banke bihari mandir vrindavan: नए साल की शुरुआत लोग बांके बिहारी के दर्शन के साथ करना चाहते हैं। इसके चलते वृंदावन में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। यह भीड़ वृंदावन के शासन और प्रशासन के लिए एक चुनौती खड़ी कर रही है। मथुरा के वृंदावन में नए साल पर ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्रद्धालुओं को यात्रा से परहेज करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
1. मंदिर प्रशासन की विशेष एडवाइजरी (29 दिसंबर 05 जनवरी)
नया वर्ष: नए साल (2026) के आगमन पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और मथुरा प्रशासन ने एक कड़ी एडवाइजरी जारी की है:
यात्रा टालने की अपील: श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि यदि बहुत अनिवार्य न हो, तो 29 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच अपनी वृंदावन यात्रा टाल दें।
इनके लिए खतरा: बुजुर्गों, छोटे बच्चों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और हृदय रोगियों को इस दौरान भीड़ में न लाने की सख्त सलाह दी गई है।
भीड़ का दबाव: कल से ही वृंदावन की कुंज गलियों में पैर रखने की जगह नहीं है। एक ही दिन में भीड़ का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंच गया है, जिससे स्थानीय निवासियों का बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
2. दर्शन का समय (विंटर शेड्यूल)
बदलाव: सर्दियों के मौसम के कारण दर्शन के समय में बदलाव लागू है।
सुबह (राजभोग): सुबह 8:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक। (श्रृंगार आरती लगभग 9:00 बजे होती है)।
शाम (शयनभोग): शाम 4:30 बजे से रात 8:30 बजे तक।
3. बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन ने जारी किया पत्र:
भीड़ को देखते हुए बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। पत्र के अनुसार, नववर्ष के दौरान मंदिर और आसपास के क्षेत्र में अत्यधिक भीड़ होने की संभावना है। मंदिर प्रबंधन ने अपील की है कि यदि बहुत आवश्यक न हो तो श्रद्धालु इस 29 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच वृंदावन आने से परहेज करें।
4. श्री बांके बिहारी दर्शन जा रहे हैं? इन 10 बातों का रखें खास ख्याल
वृंदावन में उमड़ती भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। यदि आप भी बिहारी जी की चौखट पर माथा टेकने जा रहे हैं, तो ये नियम जरूर नोट कर लें:
1. भीड़ का जायजा लें: घर से निकलने से पहले स्थानीय समाचारों के जरिए भीड़ का आंकलन जरूर करें। अत्यधिक भीड़ होने पर अपनी यात्रा का कार्यक्रम बदल लेना ही समझदारी है।
2. कम सामान, सुरक्षित दर्शन: मंदिर परिसर में भारी बैग या कीमती सामान (जैसे सोने के गहने) लेकर न आएं। हल्का रहना ही बेहतर है।
3. सावधानी ही सुरक्षा है: भीड़ का फायदा उठाकर जेबतराश और मोबाइल चोर सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी व्यक्तिगत वस्तुओं के प्रति सजग रहें।
4. निर्धारित रास्तों का प्रयोग: सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें और मंदिर में प्रवेश व निकास के लिए तय किए गए रास्तों से ही चलें।
5. जूतों का प्रबंधन: मंदिर के मुख्य द्वारों पर भीड़ कम करने के लिए अपने जूते-चप्पल मुख्य मार्ग पर बने स्टैंड्स पर ही उतारें। भीड़ को देखते हुए मुख्य मार्गों पर ही जूते उतारने की व्यवस्था की गई है ताकि मंदिर के मुख्य द्वारों पर जाम न लगे।
6. कीमती सामान: प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि दर्शन के लिए आते समय भारी बैग, कीमती जेवर या ज्यादा कैश साथ न रखें, क्योंकि भीड़ में जेबकतरों और मोबाइल चोरों का खतरा बढ़ गया है।
7. स्वास्थ्य पहले: हृदय रोग, मधुमेह या श्वास रोग से पीड़ित व्यक्ति, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भीड़-भाड़ वाले समय में आने से बचें।
8. पहचान की पर्ची: अपने साथ आए बच्चों या बुजुर्गों की जेब में उनके नाम, पता और मोबाइल नंबर की पर्ची जरूर रखें ताकि बिछड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
9. हेल्पलाइन: किसी भी आपात स्थिति या सामान चोरी होने पर तुरंत गेट नंबर 2 या बांके बिहारी पुलिस चौकी के 'खोया-पाया केंद्र' पर संपर्क करें।
10. नहीं आने की अपिल: वैसे तो वृंदावन मंदिर प्रशासन चाहता है कि यदि बहुत जरूरी हो तभी आप मंदिर आएं नहीं तो बेहतर होगा कि आप अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ऑनलाइन दर्शन करें।