2 माह से टापू पर फंसे थे बंदर, इस तरह चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कीर्ति राजेश चौरसिया| Last Updated: शुक्रवार, 22 नवंबर 2019 (09:43 IST)
कांकेर (छत्तीसगढ़)। आखिरकार वन विभाग की मेहनत रंग लाई और के टापू पर फंसे धीरे-धीरे ही सही, टापू से बाहर आ रहे हैं। वन विभाग की ओर से 15 से ज्यादा बंदरों के पुल के जरिए टापू से बाहर आने की जानकारी मिली है। बता दें कि दुधावा डैम का जलस्तर बढ़ने की वजह से बंदरों का एक झुंड करीब 2 महीने से टापू पर फंसा था। वन विभाग को जैसे ही इस बात की जनकारी लगी, अमला हरकत में आया।
बंदरों के लिए फल और सब्जियां भिजवाईं : पहले तो बंदरों के लिए पहाड़ी पर फल और सब्जियां भिजवाई गईं ताकि वानरों को कोई तकलीफ न हो।
शुरू किया ऑपरेशन वानर : इसके बाद बंदरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 'ऑपरेशन वानर' शुरू किया गया। सेतु के बन जाने के बाद सरकार को उम्मीद थी कि बंदर इसी रास्ते से बाहर निकलेंगे। 21 नवंबर की सुबह आई एक तस्वीर ने सभी के चेहरों पर मुस्कान ला दी।
टापू से बाहर आ रहे बंदर : तस्वीरों में साफ देखा जा सकता था कि बंदरों का एक झुंड अस्थायी पुल के जरिए टापू से बाहर आ रहा था। अब उम्मीद है कि जल्द ही पहाड़ी पर मौजूद बाकी बंदर भी इसी रास्ते से सुरक्षित डैम से बाहर आ जाएंगे।




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