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गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थल: प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और समुद्री जगहों की पूरी जानकारी

Gujarat tourism travel
गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों की संपूर्ण जानकारी पाएं। प्राकृतिक, धार्मिक, तीर्थ, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और समुद्री पर्यटन स्थलों की खासियत, घूमने का सही समय और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही जगह।
 

1. प्रमुख प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थल

कच्छ का रण (सफेद रेगिस्तान): भुज के पास स्थित यह दुनिया का अनोखा रेगिस्तान है जो रेत का नहीं बल्कि नमक का है। यहाँ हमीरसार झील और अद्भुत वास्तुकला भी देखी जा सकती है।
स्टेचू ऑफ़ यूनिटी: सरदार सरोवर बांध के पास नर्मदा नदी में स्थित विश्व की सबसे ऊंची सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा है, जहाँ कई तरह की वाटर एक्टिविटीज उपलब्ध हैं।
गिर वन्यजीव अभयारण्य: जूनागढ़ के पास 1424 वर्ग किलोमीटर में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान 'एशियाई शेरों' का अंतिम आश्रय स्थल है। यहाँ सांभर, तेंदुआ और जंगली सूअर भी पाए जाते हैं।
सापुतारा हिल स्टेशन: वलसाड जिले में स्थित यह प्रकृति से भरपूर हिल स्टेशन ट्रेकिंग और एडवेंचर्स के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ से पहाड़ों, झरनों और समुद्र का सुंदर दृश्य दिखता है।
 

2. ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल

धोलावीरा और लोथल: ये सिंधु घाटी सभ्यता के प्राचीन और विशाल पुरातात्विक स्थल हैं। धोलावीरा कच्छ में और लोथल अहमदाबाद के पास स्थित है।
जामनगर: वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध इस शहर में लखोटा किला, कोठा गढ़, जामसाहब महल, रनमल झील और बाल हनुमान मंदिर जैसे कई स्मारक हैं।
जूनागढ़: यह एक प्राचीन और मनभावक शहर है, जो अपनी ऐतिहासिक इमारतों और गिरनार पहाड़ियों के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है।
पोरबंदर: महात्मा गांधी के स्मृति स्थल 'कीर्ति मंदिर' और सुंदर चौपाटी बीच के लिए प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर है।
 

3. खूबसूरत समुद्री तट (बीचेस)

शिवराजपुर बीच: द्वारका के पास स्थित यह पर्यावरण-अनुकूल 'ब्लू फ्लैग' प्रमाणित बीच है, जहाँ का पानी बेहद साफ (क्रिस्टल-क्लियर) है।
मांडवी बीच: कच्छ में स्थित एक बेहद शांत और साफ समुद्र तट, जो मुख्य रूप से अपने खूबसूरत सूर्यास्त के नजारों के लिए जाना जाता है।
 

4.प्रमुख हिंदू धार्मिक एवं तीर्थ स्थल

सोमनाथ मंदिर: 12 ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम माना जाने वाला यह पावन मंदिर प्रभास क्षेत्र में समुद्र किनारे स्थित है।
द्वारिका धाम: चार धामों और सात पुरियों में से एक, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण का प्राचीन मंदिर है। इसके दो भाग हैं—गोमती द्वारका और समुद्र मार्ग से जाने वाला बेट द्वारका। यहाँ पास में रुक्मिणी मंदिर भी है।
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग: द्वारकापुरी से 25 किमी दूर स्थित 10वां ज्योतिर्लिंग, जहाँ परिसर में भगवान शिव की 125 फीट ऊंची मनमोहक ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा है।
भालका तीर्थ: सोमनाथ के प्रभास क्षेत्र में स्थित वह पवित्र स्थान जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने देह त्याग किया था।
अंबाजी मंदिर: गुजरात-राजस्थान सीमा (बनासकांठा) पर स्थित माता दुर्गा के 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत प्राचीन मंदिर, जहाँ श्रीयंत्र की पूजा होती है। पास ही गब्बर पहाड़ पर भी देवी का मंदिर है।
चंद्रभागा शक्तिपीठ: सोमनाथ मंदिर और कपिला, हिरण्या व सरस्वती नदी के त्रिवेणी संगम के पास स्थित 52 शक्तिपीठों में से एक, जहाँ माता का उदर गिरा था।
डाकोर का मंदिर: डाकोर शहर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण (रणछोड़दास) का प्रसिद्ध मंदिर, जिसका महत्व द्वारकाधीश मंदिर जितना ही माना जाता है। यहाँ पूर्णिमा पर भारी मेला लगता है।
नीलकंठ धाम: पोइचा (बड़ौदा के पास) में नर्मदा नदी के तट पर स्थित स्वामीनारायण संप्रदाय का विशाल और भव्य मंदिर परिसर।
पावागढ़: बड़ौदा के पास स्थित एक छोटा हिल स्टेशन और विश्व विरासत स्थल (चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क), जहाँ पहाड़ पर माता कालिका का प्राचीन मंदिर और सदन शाह पीर की दरगाह है।
पालिताना: भावनगर जिले में शत्रुंजय नदी के तट पर शत्रुंजय पहाड़ी पर स्थित जैन धर्म का महापवित्र तीर्थ। यहाँ पहाड़ियों पर 900 से भी अधिक भव्य जैन मंदिर स्थापित हैं।

नोट: गुजरात घूमने के लिए बड़ौदा, अहमदाबाद, राजकोट, गांधीनगर और सूरत से सभी ओर जाने वाली बस और ट्रेनें मिलती है। आप गुजरात टूरिज्म पोर्टल से इसकी जानकारी ले सकते हैं।
 
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