मौसम विभाग की चेतावनी के बीच पूरे गुजरात में प्री-मानसून एक्टिविटी ने तूफानी रूप अख्तियार कर लिया है। 1 जून की रात और 2 जून की सुबह राज्य के कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तूफानी हवाओं, धूल भरी आंधी और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ बादलों की धमाकेदार एंट्री हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश के साथ थंडरस्टॉर्म एक्टिविटी जारी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी और गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, इस बेमौसम बारिश के कारण दक्षिण गुजरात में आम की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
अहमदाबाद में आधी रात को तूफानी बारिश
अहमदाबाद शहर में 1 जून की देर रात और तड़के तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे शहर में औसतन 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। पश्चिम अहमदाबाद के पालडी, बोपल, एस.जी. हाईवे, गोता और जोधपुर समेत कई इलाकों में आधा से एक इंच बारिश हुई, जबकि पूर्वी इलाकों में आधा इंच के करीब पानी गिरा। खराब मौसम और कम दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण अहमदाबाद आने वाली 7 फ्लाइट्स को सूरत एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट करना पड़ा। तेज तूफान की वजह से शहर के 15 से ज्यादा इलाकों में पेड़ गिरने और सैटेलाइट रोड पर एक कार पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं, साथ ही बापूनगर में स्ट्रीट लाइट का पोल भी गिर गया।
दाहोद में साइन बोर्ड गिरने से 1 की मौत
यह तूफानी चक्रवात दाहोद और वडोदरा जिलों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हुआ। दाहोद में गरबाड़ा चौराहे के पास स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाया गया एक विशाल साइन बोर्ड तेज हवा के कारण गिर गया। इस हादसे में उसारवण गांव के डूंगर फलिया निवासी 60 वर्षीय शक्करिया निनामा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दूसरी ओर, वडोदरा के वासणा-भायली रोड पर स्थित 'अर्थ आर्टिका सोसाइटी' में आए तेज तूफान के कारण छतों पर फिट किए गए सोलर पैनल उखड़कर नीचे गिर गए, जिससे बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है, हालांकि सभी निवासी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
पंचमहाल (गोदरा) में सड़कें बहीं, वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की सलाह
पंचमहाल जिले के गोदरा में रात के दौरान हुई मूसलाधार बारिश के कारण भारी अफरा-तफरी मच गई। यहां के आनंदनगर इलाके में निर्माणाधीन पुल के पास बनाया गया अस्थाई डायवर्जन रोड बड़े पैमाने पर पानी में बह गया। बारिश के पानी के साथ मिट्टी बह जाने से यह रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आनंदनगर-कनेलाव मार्ग का उपयोग न करने और इसके बजाय आईटीआई (ITI) व शामलाजी कॉलेज वाले वैकल्पिक रास्तों से गुजरने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पाटन और महीसागर में ब्लैकआउट, प्री-मानसून तैयारियों पर उठे सवाल
पाटन और महीसागर जिलों में देर रात अचानक मौसम बदलने से तेज हवाएं चलीं और धूल का गुबार उड़ा, जिससे राहगीर मुश्किल में फंस गए। पाटन में तेज आंधी के कारण बिजली की लाइनों में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे कई इलाकों में लंबे समय तक अंधेरा छा गया। ऐसी ही स्थिति महीसागर के जिला मुख्यालय लूणावाड़ा और ग्रामीण इलाकों में देखने को मिली, जहां बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। स्थानीय नागरिकों ने भारी नाराजगी जताते हुए कहा कि MGVCL हर मंगलवार को मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती करती है, इसके बावजूद मानसून के पहले सामान्य तूफान में ही फीडर ठप हो जाने से प्री-मानसून के दावों की पोल खुल गई है।
नवसारी, वलसाड और बोटाद में मिनी चक्रवात और बारिश का माहौल
दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के इलाकों में भी प्रकृति का मिजाज बदला हुआ नजर आया। नवसारी में तड़के 03:00 बजे के आसपास तूफानी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को गर्मी से तो राहत मिली लेकिन शहर के कई इलाकों की बत्ती गुल हो गई। वलसाड में भी देर रात मिनी चक्रवात चलने से लोगों की सांसें अटक गईं, हालांकि वहां बिजली आपूर्ति जल्द ही बहाल कर दी गई। दूसरी ओर, बोटाद शहर में सुबह-सुबह पालियाद रोड, टावर रोड, गढड़ा रोड के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बरवाला, सारंगपुर और राणपुर तालुका के गांवों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ कहीं बूंदाबांदी तो कहीं धीमी गति से बारिश दर्ज की गई है।