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Mumbai Rain : मुंबई में मानसून का तांडव, 24 घंटे में 340 मिमी बारिश, सड़कें डूबीं, ट्रेनें प्रभावित, IMD ने जारी की चेतावनी
मुंबई में मानसून के आगमन के एक दिन बाद हुई भारी बारिश ने बुधवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। कई क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 300 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
बारिश के बीच किंग्स सर्कल स्थित गांधी मार्केट के जलभराव वाले क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचीं मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के सामने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का एक सुपरवाइजर खुले नाले में गिर गया। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शहर में जलनिकासी के लिए लगाए गए डी-वॉटरिंग पंप, स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन और बाढ़ नियंत्रण प्रणालियां लगातार काम कर रही हैं, जिससे कई इलाकों में पानी तेजी से निकाला जा सका।
हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स और स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि कई नालों की सफाई पर्याप्त रूप से नहीं की गई, जिसके कारण कई क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। उन्होंने नालों की नियमित सफाई और ठोस कचरे को हटाने पर जोर दिया।
बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोलाबा में 24 घंटे में हुई 248 मिमी बारिश जून महीने की कुल औसत मौसमी वर्षा (542 मिमी) का करीब 45 प्रतिशत है। सांताक्रूज में दर्ज 225 मिमी बारिश जून की औसत मौसमी वर्षा (537 मिमी) का लगभग 42 प्रतिशत रही। हालांकि उसे तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई गंभीर चोट नहीं आई।
बीएमसी के मुताबिक बुधवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों में कोलाबा मौसम केंद्र में 248 मिमी और सांताक्रूज केंद्र में 225 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी उपनगर मालवणी में 340 मिमी और मध्य मुंबई के परेल में 334 मिमी बारिश हुई, जो इस अवधि की सबसे अधिक वर्षा रही।
दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार को मुंबई पहुंचा, जो सामान्य तिथि से 13 दिन देरी से आया है। मानसून के पहुंचते ही तेज बारिश ने शहर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। अंधेरी सबवे, हिंदमाता और किंग्स सर्कल जैसे इलाकों में जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई प्रमुख सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
उपनगरीय रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। कुछ स्थानों पर रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया, हालांकि अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर ट्रेन सेवाएं रोकने की निर्धारित सीमा से नीचे रहा।
सुबह के व्यस्त समय में यात्रियों को लोकल ट्रेनों में देरी और भारी भीड़ का सामना करना पड़ा। खासकर सेंट्रल रेलवे के मार्गों पर परेशानी अधिक देखने को मिली।
अत्यधिक जलप्रवाह के कारण तुर्भे और कोपरखैराणे स्टेशनों के बीच ट्रैक धंसने से सेंट्रल रेलवे की ट्रांस-हार्बर लाइन पर ठाणे-वाशी/पनवेल मार्ग की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुबह 5.06 बजे अप लाइन और 5.50 बजे डाउन लाइन को असुरक्षित घोषित किया गया था। बाद में मरम्मत के बाद सेवाएं बहाल कर दी गईं। बीईएसटी (BEST) के प्रवक्ता के मुताबिक भारी बारिश और जलभराव के कारण 24 से अधिक बस मार्गों को डायवर्ट करना पड़ा।
बीएमसी ने बताया कि सुबह 8.28 बजे 3.41 मीटर की ऊंची ज्वार (हाई टाइड) दर्ज की गई, जबकि शाम 7.41 बजे 3.35 मीटर की एक और हाई टाइड आने की संभावना है। आमतौर पर भारी बारिश और हाई टाइड का संयोजन मुंबई में जलभराव की स्थिति को और गंभीर बना देता है। Edited by : Sudhir Sharma
