऑपरेशंस में AI सिस्टम्स का इस्तेमाल कर रही है। इसमें Claude जैसे टूल्स शामिल हैं।<br />
	 </p>
<p>
	इन AI सिस्टम्स का संचालन क्लाउड पर होता है, जो अक्सर AWS जैसे कमर्शियल डेटा सेंटर्स पर निर्भर होता है। यही कारण है कि इन इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर सैन्य और आर्थिक गतिविधियों को बाधित किया जा सकता है। हालांकि हजारों मिसाइल और ड्रोन हमलों में डेटा सेंटर्स पर हमले बहुत कम थे, लेकिन AI और क्लाउड तकनीक की बढ़ती भूमिका को देखते हुए भविष्य में ऐसे हमलों की संभावना बढ़ सकती है।<br />
	<br />
	एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक इन हमलों के पीछे सैन्य कारणों के अलावा राजनीतिक संदेश भी हो सकता है। यूएई और अमेरिका के करीबी संबंधों को देखते हुए, ईरान ने इन हमलों के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश की हो सकती है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 17:06:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 17:10:51 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मैक्रों ने ट्रम्प की 'ईरान नीति' की धज्जियां उड़ाईं, युद्ध और नाटो पर फ्रांस के राष्ट्रपति का बड़ा बयान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/macron-criticizes-trump-over-iran-war-and-nato-attacks-126040300029_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/macron-criticizes-trump-over-iran-war-and-nato-attacks-126040300029_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/thumb/1_1/1775213869-5803.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/thumb/1_1/1775213869-5803.jpg</image>
      <description><![CDATA[फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान युद्ध और नाटो गठबंधन को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी आलोचना की है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके वैश्विक परिणाम।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/full/1775213869-5803.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Emmanuel Macron vs Donald Trump: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें एक ऐसा &#39;अस्थिर&#39; नेता करार दिया है, जिसकी नीतियां न केवल ईरान के साथ युद्ध को भड़का रही हैं, बल्कि दशकों पुराने नाटो (NATO) गठबंधन की जड़ें भी खोद रही हैं। आइए समझते हैं कि आखिर पेरिस और वॉशिंगटन के बीच यह &#39;जुबानी जंग&#39; क्यों छिड़ी है और इसका आम इंसान पर क्या असर होगा।</p>
<h3>
	नाटो (NATO) पर संकट </h3>
<p>
	क्या अमेरिका अपने सबसे पुराने सहयोगियों का भरोसा खो रहा है?</p>
<ul>
	<li>
		<strong>होर्मुज़ जलडमरूमध्य की घेराबंदी : </strong>तेल की कीमतों में उछाल का खतरा, ब्रिटेन ने बुलाई आपातकालीन बैठक।</li>
	<li>
		<strong>खूनी आंकड़े :</strong> युद्ध में अब तक 2900 से अधिक नागरिकों और 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत।</li>
</ul>
<h3>
	"हर दिन बोलना ज़रूरी नहीं" : मैक्रों का ट्रम्प पर तंज</h3>
<p>
	दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों बेहद आक्रामक नज़र आए। उन्होंने ट्रम्प के उस टीवी संबोधन की आलोचना की, जिसमें युद्ध खत्म करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं था। मैक्रों ने कहा कि जब हम गंभीर होते हैं, तो हम हर दिन वह बात नहीं कहते जो पिछले दिन कही गई बात के उलट हो। शायद इंसान को हर दिन नहीं बोलना चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	यूरोपीय देशों का मानना है कि ट्रम्प की &#39;अनप्रेडिक्टेबिलिटी&#39; (अनिश्चितता) ईरान के खिलाफ अभियान को कमजोर कर रही है।</p>
<h3>
	नाटो (NATO) : दोस्ती में दरार?</h3>
<p>
	ट्रम्प लगातार नाटो देशों की आलोचना कर रहे हैं क्योंकि वे ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान में सीधे शामिल नहीं हो रहे हैं। इस पर मैक्रों ने चेतावनी दी: "यदि आप अपनी प्रतिबद्धता पर हर दिन संदेह पैदा करेंगे, तो आप गठबंधन को खोखला कर देंगे।"</p>
<h3>
	होर्मुज़ की घेराबंदी: आपकी जेब पर पड़ेगा असर!</h3>
<p>
	ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी कर दी है। यह दुनिया का वह रास्ता है जहां से वैश्विक ऊर्जा (तेल और गैस) का बड़ा हिस्सा गुज़रता है।</p>
<ul>
	<li>
		<strong>ब्रिटेन की पहल : </strong>ब्रिटेन ने दर्जनों देशों के साथ एक वर्चुअल बैठक की, जिसमें जानबूझकर अमेरिका को शामिल नहीं किया गया।</li>
	<li>
		<strong>सैन्य बल का उपयोग : </strong>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव आने वाला है, जो इस जलमार्ग को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की अनुमति दे सकता है।</li>
</ul>
<h3>
	भारत के लिए क्या है इसके मायने?</h3>
<p>
	भारत के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है। ईरान से तेल की आपूर्ति बाधित होने और खाड़ी देशों में अस्थिरता का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और वहां रह रहे लाखों भारतीयों पर पड़ सकता है। मैक्रों और ट्रम्प के बीच का यह टकराव दिखाता है कि पश्चिमी जगत अब एक सुर में नहीं बोल रहा है। क्या ट्रम्प की &#39;अकेले चलो&#39; की नीति दुनिया को एक बड़े संकट में डाल देगी? मैक्रों के तेवर बताते हैं कि अब सहयोगी देश अमेरिका की हर बात आंख मूंदकर मानने को तैयार नहीं हैं।</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 16:21:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 16:28:25 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया रिसर्च टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[दुनिया का थानेदार या 'इकोनॉमिक हंटर' : क्या अमेरिकी मंदी का इलाज 'युद्ध' है?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/is-american-recession-cured-by-war-economic-hitman-analysis-126040200063_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/is-american-recession-cured-by-war-economic-hitman-analysis-126040200063_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775138509-0099.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775138509-0099.jpg</image>
      <description><![CDATA[क्या अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था बचाने के लिए युद्ध छेड़ता है? आइजनहावर, निक्सन और किसिंजर के तर्कों के साथ समझिए 'मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स' का पूरा खेल।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Donald Trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775138509-0099.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<ul>
		<li>
			<strong>आइजनहावर की वो अनसुनी चेतावनी : </strong>क्या 1961 में ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने मान लिया था कि हथियार बनाने वाली कंपनियां देश को जबरन युद्ध में धकेलेंगी?</li>
		<li>
			<strong>डॉलर का &#39;डेथ वॉरेंट&#39; : </strong>सद्दाम हुसैन और गद्दाफी की सबसे बड़ी गलती &#39;तानाशाही&#39; नहीं, बल्कि डॉलर को चुनौती देना थी? जानिए  &#39;पेट्रो-डॉलर&#39; का खूनी खेल</li>
		<li>
			<strong>मंदी बनाम बारूद : </strong>विशेषज्ञों का दावा—जब भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती है, सात समंदर पार किसी मुल्क में बम क्यों  गिरने लगते हैं?</li>
		<li>
			&#39;<strong>प्लाजा अकॉर्ड&#39; का सबक : </strong>केवल दुश्मन ही नहीं, अमेरिका ने जापान जैसे अपने सबसे करीबी &#39;मित्र&#39; की अर्थव्यवस्था को भी कैसे  किया था पंगु?</li>
	</ul>
</p>
<p>
	America War Economy: जब हम वैश्विक राजनीति के फलक पर अमेरिका को देखते हैं, तो दो विरोधाभासी तस्वीरें साथ चलती हैं। एक तरफ सिलिकॉन  वैली की तकनीकी चमक और डॉलर की धमक है, तो दूसरी तरफ इराक, सीरिया, लीबिया और अब ईरान जैसे मुल्कों से उठता  काला धुआं। हालिया भू-राजनीतिक तनावों के बीच यह बहस फिर से जिंदा हो गई है: क्या अमेरिकी अर्थव्यवस्था का इंजन &#39;युद्ध&#39;  के ईंधन से चलता है? यह आरोप नया नहीं है, लेकिन इसकी जड़ें इतनी गहरी हैं कि खुद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों ने इस  &#39;वॉर मशीन&#39; की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/trump-100-percent-tariff-patent-drugs-steel-aluminum-import-rules-126040300003_1.html" target="_blank">युद्ध के बीच ट्रंप का टैरिफ बम: पेटेंट दवाओं पर 100% टैक्स, स्टील-एल्यूमिनियम नियमों में बड़ा बदलाव</a></strong></p>
</p>
<h3>
	सैन्य-औद्योगिक परिसर : एक राष्ट्रपति की डरावनी भविष्यवाणी</h3>
<p>
	1961 में, विदाई ले रहे अमेरिकी राष्ट्रपति और द्वितीय विश्व युद्ध के नायक ड्वाइट डी. आइजनहावर ने अपने आखिरी संबोधन  में एक शब्द इस्तेमाल किया था— &#39;मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स&#39;। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सेना और निजी हथियार निर्माताओं  का यह &#39;अपवित्र गठबंधन&#39; इतना ताकतवर हो जाएगा कि वह अपने मुनाफे के लिए देश की नीतियों को जबरन युद्ध की ओर  धकेलेगा। आज के हालात आइजनहावर की उस भविष्यवाणी की तस्दीक करते नजर आते हैं। जब भी वॉशिंगटन में मंदी की आहट होती है या डॉलर कमजोर पड़ता है, दुनिया के किसी न किसी कोने में बारूद की गंध आने लगती है।</p>
<h3>
	डॉलर का साम्राज्य और &#39;शॉक डॉक्ट्रिन&#39;</h3>
<p>
	1971 में रिचर्ड निक्सन ने डॉलर को सोने की निर्भरता से मुक्त किया और &#39;पेट्रो-डॉलर&#39; युग की शुरुआत हुई। इसके बाद, डॉलर  सिर्फ एक मुद्रा नहीं, बल्कि वैश्विक नियंत्रण का सबसे बड़ा हथियार बन गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	नाओमी क्लेन ने अपनी चर्चित किताब &#39;The Shock Doctrine&#39; में इसे &#39;डिजास्टर कैपिटलिज्म&#39; (आपदा पूंजीवाद) कहा है। यह रणनीति जितनी सरल है, उतनी ही क्रूर भी। पहले किसी देश को युद्ध या आपदा के जरिए घुटनों पर लाओ, फिर अपनी कंपनियों (जैसे हैलीबर्टन) के जरिए उसे &#39;पुनर्निर्माण&#39; के नाम पर आर्थिक रूप से गुलाम बनाओ। इराक और लीबिया के उदाहरण चीख-चीख कर यही कहते हैं। सद्दाम हुसैन और मुअम्मर गद्दाफी की सबसे बड़ी गलती यह नहीं थी कि वे तानाशाह थे, बल्कि यह थी कि उन्होंने तेल का व्यापार डॉलर के बजाय &#39;गोल्ड दीनार&#39; या अन्य मुद्राओं में करने की हिमाकत की थी।<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="America War Economy" class="imgCont" height="1200" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775138629-3066.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="670" /></p>
	</p>
</p>
<h3>
	बुश से ओबामा, फिर ट्रंप : चेहरा बदला, चरित्र नहीं</h3>
<p>
	जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने &#39;परमानेंट वॉर&#39; की थ्योरी दी, तो शांति का नोबेल जीतने वाले बराक ओबामा के दौर में अमेरिका ने &#39;मानवीय  हस्तक्षेप&#39; के नाम पर सात देशों पर बमबारी की। जेरेमी स्काहिल अपनी किताब &#39;Dirty Wars&#39; में लिखते हैं कि ओबामा ने युद्ध को &#39;ड्रोन स्ट्राइक&#39; के जरिए और अधिक घातक और अदृश्य बना दिया। बाइडन के दौर में भी यही कहानी दोहराई गई। यूक्रेन और गाजा संकट के बीच अमेरिकी रक्षा बजट ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू रहा है, जबकि अफगानिस्तान को उसकी बर्बादी के हाल पर छोड़ दिया गया।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/iran-israel-conflict-how-secret-friends-turned-bitter-enemies-126030500051_1.html" target="_blank">Iran War 2026 : ईरान- इजराइल कैसे बने एक-दूसरे के दुश्मन, कभी हुआ करते थे जिगरी दोस्त</a></strong></p>
</p>
<h3>
	&#39;प्लाजा अकॉर्ड&#39; और आर्थिक शिकार</h3>
<p>
	अमेरिका सिर्फ बारूद से ही नहीं, बल्कि समझौतों से भी युद्ध लड़ता है। 1980 के दशक में जब जापान की तकनीक अमेरिका को  पीछे छोड़ने वाली थी, तब &#39;प्लाजा अकॉर्ड&#39; के जरिए जापानी मुद्रा (येन) को कृत्रिम रूप से महंगा कर उसकी विकास दर को दशकों  के लिए &#39;फ्रीज&#39; कर दिया गया। यह इस बात का प्रमाण है कि वॉशिंगटन अपने आर्थिक हितों के सामने &#39;मित्र देशों&#39; की बलि देने से भी नहीं हिचकता।</p>
<h3>
	BRICS और &#39;अपरिहार्य राष्ट्र&#39; की छटपटाहट</h3>
<p>
	आज जब ब्रिक्स देश अपनी साझा मुद्रा की बात कर रहे हैं, तो अमेरिका की आक्रामकता बढ़ना स्वाभाविक है। हेनरी किसिंजर ने  अपनी पुस्तक &#39;World Order&#39; में लिखा है कि अमेरिका खुद को &#39;अपरिहार्य राष्ट्र&#39; (Indispensable  Nation) मानता है। जब भी कोई क्षेत्रीय शक्ति (जैसे ईरान) इस संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती है, तो अमेरिका उसे &#39;व्यवस्था&#39; के लिए खतरा मानकर उस पर प्रहार करता है। नोम चॉम्स्की (Hegemony or Survival) और डारोन ऐसमोग्लू (Why Nations Fail) के तर्क भी इसी ओर इशारा करते हैं कि युद्ध भड़काना पश्चिमी आर्थिक मॉडल का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pakistan-smart-lockdown-plan-amid-oil-gas-crisis-iran-us-israel-war-impact-news-126032900016_1.html" target="_blank">Iran-US-Israel युद्ध से Lockdown के मुहाने पर पहुंचा Pakistan, हालात हुए बेकाबू</a></strong></p>
</p>
<h3>
	भारत के लिए &#39;ग्रेट पावर गेम&#39; के मायने</h3>
<p>
	भारत के लिए यह स्थिति किसी &#39;दोधारी तलवार&#39; से कम नहीं है। विश्लेषकों का यह तर्क कि &#39;अमेरिका सेवा लेना जानता है, देना  नहीं&#39;, भारतीय नीति-नियंताओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है। भारत के पास दो स्पष्ट रास्ते हैं:</p>
<ul>
	<li>
		या तो वह &#39;सुरक्षा&#39; के बदले अपनी स्वायत्तता गिरवी रखकर एक &#39;जूनियर पार्टनर&#39; बन जाए।</li>
	<li>
		या फिर अपनी &#39;रणनीतिक स्वायत्तता&#39; (Strategic Autonomy) को इतना मजबूत करे कि उसे कोई महाशक्ति &#39;मोहरे&#39; की तरह इस्तेमाल न कर सके।</li>
</ul>
<p>
	इतिहास गवाह है कि महाशक्तियां अपने स्वार्थों को &#39;लोकतंत्र&#39; की चादर ओढ़ाकर पेश करती हैं। जैसा कि मैकियावेली ने कहा  था—शक्ति का कोई विकल्प नहीं है। भारत को अमेरिका से सहयोग तो चाहिए, लेकिन उसकी &#39;गोद&#39; में बैठने की कीमत अपनी  संप्रभुता देकर नहीं चुकाई जा सकती। आज का सबसे बड़ा सवाल यही है: क्या हम एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था की ओर बढ़ रहे  हैं या हम फिर से उसी &#39;जंगल राज&#39; में लौट रहे हैं, जहां नियम सिर्फ ताकतवर तय करता है?</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 10:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 11:47:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[national news]]></category>
      <authorname>संदीपसिंह सिसोदिया</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान युद्ध के बीच US सेना में बड़ा फेरबदल, रैंडी जॉर्ज हटे, लानेव बने नए सेना प्रमुख]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-army-chief-randy-george-step-down-christopher-lannev-appointed-126040300004_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-army-chief-randy-george-step-down-christopher-lannev-appointed-126040300004_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/thumb/1_1/1775189275-6528.jpg"/>
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      <description><![CDATA[ईरान से जारी जंग के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी रैंडी जॉर्ज को तुरंत प्रभाव से पद छोड़ने के लिए कह दिया। जनरल रैंडी जॉर्ज अगस्त 2023 से सेना प्रमुख के पद पर थे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Randy George" class="imgCont" height="800" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/03/full/1775189275-6528.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Randy George" width="1200" /></p>
	</p>
	ईरान से जारी जंग के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी रैंडी जॉर्ज को तुरंत प्रभाव से पद छोड़ने के लिए कह दिया। जनरल रैंडी जॉर्ज अगस्त 2023 से सेना प्रमुख के पद पर थे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि उन्हें हटाने की </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	असली वजह क्या है?</h3>
<p>
	अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों की मिडिल ईस्ट में तैनाती बढ़ाई जा रही है। ऐसे में रैंडी को हटाने के फैसले ने सभी को हैरान कर दिया। रैंडी का कार्यकाल सामान्य तौर पर 2027 तक चलना था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन ऐसे सैन्य नेतृत्व की तलाश में है, जो ट्रंप और हेगसेथ के विजन के अनुरूप कार्य कर सके। हम उनकी सेवा के लिए आभारी हैं, लेकिन सेना में नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि जॉर्ज सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से रिटायर हो रहे हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू है। पार्नेल ने जनरल की देश के लिए दशकों की सेवा के लिए रक्षा विभाग की ओर से शुक्रिया अदा किया।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	लानेव बने चीफ ऑफ स्टाफ</h3>
<p>
	रैंडी की जगह अब जनरल क्रिस्टोफर लानेव को अगला सेना प्रमुख बनाया गया है। वह वर्तमान में वाइस चीफ ऑफ स्टाफ हैं और पहले हेगसेथ के सैन्य सहयोगी रह चुके हैं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इससे पहले भी सेना के कई बड़े अधिकारियों को हटा चुके हैं। इनमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन सीक्यू ब्राउन और नेवी प्रमुख लिसा फ्रैंचेटी जैसे नाम शामिल हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 09:29:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 09:41:51 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[दुबई में ओरेकल के दफ्तर पर ईरान का हमला, बहरीन में अमेजन को भी बनाया था निशाना]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-strike-oracle-dubai-us-tech-companies-hitlist-126040300001_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-drone-strike-oracle-dubai-us-tech-companies-hitlist-126040300001_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/23/thumb/1_1/1774270640-9734.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध भीषण होता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल से जुड़े एक डेटा सेंटर पर नए हमले की जिम्मेदारी ली है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="us iran war" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/23/full/1774270640-9734.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध भीषण होता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना ने दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल से जुड़े एक डेटा सेंटर पर नए हमले की जिम्मेदारी ली है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	आईआरजीसी ने बयान जारी कर कहा कि ओरेकल का यह डेटा सेंटर दुश्मन की सैन्य और खुफिया गतिविधियों को सपोर्ट करने वाला बुनियादी ढांचा है। हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे सेंटर में आग लगने और सेवाओं में व्यवधान की खबरें हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि यह हमला अमेरिका-इजरायल के संयुक्त अभियानों के जवाब में किया गया है, जिसमें ईरान की सैन्य और नागरिक संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इससे पहले आईआरजीसी ने बहरीन में अमेजन वेब सर्विसेज के क्लाउड कंप्यूटिंग केंद्र पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें आग लगने और क्षेत्रीय सेवाओं में आउटेज की रिपोर्ट आई थी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ईरान के टारगेट पर 30 अमेरिकी कंपनियां</h3>
<p>
	ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजराइली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और &#39;टारगेट-सिलेक्शन&#39; में मदद कर रही हैं। ईरान ने कुल 18 अमेरिकी कंपनियों को अपनी हिट लिस्ट में रखा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	इनमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन), टेस्ला, बोइंग, डेल टेक्नोलॉजीज, हेवलेट पैकार्ड (एचपी), सिस्को, ओरेकल, मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम), जेपी मॉर्गन चेस, जनरल इलेक्ट्रिक, हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज जैसी कंपनियां हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 07:38:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 07:49:25 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान का B1 ब्रिज तबाह, डोनाल्ड ट्रंप बोले- अभी भी वक्त, समझौता कर लो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-b1-bridge-destroyed-trump-final-warning-tehran-airstrikes-126040200072_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-b1-bridge-destroyed-trump-final-warning-tehran-airstrikes-126040200072_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774406921-5337.jpg"/>
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      <description><![CDATA[ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज (Karaj) से जोड़ने वाले एक प्रमुख हाईवे ब्रिज पर गुरुवार को भीषण हवाई हमला हुआ। ईरानी समाचार एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान हुआ है। हमले का शिकार ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Trump Claims Victory Over Iran" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774406921-5337.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Trump Claims Victory Over Iran" width="1200" /></p>
	ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज (Karaj) से जोड़ने वाले एक प्रमुख हाईवे ब्रिज पर गुरुवार को भीषण हवाई हमला हुआ। ईरानी समाचार एजेंसी &#39;फार्स&#39; के मुताबिक इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं और आसपास के इलाकों को भारी नुकसान हुआ है। हमले का शिकार हुआ &#39;B1 ब्रिज&#39; इसी साल की शुरुआत में जनता के लिए खोला गया था।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/macron-slams-trump-marriage-comments-standard-less-nato-iran-tensions-126040200069_1.html" target="_blank">डोनाल्ड ट्रंप ने उड़ाया मैक्रों का मजाक, बोले- पत्नी करती है बुरा व्यवहार, जबड़े पर लगे मुक्के से उबर रहे, फ्रांस के PM का धमाकेदार जवाब</a></strong></p>
	इसे मध्य पूर्व (Middle East) का सबसे ऊंचा पुल माना जाता है। लगभग 400 मिलियन डॉलर (करीब 3300 करोड़ रुपए) की लागत से बना यह प्रोजेक्ट 1,050 मीटर लंबा है और इसका मुख्य स्तंभ 136 मीटर ऊंचा है। इस पुल को क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने और तेहरान को उत्तरी क्षेत्रों से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया था। </p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			BREAKING: Trump posted footage of the US strike on the B-1 bridge in Karaj, Iran.<br />
			<br />
			He says, it is time to make a deal or face further destruction of civilian infrastructure.<br />
			<br />
			Iran&#39;s meditator has reportedly killed in Israel&#39;s strikes. <a href="https://t.co/I8Jj8oNPML">pic.twitter.com/I8Jj8oNPML</a></p>
		— Saturn World News (@SaturnWorldNews) <a href="https://twitter.com/SaturnWorldNews/status/2039749576111104038?ref_src=twsrc%5Etfw">April 2, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<h3>
		ट्रंप ने कहा- बहुत देर हो जाएगी </h3>
	<p>
		इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि यह ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमला है। ट्रंप ने आक्रामक लहजे में कहा कि अभी भी वक्त है, समझौता कर लो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी।   </p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-joins-uk-summit-strait-of-hormuz-reopening-vikram-misri-126040200067_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz : होर्मुज संकट पर UK ने बुलाई 35 देशों की मीटिंग, इमरजेंसी बैठक में भारत भी होगा शामिल, अमेरिका ने बनाई दूरी</a></strong></p>
	</p>
	<h3>
		चरम पर पहुंचा तनाव </h3>
	<p>
		हालांकि अधिकारियों ने अभी तक हताहतों के सटीक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन शुरुआती आकलन में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। B1 ब्रिज पश्चिम एशिया की सबसे जटिल इंजीनियरिंग परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना था। गुरुवार को हुए इस हमले ने न केवल कनेक्टिविटी को प्रभावित किया है, बल्कि क्षेत्र में तनाव को भी चरम पर पहुंचा दिया है।   Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 23:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 23:42:53 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[डोनाल्ड ट्रंप ने उड़ाया मैक्रों का मजाक, बोले- पत्नी करती है बुरा व्यवहार, जबड़े पर  लगे मुक्के से उबर रहे, फ्रांस के राष्ट्रपति का धमाकेदार जवाब]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/macron-slams-trump-marriage-comments-standard-less-nato-iran-tensions-126040200069_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/macron-slams-trump-marriage-comments-standard-less-nato-iran-tensions-126040200069_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775150744-5974.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775150744-5974.jpg</image>
      <description><![CDATA[एक निजी लंच के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना करते हुए मैक्रों पर निशाना साधा था। ट्रंप ने फ्रांसीसी लहजे की नकल उतारते हुए दावा किया कि मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती हैं। ट्रंप यहीं ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Donald Trump Emmanuel Macron" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775150744-5974.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Donald Trump Emmanuel Macron" width="1200" /></p>
	</p>
	एक निजी लंच के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों की आलोचना करते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा था। ट्रंप ने फ्रांसीसी लहजे की नकल उतारते हुए दावा किया कि मैक्रों की पत्नी ब्रिगिट उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार करती हैं। ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने पिछले साल के एक कथित वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि मैक्रों अभी भी उस &#39;जबड़े पर लगे मुक्के&#39; से उबर रहे हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-joins-uk-summit-strait-of-hormuz-reopening-vikram-misri-126040200067_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz : होर्मुज संकट पर UK ने बुलाई 35 देशों की मीटिंग, इमरजेंसी बैठक में भारत भी होगा शामिल, अमेरिका ने बनाई दूरी</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्या है &#39;जबड़े पर मुक्के&#39; का विवाद?</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने मई 2025 के एक पुराने वीडियो का हवाला दिया था, जिसमें कथित तौर पर ब्रिगिट मैक्रों को वियतनाम यात्रा के दौरान राष्ट्रपति को धक्का देते दिखाया गया था। हालांकि, मैक्रों ने उस समय इसे &#39;दुष्प्रचार&#39; बताते हुए खारिज कर दिया था और कहा था कि वे सिर्फ हंसी-मजाक कर रहे थे।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-west-bengal-hostage-case-cbi-nia-probe-malda-judicial-officers-126040200054_1.html" target="_blank">Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश</a></strong></p>
</p>
<h3>
	मजाक बनाने पर क्या बोले मैक्रों</h3>
<p>
	फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपनी शादी और पत्नी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए मजाक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मैक्रों ने ट्रंप की टिप्पणियों को &#39;असभ्य और स्तरहीन&#39; करार देते हुए कहा कि ये बातें जवाब देने के लायक भी नहीं हैं। </p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			After Trump insulted Macron & his wife with slap jibe<br />
			<br />
			Macron&#39;s responds: "Trump talks too much... his remarks are neither elegant nor up to the standard."<br />
			<br />
			Macron told Trump that he has bad manners.<br />
			<br />
			In French this is a declaration of war! <a href="https://t.co/ghmCKsb3F0">pic.twitter.com/ghmCKsb3F0</a> <a href="https://t.co/Dkc8il6TZU">https://t.co/Dkc8il6TZU</a></p>
		— Megh Updates ????™ (@MeghUpdates) <a href="https://twitter.com/MeghUpdates/status/2039679303517102323?ref_src=twsrc%5Etfw">April 2, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों और नाटो (NATO) को लेकर पिछले कई दिनों से दोनों नेताओं के बीच तनाव बना हुआ है। यह कोई शो नहीं है" अपनी पत्नी ब्रिगिट के साथ सियोल की यात्रा पर मौजूद मैक्रों ने रिपोर्टरों से कहा कि ये टिप्पणियां न तो शालीन हैं और न ही राष्ट्रपति के पद के अनुरूप। इसलिए मैं इनका जवाब नहीं दूंगा- ये जवाब देने के योग्य भी नहीं हैं।"  दुनिया को इस वक्त स्थिरता, शांति और गंभीरता की जरूरत है- यह कोई शो (तमाशा) नहीं है!"</p>
	<p>
		 </p>
	<h3>
		विपक्षी नेताओं ने किया मैक्रों का समर्थन </h3>
	<p>
		ट्रंप के इस व्यवहार से फ्रांस के राजनीतिक गलियारों में भारी गुस्सा है। फ्रांसीसी संसद के निचले सदन की अध्यक्ष याएल ब्रौन-पिवेट ने कहा कि हम दुनिया के भविष्य पर चर्चा कर रहे हैं, ईरान में लाखों लोगों का जीवन खतरे में है, युद्ध के मैदान में लोग मर रहे हैं और हमारे पास एक ऐसा (अमेरिकी) राष्ट्रपति है जो दूसरों का मजाक उड़ा रहा है।  Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 22:52:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Fri, 03 Apr 2026 18:08:15 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Strait of Hormuz  : होर्मुज संकट पर UK ने बुलाई 35 देशों की मीटिंग, इमरजेंसी बैठक में भारत भी होगा शामिल, अमेरिका ने बनाई दूरी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-joins-uk-summit-strait-of-hormuz-reopening-vikram-misri-126040200067_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/india-joins-uk-summit-strait-of-hormuz-reopening-vikram-misri-126040200067_1.html</guid>
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      <description><![CDATA[दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों ने समन्वय तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भारत भी शिपिंग लेन को खुला रखने के लिए ईरान सहित क्षेत्रीय देशों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। विदेश ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Strait of Hormuz" class="imgCont" height="768" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/03/full/1772521295-15.png" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Strait of Hormuz" width="1408" /></p>
	दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों ने समन्वय तेज कर दिया है। इसी कड़ी में भारत भी शिपिंग लेन को खुला रखने के लिए ईरान सहित क्षेत्रीय देशों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यूनाइटेड किंगडम (UK) ने संघर्ष प्रभावित हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर बहुपक्षीय वार्ता के लिए भारत सहित 35 देशों को आमंत्रित किया है।<br />
	<br />
	विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक इस बैठक में नई दिल्ली का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्री कर रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा के लिए भारत समेत कई देशों को आमंत्रित किया गया है। हमारी तरफ से विदेश सचिव आज शाम इस बैठक में भाग ले रहे हैं। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-assures-india-hormuz-safety-trump-threatens-iran-operation-epic-fury-126040200057_1.html" target="_blank">Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी</a></strong></p>
</p>
<h3>
	भारत के लिए रणनीतिक प्रयास</h3>
<p>
	यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दुनिया के इस प्रमुख ऊर्जा मार्ग में स्थिरता बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो गए हैं। भारत मध्य पूर्व के देशों, विशेषकर ईरान के साथ संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हम ईरान और अन्य देशों के संपर्क में हैं ताकि यह देखा जा सके कि हमारे जहाजों के लिए सुरक्षित और अबाधित पारगमन (Safe Transit) कैसे सुनिश्चित किया जाए। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-army-chief-warning-us-ground-attack-major-general-amir-hatami-126040200040_1.html" target="_blank">&#39;एक भी दुश्मन सैनिक जिंदा नहीं बचना चाहिए&#39;: ईरानी सेना प्रमुख ने कमांडरों को जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा</a></strong></p>
</p>
<p>
	उन्होंने आगे बताया कि यह संपर्क परिणाम भी दे रहा है। जायसवाल ने कहा कि पिछले कई दिनों से जारी बातचीत के माध्यम से, छह भारतीय जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार करने में सफल रहे हैं, और हम संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।  विशेष रूप से मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी में काफी चयनात्मक (Selective) रुख अपनाया है। भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसके ईंधन ले जाने वाले मालवाहक जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	बैठक से अमेरिका नदारद</h3>
<p>
	ब्रिटेन द्वारा वर्चुअली बुलाई गई इस बैठक में अमेरिका शामिल नहीं हो रहा है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस रुख के बाद आया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद बंद हुए इस जलमार्ग को सुरक्षित करना वाशिंगटन का काम नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रम्प ने युद्ध में सहयोग न करने के लिए अपने यूरोपीय सहयोगियों की भी आलोचना की है और एक बार फिर अमेरिका को नाटो (NATO) से बाहर निकालने की धमकी दी है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ब्रिटेन का रुख</h3>
<p>
	ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर के अनुसार, यह वार्ता सैन्य साधनों के बजाय राजनीतिक और राजनयिक समाधान पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, "यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के हमारे अंतरराष्ट्रीय संकल्प की ताकत को दर्शाता है। हमने देखा है कि ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग का अपहरण किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि तेल और खाद्य कीमतों में &#39;अस्थिर&#39; उछाल दुनिया के हर कोने में घरों और व्यवसायों को प्रभावित कर रहा है। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 20:44:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 22:15:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Hormuz पर भारत को ईरान का भरोसा, सुरक्षित हैं भारतीय, ट्रंप ने दी ईरान को खत्म करने की चेतावनी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-assures-india-hormuz-safety-trump-threatens-iran-operation-epic-fury-126040200057_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-assures-india-hormuz-safety-trump-threatens-iran-operation-epic-fury-126040200057_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774424286-0586.jpg"/>
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      <description><![CDATA[खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने गुरुवार को नई दिल्ली को आश्वस्त करते हुए कहा कि Strait of Hormuz को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, भले ही क्षेत्र में संघर्ष जारी है और ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="iran stops pakistan ship in hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774424286-0586.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने गुरुवार को नई दिल्ली को आश्वस्त करते हुए कहा कि Strait of Hormuz को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, भले ही क्षेत्र में संघर्ष जारी है और युद्धविराम के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/supreme-court-west-bengal-hostage-case-cbi-nia-probe-malda-judicial-officers-126040200054_1.html" target="_blank">Malda उपद्रव मामले पर supreme court सख्त, SIR विवाद को लेकर अधिकारियों को बंनाया बंधक, CBI और NIA को जांच के आदेश</a></strong></p>
</p>
<p>
	ईरानी दूतावास ने साफ कहा कि हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  और Ministry of External Affairs लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।प्रधानमंत्री मोदी अन्य मिडिल ईस्ट देशों के नेताओं से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Our Indian friends are in safe hands, no worries <a href="https://t.co/5NqoSFlDPQ">https://t.co/5NqoSFlDPQ</a></p>
		— Iran in India (@Iran_in_India) <a href="https://twitter.com/Iran_in_India/status/2039417302593179912?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<p>
		इस बीच Donald Trump ने 28 फरवरी को व्हाइट हाउस में अपने संबोधन में ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने &#39;निर्णायक हमला&#39; करते हुए ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/putin-helping-trump-exit-iran-war-russia-cia-backchannel-talks-126040200046_1.html" target="_blank">Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल</a></strong></p>
	</p>
	<p>
		ट्रंप ने बताया कि &#39;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी&#39; के तहत ईरान के मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और हथियार ठिकानों को बुरी तरह निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की हमले करने की क्षमता अब काफी हद तक कमजोर हो चुकी है।<br />
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?</a></strong></p>
		उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान ईरान के तेल या प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ईरान &#39;लगभग तबाह&#39; हो चुका है और ऑपरेशन के प्रमुख लक्ष्य लगभग पूरे होने के करीब हैं। <br />
		<h3>
			क्या कहा MEA ने </h3>
		<p>
			MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश के मामले में, हम 2007 से ही उनकी ऊर्जा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें आपूर्ति करते आ रहे हैं। हाल ही में, हमने श्रीलंका के अनुरोध पर उन्हें 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी की है। नेपाल और भूटान के साथ भी हमारा जुड़ाव जारी है, जो लगातार बना हुआ है।<br />
			<br />
			मालदीव की सरकार ने भी हमसे पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए संपर्क किया है, जो कि अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों ही आधारों पर है। इन अनुरोधों की समीक्षा की जा रही है, जिसमें हमारी अपनी उपलब्धता और हमारी अपनी ज़रूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।<br />
			<br />
			रणधीर जायसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में, विशेष रूप से GCC देशों में लगभग 10 मिलियन भारतीय नागरिक रहते हैं। वे सभी सुरक्षित हैं। इन सभी देशों में हमारे दूतावास उनके साथ लगातार संपर्क में हैं... इस संघर्ष में अब तक आठ भारतीय नागरिकों हताहत हुए हैं, और एक की लापता होने की खबर है...<br />
			<br />
			यहाँ विदेश मंत्रालय में, हमारे जहाज मंत्रालय और इस क्षेत्र में स्थित हमारे सभी भारतीय दूतावासों के समन्वय से, हम अपने नागरिकों की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए समर्पित हैं। हम खाड़ी क्षेत्र, इस जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित सभी घटनाक्रमों और गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
	</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 18:14:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 19:08:51 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Vladimir Putin : क्या पुतिन ट्रंप को ईरान युद्ध से निकालने में कर रहे गुप्त मदद? रूस-CIA संपर्क से बढ़ी हलचल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/putin-helping-trump-exit-iran-war-russia-cia-backchannel-talks-126040200046_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/putin-helping-trump-exit-iran-war-russia-cia-backchannel-talks-126040200046_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775128069-9855.jpg"/>
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      <description><![CDATA[रूस, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin पर्दे के पीछे से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को ईरान संकट से बाहर निकलने का रास्ता दिखा रहे हैं? हाल ही में आई ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="putin and trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775128069-9855.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	रूस, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) पर्दे के पीछे से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को ईरान संकट से बाहर निकलने का रास्ता दिखा रहे हैं? हाल ही में आई एक अहम जानकारी ने इस बहस को और तेज कर दिया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?</a></strong></p>
</p>
<p>
	खुफिया जानकारी सैटेलाइट इमेजरी और उन्नत ड्रोन रणनीतियों के जरिए मदद की खबरों ने वॉशिंगटन में चिंता बढ़ा दी है। Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सेना जल्द ही संघर्ष क्षेत्र से बाहर निकल सकती है, जिससे रूस की मंशा को लेकर बहस और तेज हो गई है। क्या Kremlin दोनों पक्षों के साथ खेल रहा है- एक तरफ ईरान का समर्थन करते हुए और दूसरी ओर अमेरिका के साथ संवाद के रास्ते खोलते हुए? रूस ने खोले गुप्त संपर्क के संकेत</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-army-chief-warning-us-ground-attack-major-general-amir-hatami-126040200040_1.html" target="_blank">&#39;एक भी दुश्मन सैनिक जिंदा नहीं बचना चाहिए&#39;: ईरानी सेना प्रमुख ने कमांडरों को जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा</a></strong></p>
</p>
<p>
	रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR के प्रमुख Sergei Naryshkin ने दावा किया है कि उनकी एजेंसी अमेरिकी खुफिया एजेंसी Central Intelligence Agency (CIA) के संपर्क में है और ईरान की स्थिति पर लगातार बातचीत हो रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या ट्रंप को मिल रहा ‘एग्जिट प्लान’?</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	एक्सपर्ट्‍स का का मानना है कि अगर रूस और अमेरिका के बीच बैकचैनल बातचीत जारी है, तो इसका एक मकसद यह भी हो सकता है कि Donald Trump को ईरान के साथ संभावित टकराव से सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाए। हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे “साइलेंट डील” के तौर पर देखा जा रहा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html" target="_blank">Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ईरान को रूस की मदद की खबरें</h3>
<p>
	कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि रूस ने ईरान को रणनीतिक और खुफिया स्तर पर मदद दी है। अगर यह सच साबित होता है, तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। रूस और ईरान पहले से ही कई मोर्चों पर सहयोगी रहे हैं, खासकर सैन्य और ऊर्जा सेक्टर में।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	वैश्विक राजनीति में बड़ा असर</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	अगर रूस, अमेरिका औरईरान  के बीच इस तरह के गुप्त संपर्क जारी रहते हैं, तो इसका असर केवल युद्ध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक तेल बाजार, सुरक्षा और कूटनीति पर भी पड़ेगा। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह बैकडोर डिप्लोमेसी किसी बड़े समझौते में बदलती है या फिर यह तनाव और बढ़ेगा।अगर बातचीत सफल होती है तो एक बड़े युद्ध को टाला जा सकता है, लेकिन असफलता की स्थिति में हालात और बिगड़ सकते हैं।<br />
	<br />
	<h3>
		ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ?</h3>
	<p>
		अमेरिका का कहना है कि वो ईरान के साथ वार्ता कर रहा है लेकिन ईरान की ओर से इस बात से इनकार किया जा रहा है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि उन तक संदेश पहुंचे हैं लेकिन प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो रही है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति मार्को रुबियो का कहना है कि ईरान झूठ बोल रहा है। ईरान में सूत्रों के हवाले से खबरें आईं कि अब वहां पर कोई चुनी हुई सत्ता काम नहीं कर रही है। सुप्रीम लीडर को गहन सुरक्षा में कहीं रखा गया है, जहां से उनसे संपर्क नहीं हो रहा। इसी बीच राष्ट्रपति पजेश्कियन को सैन्य इकाई आईआरजीसी ने किनारे कर दिया है और सारे महत्वपूर्ण निर्णय वो खुद ही ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:35:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 16:49:56 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Strait of Hormuz crisis : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 400 जहाज, क्या अमेरिका पीछे हटेगा तो मच जाएगा वैश्विक तेल संकट?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/strait-of-hormuz-400-ships-stuck-us-withdrawal-global-oil-crisis-analysi-126040200042_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775126731-1169.jpg"/>
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      <description><![CDATA[ईरान पर अमेरिका और इजराइली हमलों के बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग की आग में जल रहा है। इस बीच ईरान ने फारस की खाड़ी के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का बड़ा जाम लग गया है। समंदर में 400 से भी ज्यादा जहाज तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं लेकिन उन्हें आगे जाने का ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Strait of Hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775126731-1169.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Strait of Hormuz" width="1200" /></p>
	</p>
	ईरान पर अमेरिका और इजराइली हमलों के बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग की आग में जल रहा है। इस बीच ईरान ने फारस की खाड़ी के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों का बड़ा जाम लग गया है। समंदर में 400 से भी ज्यादा जहाज तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं लेकिन उन्हें आगे जाने का रास्ता नहीं मिल रहा है। करीब 400 कार्गो शिप और तेल के टैंकर्स इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने के लिए ईरान की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। ये जहाज होर्मुज के आसपास और ईरान के द्वीपों लारक, होर्मुज और केश्म के पास ठहरे हुए हैं।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-army-chief-warning-us-ground-attack-major-general-amir-hatami-126040200040_1.html" target="_blank">&#39;एक भी दुश्मन सैनिक जिंदा नहीं बचना चाहिए&#39;: ईरानी सेना प्रमुख ने कमांडरों को जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा</a></strong></p>
	जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और बिना अनुमति आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि दु‍श्मनों के लिए होर्मुज कभी नहीं खोलेंगे। इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा बयान दिया है।<br />
	<br />
	उन्होंने कहा है कि अमेरिका को इस समुद्री रास्ते से तेल की कोई आवश्यकता नहीं है और जो देश इस पर निर्भर हैं, उन्हें खुद इसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। ट्रंप ने संबोधन में कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आयात नहीं करता और आगे भी इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि दुनिया के वे देश जो इस रास्ते से तेल लेते हैं उन्हें इस मार्ग की सुरक्षा खुद करनी चाहिए और इसे संभालकर रखना चाहिए।<br />
	<br />
	<h3>
		ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ?</h3>
	<p>
		अमेरिका का कहना है कि वो ईरान के साथ वार्ता कर रहा है लेकिन ईरान की ओर से इस बात से इनकार किया जा रहा है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि उन तक संदेश पहुंचे हैं लेकिन प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो रही है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति मार्को रुबियो का कहना है कि ईरान झूठ बोल रहा है। ईरान में सूत्रों के हवाले से खबरें आईं कि अब वहां पर कोई चुनी हुई सत्ता काम नहीं कर रही है। सुप्रीम लीडर को गहन सुरक्षा में कहीं रखा गया है, जहां से उनसे संपर्क नहीं हो रहा। इसी बीच राष्ट्रपति पजेश्कियन को सैन्य इकाई आईआरजीसी ने किनारे कर दिया है और सारे महत्वपूर्ण निर्णय वो खुद ही ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 16:12:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 16:21:14 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA['एक भी दुश्मन सैनिक जिंदा नहीं बचना चाहिए': ईरानी सेना प्रमुख ने कमांडरों को जमीनी हमले के लिए तैयार रहने को कहा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-army-chief-warning-us-ground-attack-major-general-amir-hatami-126040200040_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-army-chief-warning-us-ground-attack-major-general-amir-hatami-126040200040_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/thumb/1_1/1774866945-0425.jpg"/>
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      <description><![CDATA[ईरान के सेना प्रमुख ने संयुक्त राज्य अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश पर किसी भी तरह का जमीनी हमला हमलावर सेनाओं के लिए विनाशकारी साबित होगा। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में मेजर जनरल अमीर हातामी ने दोटूक कहा कि यदि ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/full/1774866945-0425.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	ईरान के सेना प्रमुख ने संयुक्त राज्य अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि देश पर किसी भी तरह का जमीनी हमला हमलावर सेनाओं के लिए विनाशकारी साबित होगा। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में मेजर जनरल अमीर हातामी ने दोटूक कहा कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरान में प्रवेश करते हैं, तो हमलावरों में से "एक भी व्यक्ति" जीवित नहीं बचेगा।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/national-hindi-news/aap-removes-raghav-chadha-rajya-sabha-deputy-leader-ashok-mittal-126040200032_1.html" target="_blank">AAP का बड़ा फैसला: राघव चड्ढा से छीना राज्यसभा उपनेता पद, अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी</a></strong></p>
</p>
<p>
	जनरल हातामी ने सेना की तैयारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि तेहरान किसी भी सैन्य तनाव का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि  हमारे देश के ऊपर से युद्ध की छाया हटनी चाहिए और सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/madhya-pradesh/congress-mla-from-datia-rajendra-bharti-sentenced-to-3-years-in-prison-126040200016_1.html" target="_blank">दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा, FD की हेराफेरी मामले में दोषी, विधायकी पर मंडराया खतरा</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह संभव नहीं है कि बाकी जगहें सुरक्षित रहें और हमारे लोग असुरक्षित। ईरानी सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।<br />
	<br />
	<h3>
		ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या हुआ?</h3>
	<p>
		अमेरिका का कहना है कि वो ईरान के साथ वार्ता कर रहा है लेकिन ईरान की ओर से इस बात से इनकार किया जा रहा है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि उन तक संदेश पहुंचे हैं लेकिन प्रत्यक्ष वार्ता नहीं हो रही है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति मार्को रुबियो का कहना है कि ईरान झूठ बोल रहा है। ईरान में सूत्रों के हवाले से खबरें आईं कि अब वहां पर कोई चुनी हुई सत्ता काम नहीं कर रही है। सुप्रीम लीडर को गहन सुरक्षा में कहीं रखा गया है, जहां से उनसे संपर्क नहीं हो रहा। इसी बीच राष्ट्रपति पजेश्कियन को सैन्य इकाई आईआरजीसी ने किनारे कर दिया है और सारे महत्वपूर्ण निर्णय वो खुद ही ले रहा है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 16:22:05 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप के 'हठ' और हॉर्मुज संकट के बीच पिसा भारत, खाद से लेकर खाने की थाली तक मंडरा रहा खतरा]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-hormuz-crisis-impact-on-india-food-fertilizer-126040200020_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-hormuz-crisis-impact-on-india-food-fertilizer-126040200020_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775116090-865.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775116090-865.jpg</image>
      <description><![CDATA[Fertilizer Shortage India: आज दुनिया एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहां बड़े देशों की ज़िद और बदलती रणनीतियां आम आदमी के निवाले को महंगा कर रही हैं। एक तरफ अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के कड़े और अक्सर अनिश्चित दिखने वाले फैसलों से वैश्विक बाजार डरा हुआ है, तो ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Hormuz Crisis" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775116090-865.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1209" /></p>
	</p>
	<br />
	Fertilizer Shortage India: आज दुनिया एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहां बड़े देशों की ज़िद और बदलती रणनीतियां आम आदमी के निवाले को महंगा कर रही हैं। एक तरफ अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के कड़े और अक्सर अनिश्चित दिखने वाले फैसलों से वैश्विक बाजार डरा हुआ है, तो दूसरी तरफ ईरान और इजराइल के बीच सुलगती आग ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को युद्ध का अखाड़ा बना दिया है। क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों किलोमीटर दूर खाड़ी में चल रहे इस तनाव का सीधा असर आपकी रसोई, किसान के खेत और आपकी थाली की दाल-रोटी पर पड़ सकता है? इस बीच, सरकार ने राहत देने के लिए उर्वरकों पर ड्‍यूटी शून्य कर दी है। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	हॉर्मुज संकट : सिर्फ तेल ही नहीं, रोटी का रास्ता भी बंद</h3>
<p>
	संयुक्त राष्ट्र (UNCTAD) की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया की नींद उड़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही 95 प्रतिशत तक कम हो गई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>क्यों महत्वपूर्ण है यह रास्ता? : </strong>यह समुद्र का वह संकरा हिस्सा है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि यह नाइट्रोजन और फॉस्फेट जैसे प्रमुख उर्वरकों (Fertilizers) का सबसे बड़ा गलियारा है। जब ऊर्जा महंगी होती है, तो खाद बनाना महंगा हो जाता है और जब रास्ता बंद होता है, तो खाद खेतों तक नहीं पहुंचती। </p>
<h3>
	भारत पर सबसे गहरी मार : आंकड़ों की जुबानी</h3>
<p>
	भारत दुनिया के सबसे बड़े खाद्य उत्पादकों में से एक है, लेकिन विडंबना यह है कि हम उर्वरकों के दूसरे सबसे बड़े आयातक भी हैं। &#39;डाउन टू अर्थ&#39; की रिपोर्ट के मुताबिक, हमारी निर्भरता हमें इस संकट के मुहाने पर सबसे आगे खड़ा करती है।</p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Hormuz Crisis" class="imgCont" height="1075" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775116130-479.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
	</p>
</p>
<p>
	<strong>खाड़ी देशों पर हमारी निर्भरता:</strong></p>
<ul>
	<li>
		यूरिया : 70% ओमान, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से आता है।</li>
	<li>
		DAP : 42% हिस्सा अकेले सऊदी अरब से आता है।</li>
	<li>
		NPK : 15% आपूर्ति इसी तनावग्रस्त क्षेत्र से होती है।</li>
</ul>
<h3>
	खेत से थाली तक : कैसे बढ़ेगी आपकी मुसीबत?</h3>
<p>
	यह संकट केवल कागजों या समाचारों तक सीमित नहीं है, इसके परिणाम आपकी जेब पर भारी पड़ने वाले हैं:</p>
<ul>
	<li>
		<strong>महंगी खाद : </strong>अगर हॉर्मुज का रास्ता बंद रहता है, तो खाद की कमी होगी और कीमतें आसमान छुएंगी।</li>
	<li>
		<strong>कम पैदावार : </strong>किसान मजबूरी में खाद का उपयोग कम करेंगे, जिससे अनाज, दाल और सब्जियों की पैदावार घटेगी।</li>
	<li>
		<strong>महंगाई का बम : </strong>सप्लाई कम और मांग ज्यादा होने से आपके किचन का बजट बिगड़ जाएगा।</li>
	<li>
		<strong>खाद्य सुरक्षा का खतरा : </strong>इसका सबसे बुरा असर देश के छोटे किसानों और गरीब परिवारों पर पड़ेगा।</li>
</ul>
<h3>
	ट्रंप की &#39;गुंडागर्दी&#39; और बदलता वैश्विक मिजाज</h3>
<p>
	दुनिया भर के विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि कैसे अमेरिकी नीतियों के बदलते सुर और आक्रामक रुख ने खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। ट्रंप के कड़े रुख और रोज बदलते बयानों ने सहयोगियों और विरोधियों दोनों को उलझन में डाल रखा है। इस भू-राजनीतिक खींचतान का खामियाजा भारत जैसे देश को अपनी &#39;खाद्य सुरक्षा&#39; दांव पर लगाकर चुकाना पड़ रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हॉर्मुज संकट अब सिर्फ एक सैन्य मुद्दा नहीं है; यह आपके बच्चे के पोषण और देश की आर्थिक रीढ़ की कहानी बन चुका है। सवाल यह है कि क्या हम इस संकट से सबक लेंगे? क्या भारत घरेलू उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में युद्ध स्तर पर काम करेगा? क्योंकि याद रखिए— जब खाद रुकती है, तो थाली खाली होने में देर नहीं लगती।</p>
<h3>
	क्या कहना है भारत सरकार का?</h3>
<p>
	सरकार ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक है और आपूर्ति बढ़ाने के लिए वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही जिन यूरिया इकाइयों ने इस महीने वार्षिक रखरखाव के लिए उत्पादन बंद किया था, उन्होंने फिर से उत्पादन शुरू कर दिया है। केंद्र ने राज्यों से &#39;लीन सीजन&#39; (कम मांग वाले समय) के दौरान उर्वरकों की बिक्री में किसी भी असामान्य उछाल की निगरानी करने को कहा है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने बताया कि वर्तमान में मिट्टी के पोषक तत्वों का स्टॉक 180 लाख टन है, जो पिछले साल के स्तर से 22% अधिक है। <strong>(UNCTAD रिपोर्ट और &#39;डाउन टू अर्थ&#39; के विश्लेषण पर आधारित)</strong><br />
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 13:12:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 13:20:09 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US-Iran War: पेजेश्कियान का अमेरिकियों को खुला पत्र,  ट्रंप की धमकी के बीच क्या कहा?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-president-open-letter-americans-us-israel-war-day-34-126040200011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-president-open-letter-americans-us-israel-war-day-34-126040200011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775111585-5863.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775111585-5863.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 34वें दिन भी भीषण जंग चल रही है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी के बीच ईरानी राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी जनता को खुला पत्र लिखकर प्रोपेगैंडा से बाहर निकलकर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Pezeshkian and trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775111585-5863.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Pezeshkian and trump" width="1200" /></p>
	</p>
	अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 34वें दिन भी भीषण जंग चल रही है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी के बीच ईरानी राष्‍ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी जनता को खुला पत्र लिखकर प्रोपेगैंडा से बाहर निकलकर सच्चाई देखने की अपील की है। उन्होंने पत्र में कहा कि आम अमेरिकियों के लिए कोई दुश्मनी नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेजेश्कियान ने पत्र में कहा कि ईरान ने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की और उसके कदम आत्मरक्षा पर आधारित रहे हैं। उन्होंने अपने लेटर में जोर देकर कहा कि ईरान ने अपने आधुनिक इतिहास में कभी आक्रामकता, विस्तारवाद, उपनिवेशवाद या प्रभुत्व की नीति नहीं अपनाई।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने दावा किया कि ईरान ने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि हमेशा आत्मरक्षा के तहत कदम उठाए हैं। ईरान का हर कदम अपने लोगों और देश की सुरक्षा के लिए रहा है, न कि किसी पर हमला करने के लिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान राष्‍ट्रपति ने कहा कि प्रतिस्पर्धी विचारों और गहरे भू-राजनीतिक तनावों से बने इस विश्व में, ईरान और अमेरिका के बीच संबंध सबसे ज्यादा गलत समझे जाते हैं। आम लोगों के बीच दुश्मनी नहीं है, बल्कि यह टकराव राजनीतिक स्तर पर बनाया गया है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			To the people of the United States of America <a href="https://t.co/3uAL4FZgY7">pic.twitter.com/3uAL4FZgY7</a></p>
		— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) <a href="https://twitter.com/drpezeshkian/status/2039418009052119190?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	1953 में तख्तापलट से खराब हुए संबंध</h3>
<p>
	पेजेश्कियान ने ईरान-अमेरिका संबंधों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते शुरू में सामान्य थे। 1953 में हुए तख्तापलट ने इस संबंध को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हस्तक्षेप ईरान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने और अपने हित साधने के लिए किया गया था, जिससे आज तक अविश्वास बना हुआ है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	प्रतिबंधों के बाद भी मजबूत हुआ ईरान</h3>
<p>
	पत्र में कहा गया कि तमाम प्रतिबंधों, युद्धों और दबावों के बावजूद ईरान ने खुद को मजबूत बनाया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और बुनियादी ढांचे में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने हर चुनौती का सामना किया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इन प्रतिबंधों और हमलों का असर आम लोगों के जीवन पर पड़ा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पेजेश्कियान ने अमेरिकी जनता से सवाल किया कि क्या यह युद्ध वास्तव में उनके हित में है? क्या ईरान से कोई वास्तविक खतरा था, जो इस तरह की कार्रवाई को सही ठहरा सके? उन्होंने कहा कि युद्ध और हमले सिर्फ विनाश और नफरत को बढ़ाते हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 11:50:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 12:04:00 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप का दावा: 4 हफ्तों में ईरान की सेना तबाह, परमाणु ठिकानों पर भी अमेरिका का बड़ा एक्शन]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-operation-epic-fury-iran-military-nuclear-sites-destroyed-news-126040200001_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-operation-epic-fury-iran-military-nuclear-sites-destroyed-news-126040200001_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775096582-5348.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/thumb/1_1/1775096582-5348.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अमेरिका की सुरक्षा और आजाद दुनिया की हिफाजत के लिए क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना द्वारा 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' शुरू किए हुए अभी सिर्फ ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="trump on iran war" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/02/full/1775096582-5348.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="trump on iran war" width="1200" /></p>
	</p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि &#39;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी&#39; अमेरिका की सुरक्षा और आजाद दुनिया की हिफाजत के लिए क्यों जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना द्वारा &#39;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी&#39; शुरू किए हुए अभी सिर्फ एक महीना ही हुआ है। इस ऑपरेशन का लक्ष्य दुनिया का नंबर एक आतंकवाद-प्रायोजक देश—ईरान था। पिछले 4 हफ़्तों में, हमारी सेनाओं ने युद्ध के मैदान में तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है—ऐसी जीत, जो बहुत कम लोगों ने पहले कभी देखी होगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या है ट्रंप का दावा?</h3>
<p>
	उन्होंने आगे कहा, कि आज रात, ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना तबाह हो चुकी है और उनके नेता—जिनमें से ज़्यादातर—और जिस आतंकवादी शासन का वे नेतृत्व करते थे, वे अब मारे जा चुके हैं। जब हम बात कर रहे हैं, ठीक उसी समय, &#39;इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स&#39; पर उनका कमांड और कंट्रोल पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता में भारी कमी आई है और उनकी हथियारों की फैक्टरियां तथा रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं; अब उनमें से बहुत ही कम बचे हैं।<br />
	<br />
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने दावा किया कि युद्ध के इतिहास में पहले कभी किसी दुश्मन को, महज कुछ ही हफ्तों के भीतर, इतने स्पष्ट और विनाशकारी बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं उठाना पड़ा है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि 2-3 हफ्तों तक ऑपरेशन फ्यूरी जारी रहेगा। अभी ईरान से युद्ध विराम नहीं हुआ है। हम ईरान को पाषाण युग में भेज देंगे। </p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			LIVE: President Trump Delivers an Address to the Nation, Apr. 1, 2026 <a href="https://t.co/gHhlm3Vm7z">https://t.co/gHhlm3Vm7z</a></p>
		— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) <a href="https://twitter.com/TrumpDailyPosts/status/2039506869228884285?ref_src=twsrc%5Etfw">April 2, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	ईरान पर क्यों हुआ हमला?</h3>
<p>
	उन्होंने कहा कि ईरान में अपने ही 45000 लोगों की हत्या की। बेरूत में मरीन बैरक पर हुए बम धमाके में 241 अमेरिकियों की हत्या और सड़क किनारे लगाए गए बमों से हमारे सैकड़ों सैनिकों के नरसंहार के पीछे उन्हीं के गुर्गे थे। वे USS Cole पर हुए हमले में भी शामिल थे, और उन्होंने अनगिनत अन्य जघन्य अपराध किए, जिनमें 7 अक्टूबर को इज़रायल में हुई भयानक और खूनी क्रूरता भी शामिल है—एक ऐसी घटना जिसे ज़्यादातर लोगों ने पहले कभी नहीं देखा था।&#39;</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति का रास्ता ही रहा है, फिर भी उस शासन ने परमाणु हथियारों की अपनी लगातार खोज जारी रखी और किसी भी समझौते के हर प्रयास को ठुकरा दिया। इसी कारण से, जून में, मैंने &#39;ऑपरेशन मिडनाइट हैमर&#39; के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला करने का आदेश दिया। उन खूबसूरत B-2 बमवर्षकों ने शानदार प्रदर्शन किया। हमने उन परमाणु स्थलों को पूरी तरह से तबाह कर दिया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि इसके बाद उस शासन ने एक बिल्कुल अलग जगह पर अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से बनाने की कोशिश की, जिससे यह साफ हो गया कि उनका परमाणु हथियारों की अपनी खोज को छोड़ने का कोई इरादा नहीं था। वे तेजी से पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों का एक विशाल भंडार भी बना रहे थे और जल्द ही उनके पास ऐसी मिसाइलें होतीं जो अमेरिकी धरती, यूरोप और पृथ्वी पर लगभग किसी भी अन्य जगह तक पहुंच सकती थीं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या थी ईरान की रणनीति?</h3>
<p>
	ट्रंप ने कहा कि ईरान की रणनीति बहुत साफ थी। वे जितनी हो सकें उतनी मिसाइलें बनाना चाहते थे, और उन्होंने ऐसा ही किया—जितनी संभव हो उतनी लंबी दूरी वाली मिसाइलें बनाईं। और उनके पास कुछ ऐसे हथियार थे जिनके बारे में किसी को यकीन ही नहीं था कि वे उनके पास हैं। हमें अभी-अभी इस बारे में पता चला। हमने उन्हें खत्म कर दिया। हमने उन सभी को खत्म कर दिया ताकि कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत न कर सके। और वे एक परमाणु बम, एक परमाणु हथियार को पाने की होड़ में लगे थे। वे बिल्कुल दहलीज पर पहुंच चुके थे। सालों से, हर कोई कहता रहा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते, लेकिन अंत में, अगर समय आने पर आप कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं, तो ये सब बस कोरे शब्द ही रह जाते हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	2015 में खाई थी कसम</h3>
<p>
	जिस पहले दिन, 2015 में, मैंने राष्ट्रपति पद के लिए अपने चुनाव अभियान की घोषणा की थी, उसी दिन मैंने यह कसम खाई थी कि मैं ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा। यह शासन पिछले 47 सालों से &#39;अमेरिका का नाश हो, इज़रायल का नाश हो&#39; के नारे लगाता आ रहा है।</p>
<h3>
	 </h3>
<h3>
	वेनेजुएला पर क्या बोले अमेरिकी राष्‍ट्रपति</h3>
<p>
	ट्रंप ने मौजूदा हालात पर चर्चा करने से पहले, मैं अपने सैनिकों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने वेनेज़ुएला देश को कुछ ही मिनटों में अपने कब्जे में लेने का शानदार काम किया। वह हमला तेज, जानलेवा, जोरदार था और पूरी दुनिया में हर किसी ने उसकी तारीफ की। अपने पहले कार्यकाल के दौरान अपनी सेना को फिर से मजबूत बनाने के बाद, अब हमारे पास दुनिया में कहीं भी सबसे मज़बूत सेना है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने आगे कहा कि अब हम वेनेज़ुएला के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और सही मायने में, संयुक्त उद्यम भागीदार हैं। हम भारी मात्रा में तेल और गैस के उत्पादन और बिक्री में बहुत अच्छा तालमेल बिठा रहे हैं—जो संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद पृथ्वी पर दूसरा सबसे बड़ा भंडार है। अब हम मध्य पूर्व पर पूरी तरह से निर्भर नहीं हैं और फिर भी हम वहां मदद के लिए मौजूद हैं। हमें वहां रहने की जरूरत नहीं है। हमें उनके तेल की जरूरत नहीं है। हमें उनके पास मौजूद किसी भी चीज की जरूरत नहीं है लेकिन हम वहां मदद के लिए हैं, या फिर बाहर।<br />
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 07:43:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Thu, 02 Apr 2026 08:05:23 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[CCS : पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी का बड़ा फैसला, आम आदमी को राहत देने के लिए कैबिनेट  समिति बैठक में बनी यह रणनीति]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pm-modi-ccs-meeting-west-asia-conflict-measures-126040100078_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pm-modi-ccs-meeting-west-asia-conflict-measures-126040100078_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775066713-6212.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775066713-6212.jpg</image>
      <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित एक विशेष बैठक में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता की। इस बैठक में मौजूदा पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="ccs meeting" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775066713-6212.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 7 लोक कल्याण मार्ग पर आयोजित एक विशेष बैठक में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता की। इस बैठक में मौजूदा पश्चिम एशिया संघर्ष के संदर्भ में विभिन्न मंत्रालयों/विभागों द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और आगे की पहलों पर चर्चा की गई। इस मुद्दे पर यह दूसरी विशेष CCS बैठक थी।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-trump-ceasefire-claims-baseless-false-126040100076_1.html" target="_blank">Ceasefire : ईरान ने ठुकराया डोनाल्ड ट्रम्प का दावा, युद्ध रोकने की खबरों को बताया &#39;झूठ&#39; और &#39;बेबुनियाद&#39;</a></strong></p>
</p>
<p>
	कैबिनेट सचिव ने पेट्रोलियम उत्पादों, विशेष रूप से LNG/LPG की आपूर्ति और पर्याप्त बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। विभिन्न देशों से नए प्रवाह के साथ LPG की खरीद के लिए स्रोतों का विविधीकरण किया जा रहा है। इसी प्रकार, विभिन्न देशों से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) मंगवाई जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और LPG की जमाखोरी तथा कालाबाजारी को रोकने के लिए &#39;एंटी-डाइवर्जन&#39; अभियान नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के विस्तार के लिए भी पहल की गई है। गर्मी के चरम महीनों के दौरान बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 7-8 GW क्षमता वाले गैस-आधारित बिजली संयंत्रों को &#39;गैस पूलिंग तंत्र&#39; से छूट देने और थर्मल पावर स्टेशनों पर अधिक कोयला पहुँचाने के लिए रेल रैक बढ़ाने जैसे उपाय भी किए गए हैं। इसके अलावा, कृषि, नागरिक उड्डयन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे विभिन्न अन्य क्षेत्रों में उभरती चुनौतियों के लिए प्रस्तावित हस्तक्षेपों पर भी चर्चा की गई।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/war-lockdown-india-2026-viral-message-april-fools-hoax-fact-check-126040100059_1.html" target="_blank">War Lockdown in India 2026 : क्या सच में लगने वाला है देशव्यापी लॉकडाउन? वायरल PDF का सरकार ने बताया सच</a></strong></p>
</p>
<p>
	उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यूरिया उत्पादन को आवश्यकतानुसार बनाए रखने और DAP/NPKS आपूर्तिकर्ताओं के लिए विदेशी आपूर्ति के साथ समन्वय करने जैसे विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों से दैनिक निगरानी, छापेमारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और हेराफेरी को रोकने का अनुरोध किया जा रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	खाद्य वस्तुओं की खुदरा कीमतें पिछले एक महीने से स्थिर रही हैं। कीमतों और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रवर्तन पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ निरंतर निगरानी और बातचीत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। कृषि उत्पादों, सब्जियों और फलों की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ऊर्जा, उर्वरक और अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए अपने स्रोतों का वैश्विक स्तर पर विविधीकरण करने के प्रयास और &#39;हॉर्मुज जलडमरूमध्य&#39; (Strait of Hormuz) के माध्यम से जहाजों के सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल और कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। विकसित हो रहे संकट के बीच प्रभावी सूचना प्रसार और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए केंद्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर बेहतर समन्वय, रीयल-टाइम संचार और सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-favorite-field-marshal-asim-munir-pakistan-peace-mediator-analysis-126040100060_1.html" target="_blank">ट्रंप के &#39;फेवरेट&#39; फील्ड मार्शल असीम मुनीर : क्या पाकिस्तान की &#39;हाई-स्टेक&#39; कूटनीति रोक पाएगी मिडिल ईस्ट का महायुद्ध?</a></strong></p>
</p>
<p>
	प्रधानमंत्री ने आम आदमी के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की उपलब्धता का आकलन किया। उन्होंने देश में उर्वरकों की उपलब्धता और खरीफ तथा रबी सीजन में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों को रोकने के लिए जनता तक प्रामाणिक जानकारी के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	प्रधानमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को मौजूदा वैश्विक स्थिति से प्रभावित नागरिकों और क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 23:32:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 23:35:21 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ceasefire : ईरान ने ठुकराया डोनाल्ड ट्रम्प का दावा, युद्ध रोकने की खबरों को बताया 'झूठ' और 'बेबुनियाद']]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-trump-ceasefire-claims-baseless-false-126040100076_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-rejects-trump-ceasefire-claims-baseless-false-126040100076_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/thumb/1_1/1773540726-9766.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/thumb/1_1/1773540726-9766.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम (Ceasefire) की बात कही थी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी सरकारी टीवी के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/15/full/1773540726-9766.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने युद्धविराम (Ceasefire) की बात कही थी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ईरानी सरकारी टीवी के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रम्प की टिप्पणियों को &#39;झूठा और निराधार&#39; करार दिया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/war-lockdown-india-2026-viral-message-april-fools-hoax-fact-check-126040100059_1.html" target="_blank">War Lockdown in India 2026 : क्या सच में लगने वाला है देशव्यापी लॉकडाउन? वायरल PDF का सरकार ने बताया सच</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ट्रम्प का दावा: ईरान ने मांगी &#39;भीख&#39;</h3>
<p>
	इससे पहले राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर एक पोस्ट में दावा किया था कि "ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति" ने उनसे युद्धविराम की गुहार लगाई है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि ईरान में राष्ट्रपति नहीं बदले हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रम्प ने आगे कहा कि उन्होंने ईरान को जवाब दिया है कि वे युद्धविराम पर विचार तभी करेंगे जब &#39;होर्मुज जलडमरूमध्य&#39; (Strait of Hormuz) पूरी तरह से "खुला और मुक्त" होगा। ट्रम्प ने सख्त लहजे में लिखा, "तब तक हम ईरान को तबाह करते रहेंगे या जैसा कि लोग कहते हैं, उसे पाषाण युग (Stone Age) में वापस भेज देंगे!"</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-favorite-field-marshal-asim-munir-pakistan-peace-mediator-analysis-126040100060_1.html" target="_blank">ट्रंप के &#39;फेवरेट&#39; फील्ड मार्शल असीम मुनीर : क्या पाकिस्तान की &#39;हाई-स्टेक&#39; कूटनीति रोक पाएगी मिडिल ईस्ट का महायुद्ध?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ईरान का पलटवार: "धमकी की भाषा बर्दाश्त नहीं"</h3>
<p>
	ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार देर रात &#39;अल जज़ीरा&#39; को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि तेहरान युद्ध जारी रखने के लिए तैयार है। अराघची ने कहा, "आप ईरान के लोगों से धमकी और समय सीमा (Deadlines) की भाषा में बात नहीं कर सकते। हम अपनी रक्षा के लिए कोई समय सीमा तय नहीं करते हैं।"</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	वापसी की तैयारी, लेकिन &#39;स्पॉट हिट्स&#39; की चेतावनी</h3>
<p>
	इस बीच, ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपना अभियान समाप्त कर सकता है। जब उनसे पूछा गया कि युद्ध कब खत्म होगा, तो उन्होंने कहा कि मैं आपको सटीक समय नहीं बता सकता, लेकिन हम बहुत जल्दी वहां से बाहर निकल जाएंगे।<br />
	<br />
	<h3>
		क्या था ट्रंप का दावा</h3>
	<p>
		ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान अब परमाणु हथियार बनाने में &#39;अक्षम हो चुका है। उन्होंने कहा कि वे अब परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे क्योंकि हमने उन्हें उस लायक नहीं छोड़ा है। इसके बाद मैं सबको लेकर वहां से निकल जाऊंगा, और अगर जरूरत पड़ी तो हम &#39;स्पॉट हिट्स&#39; (चुनिंदा ठिकानों पर हमले) के लिए वापस आएंगे।"</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/rajnath-singh-kerala-rally-ldf-udf-betrayal-lord-ayyappa-gold-smuggling-charges-126040100053_1.html" target="_blank">केरल में गरजे राजनाथ सिंह, बोले- &#39;भगवान अय्यप्पा अपने ही घर में सुरक्षित नहीं&#39;, LDF-UDF को बताया &#39;लूट और धोखाधड़ी&#39; का गठबंधन</a></strong></p>
	</p>
	<h3>
		नाटो (NATO) से बाहर निकलने की भी धमकी</h3>
	<p>
		ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के संकेतों के बीच, ट्रम्प ने एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वह निश्चित रूप से अमेरिका को इस सैन्य गठबंधन (Alliance) से बाहर निकालने पर विचार कर रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 21:34:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 21:51:23 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[War Lockdown in India 2026 : क्या सच में लगने वाला है देशव्यापी लॉकडाउन? वायरल PDF का सरकार ने बताया सच]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/war-lockdown-india-2026-viral-message-april-fools-hoax-fact-check-126040100059_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/war-lockdown-india-2026-viral-message-april-fools-hoax-fact-check-126040100059_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775049496-2225.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775049496-2225.jpg</image>
      <description><![CDATA[हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल को 'अप्रैल फूल्स डे' के मौके पर शरारती तत्वों ने लोगों को निशाना बनाया। लेकिन इस बार मजाक की सीमा पार करते हुए एक बेहद डरावने संदेश ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर एक 'वॉर लॉकडाउन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775049496-2225.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल को &#39;अप्रैल फूल्स डे&#39; के मौके पर शरारती तत्वों ने लोगों को निशाना बनाया। लेकिन इस बार मजाक की सीमा पार करते हुए एक बेहद डरावने संदेश ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर एक &#39;वॉर लॉकडाउन पीडीएफ&#39; (War Lockdown PDF) वायरल हो रही है। इसने हजारों लोगों को डरा दिया। PIB Fact Check ने इस दावे का खंडन किया है। सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/kerala-assembly-election-2026-news/rajnath-singh-kerala-rally-ldf-udf-betrayal-lord-ayyappa-gold-smuggling-charges-126040100053_1.html" target="_blank">केरल में गरजे राजनाथ सिंह, बोले- &#39;भगवान अय्यप्पा अपने ही घर में सुरक्षित नहीं&#39;, LDF-UDF को बताया &#39;लूट और धोखाधड़ी&#39; का गठबंधन</a></strong></p>
</p>
<p>
	हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान पश्चिम एशिया संकट की तुलना कोविड-19 जैसी वैश्विक चुनौतियों से की थी। उन्होंने नागरिकों से &#39;टीम इंडिया&#39; के रूप में तैयार और एकजुट रहने का आह्वान किया था। कुछ लोगों ने उनके इस बयान को गलत संदर्भ में लिया या जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया, जिससे अफवाह को हवा मिली। किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए केवल सरकार के आधिकारिक हैंडल्स या विश्वसनीय न्यूज चैनलों पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर आए किसी भी संदिग्ध पीडीएफ या लिंक को बिना जांचे आगे न भेजें।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या था मैसेज में दावा</h3>
<p>
	सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज में दावा किया गया है कि पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े संघर्ष के चलते भारत सरकार देशव्यापी वॉर लॉकडाउन (युद्धकालीन लॉकडाउन) लागू करने जा रही है। 1 अप्रैल, 2026 को शेयर किए गए इस संदेश में कहा गया कि यह पाबंदियां बिल्कुल 2020 के &#39;कोविड-19 लॉकडाउन&#39; जैसी होंगी। इस मैसेज ने उन परिवारों में भारी घबराहट पैदा कर दी, जो आज भी उस दौर के कठिन समय को याद कर सहम जाते हैं।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<h3>
	नहीं जारी किया गया कोई ऐसा आदेश</h3>
<p>
	जांच में सामने आया कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय (MHA), प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या किसी भी राज्य सरकार द्वारा इस तरह के किसी वॉर लॉकडाउन की घोषणा नहीं की गई है। यह पूरी तरह से एक होक्स (Hoax) या फर्जी खबर है, जिसे &#39;अप्रैल फूल&#39; बनाने के उद्देश्य से फैलाया गया। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:30:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 18:50:53 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप के 'फेवरेट' फील्ड मार्शल असीम मुनीर : क्या पाकिस्तान की 'हाई-स्टेक' कूटनीति रोक पाएगी मिडिल ईस्ट का महायुद्ध?]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-favorite-field-marshal-asim-munir-pakistan-peace-mediator-analysis-126040100060_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-favorite-field-marshal-asim-munir-pakistan-peace-mediator-analysis-126040100060_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775049452-1097.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775049452-1097.jpg</image>
      <description><![CDATA[Field Marshal Asim Munir: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध और आसमान में गूंजते लड़ाकू विमानों के बीच, पूरी दुनिया की निगाहें एक ऐसे शख्स पर टिकी हैं जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना 'पसंदीदा फील्ड मार्शल' कहते हैं। पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख, ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Field Marshal Asim Munir" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775049452-1097.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Field Marshal Asim Munir: मिडिल ईस्ट में बारूद की गंध और आसमान में गूंजते लड़ाकू विमानों के बीच, पूरी दुनिया की निगाहें एक ऐसे शख्स पर टिकी हैं जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना &#39;पसंदीदा फील्ड मार्शल&#39; कहते हैं। पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख, फील्ड मार्शल असीम मुनीर, इस समय वैश्विक कूटनीति के केंद्र में हैं। सवाल यह है कि क्या मुनीर की ट्रंप से &#39;जुगलबंदी&#39; दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की कगार से वापस ला पाएगी?</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	असीम मुनीर : जनरल से &#39;फील्ड मार्शल&#39; और ट्रंप की पसंद तक</h3>
<p>
	मई 2025 में भारत के साथ हुए संक्षिप्त लेकिन भीषण संघर्ष के बाद असीम मुनीर को &#39;फील्ड मार्शल&#39; के पद पर पदोन्नत किया गया था। वह पाकिस्तान के इतिहास में यह पद पाने वाले दूसरे अधिकारी हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अक्टूबर 2025 में गाजा शांति शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने मुनीर की जमकर तारीफ की थी। ट्रंप का मानना है कि मुनीर न केवल एक सैन्य रणनीतिकार हैं, बल्कि वह ईरान के साथ पाकिस्तान की 900 किलोमीटर लंबी सीमा और सांस्कृतिक संबंधों के कारण तेहरान की नब्ज को दुनिया में सबसे बेहतर समझते हैं।</p>
<h3>
	&#39;हाई-स्टेक&#39; डिप्लोमेसी : इनाम बड़ा, जोखिम उससे भी ज्यादा</h3>
<p>
	बीबीसी की रिपोर्टर कैरोलिन डेविस के अनुसार, पाकिस्तान इस समय एक &#39;डाकिये&#39; (Postman) की भूमिका निभा रहा है, जो वाशिंगटन और तेहरान के बीच गोपनीय संदेश पहुंचा रहा है।</p>
<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="1075" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775052726-1337.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
	</p>
</p>
<h3>
	पाकिस्तान का &#39;ट्रंप कार्ड&#39; क्यों मजबूत है?</h3>
<ul>
	<li>
		<strong>कोई अमेरिकी बेस नहीं : </strong>खाड़ी देशों के विपरीत, पाकिस्तान की ज़मीन पर कोई सक्रिय अमेरिकी सैन्य अड्डा नहीं है, जिससे ईरान उसे इज़राइल का "कट्टर पिछलग्गू" नहीं मानता।</li>
	<li>
		<strong>आर्थिक मजबूरी : </strong>&#39;स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज&#39; में तनाव के कारण पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें 20% बढ़ चुकी हैं। शांति बहाली पाकिस्तान की अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अनिवार्य है।</li>
	<li>
		<strong>सऊदी-पाक रक्षा समझौता 2025 : </strong>सितंबर 2025 में हुए सामरिक आपसी रक्षा समझौते (SMDA) के तहत पाकिस्तान सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यदि सऊदी अरब युद्ध में उतरा, तो पाकिस्तान को भी कूदना होगा—यह एक ऐसी स्थिति है जिससे मुनीर हर हाल में बचना चाहते हैं।</li>
</ul>
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<img align="center" alt="Asim Munir" class="imgCont" height="1038" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775052639-5413.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
<h3>
	<br />
	भारत और अफगानिस्तान का &#39;एंगल&#39;</h3>
<p>
	विशेषज्ञ सवाल उठाते हैं कि जो देश खुद अपनी सीमाओं पर असुरक्षित है, वह दुनिया में शांति कैसे ला सकता है?<br />
	 </p>
<p>
	<strong>भारत फ्रंट : </strong>2025 का मिसाइल युद्ध पाकिस्तान की कमर तोड़ चुका है।</p>
<p>
	<strong>तालिबान फ्रंट : </strong>अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान इस समय लगभग &#39;पूर्ण युद्ध&#39; जैसी स्थिति में है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अटलांटिक काउंसिल के माइकल कुगेलमैन का कहना है कि मुनीर इस समय "दो चट्टानों के बीच" फंसे हैं। एक तरफ ट्रंप का दबाव है और दूसरी तरफ ईरान की कट्टरपंथी सरकार।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्या होगा अगर मध्यस्थता विफल हुई?</h3>
<p>
	मलीहा लोधी, अमेरिका में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत, चेतावनी देती हैं कि यदि यह वार्ता विफल होती है, तो पाकिस्तान पर "नादान" होने का ठप्पा लग सकता है। ईरान का अविश्वास: ईरान ने हालिया क्षेत्रीय बैठकों से दूरी बनाकर स्पष्ट कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता केवल अपनी रक्षा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>इज़राइल का हस्तक्षेप : </strong>पाकिस्तानी अधिकारियों को डर है कि इज़राइल किसी भी शांति वार्ता को &#39;स्पॉइलर&#39; की भूमिका निभाकर पटरी से उतार सकता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कूटनीति का आखिरी जुआ</h3>
<p>
	फील्ड मार्शल असीम मुनीर के लिए यह उनकी पेशेवर यात्रा का सबसे बड़ा इम्तिहान है। यदि वह सफल होते हैं, तो पाकिस्तान वैश्विक कूटनीति के शिखर पर होगा और संभवतः मुनीर का नाम नोबेल शांति पुरस्कार की रेस में आ जाए। लेकिन यदि विफल रहे, तो मिडिल ईस्ट की यह आग दक्षिण एशिया को अपनी चपेट में लेने में देर नहीं लगाएगी।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति (2026)</h3>
<ul>
	<li>
		<strong>ईंधन संकट :</strong> सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में केवल 4 दिन काम।</li>
	<li>
		<strong>रक्षा बजट : </strong>अर्थव्यवस्था संकट में होने के बावजूद जीडीपी का बड़ा हिस्सा सेना पर।</li>
	<li>
		<strong>रणनीतिक स्थिति : </strong>चीन (CPEC) और अमेरिका (Diplomacy) के बीच संतुलन बनाने की कोशिश।</li>
</ul>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:23:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 19:43:30 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया रिसर्च टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[30 मार्च 2026 : डोनाल्ट ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-30-2026-donald-trump-ultimatum-to-iran-126040100037_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-30-2026-donald-trump-ultimatum-to-iran-126040100037_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033611-4762.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033611-4762.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: कुवैत के पॉवर प्लांट पर ईरान ने मिसाइल दागी। इस हमले में एक भारतीय की मौत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही युद्धविराम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के सभी तेल कुओं और बिजली ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="March 30, 2026: Donald Trump Ultimatum to Iran" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775033611-4762.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
	</p>
	<br />
	Middle East Conflict: कुवैत के पॉवर प्लांट पर ईरान ने मिसाइल दागी। इस हमले में एक भारतीय की मौत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही युद्धविराम समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के सभी तेल कुओं और बिजली संयंत्रों को पूरी तरह तबाह कर देगा। युद्ध पर पोप लियो ने कहा- खून से सने हाथों की प्रार्थना नहीं सुनता भगवान। मार्च 2026 के अंत तक, 3,400 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर। </p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:21:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:23:52 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[29 मार्च 2026 : 3500 अमेरिकी सैनिक तैनात]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-29-2026-3-500-us-troops-deployed-126040100036_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-29-2026-3-500-us-troops-deployed-126040100036_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033440-2951.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033440-2951.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: अमेरिका ने बढ़ते संघर्ष के बीच इलाके में 3500 से ज्यादा सैनिकों को तैनात कर दिया है। इजराइल के तेल अवीव पर ईरान ने मिसाइलों की 16वीं लहर दागी, लेकिन इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने 92% मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। दूसरी ओर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Saudi Pak Defense Agreement" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775033440-2951.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: अमेरिका ने बढ़ते संघर्ष के बीच इलाके में 3500 से ज्यादा सैनिकों को तैनात कर दिया है। इजराइल के तेल अवीव पर ईरान ने मिसाइलों की 16वीं लहर दागी, लेकिन इजराइल के डिफेंस सिस्टम ने 92% मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका को साफ कह दिया है कि अगर अमेरिका जमीनी हमले करता है तो उसके सैनिकों को ताबूत में वापस भेजेंगे। ]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:17:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:21:05 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[28 मार्च 2026 : हूतियों ने इजराइल के खिलाफ मोर्चा खोला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-28-2026-houthis-open-a-front-against-israel-126040100034_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-28-2026-houthis-open-a-front-against-israel-126040100034_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033237-3723.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033237-3723.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: यमन के हूतियों (Houthis) ने इजराइल के खिलाफ नए मोर्चे खोल दिए, जिससे लाल सागर में तनाव बढ़ गया। दूसरी ओर, ईरान के जवाबी हमले जारी रहे। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के रक्षा औद्योगिक स्थलों, मिसाइल बेस और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (जैसे ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775033237-3723.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: यमन के हूतियों (Houthis) ने इजराइल के खिलाफ नए मोर्चे खोल दिए, जिससे लाल सागर में तनाव बढ़ गया। दूसरी ओर, ईरान के जवाबी हमले जारी रहे। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के रक्षा औद्योगिक स्थलों, मिसाइल बेस और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (जैसे तेहरान में पेट्रोकेमिकल प्लांट) को निशाना बनाया।]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:17:26 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>Webdunia Desk</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[21-27 मार्च 2026 : ट्रंप ने कहा- युद्ध ऐतिहासिक]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-21–27-2026-trump-says-war-is-historic-126040100033_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-21–27-2026-trump-says-war-is-historic-126040100033_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033067-721.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775033067-721.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: साइप्रस में स्थित ब्रिटिश सैन्य बेस (RAF Akrotiri) पर एक ईरानी ड्रोन क्रैश हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया। हिजबुल्लाह के मोर्टार हमले में इजरायल के 2 सैनिक घायल हुए। ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध बहुत साहसी और ऐतिहासिक है। ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775033067-721.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: साइप्रस में स्थित ब्रिटिश सैन्य बेस (RAF Akrotiri) पर एक ईरानी ड्रोन क्रैश हुआ, जिससे अंतरराष्ट्रीय तनाव और बढ़ गया। हिजबुल्लाह के मोर्टार हमले में इजरायल के 2 सैनिक घायल हुए। ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध बहुत साहसी और ऐतिहासिक है। मिडिल ईस्ट जल्द ही ईरान के परमाणु ब्लैकमेल से आजाद हो जाएगा। हमने ईरान की नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:12:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:14:41 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>Webdunia Desk</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[15-20 मार्च 2026 : ईरान ने डिएगो गार्सिया पर मिसाइल छोड़ी]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-15–20-2026-iran-fired-missiles-at-diego-garcia-126040100032_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-15–20-2026-iran-fired-missiles-at-diego-garcia-126040100032_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775032910-2913.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775032910-2913.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: ईरान ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) अमेरिकी सैन्य बेस की ओर लंबी दूरी (4000 किलोमीटर) की मिसाइल दागी। इजरायल ने हिजबुल्लाह के कई शीर्ष नेताओं को हमले में मार दिया। गाजा में इजराइली सेना ने ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775032910-2913.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: ईरान ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) अमेरिकी सैन्य बेस की ओर लंबी दूरी (4000 किलोमीटर) की मिसाइल दागी। इजरायल ने हिजबुल्लाह के कई शीर्ष नेताओं को हमले में मार दिया। गाजा में इजराइली सेना ने हमास के एक खुफिया अधिकारी को मार दिया। ]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:09:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:12:06 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[3 मार्च 2026 : ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमला]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-3-2026-attack-on-iran-nuclear-plant-126040100030_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-3-2026-attack-on-iran-nuclear-plant-126040100030_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775032379-6818.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Middle East Conflict: इज़राइली वायु सेना (IDF) ने तेहरान के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संस्थानों पर भारी बमबारी की। इसमें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का मुख्यालय, राष्ट्रपति कार्यालय और 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' की इमारत को पूरी तरह नष्ट कर ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775032379-6818.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: इज़राइली वायु सेना (IDF) ने तेहरान के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संस्थानों पर भारी बमबारी की। इसमें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का मुख्यालय, राष्ट्रपति कार्यालय और &#39;असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स&#39; की इमारत को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी B-1 बॉम्बर्स और इज़राइली जेट्स ने नतांज के परमाणु संयंत्र और कर्मनशाह प्रांत में स्थित ईरान के सबसे बड़े ड्रोन बेस पर सटीक हमले किए। UN की परमाणु एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की कि ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को हवाई हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है। ]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 14:01:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 14:04:01 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[2 मार्च 2026 : ‍हिज्बुल्लाह युद्ध में शामिल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-2-2026-attack-on-iran-nuclear-plant-126040100028_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-2-2026-attack-on-iran-nuclear-plant-126040100028_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775031471-2435.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775031471-2435.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East Conflict: लेबनान स्थित हिजबुल्लाह आधिकारिक तौर पर युद्ध में शामिल हुआ और उत्तरी इजराइल पर रॉकेटों की बारिश कर दी। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में 70 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775031471-2435.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: लेबनान स्थित हिजबुल्लाह आधिकारिक तौर पर युद्ध में शामिल हुआ और उत्तरी इजराइल पर रॉकेटों की बारिश कर दी। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी इलाकों में 70 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए।<br />
<br />
इन हमलों में हिजबुल्लाह का खुफिया प्रमुख हुसैन मकलेद की मौत हो गई। आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की और धमकी दी कि ईरान वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज पर गोलीबारी करेगा। ]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:45:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 13:48:13 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[मिडिल ईस्ट की आग में क्या पाकिस्तान भी झोंकेगा अपनी सेना? इशाक डार की चेतावनी ने बढ़ाई दुनिया की धड़कनें]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/pakistan-role-in-middle-east-war-saudi-defense-pact-2025-analysis-126040100027_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/pakistan-role-in-middle-east-war-saudi-defense-pact-2025-analysis-126040100027_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775030719-902.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775030719-902.jpg</image>
      <description><![CDATA[Saudi Pak Defense Agreement: अमेरिका और इज़राइल की ईरान पर भीषण बमबारी ने वैश्विक व्यवस्था की चूलें हिला दी हैं। 9 से अधिक देशों में तबाही का मंजर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था हर दिन अरबों डॉलर का घाटा सह रही है। पिछले एक महीने से मिडिल ईस्ट (Middle ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="Saudi Pak Defense Agreement" class="imgCont" height="670" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775030719-902.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	<br />
	Saudi Pak Defense Agreement: अमेरिका और इज़राइल की ईरान पर भीषण बमबारी ने वैश्विक व्यवस्था की चूलें हिला दी हैं। 9 से अधिक देशों में तबाही का मंजर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था हर दिन अरबों डॉलर का घाटा सह रही है। पिछले एक महीने से मिडिल ईस्ट (Middle East) श्मशान बना हुआ है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान इस युद्ध का अगला खिलाड़ी बनने जा रहा है?</p>
<h3>
	2025 का रक्षा समझौता : पाकिस्तान की मजबूरी या वफादारी?</h3>
<p>
	मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का बयान बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष केवल “मौत और विनाश” लेकर आएगा। लेकिन असली पेंच फंसा है 2025 के सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते में।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान द्वारा सऊदी अरब और खाड़ी देशों (GCC) पर ड्रोन हमलों के बाद स्थिति नाजुक है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने हाल ही में रियाद को भरोसा दिलाया है कि पाकिस्तान हमेशा अपने &#39;भाई&#39; सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। अगर सऊदी अरब जवाबी सैन्य कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान को इस समझौते के तहत अपने सैनिक युद्ध के मैदान में उतारने पड़ सकते हैं।</p>
<h3>
	पाकिस्तान क्यों कतरा रहा है युद्ध से?</h3>
<p>
	रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद सईद के अनुसार, सऊदी अरब ने अब तक "अद्भुत संयम" दिखाया है। पाकिस्तान युद्ध से बचने की कोशिश इसलिए कर रहा है क्योंकि:</p>
<ul>
	<li>
		<strong>भारत के साथ हालिया तनाव : </strong>एक साल पहले ही भारत के साथ चार दिनों का मिसाइल युद्ध पाकिस्तान की कमर तोड़ चुका है।</li>
	<li>
		<strong>तालिबान फ्रंट : </strong>पश्चिमी सीमा पर अफगानिस्तान के साथ लगातार झड़पें जारी हैं।</li>
	<li>
		<strong>आर्थिक बदहाली : </strong>पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था किसी भी बड़े सैन्य अभियान का बोझ उठाने की स्थिति में नहीं है।</li>
</ul>
<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Saudi Pak Defense Agreement" class="imgCont" height="1075" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775030784-7164.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="600" /></p>
</p>
<h3>
	<br />
	कूटनीति का &#39;सेंटर पॉइंट&#39; बना इस्लामाबाद</h3>
<p>
	वॉशिंगटन के एक्सपर्ट कामरान बुखारी का मानना है कि ईरान के लिए पाकिस्तान ही एकमात्र ऐसा देश है जो मध्यस्थ बन सकता है। इसी कड़ी में इस्लामाबाद में तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के शीर्ष राजनयिकों की आपात बैठक हुई है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की पेशकश की है, जिसे चीन का भी समर्थन मिला है। हालांकि, इशाक डार चोटिल होने के बावजूद बीजिंग की यात्रा पर हैं ताकि किसी भी तरह इस आग को फैलने से रोका जा सके।</p>
<h3>
	हूती विद्रोह और ट्रंप-नेतन्याहू का &#39;ऐतिहासिक सबक&#39;</h3>
<p>
	युद्ध का दायरा तब और बढ़ गया जब यमन के हूती विद्रोहियों ने पहली बार सीधे इज़राइल पर निशाना साधा। उधर, ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा है कि यह हमारा युद्ध है। हम ट्रंप और नेतन्याहू को ऐतिहासिक सबक सिखाकर ही दम लेंगे। ईरान ने फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता वाली क्षेत्रीय बैठकों से दूरी बना ली है, जिससे शांति की उम्मीदें धूमिल होती दिख रही हैं।</p>
<h3>
	क्या होगा आगे?</h3>
<p>
	वर्तमान स्थिति बेहद अनिश्चित है। यदि ईरान ने सऊदी अरब की रेड लाइन को पार किया, तो पाकिस्तान की कूटनीति समाप्त हो जाएगी और सैन्य हस्तक्षेप शुरू हो जाएगा। दुनिया इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठी है। पाकिस्तान की "शांति पहल" शायद आखिरी उम्मीद है। यदि अगले 48 घंटों में इस्लामाबाद, रियाद और तेहरान के बीच कोई सहमति नहीं बनी, तो "मौत और विनाश" का यह तांडव पूरे दक्षिण एशिया को अपनी चपेट में ले सकता है।</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:28:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 13:37:20 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[International News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया रिसर्च टीम</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[1 मार्च 2026 : ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-1-2026-iran-fired-missiles-at-gulf-nations-126040100023_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/march-1-2026-iran-fired-missiles-at-gulf-nations-126040100023_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775029826-2705.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775029826-2705.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका-इजराइल ने ईरान में 72 से ज्यादा हमले किए जिनमें मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटर शामिल थे। ईरान के जवाबी हमले जारी रहे। ईरान की एक मिसाइल इजराइल के बेइत शेमेश (Beit Shemesh) में एक रिहायशी इमारत पर गिरी, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई। इसे ईरान का का ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775029826-2705.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
Middle East Conflict: अमेरिका-इजराइल ने ईरान में 72 से ज्यादा हमले किए जिनमें मिसाइल साइट्स और कमांड सेंटर शामिल थे। ईरान के जवाबी हमले जारी रहे। ईरान की एक मिसाइल इजराइल के बेइत शेमेश (Beit Shemesh) में एक रिहायशी इमारत पर गिरी, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई। इसे ईरान का का सबसे घातक हमला माना गया।<br />
<br />
ईरान ने खाड़ी देशों- दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा पर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- यह युद्ध चार से पांच हफ्ते तक चल सकता है, लेकिन जरूरत पड़ी तो ज्यादा समय भी लग सकता है। ईरानी लड़ने में कमजोर हैं।]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:18:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 13:48:57 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[28 फरवरी 2026]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/february-28-2026-beginning-of-war-126040100021_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/february-28-2026-beginning-of-war-126040100021_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775029390-5965.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775029390-5965.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लॉयन' शुरू किया। हमलों में ईरान के मिसाइल ठिकाने, हवाई सुरक्षा प्रणाली और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया। ईरान पर पहले 12 घंटों में सैकड़ों मिसाइलों दागी गईं।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
	<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
		<img align="center" alt="Middle East Conflict" class="imgCont" height="592" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775029390-5965.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="740" /></p>
</p>
<br />
अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त रूप से &#39;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी/रोरिंग लॉयन&#39; शुरू किया। हमलों में ईरान के मिसाइल ठिकाने, हवाई सुरक्षा प्रणाली और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया। ईरान पर पहले 12 घंटों में सैकड़ों मिसाइलों दागी गईं।<br />
<br />
तेहरान में हुए हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई अन्य अधिकारी भी मारे गए। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में 170 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरान ने इजराइल के साथ ही बहरीन, कुवैत व कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। <br />
<br />
<strong><a href="/international-hindi-news/war-begins-israel-launches-a-major-attack-on-iran-  126022800015_1.html">जंग का आगाज, इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में धमाके, इजराइल में इमरजेंसी, अमेरिका ने कमर कसी</a><br />
<br />
<a href="/international-hindi-news/big-claim-about-israel-and-america-s-attacks-on-iran-  126022800063_1.html">ईरान पर हमलों को लेकर बड़ा दावा, जवाबी हमले में ईरानी रक्षा मंत्री की मौत, सेना का बड़ा कमांडर भी मारा गया</a></strong><br />
<br />
<p>
	<strong>ईरान ने 8 देशों पर एक साथ दागीं मिसाइलें, ट्रंप ने किया &#39;रेजीम चेंज&#39; का ऐलान, तेहरान में हड़कंप, इजरायल-ईरान अटैक की </strong>
	<p style="display: inline !important;">
		<strong>10 बड़ी बातें</strong></p>
	<p style="display: inline !important;">
		 </p>
</p>
<br />
<a href="/international-hindi-news/israel-strike-minab-school-57-children-killed-war-update-  126022800054_1.html"><strong>इजराइली एयरस्ट्राइक का कहर, ईरान का स्कूल बना कब्रिस्तान, 57 मासूम लड़कियों की मौत (वीडियो)</strong></a>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 19:58:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप का बड़ा ऐलान: 2-3 हफ्तों में ईरान से सेना वापसी, इजराइल ने कुद्स कमांडर को मार गिराया]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-iran-troop-withdrawal-israel-kills-quds-commander-middle-east-war-126040100022_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/trump-iran-troop-withdrawal-israel-kills-quds-commander-middle-east-war-126040100022_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/thumb/1_1/1768358692-2719.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/thumb/1_1/1768358692-2719.jpg</image>
      <description><![CDATA[US Israel Iran War Updates : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका जल्द ही, अगले 2–3 हफ्तों के भीतर, ईरान से अपनी सैन्य उपस्थिति कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="trump and netanyahu" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/14/full/1768358692-2719.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="trump and netanyahu" width="1200" /></p>
	US Israel Iran War Updates : अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका जल्द ही, अगले 2–3 हफ्तों के भीतर, ईरान से अपनी सैन्य उपस्थिति कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। इस बीच इजराइल ने लेबनान में बड़ा हमला करते हुए कुद्स कमांडर महदी वफाएई को मार गिराया। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/us-israel-iron-dome-limits-iran-missile-strikes-defense-sustainability-2026-126033100061_1.html" target="_blank">खाली होते शस्त्रागार और महंगा डिफेंस : क्या अमेरिका-इजराइल की &#39;अजेयता&#39; का दौर खत्म हो रहा है?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान से अपनी सेना वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हवाई हमलों ने तय किए गए सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। डील हो ना हो हम चलें जाएंगे। उनके इस बयान से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी दिखाई दी। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने दावा किया कि ईरान में &#39;रिजीम चेंज&#39; का लक्ष्य पूरा हो चुका है। इसीलिए अमेरिका अब इस संघर्ष को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-attack-amazon-bahrain-us-israel-war-escalation-126040100017_1.html" target="_blank">बहरीन में Amazon पर मिसाइल हमला, ईरान के निशाने पर अमेरिकी कंपनियां</a></strong></p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			Donald Trump ने कहा कि अमेरिका जल्द ही, अगले 2–3 हफ्तों के भीतर, Iran से अपनी सैन्य उपस्थिति कम कर सकता है। उनके अनुसार, अमेरिकी हवाई हमलों ने तय किए गए सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। <a href="https://twitter.com/hashtag/trump?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trump</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/donaldtrump?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#donaldtrump</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/iranus?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#iranus</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/iranuswar?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#iranuswar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/trendingnow?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trendingnow</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/trendingvideo?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trendingvideo</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/iran?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#iran</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/trendingreel?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#trendingreel</a> <a href="https://t.co/Q0PkrxMPyt">pic.twitter.com/Q0PkrxMPyt</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2039216390000017548?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	इजराइल को मिली बड़ी सफलता</h3>
<p>
	भले ही ट्रंप ने युद्ध जल्द खत्म करने का ऐलान कर दिया हो, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अब तक जंग खत्म करने की बात नहीं कही है। इस बीच इजराइली सेना ने ईरानी कुद्स फोर्स के कमांडर महदी वफाएई को लेबनान में मार गिराया। वफाएई, ईरान के महल्लात क्षेत्र में कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स की इंजीनियरिंग शाखा के प्रमुख थे।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वफाएई ने लेबनान और सीरिया में भूमिगत परियोजनाओं को आगे बढ़ाया और हिज़्बुल्लाह तथा असद शासन के लिए भूमिगत आतंकी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) स्थापित करने और उनका संचालन करने के प्रयासों का नेतृत्व किया।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			ELIMINATED: Mahdi Vafaei, the Head of the Engineering Branch of the Quds Force’s Lebanon Corps in the Mahallat Area in Iran<br />
			<br />
			Vafaei advanced underground projects across Lebanon and Syria, leading efforts to establish and manage underground terrorist infrastructure sites for…</p>
		— Israel Defense Forces (@IDF) <a href="https://twitter.com/IDF/status/2039223091784499506?ref_src=twsrc%5Etfw">April 1, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>
	इस बीच ईरान ने भी पलटवार करते हुए बहरीन में अमेजन के हेडक्वार्टर पर बड़ा मिसाइल हमला किया। इजराइल के कई शहरों में भी ईरानी मिसाइलों ने तबाही मचाई।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 13:02:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 13:13:56 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[बहरीन में Amazon पर मिसाइल हमला, ईरान के निशाने पर अमेरिकी कंपनियां]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-attack-amazon-bahrain-us-israel-war-escalation-126040100017_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-attack-amazon-bahrain-us-israel-war-escalation-126040100017_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775028107-0821.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/thumb/1_1/1775028107-0821.jpg</image>
      <description><![CDATA[Iran Attacks Amazon in Baharin : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध बुधवार को और भीषण हो गया। ईरान ने बुधवार को बहरीन में Amazon के हेडर्क्वाटर पर मिसाइल हमला किया। बहरीन सरकार ने भी इस हमले की पुष्‍टि की है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="iran missile attack at amazon office AI generated Image" class="imgCont" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-04/01/full/1775028107-0821.jpg" style="border: 1px solid rgb(221, 221, 221); margin-right: 0px; z-index: 0; width: 1200px; height: 675px;" title="iran missile attack at amazon office" /></p>
	</p>
	Iran Attacks Amazon in Baharin : अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध बुधवार को और भीषण हो गया। ईरान ने बुधवार को बहरीन में Amazon के हेडर्क्वाटर पर मिसाइल हमला किया। बहरीन सरकार ने भी इस हमले की पुष्‍टि की है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/us-israel-iron-dome-limits-iran-missile-strikes-defense-sustainability-2026-126033100061_1.html" target="_blank">खाली होते शस्त्रागार और महंगा डिफेंस : क्या अमेरिका-इजराइल की &#39;अजेयता&#39; का दौर खत्म हो रहा है?</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान ने बहरीन के हमाला में स्थित अमेजॉन के हेडक्वार्टर पर मिसाइल हमला किया इससे बैटेलको हेडक्वार्टर की बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा। बैटेलको, बहरीन की सबसे बड़ी टेलीकम्युनिकेशन कंपनी है और एमेजॉन वेब सर्विसेज के बुनियादी ढांचे को होस्ट करती है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	ईरान ने दी थी हमले की धमकी</h3>
<p>
	ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि वह 1 अप्रैल से पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान के निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन), टेस्ला, बोइंग, डेल टेक्नोलॉजीज, हेवलेट पैकार्ड (एचपी), सिस्को, ओरेकल, मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम), जेपी मॉर्गन चेस, जनरल इलेक्ट्रिक, हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज जैसी कंपनियां हैं।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	क्यों निशाने पर हैं अमेरिकी कंपनियां</h3>
<p>
	ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजराइली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और &#39;टारगेट-सिलेक्शन&#39; (लक्ष्य चयन) में मदद कर रही हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 12:31:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Wed, 01 Apr 2026 12:53:42 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[विनाश के लिए तैयार रहें, ईरान की चेतावनी, 1 अप्रैल से Google, Apple और Microsoft समेत 18 कंपनियों को बनाएगा निशाना]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-irgc-threatens-attack-us-tech-firms-west-asia-april-1-126033100064_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-irgc-threatens-attack-us-tech-firms-west-asia-april-1-126033100064_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/24/thumb/1_1/1774346113-4122.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/24/thumb/1_1/1774346113-4122.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।  ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल से पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी कंपनियों को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="iran secret war plan" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/24/full/1774346113-4122.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है।  ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि वह 1 अप्रैल से पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। IRGC ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें दिग्गज टेक और इंडस्ट्रियल कंपनियां भी शामिल होंगी।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-tells-aides-hes-willing-to-end-iran-war-even-if-strait-of-hormuz-remains-closed-126033100048_1.html" target="_blank">हमसे तेल खरीदो या खुद लड़ना सीखो, ईरान युद्ध में साथ न देने वाले देशों पर भड़के Donald Trump</a></strong></p>
</p>
<p>
	ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजराइली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और &#39;टारगेट-सिलेक्शन&#39; (लक्ष्य चयन) में मदद कर रही हैं। यह चेतावनी बुधवार, 1 अप्रैल को तेहरान समयनुसार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार रात 10.30 बजे) से प्रभावी होगी। IRGC ने इन संस्थानों के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत कार्यस्थल छोड़ने की सलाह दी है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	18 कंपनियों की हिट लिस्ट जारी</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरान ने कुल 18 अमेरिकी कंपनियों को अपनी सूची में रखा है। IRGC के बयान के अनुसार कि इन कंपनियों को ईरान में होने वाले प्रत्येक आतंकी कृत्य (लक्षित हत्याओं) के बदले में अपने संबंधित यूनिट्स के विनाश के लिए तैयार रहना चाहिए।  ईरान का आरोप है कि OpenAI, Anthropic, Google और Microsoft जैसी कंपनियां अमेरिकी और इजरायली सेना के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ ड्रोन संचालन और &#39;टारगेट-सिलेक्शन&#39; (लक्ष्य चयन) में मदद कर रही हैं।<br />
	<br />
	<h3>
		ये कंपनियां निशाने पर </h3>
	<p>
		ईरान के निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन), टेस्ला, बोइंग, डेल टेक्नोलॉजीज, हेवलेट पैकार्ड (एचपी), सिस्को, ओरेकल, मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम), जेपी मॉर्गन चेस, जनरल इलेक्ट्रिक, हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज जैसी कंपनियां हैं।</p>
</p>
<p>
	  <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-strike-isfahan-bunker-buster-bombs-donald-trump-truth-social-126033100044_1.html" target="_blank">आखिर इस्फहान ही क्यों बना निशाना? 900KG बम से मची तबाही, डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया धमाके का वीडियो</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	IRGC ने अपने बयान में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की भूमिका पर जोर दिया है।  ईरान की यह आक्रामक धमकी उसके एक और शीर्ष सैन्य कमांडर, ब्रिगेडियर जनरल जमशेद इशागी की हत्या के बाद आई है। IRGC के कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी ने पुष्टि की कि इशागी और उनका परिवार एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारा गया है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/auto-mobile-news/fastag-annual-pass-price-hike-april-1-new-rates-benefits-how-to-buy-126033100035_1.html" target="_blank">FASTag Annual Pass 1 अप्रैल से महंगा: जानिए नई कीमत, फायदे और खरीदने का तरीका</a></strong></p>
</p>
<h3>
	कौन थे इशागी? </h3>
<p>
	वह ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ में बजट और वित्तीय मामलों के प्रमुख थे। 2025 में अमेरिका ने उन पर चीन को तेल भेजने और उस पैसे से हिजबुल्लाह जैसे समूहों को फंडिंग करने के आरोप में प्रतिबंध लगाया था।ईरान के लिए यह युद्ध बेहद विनाशकारी रहा है।</p>
<p>
	<br />
	28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी भी मारे गए। हालांकि इजराइल और अमेरिका का दावा है कि उन्होंने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर उसे पंगु बना दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अभी भी पलटवार करने की क्षमता रखता है। 1 अप्रैल की समय-सीमा  इस खतरे को और भी गंभीर बना देती है। Edited by: Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 21:24:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 23:42:21 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>Webdunia Desk</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[हमसे तेल खरीदो या खुद लड़ना सीखो, ईरान युद्ध में साथ न देने वाले देशों पर भड़के Donald Trump]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-tells-aides-hes-willing-to-end-iran-war-even-if-strait-of-hormuz-remains-closed-126033100048_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-tells-aides-hes-willing-to-end-iran-war-even-if-strait-of-hormuz-remains-closed-126033100048_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/thumb/1_1/1769852096-7185.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/thumb/1_1/1769852096-7185.jpg</image>
      <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को सख्त चेतावनी दी है जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में अमेरिका का साथ नहीं दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो देश ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, वे या ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-01/31/full/1769852096-7185.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को सख्त चेतावनी दी है जिन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में अमेरिका का साथ नहीं दिया। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जो देश ईंधन संकट से जूझ रहे हैं, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या फिर खुद जाकर अपना रास्ता साफ करें।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-strike-isfahan-bunker-buster-bombs-donald-trump-truth-social-126033100044_1.html" target="_blank">आखिर इस्फहान ही क्यों बना निशाना? 900KG बम से मची तबाही, डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया धमाके का वीडियो</a></strong></p>
</p>
<h3>
	&#39;होर्मुज जलडमरूमध्य&#39; (Strait of Hormuz) में खड़ा हुआ संकट</h3>
<p>
	ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी जंग के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, पूरी तरह ठप हो गया है। बता दें कि दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा (तेल और गैस) की जरूरतें इसी रास्ते से पूरी होती हैं। 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी-इजराइली हमलों के जवाब में ईरान ने इस मार्ग पर जवाबी कार्रवाई की, जिससे यहां जहाजों की आवाजाही बंद हो गई है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/auto-mobile-news/fastag-annual-pass-price-hike-april-1-new-rates-benefits-how-to-buy-126033100035_1.html" target="_blank">FASTag Annual Pass 1 अप्रैल से महंगा: जानिए नई कीमत, फायदे और खरीदने का तरीका</a></strong></p>
</p>
<h3>
	ट्रंप का तीखा हमला- हिम्मत जुटाओ और खुद तेल लाओ</h3>
<p>
	डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से दुनिया के देशों से होर्मुज के रास्ते को खुलवाने में मदद की अपील कर रहे थे। लेकिन समर्थन न मिलने से नाराज ट्रंप ने &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर पोस्ट लिखकर ब्रिटेन जैसे देशों पर तंज कसा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ट्रंप ने लिखा- उन सभी देशों के लिए, जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण जेट ईंधन नहीं मिल पा रहा है- जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान के खात्मे (Decapitation) के अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया था- मेरे पास आपके लिए दो सुझाव हैं: अमेरिका से तेल खरीदें, हमारे पास पर्याप्त भंडार है। थोड़ी हिम्मत जुटाएं, खुद उस जलडमरूमध्य में जाएं और अपना तेल खुद छीन लें (Just TAKE IT)!</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/mobile-news/google-pixel-10a-flat-design-performance-mid-range-market-analysis-126033100033_1.html" target="_blank">Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?</a></strong></p>
</p>
<h3>
	अमेरिका अब मदद के लिए नहीं आएगा</h3>
<p>
	ट्रंप ने अपने पोस्ट में कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान अब लगभग &#39;तबाह&#39; (Decimated) हो चुका है और सबसे कठिन काम पूरा हो चुका है। उन्होंने दोटूक कहा- अब आपको अपने लिए लड़ना सीखना होगा। अमेरिका अब आपकी मदद के लिए खड़ा नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे आप हमारे लिए खड़े नहीं हुए थे। जाओ और अपना तेल खुद हासिल करो!</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	युद्ध और तनाव की ताजा स्थिति</h3>
<p>
	ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध थमने के संकेत नहीं दे रहे हैं। जहां एक तरफ ट्रंप कूटनीतिक बातचीत की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध को और व्यापक बनाने की धमकियां भी दे रहे हैं। मंगलवार को ही ईरान के रणनीतिक शहर इस्फ़हान पर बड़ा हमला किया गया, जहाँ ईरान का परमाणु संवर्धन केंद्र स्थित है। ट्रंप ने इस हमले का वीडियो भी शेयर किया, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है।<br />
	<br />
	<h3>
		स्पेन के बाद इटली ने सैन्य बेस देने से किया इंकार</h3>
	<p>
		इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया। कुछ दिन पहले स्पेन भी ऐसा ही कदम उठा चुका है। स्पेन ने ईरान जंग में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। यह बेस सिसिली आइलैंड पर है। अमेरिका यहां विमान उतरना चाहता था, लेकिन इटली ने अनुमति नहीं दी। अमेरिका के कुछ बॉम्बर विमान इटली के इस बेस पर उतरकर आगे मिडिल ईस्ट जाना चाहते थे। लेकिन इटली को इस प्लान की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। अमेरिका ने न तो इटली से इजाजत मांगी और न ही उसके सैन्य अधिकारियों से बात की। Edited by: Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 17:49:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 17:58:38 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[आखिर इस्फहान ही क्यों बना निशाना? 900KG बम से मची तबाही, डोनाल्ड ट्रंप ने शेयर किया धमाके का वीडियो]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-strike-isfahan-bunker-buster-bombs-donald-trump-truth-social-126033100044_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-strike-isfahan-bunker-buster-bombs-donald-trump-truth-social-126033100044_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774957738-0727.jpg"/>
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      <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका ने ईरान के इस्फ़हान शहर स्थित एक विशाल गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाते हुए 2,000 पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) के घातक 'बंकर-बस्टर' बमों से हमला किया है। जून 2025 में ईरान और इजराइल ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="US strike Isfahan Bunker Buster Bombs" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/full/1774957738-0727.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका ने ईरान के इस्फ़हान शहर स्थित एक विशाल गोला-बारूद डिपो को निशाना बनाते हुए 2,000 पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) के घातक &#39;बंकर-बस्टर&#39; बमों से हमला किया है। जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच चले 12 दिवसीय युद्ध के दौरान अमेरिका ने इसी क्षेत्र में बमबारी की थी। अमेरिका को संदेह है कि ईरान ने अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम यहां जमीन के नीचे सुरक्षित कर रखा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#39;ट्रुथ सोशल&#39; पर एक भीषण विस्फोट का वीडियो शेयर किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार  यह वीडियो केंद्रीय ईरानी शहर के बाहरी इलाके में किए गए अमेरिकी हमले का है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/auto-mobile-news/fastag-annual-pass-price-hike-april-1-new-rates-benefits-how-to-buy-126033100035_1.html" target="_blank">FASTag Annual Pass 1 अप्रैल से महंगा: जानिए नई कीमत, फायदे और खरीदने का तरीका</a></strong></p>
</p>
<h3>
	धमाकों से दहला इस्फ़हान</h3>
<p>
	सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आग के विशाल गोले और उसके बाद होने वाले सिलसिलेवार &#39;सेकेंडरी धमाके&#39; देखे जा सकते हैं। इस तरह के विस्फोट आमतौर पर तब होते हैं जब आग गोला-बारूद के भंडार तक पहुंच जाती है। नासा (NASA) के फायर-ट्रैकिंग सैटेलाइट्स के आंकड़ों के अनुसार ये धमाके माउंट सोफ़ेह के पास हुए हैं, जिसे ईरानी सेना का एक प्रमुख ठिकाना माना जाता है। हालांकि, ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस हमले की पुष्टि नहीं की है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			US strikes Iran&#39;s Isfahan city<br />
			<br />
			The strike targeted a key military facility in central Iran, the WSJ reports.<br />
			<br />
			Isfahan is considered a key hub of Iran&#39;s nuclear and defense programs. <a href="https://t.co/cNbhn1vTze">pic.twitter.com/cNbhn1vTze</a></p>
		— Sputnik India (@Sputnik_India) <a href="https://twitter.com/Sputnik_India/status/2038869470735651179?ref_src=twsrc%5Etfw">March 31, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<h3>
		हथियारों के जखीरे को नष्ट करने की कोशिश</h3>
	<p>
		&#39;द वॉल स्ट्रीट जर्नल&#39; ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि इस हमले में &#39;बड़ी संख्या में बंकर बस्टर या पेनिट्रेटर मूनिशन्स (आर-पार भेदने वाले हथियारों)&#39; का इस्तेमाल किया गया था। इस स्ट्राइक का मुख्य उद्देश्य वहां मौजूद मिसाइलों, रॉकेटों और अन्य विस्फोटक हथियारों के जखीरे को पूरी तरह नष्ट करना था।</p>
	<p>
		<p>
			<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/mobile-news/google-pixel-10a-flat-design-performance-mid-range-market-analysis-126033100033_1.html" target="_blank">Google Pixel 10a: फ्लैट डिजाइन और दमदार परफॉर्मेंस के दम पर क्या मिड-रेंज बाजार में बना पाएगा खास जगह?</a></strong></p>
	</p>
	<h3>
		आखिर इस्फ़हान ही क्यों बना निशाना?</h3>
	<p>
		इस्फ़हान ईरान का एक रणनीतिक केंद्र है, जहां कई सैन्य ठिकाने और रक्षा उद्योग स्थित हैं। यह शहर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ ईरान के तीन प्रमुख यूरेनियम संवर्धन (uranium enrichment) केंद्रों में से एक है।</p>
	<p>
		<blockquote class="twitter-tweet">
			<p dir="ltr" lang="en">
				Satellite imagery suggests Iran may have moved up to 540 kg of highly enriched uranium to an underground tunnel complex in Isfahan just days before Israeli and US airstrikes in June 2025.<br />
				<br />
				A high-resolution image from June 9 shows a heavy truck carrying 18 shielded containers at… <a href="https://t.co/DOjSStzeEF">pic.twitter.com/DOjSStzeEF</a></p>
			— Clash Report (@clashreport) <a href="https://twitter.com/clashreport/status/2038868465621098708?ref_src=twsrc%5Etfw">March 31, 2026</a></blockquote>
		<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
		<h3>
			 सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा</h3>
		<p>
			जून 2025 के युद्ध से ठीक पहले की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला था कि तेहरान ने बड़ी मात्रा में यूरेनियम इस्फ़हान शिफ्ट किया है। एयरबस डिफेंस एंड स्पेस प्लियाडेस नियो सैटेलाइट की तस्वीरों में 9 जून, 2025 को 18 नीले कंटेनरों से लदा एक ट्रक इस्फ़हान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र की सुरंग में जाते हुए देखा गया था। </p>
		<p>
			 </p>
		<h3>
			ईरान का होर्मज पर टोल टैक्स का फैसला</h3>
		<p>
			ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेने का फैसला किया है। ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रबंधन योजना को मंजूरी दी है। यह योजना होर्मुज के रणनीतिक समुद्री गलियारे से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने के उपाय करती है। समिति ने इजराइल और अमेरिका के जहाजों की होर्मुज में एंट्री बैन कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां जहाजों से टोल लेने की सूरत में ईरान को एक बड़ी कमाई इससे हो सकती है। Edited by: Sudhir Sharma </p>
	</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 17:11:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 17:20:13 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[राहत सामग्री लेने भारत आ रहा विमान US एयर स्ट्राइक में क्षतिग्रस्त, अमेरिका पर भड़का ईरान]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-mashhad-airport-us-airstrike-relief-plane-india-medicine-war-crime-126033100018_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-mashhad-airport-us-airstrike-relief-plane-india-medicine-war-crime-126033100018_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774942479-6585.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774942479-6585.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले में महान एयर (ईरान एयरलाइंस) का एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। यह विमान भारत जाने वाला था ताकि वहां से दवाइयां और मदद का सामान लाकर लोगों तक पहुंचाया जा सके। ईरान ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे वॉर क्राइम ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="mahan airlines" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/full/1774942479-6585.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	ईरान के मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी हवाई हमले में महान एयर (ईरान एयरलाइंस) का एक विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। यह विमान भारत जाने वाला था ताकि वहां से दवाइयां और मदद का सामान लाकर लोगों तक पहुंचाया जा सके। ईरान ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे वॉर क्राइम और अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने एक्स पोस्ट में लिखा, &#39;विमान में कई देशों से मंगवाई गई दवाएं और चिकित्सा उपकरण थे और वह एक मानवीय मिशन पर था। ऐसे नागरिक विमान को निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय विमानन नियमों का उल्लंघन है और मानवीय क़ानून के सिद्धांतों के विपरीत है।&#39; <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-isfahan-bunker-buster-attack-126033100012_1.html" target="_blank">अमेरिका ने ईरान में दागे 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरानी दूतावास ने कहा कि शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) के मुताबिक, नागरिक विमानों की सुरक्षा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय अपराध मानी जाती है। दूतावास ने सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील करते हुए कहा कि इस हमले पर तुरंत कार्रवाई करें, जिम्मेदार लोगों को सजा दें और भविष्य में ऐसे खतरों को रोकें।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Civil Aviation Organization of Iran: The attack on an Iranian aircraft carrying medicines and medical equipment constitutes a war crime and a clear violation of international law.<br />
			<br />
			The Civil Aviation Organization of the Islamic Republic of Iran strongly condemned the…</p>
		— Iran in India (@Iran_in_India) <a href="https://twitter.com/Iran_in_India/status/2038674543120875711?ref_src=twsrc%5Etfw">March 30, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script><br />
	मशहद एयरपोर्ट ईरान के रजावी खुरासान प्रांत के मशहद में स्थित एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। ये एयरपोर्ट नागरिक और सैन्य दोनों तरह की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-old-video-iran-war-strategy-middle-east-conflict-126033100003_1.html" target="_blank">ट्रंप का 39 साल पुराना वीडियो वायरल, ईरान पर हमले को लेकर कही थी बड़ी बात</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी भीषण जंग में अली खामेनेई समेत 3000 से ज्‍यादा ईरानियों की मौत हो चुकी है। ईरान भी इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 12:59:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 13:12:39 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[अमेरिका ने ईरान में दागे 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-isfahan-bunker-buster-attack-126033100012_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-iran-war-isfahan-bunker-buster-attack-126033100012_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774938242-7104.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774938242-7104.jpg</image>
      <description><![CDATA[US Israel Iran War Update : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान में 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम से भारी तबाही मचाई। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हमले का वीडियो भी शेयर किया।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="gigantic blast in iran" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/full/1774938242-7104.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="gigantic blast in iran" width="1200" /></p>
	</p>
	US Israel Iran War Update : अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के इस्फहान में 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम से हमला किया। इस हमले का उद्देश्य अंडरग्राउंड सैन्य ठिकानों को नष्ट करना बताया जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हमले का वीडियो शेयर किया है, जबकि रिपोर्ट्स में ईरान के परमाणु भंडार को लेकर भी बड़ा दावा किया गया है। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-old-video-iran-war-strategy-middle-east-conflict-126033100003_1.html" target="_blank">ट्रंप का 39 साल पुराना वीडियो वायरल, ईरान पर हमले को लेकर कही थी बड़ी बात</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	बंकर बस्टर बम सतह के ऊपर नहीं बल्कि अंदर छिपे ठिकानों को खत्म करने के लिए बनाए जाते हैं, इसलिए इनकी डिजाइन और तकनीक सामान्य बमों से काफी अलग होती है। बताया जा रहा है कि इस हमले का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें ईरान पर हुए ताजा हमलों को देखा जा सकता है। इस पोस्ट में कोई कैप्शन नहीं लिखा गया है और ना ही यह बताया कि वीडियो ईरान में किस जगह का है। हालांकि, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि वीडियो ईरान के इस्फहान शहर पर हुए हमलों का है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="hi">
			राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें देखा जा सकता है कि अमेरिका ने ईरान के Isfahan में एक बड़े गोला-बारूद डिपो पर 2,000 पाउंड का बंकर-बस्टर बम गिराया। VIDEO <a href="https://twitter.com/hashtag/DonaldTrump?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#DonaldTrump</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/usa?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#usa</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/iran?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#iran</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/isfahan?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#isfahan</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/attack?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#attack</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/USIranWar?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#USIranWar</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/viralvideo?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#viralvideo</a> <a href="https://t.co/kd8k5JcBpN">pic.twitter.com/kd8k5JcBpN</a></p>
		— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) <a href="https://twitter.com/WebduniaHindi/status/2038869988891828341?ref_src=twsrc%5Etfw">March 31, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	क्या होता है बंकर बस्टर बम?</h3>
<p>
	 </p>
<p>
	 </p>
<p>
	बंकर बस्टर बम ऐसे बम होते हैं जो जमीन या कंक्रीट के अंदर गहराई तक घुसकर विस्फोट करते हैं। इनका इस्तेमाल दुश्मन के अंडरग्राउंड बंकर, सुरंग, हथियार भंडार और परमाणु ठिकानों को खत्म करने के लिए किया जाता है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	कैसे काम करता है?</h3>
<p>
	ये बम बहुत मजबूत धातु से बने होते हैं। गिरते समय ये जमीन को भेदते हैं और अंदर पहुंचकर विस्फोट करते हैं। विस्फोट अंदर होने से ज्यादा नुकसान होता है। सामान्य बम ऊपर फटते हैं, जबकि बंकर बस्टर अंदर जाकर तबाही मचाता है। यह बम कई मीटर मोटी कंक्रीट दीवार भी तोड़ सकता है। जमीन के अंदर छिपे ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर देता है। इसका असर सीमित क्षेत्र में लेकिन बहुत गहरा होता है।</p>
<h3>
	<br />
	अमेरिका ने इस्फहान पर क्यों फोड़े बंकर बस्टर बम</h3>
<p>
	मीडिया खबरों के अनुसार, ईरान ने लगभग 540 किलोग्राम उच्च संवर्धित यूरेनियम का भंडार इस्फहान में एक अंडरग्राउंड ठिकाने में ट्रांसफर कर दिया है। इसी वजह से अमेरिका और ईरान इस शहर पर लगातार हमले कर रहे हैं। </p>
<p>
	 </p>
<p>
	इसी बीच अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप सैन्य अभियान खत्म करने को तैयार हो सकते हैं, भले ही होर्मुज स्ट्रेट काफी हद तक बंद रहे। हालांकि कई खबरों में यह भी दावा किया गया है कि अमेरिका अब ईरान पर ग्राउंड ऑपरेशन की भी तैयारी कर रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि 28 फरवरी के बाद से अमेरिका और इजराइल के ईरान पर भीषण हमले जारी है। इधर ईरान ने भी इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन हमलों से दहला दिया है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta <br />
	photo : Social Media</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 11:47:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 12:28:31 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रंप का 39 साल पुराना वीडियो वायरल, ईरान पर हमले को लेकर कही थी बड़ी बात]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-old-video-iran-war-strategy-middle-east-conflict-126033100003_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-old-video-iran-war-strategy-middle-east-conflict-126033100003_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774929907-9307.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/thumb/1_1/1774929907-9307.jpg</image>
      <description><![CDATA[Donald Trump Viral Video : डोनाल्ड ट्रंप का करीब 39 साल पुराना एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को लेकर अपनी सोच और युद्ध की रणनीति बताई थी। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर ईरान अमेरिका पर हमला करता है, तो अमेरिका को उसके बड़े ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="donald trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/31/full/1774929907-9307.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="donald trump" width="1200" /></p>
	</p>
	Donald Trump Viral Video : डोनाल्ड ट्रंप का करीब 39 साल पुराना एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने ईरान को लेकर अपनी सोच और युद्ध की रणनीति बताई थी। इस इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर ईरान अमेरिका पर हमला करता है, तो अमेरिका को उसके बड़े तेल ठिकानों पर कब्जा कर लेना चाहिए और अपने नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	दिसंबर 1987 में मशहूर पत्रकार बारबरा वाल्टर्स के साथ हुआ इस इंटरव्यू के समय ट्रंप 41 साल के थे। इसमें ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान अमेरिका पर हमला करता है, तो अमेरिका को उसके बड़े तेल ठिकानों पर कब्जा कर लेना चाहिए और अपने नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें रूस (तब सोवियत संघ) से ज्यादा चिंता नहीं है, बल्कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी ज्यादा खतरनाक हैं। उन्होंने उस समय यह भी भविष्यवाणी की थी कि एक दिन मिडिल ईस्ट में बड़ा युद्ध होगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	आज के हालात में उनकी यह बात काफी हद तक सच होती दिख रही है, क्योंकि अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर चुके हैं और पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			Donald J. Trump Truth Social Post of Video 02:06 PM EST 03.30.26<br />
			<br />
			President Trump posted a video of him from the 80&#39;s showing that his views on Iran have always been consistent <a href="https://t.co/kSQ4RbFnan">pic.twitter.com/kSQ4RbFnan</a></p>
		— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) <a href="https://twitter.com/TrumpDailyPosts/status/2038698626688631053?ref_src=twsrc%5Etfw">March 30, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h3>
	विदेश नीति की आलोचना की थी</h3>
<p>
	ट्रंप ने उस दौर में अखबारों में बड़े विज्ञापन दिए थे, जिन पर करीब 94,801 डॉलर खर्च हुए थे। ये विज्ञापन न्यूयॉर्क टाइम्स, वॉशिंगटन पोस्ट और बोस्टन ग्लोब में छपे थे। इनमें ट्रंप ने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना करते हुए लिखा था कि अमेरिका ऐसे जहाजों की सुरक्षा कर रहा है, जो उसके नहीं हैं, और ऐसे देशों की मदद कर रहा है जो खुद अपनी सुरक्षा का खर्च नहीं उठाते। उनका कहना था कि अमेरिका को अपनी ताकत का सही इस्तेमाल करना चाहिए और दूसरों से इसकी कीमत भी लेनी चाहिए।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	1988 में खार्ग पर कब्जे की बात कही</h3>
<p>
	1988 में एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अगर अमेरिका पर हमला होता है, तो वह ईरान के खार्ग आइलैंड जैसे अहम ठिकानों पर कब्जा कर सकते हैं।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 09:22:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Tue, 31 Mar 2026 09:35:56 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[समझौता नहीं किया तो खार्ग द्वीप और तेल ठिकानों पर हमला, ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटम, US-इजराइल की सीक्रेट मीटिंग से बढ़ा तनाव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-ultimatum-iran-kharg-island-oil-strike-126033000064_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/donald-trump-ultimatum-iran-kharg-island-oil-strike-126033000064_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774751443-4905.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774751443-4905.jpg</image>
      <description><![CDATA[मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<br />
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/full/1774890831-9709.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1012" /></p>
	</p>
	मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका उसके प्रमुख तेल ठिकानों- खासकर खार्ग द्वीप को निशाना बना सकता है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/utility/rule-changes-form-1-april-2026-key-change-126033000043_1.html" target="_blank">Rule Changes : 1 अप्रैल से बदलेंगे ये 10 नियम जो आपकी रोजमर्रा जिंदगी पर डालेंगे असर, जानना है जरूरी</a></strong></p>
</p>
<p>
	खार्ग द्वीप ईरान का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र माना जाता है और यहां किसी भी हमले का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। ट्रंप के इस अल्टीमेटम ने पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और भड़का दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति मिडिल ईस्ट में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए 50 हजार सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं। वे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास के द्वीपों को निशाना बना सकते हैं।  </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/assam-assembly-election-2026-news/nitin-naveen-attack-rahul-gandhi-assam-gamosa-controversy-illegal-immigrants-congress-126033000051_1.html" target="_blank">राहुल गांधी गमछा नहीं पहनते, पर टोपी खुशी-खुशी पहनते हैं, असम में नितिन नवीन का तीखा हमला; घुसपैठ पर कांग्रेस को घेरा!</a></strong></p>
</p>
<p>
	आर्मी एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो यह संघर्ष केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी युद्ध का रूप भी ले सकता है। इस बीच यूनाइटेड सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने इजराइल का दौरा किया। यहां उन्होंने Israel Defense Forces (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।  सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई और नई युद्ध रणनीति पर चर्चा हुई। </p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pentagon-iran-ground-war-plans-us-military-escalation-history-lessons-126033000036_1.html" target="_blank">ईरान में &#39;ग्राउंड वॉर&#39; की तैयारी में अमेरिका? पेंटागन का खतरनाक प्लान लीक, वियतनाम और इराक जैसी तबाही की आशंका!</a></strong><br />
		<h3>
			<strong></strong></h3>
		<h3>
			यूरेनियम पर करना चाहते हैं कब्जा</h3>
		<p>
			अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ईरान के पास मौजूद यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। ईरान के पास करीब 400 किलो समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है। ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से कहा है कि ईरान को यह यूरेनियम छोड़ना ही होगा।</p>
	</p>
</p>
<h3>
	भड़केगा भयानक युद्ध</h3>
<p>
	अगर अमेरिका ईरान में जमीनी युद्ध शुरू करता है, तो यह केवल दो देशों के बीच सीमित संघर्ष नहीं रहेगा, बल्कि पूरा पश्चिम एशिया कई मोर्चों भड़क उठेगा। ईरान के सहयोगी हाउती, हिज्बुल्लाह और हमास पहले से ही सक्रिय हैं और अलग-अलग दिशाओं से हमले कर सकते हैं। Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 22:39:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 30 Mar 2026 22:49:01 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान में 'ग्राउंड वॉर' की तैयारी में अमेरिका? पेंटागन का खतरनाक प्लान लीक, वियतनाम और इराक जैसी तबाही की आशंका!]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pentagon-iran-ground-war-plans-us-military-escalation-history-lessons-126033000036_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pentagon-iran-ground-war-plans-us-military-escalation-history-lessons-126033000036_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/thumb/1_1/1774866945-0425.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/thumb/1_1/1774866945-0425.jpg</image>
      <description><![CDATA[28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 'त्वरित और निर्णायक' कार्रवाई बताया था, लेकिन एक महीने बाद भी स्थिति इसके विपरीत है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन ईरानी अधिकारी किसी भी उच्च ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/full/1774866945-0425.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजराइली हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे &#39;त्वरित और निर्णायक&#39; कार्रवाई बताया था, लेकिन एक महीने बाद भी स्थिति इसके विपरीत है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन ईरानी अधिकारी किसी भी उच्च स्तरीय बैठक से इनकार कर रहे हैं और अमेरिकी इरादों को संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं।<br />
	 </p>
<p>
	एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि ईरान में &#39;स्पेशल फोर्सेज&#39; की तैनाती इराक जैसी एक और अंतहीन जंग की शुरुआत हो सकती है। पेंटागन ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले &#39;सीमित जमीनी सैन्य अभियानों&#39; की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन योजनाओं में खार्ग द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय क्षेत्रों पर छापेमारी शामिल हो सकती है। हालांकि इजराइल ने ईरान में जमीनी सेना भेजने से इंकार किया है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न यूनिट के 1,500 सैनिकों की तैनाती के बाद अब मध्य पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति ने कोई अंतिम निर्णय ले लिया है। फिलहाल यह अनिश्चित है कि डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक बातचीत का रास्ता चुनेंगे या सैन्य तनाव को और बढ़ाएंगे।<br />
	<br />
	<strong>बेस्टसेलर किताब &#39;रिच डैड पुअर डैड&#39; के लेखक और निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने ईरान में चल रहे युद्ध को &#39;होली वॉर&#39; बताते हुए कहा है कि ईसाई और यहूदी मुसलमानों के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध कभी खत्म नहीं होगा, जिसका अर्थ है कि तेल की कीमतें केवल बढ़ती रहेंगी जिससे और अधिक मुद्रास्फीति होगी।</strong></p>
<h3>
	अमेरिका का जमीनी हस्तक्षेप का काला इतिहास, भयानक रहे हैं परिणाम</h3>
<p>
	इतिहास गवाह है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका ने जब भी जमीनी हस्तक्षेप किया है, परिणाम भयावह रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों और पूर्व युद्ध क्षेत्रों में रहे लोगों ने इस संभावित कदम पर चिंता जताई है। ईरान में जमीनी सेना उतारने से जोखिम कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे भारी जनहानि और विफलता की संभावना है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	पिछले युद्ध में अमेरिका के दावे हुए विफल, गई लाखों लोगों की जान</h3>
<p>
	<strong>खाड़ी युद्ध </strong></p>
<p>
	कुवैत को तो मुक्त कराया गया, लेकिन सऊदी अरब में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों ने ओसामा बिन लादेन को अमेरिका के खिलाफ युद्ध छेड़ने का बहाना दिया, जो अंततः 9/11 का कारण बना।</p>
<h3>
	इराक में विनाश के हथियारों का दावा, परिणाम इस्लामिक स्टेट का उदय</h3>
<p>
	सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) का दावा, जो कभी नहीं मिले।  4,492 अमेरिकी सैनिक और लगभग 2,00,000 इराकी नागरिक मारे गए। इराक युद्ध पर सीधे तौर पर 728 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए।<strong> </strong> इराकी सेना को भंग करने से &#39;इस्लामिक स्टेट&#39; (ISIS) का उदय हुआ। 2023 तक भी 11 लाख से अधिक इराकी बेघर हैं। अबू गरीब जेल में प्रताड़ना की तस्वीरों ने अमेरिकी नैतिकता पर गहरा दाग लगाया।</p>
<h3>
	अफगानिस्तान में 50000 नागरिकों की मौत और तालिबान की वापसी </h3>
<p>
	अफगानिस्तान में भी अमेरिका ने ऐसा ही किया। 2,459 अमेरिकी सैनिक और लगभग 50,000 अफगान नागरिक मारे गए। खरबों डॉलर खर्च हुए। 2021 में अमेरिकी वापसी के कुछ ही दिनों भीतर तालिबान फिर से सत्ता में लौट आया।</p>
<h3>
	विएतनाम में सबसे बड़ी सैन्य विफलता</h3>
<p>
	विएतनाम में 58,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक और लगभग 30 लाख वियतनामी मारे गए।अमेरिका को बिना जीत के लौटना पड़ा। &#39;एजेंट ऑरेंज&#39; जैसे जहरीले रसायनों के इस्तेमाल से आज भी वहां कैंसर और जन्मजात विकलांगता जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।<br />
	 </p>
<p>
	<strong>सोमालिया : </strong>&#39;ब्लैक हॉक डाउन&#39; की घटना के बाद अमेरिका पीछे हटा। इसके बाद सोमालिया दो दशकों तक गृहयुद्ध में झुलसा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	<strong>कोसोवो :</strong> बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के बमबारी की गई। आज भी कई देश कोसोवो को मान्यता नहीं देते। Edited by : Sudhir Sharma </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 15:55:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 30 Mar 2026 16:46:43 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[कुवैत में पॉवर प्लांट पर ईरान का मिसाइल अटैक, भारतीय की मौत]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-kuwait-power-plant-attack-indian-worker-killed-middle-east-war-126033000011_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-kuwait-power-plant-attack-indian-worker-killed-middle-east-war-126033000011_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/thumb/1_1/1774091201-2309.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/thumb/1_1/1774091201-2309.jpg</image>
      <description><![CDATA[मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने कुवैत के पॉवर और डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई। इस हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="US Israel Iran War " class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/full/1774091201-2309.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने कुवैत के पॉवर और डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई। इस हमले में इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	बिजली मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने कहा कि कुवैत में ईरानी आक्रामकता के तहत एक पावर और पानी डीसैलिनेशन प्लांट में एक सर्विस बिल्डिंग पर हमला किया गया। इसमें एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई और बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा। हमले के तुरंत बाद तकनीकी और इमरजेंसी टीमों को मौके पर भेजा गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	कुवैत सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। लोगों को यह भरोसा भी दिलाया गया है कि बिजली और पानी की सप्लाई को किसी भी हालत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजराइल ईरान और लेबनान पर हमले कर रहे हैं तो ईरान इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों पर भी हमले कर रहा है। इधर इजराइल पर भी हिजबुल्लाह के हमले जारी है। ईरान के एक बैलिस्टिक मिसाइल का मलबा गिरने से UAE में 5 भारतीय घायल हो गए।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 10:25:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 30 Mar 2026 10:32:08 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[“खून से सने हाथों की प्रार्थना नहीं सुनता भगवान” – मिडिल ईस्ट युद्ध पर पोप का बड़ा संदेश]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pope-leo-14-message-on-war-trump-netanyahu-peace-appeal-middle-east-war-126033000007_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pope-leo-14-message-on-war-trump-netanyahu-peace-appeal-middle-east-war-126033000007_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/thumb/1_1/1774837682-3232.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/thumb/1_1/1774837682-3232.jpg</image>
      <description><![CDATA[US Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप लियो चौदहवें ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को शांति और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान उन ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="pope message to trump" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/30/full/1774837682-3232.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="pope message to trump" width="1200" /></p>
	</p>
	US Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरू पोप लियो चौदहवें ने बिना नाम लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को शांति और अहिंसा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान उन नेताओं की प्रार्थनाएं स्वीकार नहीं करते जो युद्ध शुरू करते हैं और जिनके हाथ खून से भरे होते हैं। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-israel-war-us-strikes-bandar-khamir-hormuz-pentagon-ground-operations-yemen-missile-attack-126032900019_1.html" target="_blank">US-Israel-Iran War : अमेरिकी-इजराइली हमले तेज, बंदरगाह पर 5 की मौत; जमीनी कार्रवाई की तैयारी, कई मोर्चों पर बढ़ा तनाव</a></strong></p>
<p>
	 </p>
<p>
	पोप ने मसीह को &#39;शांति का राजा&#39; बताते हुए कहा कि यीशु मसीह ने हिंसा की जगह विनम्रता और त्याग को चुना, यहां तक कि तब भी जब उन्हें दुख और मृत्यु का सामना करना पड़ा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यीशु का जीवन और उनके कार्य युद्ध और आक्रामकता के बिल्कुल विपरीत थे।<br />
	 </p>
<p>
	उन्होंने कहा कि जब यीशु क्रूस के मार्ग पर चलते हैं, तो हम उनके कदमों का अनुसरण करते हैं और मानवता के लिए उनके प्रेम पर चिंतन करते हैं। हिंसा का सामना होने के बावजूद यीशु ने हथियार उठाने से इनकार कर दिया था।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	धार्मिक ग्रंथ का हवाला देते हुए पोप ने चेतावनी दी कि धर्म का इस्तेमाल संघर्ष को सही ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभु उन लोगों की प्रार्थनाएं नहीं सुनते जो युद्ध करते हैं। इसके साथ उन्होंने बाइबिल की यह पंक्ति भी उद्धृत की: &#39;भले ही तुम बहुत प्रार्थनाएं करो, मैं नहीं सुनूंगा, क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हुए हैं।&#39;</p>
<p>
	 </p>
<p>
	पोप ने कहा कि यीशु मसीह लोगों के बीच की दीवारों को तोड़ने और मानवता को भगवान और एक-दूसरे के करीब लाने के लिए आए थे। यीशु का गधे पर बैठकर यरूशलेम में प्रवेश करना विनम्रता और युद्ध के अस्वीकार का प्रतीक था।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 07:46:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Mon, 30 Mar 2026 08:02:19 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US-Israel-Iran War : अमेरिकी-इजराइली हमले तेज, बंदरगाह पर 5 की मौत; जमीनी कार्रवाई की तैयारी, कई मोर्चों पर बढ़ा तनाव]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-israel-war-us-strikes-bandar-khamir-hormuz-pentagon-ground-operations-yemen-missile-attack-126032900019_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-israel-war-us-strikes-bandar-khamir-hormuz-pentagon-ground-operations-yemen-missile-attack-126032900019_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/thumb/1_1/1774424286-0586.jpg"/>
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      <description><![CDATA[मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच रविवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के रणनीतिक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित एक बंदरगाह शहर को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, बंदरखामीर के एक घाट (क्वे) पर हुए इस हमले में 5 लोगों ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="iran stops pakistan ship in hormuz" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/25/full/1774424286-0586.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच रविवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों ने ईरान के रणनीतिक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित एक बंदरगाह शहर को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, बंदरखामीर के एक घाट (क्वे) पर हुए इस हमले में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायल हुए हैं। आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने इसे “अमेरिकी-ज़ायनिस्ट दुश्मन का आपराधिक हमला” बताया है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	इसी बीच, इजरायली सेना ने दावा किया है कि ईरान में हमलों की एक और लहर पूरी कर ली गई है। राजधानी तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें सुने जाने के कुछ ही घंटों बाद यह बयान सामने आया। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, इन हमलों में हथियार भंडारण और उत्पादन केंद्रों के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	वहीं, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ईरान में हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में स्पेशल ऑपरेशन फोर्स और सामान्य इन्फैंट्री सैनिकों द्वारा छापेमारी शामिल हो सकती है। हालांकि, राष्ट्रपति Donald Trump इन योजनाओं को मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	युद्ध के पांचवें सप्ताह में प्रवेश के साथ ही ट्रंप प्रशासन ने मध्य पूर्व में अमेरिकी मरीन तैनात कर दिए हैं और अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को भी भेजने की योजना बनाई जा रही है। दूसरी ओर, इजरायल ने रविवार तड़के यमन से दागी गई एक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान समर्थित हूती विद्रोही भी इस युद्ध में शामिल हो चुके हैं। इजरायली सेना ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<p>
	उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरानी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाया गया, तो वह मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमला कर सकता है। IRGC ने अमेरिका से सोमवार दोपहर तक इस हमले की निंदा करने की मांग भी की है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इजरायल में युद्ध विरोधी प्रदर्शन</h3>
<p>
	शनिवार को तेल अवीव समेत कई शहरों में सैकड़ों लोग युद्ध के खिलाफ सड़कों पर उतरे। ये प्रदर्शन बिना अनुमति के थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने हटाने की कोशिश की। हालांकि, पिछले साल गाजा युद्ध के दौरान हुए बड़े प्रदर्शनों की तुलना में इनकी संख्या अभी कम है, लेकिन विरोध धीरे-धीरे बढ़ता दिख रहा है।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	इराक में भी बढ़ा तनाव</h3>
<p>
	अमेरिका ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के नेता Nechirvan Barzani के आवास पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की है और इसके लिए ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे इराक की संप्रभुता और स्थिरता पर सीधा हमला बताया। वहीं, इराक के मोसुल शहर में हुए एक हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। इराकी गृह मंत्रालय ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।</p>
<p>
	<p>
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</p>
<h3>
	इजरायल पर ईरानी मिसाइल हमला</h3>
<p>
	शनिवार को ईरान द्वारा दागी गई एक मिसाइल ने मध्य इजरायल के एक गांव एश्ताओल में रिहायशी इलाके को निशाना बनाया, जिसमें 11 लोग घायल हो गए और जमीन में बड़ा गड्ढा बन गया। इससे पहले इसी क्षेत्र में हुए एक हमले में 9 लोगों की मौत हो चुकी थी।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-deploys-uss-tripoli-marines-middle-east-iran-conflict-updates-126032900005_1.html" target="_blank">US-Iran Conflict : ईरान के साथ महायुद्ध की तैयारी? समंदर में उतरा अमेरिका का सबसे घातक युद्धपोत USS Tripoli, 3500 कमांडो तैनात</a></strong></p>
</p>
<h3>
	यूरोप तक असर</h3>
<p>
	फ्रांस के गृह मंत्री Laurent Nunez ने पेरिस में बैंक ऑफ अमेरिका की इमारत को बम से उड़ाने की नाकाम साजिश को मध्य पूर्व युद्ध से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह यूरोप के अन्य हिस्सों में हुई इसी तरह की घटनाओं से मिलता-जुलता है। कुल मिलाकर, अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच चल रहा यह संघर्ष अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है और इसके दायरे में लगातार नए देश और मोर्चे जुड़ते जा रहे हैं, जिससे वैश्विक चिंता और बढ़ गई है।<br />
	<br />
	<h3>
		यूनिवर्सिटी को जानबूझकर बनाया निशाना</h3>
	<p>
		ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजरायल पर ये आरोप लगाया है कि दोनों देश जानबूझकर विश्वविद्यालयों पर हमले कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि उन्होंने युद्ध के दौरान जानबूझकर कई विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटर पर हमला किया। इन हमलों में इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी शामिल हैं।</p>
	<p>
		<p>
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	</p>
	<p>
		बघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमले का असली मकसद सामने आ रहा है: यूनिवर्सिटी, रिसर्च सेंटर, ऐतिहासिक स्मारकों और जाने-माने वैज्ञानिकों को सिस्टमैटिक तरीके से निशाना बनाकर हमारे देश की वैज्ञानिक नींव और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करना।” ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के मुताबिक, युद्ध की वजह से ईरान में कम से कम 600 शैक्षिक जगहों को नुकसान पहुंचा है या वे नष्ट हो गई हैं।</p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		उन्होंने लिखा कि इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान में यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी उन कई यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर में से सिर्फ दो हैं जिन पर हमलावरों ने पिछले 30 दिनों में जानबूझकर हमला किया है। ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और आने वाले खतरे का मुकाबला करना सिर्फ झूठे बहाने थे, सिर्फ मनगढ़ंत बातें जो उनके असली इरादे को छिपाने के लिए बनाई गई थीं। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 14:10:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 29 Mar 2026 14:33:27 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Iran-US-Israel युद्ध से Lockdown के मुहाने पर पहुंचा Pakistan, हालात हुए बेकाबू]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/pakistan-smart-lockdown-plan-amid-oil-gas-crisis-iran-us-israel-war-impact-news-126032900016_1.html</link>
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      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774767013-1729.jpg"/>
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      <description><![CDATA[Iran-United States-Israel के बीच बढ़ते युद्ध ने अब वैश्विक ऊर्जा संकट को गहरा दिया है। तेल और गैस की सप्लाई घटने से कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका सबसे बड़ा असर आर्थिक रूप से कमजोर देशों पर पड़ रहा है। इसी बीच Pakistan में हालात बेहद गंभीर हो गए ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="425" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/full/1774767013-1729.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="700" /></p>
	</p>
	Iran-United States-Israel के बीच बढ़ते युद्ध ने अब वैश्विक ऊर्जा संकट को गहरा दिया है। तेल और गैस की सप्लाई घटने से कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका सबसे बड़ा असर आर्थिक रूप से कमजोर देशों पर पड़ रहा है। इसी बीच Pakistan में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पहले से महंगाई और आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान के सामने अब तेल-गैस की कमी ने नई मुश्किल खड़ी कर दी है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/madhya-pradesh/mp-mahavir-jayanti-holiday-changed-30-march-instead-of-31-government-notification-news-126032900012_1.html" target="_blank">MP में महावीर जयंती की छुट्टी बदली, 31 की जगह 30 मार्च को रहेगा शासकीय अवकाश</a></strong></p>
</p>
<p>
	सूत्रों के मुताबिक, हालात को संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार देशभर में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लागू करने की तैयारी कर रही है। इस प्लान के तहत सार्वजनिक गतिविधियों पर सख्त पाबंदियां लगाई जाएंगी और ऊर्जा खपत कम करने के लिए बड़े फैसले लिए जाएंगे।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/no-kings-protests-us-europe-against-donald-trump-iran-war-global-rallie-news-126032900010_1.html" target="_blank">No Kings : ट्रंप और ईरान युद्ध के खिलाफ फूटा आक्रोश, सड़कों पर प्रदर्शन में उतरे लाखों लोग</a></strong></p>
	सरकार बिजली और ईंधन भत्तों में कटौती, टोल टैक्स बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे फैसलों पर भी विचार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर और दबाव बढ़ा सकता है, लेकिन फिलहाल सरकार के पास ऊर्जा संकट से निपटने के लिए यही बड़ा विकल्प नजर आ रहा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/no-kings-protests-us-europe-against-donald-trump-iran-war-global-rallie-news-126032900010_1.html" target="_blank">No Kings : ट्रंप और ईरान युद्ध के खिलाफ फूटा आक्रोश, सड़कों पर प्रदर्शन में उतरे लाखों लोग</a></strong></p>
</p>
<h3>
	क्या होंगे बड़े बदलाव?</h3>
<ul>
	<li>
		बाजार और शॉपिंग मॉल रात 9:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे</li>
	<li>
		शादी समारोह में मेहमानों की संख्या 200 तक सीमित</li>
	<li>
		सरकारी और निजी दफ्तरों में हाइब्रिड वर्किंग मॉडल लागू</li>
	<li>
		50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य</li>
	<li>
		सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्ती, उल्लंघन पर गाड़ी जब्त तक की कार्रवाई</li>
	<li>
		दफ्तरों में सुबह 10:30 बजे से पहले AC चलाने पर रोक</li>
	<li>
		60 दिनों में 50% सरकारी इमारतों को सौर ऊर्जा पर शिफ्ट करने की योजना</li>
</ul>
<p>
	 </p>
<p>
	इसके अलावा सरकार पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने के लिए  पूल ट्रांसपोर्ट  सिस्टम लागू करने और डिजिटल निगरानी के जरिए नियमों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी में है।   Edited by : Sudhir Sharma</p>
<p>
	 </p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:15:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 29 Mar 2026 12:20:24 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[No Kings : ट्रंप और ईरान युद्ध के खिलाफ फूटा आक्रोश, सड़कों पर प्रदर्शन में उतरे लाखों लोग]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/no-kings-protests-us-europe-against-donald-trump-iran-war-global-rallie-news-126032900010_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/no-kings-protests-us-europe-against-donald-trump-iran-war-global-rallie-news-126032900010_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774760513-2481.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774760513-2481.jpg</image>
      <description><![CDATA[अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में ‘No Kings’ नाम से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। ये प्रदर्शन डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों और ईरान के साथ जारी युद्ध के खिलाफ किए गए। इस संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व को ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/full/1774760513-2481.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	</p>
	अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में ‘No Kings’ नाम से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। ये प्रदर्शन डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों और ईरान के साथ जारी युद्ध के खिलाफ किए गए। इस संघर्ष ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है, ऊर्जा कीमतों में उछाल लाया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में धीमी वृद्धि, महंगाई और स्टैगफ्लेशन जैसी आशंकाओं को बढ़ा दिया है। San Diego में करीब 40 हजार लोग सड़कों पर उतरे, जबकि Washington, D.C. में लोग लिंकन मेमोरियल से नेशनल मॉल तक मार्च करते नजर आए। New York City में सिविल लिबर्टीज संगठनों ने ट्रंप प्रशासन पर लोगों को डराने का आरोप लगाया। वहीं Los Angeles में हालात तनावपूर्ण हो गए, जहां पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।<br />
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-warns-us-welcome-to-hell-10000-troops-middle-east-escalation-trump-news-126032900008_1.html" target="_blank">Welcome To Hell : अमेरिका के सैनिक भेजने पर ईरान ने कहा- नरक में आपका स्वागत है, अब शुरू होगा जमीनी युद्‍ध</a></strong></p>
</p>
<h3>
	मिनेसोटा बना प्रदर्शन का केंद्र</h3>
<p>
	अमेरिका के Minnesota राज्य में हजारों लोग एकजुट होकर ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के खिलाफ सड़कों पर उतरे। लोगों ने इसे तानाशाही के खिलाफ आवाज  बताया। ‘No Kings’ रैलियों के आयोजकों के अनुसार, जून में 50 लाख और अक्टूबर में 70 लाख लोग इन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे। इस बार करीब 90 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रसिद्ध अमेरिकी गायक Bruce Springsteen ने मिनेसोटा के सेंट पॉल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। उन्होंने  Streets of Minneapolis”  गीत गाया, जिसे उन्होंने संघीय एजेंटों द्वारा हुई गोलीबारी की घटनाओं के विरोध में लिखा था।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/north-korea-tests-engine-for-missile-capable-of-hitting-us-mainland-126032900006_1.html" target="_blank">मध्य पूर्व तनाव के बीच परमाणु ताकत बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया, ईरान-इजराइल युद्ध के बीच किम का बड़ा कदम</a></strong></p>
</p>
<h3>
	इन देशों में भी हुए प्रदर्शन</h3>
<p>
	अमेरिका के अलावा इटली, ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई देशों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। Rome में हजारों लोगों ने मार्च किया, जबकि लंदन और पेरिस में भी लोगों ने नस्लवाद और युद्ध के खिलाफ नारे लगाए। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Abigail Jackson ने इन प्रदर्शनों को &#39;वामपंथी फंडिंग नेटवर्क&#39; का नतीजा बताया और कहा कि इन्हें आम जनता का ज्यादा समर्थन नहीं है। वहीं रिपब्लिकन नेताओं ने भी इन रैलियों की कड़ी आलोचना की।  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 10:23:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 29 Mar 2026 10:32:27 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Welcome To Hell : अमेरिका के सैनिक भेजने पर ईरान ने कहा- नरक  में आपका स्वागत है, अब शुरू होगा जमीनी युद्‍ध]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-warns-us-welcome-to-hell-10000-troops-middle-east-escalation-trump-news-126032900008_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-warns-us-welcome-to-hell-10000-troops-middle-east-escalation-trump-news-126032900008_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/22/thumb/1_1/1774181042-4274.jpg"/>
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      <description><![CDATA[अमेरिका ईरान पर जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस बीच ईरान के अंग्रेजी अखबार Tehran Times के फ्रंट पेज पर आज अमेरिका के लिए सख्त चेतावनी दी गई है। Welcome To Hell शीर्षक के साथ प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई भी अमेरिकी सैनिक ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/22/full/1774181042-4274.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1200" /></p>
	अमेरिका ईरान पर जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस बीच ईरान के अंग्रेजी अखबार Tehran Times के फ्रंट पेज पर आज अमेरिका के लिए सख्त चेतावनी दी गई है। Welcome To Hell शीर्षक के साथ प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कोई भी अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखता है, तो वह “सिर्फ ताबूत में ही वापस जाएगा।”</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/north-korea-tests-engine-for-missile-capable-of-hitting-us-mainland-126032900006_1.html" target="_blank">मध्य पूर्व तनाव के बीच परमाणु ताकत बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया, ईरान-इजराइल युद्ध के बीच किम का बड़ा कदम</a></strong></p>
</p>
<p>
	यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि United States मध्य पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिक तैनात करने पर विचार कर रहा है। इस संभावित तैनाती ने अटकलों को और तेज कर दिया है कि वाशिंगटन, ईरान के भीतर जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है। यह कदम क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी को काफी बढ़ा सकता है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump लगातार यह कहते रहे हैं कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच शांति वार्ता चल रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	The Wall Street Journal की रिपोर्ट के अनुसार, अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का उद्देश्य ट्रंप को सैन्य विकल्पों की अधिक व्यापक रेंज देना है। मध्य पूर्व में 28 फरवरी से जारी संघर्ष, जो अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ, लगातार गहराता जा रहा है।</p>
<p>
	<p>
		<strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/international-hindi-news/north-korea-tests-engine-for-missile-capable-of-hitting-us-mainland-126032900006_1.html" target="_blank">मध्य पूर्व तनाव के बीच परमाणु ताकत बढ़ाने में जुटा उत्तर कोरिया, ईरान-इजराइल युद्ध के बीच किम का बड़ा कदम</a></strong></p>
</p>
<p>
	ये अतिरिक्त सैनिक पहले से तैनात हजारों पैराट्रूपर्स और मरीन सैनिकों के साथ जुड़ेंगे। वहीं, एक ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो ईरान यमन में अपने सहयोगी Houthi movement को सक्रिय कर देगा। इसके तहत लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर शुरू किए जा सकते हैं, जिससे युद्ध का एक नया मोर्चा खुल जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	हालांकि, ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उनका ईरान के खिलाफ जमीनी युद्ध में सैनिक भेजने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को कहां तैनात किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इन्हें ईरान और उसके प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल Kharg Island के करीब तैनात किया जा सकता है।  Edited by : Sudhir Sharma</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 09:43:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 29 Mar 2026 09:50:13 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[US-Iran Conflict : ईरान के साथ महायुद्ध की तैयारी? समंदर में उतरा अमेरिका का सबसे घातक युद्धपोत USS Tripoli, 3500 कमांडो तैनात]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-deploys-uss-tripoli-marines-middle-east-iran-conflict-updates-126032900005_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/us-deploys-uss-tripoli-marines-middle-east-iran-conflict-updates-126032900005_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774751443-4905.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/thumb/1_1/1774751443-4905.jpg</image>
      <description><![CDATA[ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को और घातक बना दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, लगभग 3,500 नौसैनिकों और मरीन कमांडोज के साथ युद्धपोत USS त्रिपोली (LHA-7) 27 मार्च को अपने निर्धारित ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<p style="position:relative;display: inline-block;color: #fff;">
			<img align="center" alt="us iran war" class="imgCont" height="1024" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/29/full/1774751443-4905.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="" width="1536" /></p>
	</p>
	ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को और घातक बना दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, लगभग 3,500 नौसैनिकों और मरीन कमांडोज के साथ युद्धपोत USS त्रिपोली (LHA-7) 27 मार्च को अपने निर्धारित ऑपरेशनल ज़ोन में पहुंच गया है। जापान के अपने बेस से रवाना हुआ यह विशालकाय &#39;एम्फीबियस असॉल्ट शिप&#39; अब एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र का हिस्सा बन चुका है। </p>
<p>
	 </p>
<h3>
	खार्ग द्‍वीप पर ट्रंप की नजर</h3>
<p>
	अमेरिका की इस बड़ी हलचल ने इन अटकलों को हवा दे दी है कि वॉशिंगटन, ईरान के भीतर किसी जमीनी ऑपरेशन (Ground Operation) की योजना बना रहा है। माना जा रहा है कि इन सैनिकों को ईरान के तट पर स्थित महत्वपूर्ण तेल निर्यात टर्मिनल &#39;खार्ग द्वीप&#39; जैसे रणनीतिक ठिकानों की मारक क्षमता के भीतर तैनात किया जाएगा।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। ये अतिरिक्त सैनिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सैन्य विकल्पों का एक बड़ा दायरा प्रदान करेंगे। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उनकी ईरान के खिलाफ सीधे जमीनी युद्ध में शामिल होने की कोई मंशा नहीं है।</p>
<p>
	<blockquote class="twitter-tweet">
		<p dir="ltr" lang="en">
			U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… <a href="https://t.co/JFWiPBbkd2">pic.twitter.com/JFWiPBbkd2</a></p>
		— U.S. Central Command (@CENTCOM) <a href="https://twitter.com/CENTCOM/status/2037906827778682900?ref_src=twsrc%5Etfw">March 28, 2026</a></blockquote>
	<script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
	<h3>
		नौसेना का सबसे आधुनिक हथियार है USS त्रिपोली</h3>
	<p>
		मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, USS त्रिपोली अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक जहाजों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह F-35 लाइटनिंग II जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स और अन्य हमलावर विमानों को ऑपरेट करने में सक्षम है। USS त्रिपोली (LHA 7) पर सवार अमेरिकी नाविक और मरीन 27 मार्च को सेंट्रल कमांड के जिम्मेदारी क्षेत्र में पहुंच गए हैं। यह युद्धपोत त्रिपोली एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के फ्लैगशिप के रूप में काम करेगा। </p>
	<p>
		 </p>
	<p>
		सेंट्रल कमांड द्वारा जारी तस्वीरों में सैनिक युद्ध के लिए तैयार (Combat Fatigues) नजर आ रहे हैं। ये अतिरिक्त मरीन अब मध्य पूर्व में पहले से तैनात करीब 50,000 अमेरिकी सैनिकों की शक्ति को और बढ़ाएंगे। इस बेड़े में न केवल सैनिक हैं, बल्कि अतिरिक्त परिवहन और हमलावर विमान भी शामिल किए गए हैं। सेंट्रल कमांड के आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी को शुरू हुए &#39;ऑपरेशन एपिक फ्यूरी&#39; के बाद से अब तक 11,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 150 से ज्यादा ईरानी जहाजों को क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया गया है। हवाई हमलों में &#39;इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स&#39; (IRGC) से जुड़ी सुविधाएं, वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल साइट और हथियार उत्पादन बुनियादी ढांचे को तबाह किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma</p>
</p>
<br />]]></content:encoded>
      <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 07:54:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sun, 29 Mar 2026 08:00:50 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[सऊदी अरब में ईरानी हमले से थर्राया अमेरिकी बेस, 10 सैनिक घायल]]></title>
      <link>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-strike-us-airbase-saudi-arabia-prince-sultan-attack-126032800014_1.html</link>
      <guid>https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-strike-us-airbase-saudi-arabia-prince-sultan-attack-126032800014_1.html</guid>
      <media:thumbnail url="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/thumb/1_1/1774091201-2309.jpg"/>
      <image>https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/thumb/1_1/1774091201-2309.jpg</image>
      <description><![CDATA[Middle East युद्ध के दौरान ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ विनाशकारी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी बेस को भारी नुकसान हुआ। हमले में 10 अमेरिकी ...]]></description>
      <content:encoded><![CDATA[<p>
	<p style="float: left;width:100%;text-align:center;">
		<img align="center" alt="Iran missile attack " class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/21/full/1774091201-2309.jpg" style="border: 1px solid #DDD; margin-right: 0px; float: none; z-index: 0;" title="Iran missile attack " width="1200" /></p>
	Middle East युद्ध के दौरान ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ विनाशकारी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी बेस को भारी नुकसान हुआ। हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर 6 अप्रैल तक हमला नहीं करने की घोषणा के 1 दिन बाद ही इजराइली सेना ने ईरान के ऊर्जा और परमाणु संयंत्रों को अपना निशाना बनाया। <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/israel-attack-bushehr-nuclear-plant-iran-iaea-warning-war-news-126032800011_1.html" target="_blank">ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र पर इजराइल का हमला, IAEA ने दी बड़ी चेतावनी</a></strong><br />
	<br />
	बताया जा रहा है कि इजराइल द्वारा ईरान के परमाणु संयंत्र पर हमले के कुछ ही देर बाद ईरानी सेना ने भी प्रिंस सुल्तान एयर बेस को अपना निशाना बनाया। इस हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	ईरानी हमले में अमेरिका के रिफ्यूलिंग विमानों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने तेल अवीव पर भी मिसाइल हमले किए। इन हमलों में 1 व्यक्ति की मौत हो गई।</p>
<p>
	 </p>
<h3>
	300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल</h3>
<p>
	अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जारी आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से इस संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। 10 की हालत गंभीर है। वहीं ज्यादातर सैनिक ड्यूटी जॉइन कर चुके हैं।</p>
<p>
	 </p>
<p>
	गौरतलब है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 29 दिनों से भीषण युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजराइल के हमलों से ईरान में भारी तबाही हुई तो ईरान ने भी इजराइल के साथ ही खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जमकर हमले किए। इस बीच ईरान ने अमेरिकी कंपनियों से भी खाड़ी देश छोड़कर जाने को कहा है।</p>
<p>
	edited by : Nrapendra Gupta</p>]]></content:encoded>
      <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 11:05:00 +0530</pubDate>
      <updatedDate>Sat, 28 Mar 2026 11:26:26 +0530</updatedDate>
      <category><![CDATA[Iran Israel War News]]></category>
      <authorname>वेबदुनिया न्यूज डेस्क</authorname>
    </item>
  </channel>
</rss>
