कहां हुआ था भगवान हनुमान का जन्म, रामनवमी को खुलेगा रहस्य

Last Updated: मंगलवार, 13 अप्रैल 2021 (23:26 IST)
तिरुपति। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने मंगलवार को कहा कि तिरुमाला की 7 पवित्र पहाड़ियों में से एक में होने की बात साबित करने के लिए 'साक्ष्य' आधारित पुस्तिका का विमोचन अब 21 अप्रैल को रामनवमी के दिन किया जाएगा। इससे पहले कहा गया था कि पुस्तिका तेलुगू नववर्ष 'उगाड़ी' के दिन (आज) जारी की जाएगी।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित विद्वानों की एक समिति ने अपने इस दावे की पुष्टि करने के लिए ठोस सबूत पहले ही इकट्ठा कर लिए हैं कि तिरुमला में अंजनाद्री ही हनुमान का जन्म स्थान था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक विस्तृत पुस्तक तैयार करने में अभी कुछ और महीने लगेंगे।
उन्होंने कहा कि समिति लंदन लाइब्रेरी से अंजनाद्री पर एक पुस्तक की प्रति प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
समिति ने पहले पौराणिक और वैज्ञानिक सबूतों के साथ तेलुगु नववर्ष दिवस पर अंजनाद्री को भगवान हनुमान के जन्मस्थान के रूप में घोषित करने की योजना बनाई थी।

अधिकारी ने कहा कि महसूस किया गया कि यह दावा करने के लिए रामनवमी 21 अप्रैल का दिन अधिक उपयुक्त होगा कि भगवान वेंकटेश्वर के प्राचीन निवास तिरुमला में भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। उस दिन मीडियाकर्मियों को पांडुलिपियां जारी करने के बाद समिति और शीर्ष अधिकारी इस विषय पर एक घोषणा करेंगे। (भाषा)



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