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CM बनते ही शुभेन्दु अधिकारी का एक्शन, खुले में नहीं कटेंगे पशु, नहीं माना आदेश तो जाना पड़ेगा जेल
शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने मवेशियों और भैंसों के वध को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों तक सत्ता में रहीं ममता बनर्जी सरकार के बाद नई सरकार कई प्रशासनिक और कानूनी फैसले ले रही है। सरकार ने एक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि अनिवार्य फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना किसी भी गाय, बैल या भैंस का वध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस अधिसूचना में 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है।
पश्चिम बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट, 1950 के तहत जारी संशोधित नोटिस में कहा गया है कि किसी भी मवेशी या भैंस का वध तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक यह प्रमाणित न हो जाए कि वह पशु वध के लिए उपयुक्त है।
सरकार के अनुसार फिटनेस सर्टिफिकेट केवल संबंधित नगर पालिका के चेयरपर्सन या पंचायत समिति के अध्यक्ष और सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी की संयुक्त सहमति से ही जारी किया जाएगा। दोनों अधिकारियों को लिखित रूप में यह प्रमाणित करना होगा कि पशु की उम्र 14 वर्ष से अधिक है और वह काम या प्रजनन के लिए अनुपयुक्त हो चुका है, या फिर वह बुढ़ापे, चोट, विकृति अथवा किसी असाध्य बीमारी के कारण स्थायी रूप से अक्षम हो गया है।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि 1950 के इस कानून के तहत होने वाले सभी अपराध संज्ञेय अपराध माने जाएंगे। यानी ऐसे मामलों में पुलिस बिना वारंट कार्रवाई कर सकेगी। यदि किसी व्यक्ति को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने से मना किया जाता है, तो वह आदेश मिलने के 15 दिनों के भीतर राज्य सरकार के समक्ष अपील कर सकता है। Edited by : Sudhir Sharma
