महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय की अनूठी पहल, आधुनिक के साथ वैदिक शिक्षा पर भी जोर
Maharishi Mahesh Yogi Ramayana University: रामनगरी अयोध्या धाम मे स्थापित महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय में वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति व आधुनिक शिक्षा (Modern education) के समागम के लिए विश्वविद्यालय द्वारा एक विशेष सम्मान एवं विचार-विमर्श के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उस शिक्षा के साथ वैदिक शिक्षा, संस्कृति, संस्कार एवं सामाजिक जिम्मेदारी भी शामिल होनी चाहिए जो कि हमारे राष्ट्र निर्माण की नींव है और ब्रम्हालीन महर्षि महेश योगी का मुख्य उद्देश्य भी। इस आयोजन में शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य कर रहे विद्यालय के प्रिंसिपलों को 'दशरथी 2025' के सम्मान से नवाजा गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में सामाजिक संस्था 'पाई फाउंडेशन' और 'विस्टामाइंड सोशल फाउंडेशन' का भी अहम सहयोग रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मणिशंकर तिवारी (अध्यक्ष, प्रिंसिपल एसोसिएशन) ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यालय और विश्वविद्यालयों के बीच दूरी को कम करते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं। महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के डायरेक्टर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) रतीश गुप्ता ने वेबदुनिया से खास बात करते हुए बताया कि रामायण विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति, रामायण परंपरा, वैदिक शिक्षा के साथ ही आधुनिक शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से शोध कार्य कर रहा है। इससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी।
नई शिक्षा नीति और वैदिक शिक्षा के समावेश पर जोर : उन्होंने बताया कि इसीलिए इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से CBSC और यूपी बोर्ड के स्कूलों के प्रिंसिपलों को आमंत्रित किया गया था। गुप्ता ने कहा कि आज की शिक्षा पूर्ण रूप से डिजिटल हो गई है, जिसका विद्यार्थियों को क्या फायदा मिल रहा है और क्या नुकसान हो रहा है। यही चर्चा का मुख्य विषय रहा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के साथ वैदिक शिक्षा के समावेश के साथ विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए रामायण विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से सहयोगी बन उनकी मनोवैज्ञानिक स्तर पर काउंसलिंग कर उचित मार्गदर्शन देने का प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम की सहयोगी सामाजिक संस्था विस्टामाइंड सोशल फाउंडेशन की फाउंडर चेयरपर्सन संगीता रानी ने वेबदुनिया से बात करते हुए बताया कि हम अपनी अपनी संस्था के माध्यम से छोटे बच्चों के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में छोटे बच्चो का IQ लेवल बहुत हाई है। उनका ऑब्जेर्वेशन और थिंकिंग भी अच्छी है। बस, उन्हें मोटीवेट करने की जरूरत है। उदाहरण के तौर पर हम देखेंगे कि बच्चे मोबाइल फोन बिना बताए ही चला लेते हैं। उसी तरह से बच्चों की आयु वर्ग व उनकी रुचि के अनुसार उन्हें ओलम्पियाड की तर्ज खेल-खेल में उनके भीतर प्रतियोगिता की भावना शुरुआत से ही विकसित की जानी चाहिए। जूनियर ओलम्पियाड की तैयारी के साथ ही बच्चो की कला को विकसित करने के लिए हम 'हार्मोनी मैजेस्टिक' नाम से एक कार्यक्रम करने जा रहे हैं। इससे उनकी प्रतिभा को और निखारा जा सकेगा।
प्रधानाचार्यों का सम्मान : रामायण विश्वविद्यालय के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर अमन श्रीवास्तव ने वेबदुनिया से खास बात करते हुए बताया कि हमारे महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय के द्वारा 'दशरथी 2025' सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें CBSC और यूपी बोर्ड के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आमंत्रित किया गया था। आयोजन में आने वाले समय में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा, संस्कृति व रामायण पद्धति के समावेश पर वृहद रूप से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उच्च कोटि की शिक्षा दे रहे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित भी किया गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य कार्य महर्षि महेश योगी के उद्देश्यों, उनकी शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ाना है, जिससे हमारी सभ्यता व संस्कृति व सभ्य राष्ट्र के निर्माण को विकसित किया जा सके। इस कार्यक्रम में हर्षवर्धन सिंह, सुश्री संगीता शर्मा, सरित घोष, डॉ. विनय कुमार झा, अंशुमान देव गुप्ता और धर्मवीर यादव भी मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा के विकास और सहयोग पर अपने विचार रखे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala