कानपुर HDFC बैंक विवाद: "मुझे गर्व है कि मैं ठाकुर हूं!" आस्था सिंह ने बताया वायरल वीडियो का पूरा सच
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पनकी (Panki) ब्रांच की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। एक वायरल वीडियो क्लिप में उन्हें गुस्से में "मैं ठाकुर हूं, .... मत करना" कहते हुए देखा गया था, जिसके बाद इंटरनेट पर पेशेवर आचरण (Professional Ethics) और जातिवाद को लेकर नई बहस छिड़ गई। अब आस्था सिंह ने खुद सामने आकर इस घटना की हकीकत बयां की है।
क्या था वायरल वीडियो का सच?
आस्था सिंह ने एक नया वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि यह विवाद किसी ग्राहक (Customer) के साथ नहीं, बल्कि बैंक की एक पूर्व सहकर्मी के पति के साथ था। उनके बयान की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
तारीख और घटना: यह मामला 6 जनवरी 2026 का है। आस्था के अनुसार, वीडियो को जानबूझकर काट-छांट कर अब वायरल किया गया है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
विवाद की जड़: बैंक में कार्यरत रही रितु त्रिपाठी के पति (ऋषि मिश्रा) बैंक आए थे। आस्था का आरोप है कि उन्होंने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी देते हुए कहा, "तुम्हारी सारी गर्मी निकाल दूंगा, बहुत हेकड़ी है तुममें।"
जाति पर पलटवार: आस्था का कहना है कि जब उनसे उनकी जाति पूछकर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की गई और धमकी दी गई, तब उन्होंने आक्रोश में आकर अपना परिचय दिया।
"मुझसे पूछा गया कि तुम कौन सी जाति की हो जो इतनी अकड़ दिखा रही हो? तब मैंने जवाब दिया कि मैं ठाकुर हूं। अगर कोई महिला का अपमान करेगा या धमकी देगा, तो मैं चुप नहीं रहूंगी।" — आस्था सिंह
पेशेवर आचरण बनाम आत्मसम्मान
वीडियो में आस्था को गुस्से में लैपटॉप उठाते हुए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए देखा गया था। इस पर उन्होंने स्वीकार किया:
भाषा पर खेद : उन्होंने माना कि सार्वजनिक सेवा (Public Service) में रहते हुए उनके शब्द बेहतर हो सकते थे।
पक्षपात का आरोप : उन्होंने कहा कि बैंक के CCTV में पूरी घटना कैद है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि उकसावा दूसरी तरफ से था।
गर्व का बयान : वे आज भी अपने बयान पर कायम हैं और उन्होंने "जय श्री राम" कहते हुए दोहराया कि उन्हें अपनी पहचान पर गर्व है। HDFC बैंक की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, इस घटना ने कॉर्पोरेट जगत में 'कार्यस्थल पर संयम' और 'जातिगत पहचान' जैसे संवेदनशील मुद्दों पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है। कानपुर पुलिस भी इस मामले में तथ्यों की जांच कर रही है।