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झारखंड को मिलेगी बिजली की बड़ी सौगात, CM हेमंत सोरेन करेंगे 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन
Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 3 जुलाई को दुमका-गोविंदपुर 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और पाकुड़, जामताड़ा व पूर्वी सिंहभूम के 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिससे संताल परगना और कोयलांचल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिजली लाइन के साथ-साथ तीन जिलों में नए बने बड़े पावर सबस्टेशनों को भी जनता के लिए शुरू करेंगे। इनमें पाकुड़ जिले के जियापानी स्थित 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन अमड़ापाड़ा, पूर्वी सिंहभूम के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन सुरदा और जामताड़ा के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन नारायणपुर शामिल हैं।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 3 जुलाई को दुमका-गोविंदपुर 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन और पाकुड़, जामताड़ा व पूर्वी सिंहभूम के 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जिससे संताल परगना और कोयलांचल क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिजली लाइन के साथ-साथ तीन जिलों में नए बने बड़े पावर सबस्टेशनों को भी जनता के लिए शुरू करेंगे। इनमें पाकुड़ जिले के जियापानी स्थित 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन अमड़ापाड़ा, पूर्वी सिंहभूम के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन सुरदा और जामताड़ा के 132/33 केवी ग्रिड सबस्टेशन नारायणपुर शामिल हैं।
220 केवी दुमका-गोविंदपुर संचरण लाइन के चालू होने का सीधा और बड़ा फायदा आधा दर्जन जिलों को मिलेगा। इसमें दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, धनबाद तथा इनके आसपास के तमाम ग्रामीण और शहरी इलाके शामिल हैं। इससे उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली ट्रिपिंग, लोड शेडिंग और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
झारखंड सरकार का मानना है कि इन सभी पावर प्रोजेक्ट्स के पूरी तरह चालू हो जाने से झारखंड की बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी। कोयले से पूरे देश को रोशन करने वाला झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन चुका है। पतरातू (PVUNL) की नई यूनिट के कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने से राज्य के पास 700 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो गई है।
Edited By : Chetan Gour
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