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राखी का त्योहार कैसे मनाएं जानिए क्या है सही सही विधि और राखी बांधने का मंत्र और तरीका

सोमवार,अगस्त 8, 2022
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Raksha bandhan par bhadra ka saya kab hai : 2022 में श्रावण पूर्णिमा, 11 अगस्त 2022 गुरुवार को मानना चाहिए या नहीं? इस विषय में कुछ लोगों का कहना है कि उस दिन ज्योतिष के अनुसार या यह कहें कि विद्वानों द्वारा पंचांग अनुसार भद्रा है, जो कि अशुभ है।
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tulsidas jayanti 2022 तुलसीदास एक महान महाकवि हैं, उन्होंने रामचरित मानस जैसे ग्रंथ की रचना करके भारतीय इतिहास में अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके लेखन की सूक्ष्मता को अत्यंत पैनी एवं गंभीर दृष्टि से देखा जाए तो जीवन की गहराइयों का वास्तविक अर्थ ...
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दीपावली के त्योहार पर मिठाई का अपना अलग ही मजा है। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं 5 तरह के मीठे व्यंजन बनाने की सरल विधियां...
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जल अर्थात् पानी का धन-दौलत से बहुत करीब का संबंध माना गया है। दोनों ही समान गुणधर्मी होते हैं। दोनों की प्रकृति है बहना। यदि कद्र न की जाए, सहेज कर न रखा जाए तो दोनों बह जाते हैं।
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जो स्त्री-पुरुष शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत करते हैं, उनके लिए व्रत-विधि इस प्रकार है
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पुराणों के अनुसार अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और इसी तिथि को शुक्ल पक्ष में देवी राधा का जन्म भी हुआ था। बरसाने में राधाष्टमी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। राधाष्टमी का पर्व जन्माष्टमी के 15 दिन बाद भद्रपद माह ...
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लाल किताब में शुक्र ग्रह के देवी-देवताओं में लक्ष्मी माता को उसका अधिपति देव माना गया है। शुक्रवार देवी लक्ष्मी का वार है। आओ जानते हैं लाल किताब इस संबंध में क्या कहती है और क्या 7 उपाय करना चाहिए
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किसी भी स्थिति में चंद्र पर गुरु की सप्तम, पंचम, नवम् दृष्टि जा रही हो तो गजकेसरी नाम का राजयोग बनने से ऐसा जातक राजाओं जैसी जिंदगी जीता है। चंद्र से गुरु केंद्र 1, 4, 7, 10वें भाव में हो तब भी राजयोग बनने से राजसुख पाता है।
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प्राचीन समय में कुंडली मिलान अत्यावश्यक माना जाता था। वर्तमान सूचना और प्रौद्योगिकी के दौर में मेलापक केवल एक रस्म-अदायगी बनकर रह गया है।
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कुंडली का सातवां घर बताता है कि आपकी शादी किस उम्र में होगी। शादी के लिए दिशा कौन सी उपयुक्त रहेगी जहां प्रयास करने पर जल्द ही शादी हो सके।
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कालाष्टमी की एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार की बात है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश इन तीनों में श्रेष्ठता की लड़ाई चली। इस बात पर बहस बढ़ गई, तो सभी देवताओं को बुलाकर बैठक की गई।
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वर्ष 2021 में मासिक कालाष्टमी पर्व 6 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। वैसे तो प्रमुख कालाष्टमी का व्रत 'कालभैरव जयंती' के दिन किया जाता है, लेकिन कालभैरव के भक्त हर महीने ही कृष्ण पक्ष की अष्टमी...
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भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। सात घो़ड़े खींचते हैं सूर्य रथ को। यह सभी ग्रहों का मुखिया है।
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भगवान गणेश को अतिप्रिय है बुधवार का दिन। शीघ्र फलदायी होती है बुधवार की गणेश पूजा। शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है।
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गौमती चक्र समृद्धि, खुशी, अच्छा स्वास्थ्य, धन, मन की शांति और बुरे प्रभावों से बचाता है। रोग के इलाज़ में सहायता, अधिक चेतना, बेहतर भक्ति, समाज में प्रतिष्ठा, वित्तीय विकास, एकाग्रता, व्यापार वृद्धि और पूजा की शक्ति देने में बहुत सहायक है।
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आप भोजन कौन सी दिशा में कर रहे हैं, इसका वास्तु के अनुसार बहुत महत्व है और आपके स्वास्थ्य और शरीर पर भी इसका अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ता है।
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सामान्यत: 'गोत्र' को ऋषि परम्परा से संबंधित माना गया है। ब्राह्मणों के लिए तो 'गोत्र' विशेषरूप से महत्त्वपूर्ण है क्योंकि ब्राह्मण ऋषियों की संतान माने जाते हैं। अत: प्रत्येक ब्राह्मण का संबंध एक ऋषिकुल से होता है।
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ठकों ने अपने जीवन में कभी-न-कभी यह अवश्य अनुभूत किया होगा कि कभी तो यात्रा बड़ी ही सानंद, सुगम व सफलतादायक संपन्न होती है लेकिन कभी यात्रा केवल एक व्यर्थ की भागदौड़ मात्र बनकर रह जाती है और अधिकतर लोग इसे एक संयोग मानकर उपेक्षित कर देते हैं। हमारे ...
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इस मंत्र का जाप ब्रह्मांड में कहीं भी किया जा सकता है, मन और मंत्र की शुद्धता अनिवार्य है। महाशिवरात्रि पर अगर आप मंदिर नहीं जा पा रहे हैं या विधिवत पूजन नहीं कर पा रहे हैं तो मात्र इस मंत्र का पूर्ण एकाग्रता से पाठ करने से मनचाहे वरदान की प्राप्ति ...
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