CM हेमंत सोरेन का PM मोदी को पत्र, कहा- मांग के अनुरूप नहीं मिल रही छात्रवृत्ति राशि
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रों को केंद्र सरकार से मांग के अनुसार छात्रवृत्ति राशि न मिलने पर गंभीर चिंता जताई है। सोरेन ने बताया कि केंद्रीय सहायता में कमी के कारण राज्य के लाखों ओबीसी (OBC) और एसटी (ST) वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़ी कटौती
मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाली राशि आवश्यकता की तुलना में काफी कम है। इससे बड़ी संख्या में पात्र विद्यार्थियों को समय पर राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से छात्रवृत्ति मद में केंद्रांश बढ़ाने का अनुरोध किया है।
हेमंत सोरेन ने पत्र में एसटी वर्ग के छात्रों के साथ हो रही विषमता की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि प्री-मैट्रिक स्तर पर छात्रवृत्ति दरों में अंतर है। जहां अन्य वर्गों के लिए यह राशि क्रमश: 3500 रुपए और 4000 रुपए है, वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए यह दर घटकर 3000 रुपए प्रति छात्र रखी गई है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा एसटी विद्यार्थियों की प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए राज्य को कोई राशि जारी नहीं की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत मिली 200 करोड़ रुपए की राशि वास्तव में 2022-23 की बकाया राशि थी। वित्तीय वर्ष 2023-24 में केंद्रांश का केवल 42% हिस्सा पहली किस्त के रूप में मिला था। इसके बाद का 58% बकाया तथा 2024-25 व 2025-26 की पूरी राशि राज्य को अप्राप्त है।
अल्पसंख्यकों के लिए दोबारा योजना शुरू करने की मांग
मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति योजना को पुन: आरंभ करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अल्पसंख्यक आबादी 23.29% है, लेकिन भारत सरकार द्वारा वर्ष 2021-22 के बाद से इस वर्ग के लिए छात्रवृत्ति राशि विमुक्त नहीं की जा रही है।

