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Last Updated :लखनऊ (उप्र) , मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 (19:05 IST)

यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को मिला नया आयाम, प्रदेशवासियों ने उठाया भरपूर लाभ

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में साल 2025 स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ

Uttar Pradesh's healthcare services have reached a new level
- मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य पर रहा फोकस, पीडियाट्रिक केयर यूनिट और न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में हुई बढ़ोतरी
- कई नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण, अस्पतालों का शिलान्यास और आईसीयू का भी हुआ विस्तार
- ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, एंबुलेंस सेवाएं और टीबी उन्मूलन में हुई उल्लेखनीय उपलब्धि
- आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तंत्र का प्रदेशवासियों ने उठाया लाभ
Chief Minister Yogi Adityanath : वर्ष 2025 अपनी खट्टी-मीठी यादों के साथ हम सबसे विदा लेने को बेकरार है। कहने को तो ये एक साल है, जो नियति के अनुसार हर साल आता है और फिर समय के पहिए की गिनती पूरी होने के बाद विदा ले लेता है, लेकिन वर्ष 2025 प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के मजबूत ढांचे को विस्तार देने में अपनी अहम भूमिका रखता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वर्ष 2025 स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस वर्ष आधारभूत ढांचे के विस्तार से लेकर अत्याधुनिक इलाज सुविधाओं तक अनेक बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश की करोड़ों जनता को मिला है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण बनीं।
 
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार, 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का हुआ लोकार्पण
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप वर्ष 2025 में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती प्रदान की गई है। इस क्रम में इमरजेंसी कोविड रिलीफ पैकेज (ECRP) के तहत प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती दी गई।

वर्ष 2025 में कुल 83 नई स्वास्थ्य इकाइयों का लोकार्पण किया गया तथा एक बड़े अस्पताल का शिलान्यास हुआ। इनमें 26 आईपीएचएल लैब, 38 पचास बेड के फील्ड अस्पताल, 13 जनपदीय ड्रग वेयरहाउस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीसीबी यूनिट और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही सीतापुर में 200 बेड के जिला चिकित्सालय का शिलान्यास भी किया गया।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 1800 और जिला अस्पतालों में 1029 आईसीयू बेड स्थापित किए गए। ऑक्सीजन आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम (MGPS) सहित 49 एलएमओ स्टोरेज टैंक स्थापित किए गए। इससे गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 
 
मां और नवजात शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
एनएचएम की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि योगी सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके तहत 42 बेड वाले पीडियाट्रिक केयर यूनिट जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित किए गए। वहीं 32 बेड वाले सभी 23 पीडियाट्रिक यूनिट पूरी से संचालित हुईं।

इसके अलावा नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए प्रदेश में 412 न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट्स (NBSU) की स्थापना की गई। वर्ष 2024-25 में बाह्य रोगी सेवाओं में 27 प्रतिशत और अंतःरोगी सेवाओं में 32 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। संस्थागत प्रसव, सीजेरियन डिलीवरी, बड़े और छोटे ऑपरेशन, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड सेवाओं में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ।
आधुनिक जांच और उपचार सुविधाएं घर के पास
प्रदेश के 74 जनपदों में सीटी स्कैन और सभी 75 जनपदों में डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जनवरी से नवंबर 2025 के बीच 9.42 लाख सीटी स्कैन और 6.50 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र संचालित किए गए। आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एसेंशियल ड्रग लिस्ट का विस्तार किया गया, जिससे प्राथमिक से लेकर जिला अस्पताल स्तर तक दवाओं की संख्या बढ़ाई गई।

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 318 अस्पतालों को जोड़ा गया, जिनमें 248 कैंसर उपचार से संबंधित हैं। दिसंबर 2025 तक लगभग 3,862 करोड़ रुपए का भुगतान अस्पतालों को किया गया। एंबुलेंस सेवाओं को मजबूत करते हुए 2249 नई एंबुलेंस बेड़े में जोड़ी गईं, जिनसे लाखों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया।

टीबी उन्मूलन अभियान में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन किया। जांच की संख्या में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 7,191 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 424 प्रतिशत अधिक है। ई-संजीवनी सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 75 हजार से अधिक कॉल के साथ उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए टेली-मानस सेवा सफलतापूर्वक लागू की गई, जिससे लाखों लोगों को परामर्श मिला। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन और टेली-रेडियोलॉजी सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour