बंदरिया ने मासूम को बनाया ‘कैदी’, 2 घंटे तक कब्जा, फिर हुआ चौंकाने वाला रेस्क्यू
मुजफ्फरनगर से एक बेहद चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक बंदर द्वारा तीन महीने की मासूम बच्ची को लगभग दो घंटें तक अपने कब्जे में रखा। यह नज़ारा इतना असामान्य था कि मौके पर मौजूद लोग डर और हैरानी के बीच बच्ची को छुड़ाने की कोशिश करते रहे।
बताया जा रहा है कि जब बच्ची के साथ उसका परिवार सो रहा था, तो एक बंदरिया ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बच्ची को छुड़ाने की कोशिश की, तो बंदर ने आक्रामक होकर तीन-चार लोगों को काटकर घायल भी कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही थी और हर पल बच्ची की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही थी। परिवार ने पुलिस-प्रशासन को सूचना दी, सभी मौके पर पहुंचे और बच्ची को बंदरिया के चंगुल से मुक्त करवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नही मिली, लिहाजा प्रशु प्रेमी दलों से भी सम्पर्क साधा गया।
घटना चरथावल थाना क्षेत्र के कस्बा चरथावल की है, जहां तहसीन नाम के व्यक्ति के घर में घुसकर बंदर ने उसकी तीन माह की बेटी कलसुम को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान बच्ची को नुकसान नहीं पहुंचाया गया, लेकिन बंदर उसे छोड़ने के मूड में नहीं था।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बंदर का व्यवहार असामान्य जरूर था, लेकिन वह बच्ची को नुकसान पहुंचाने के बजाय उसे अपने बच्चे की तरह पकड़े हुए था। अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः बंदरिया ने अपने बच्चे को खो दिया हो और इसी बच्ची कुलसुम को अपना बच्चा समझकर भावनात्मक स्तर से जुड़कर उसे अपने पास पकड़कर रखा।
पशु प्रेमी सन्नी ने अपनी टीम के साथ करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत करते हुए रेस्कयू आपरेशन चलाया। कभी बंदरिया के पास बैठकर उसे खाद्य सामग्री खिलाते तो कभी उसका ध्यान भटकाते, लेकिन यह पशु इतना सजग था कि जैसे ही कोई बच्ची का हाथ पकड़ता या छूता तो वह उसको काटने दौड़ता, बच्चे को बंदरिया करवट दिलाकर कस के पकड़ लेती। पशु प्रेमी टीम ने हार नही मानी, सूझबूझ के साथ किसी तरह से उन्होंने बंदरिया का ध्यान भटकाया और बच्ची को सुरक्षित छुड़ा लिया।
पूरी घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और चर्चा का विषय बनी हुई है। इस वीडियो को देखने एक तरफ डर रहे हैं और तरफ मासूम कुलसुम की सुरक्षित वापसी पर राहत की सांस ले रहे हैं। Edited by: Sudhir Sharma
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हिमा अग्रवाल