दिल्ली में आवारा कुत्तों की गिनती करेंगे स्कूल शिक्षक, आखिर क्या है खबर का सच
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों की गिनती कराएगी, जिसके लिए स्कूल शिक्षकों को तैनात किया गया है। इस खबर के आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा हुआ था। मीडिया खबरों के मुताबिक स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को आवारा कुत्तों से जुड़े मुद्दों पर समन्वय करने के लिए नोडल अधिकारियों को नामित करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि इस खबर का खंडन की भी मीडिया में जानकारी आई।
खबरों के मुताबिक दिल्ली सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। शिक्षकों से जुड़ी यह खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक जानकारी पर आधारित है। सरकार का कहना है कि न तो किसी शिक्षक को और न ही शिक्षा विभाग के किसी कर्मचारी को आवारा कुत्तों की गिनती का जिम्मा सौंपा गया है।
मीडिया खबरों के मुताबिक दिल्ली सरकार ने चिंताओं को दूर करने की कोशिश की है और जोर दिया है कि टीचरों को आवारा कुत्तों की गिनती के लिए नहीं लगाया जा रहा है, और यह निर्देश सिर्फ नॉमिनेटेड नोडल अधिकारियों के जरिए एडमिनिस्ट्रेटिव कोऑर्डिनेशन तक ही सीमित है।
मीडिया खबरों के मुताबिक मूल रूप से 20 सितंबर को जारी सर्कुलर में केवल सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े निर्देश दिए गए थे। इसके तहत सभी शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों और स्टेडियमों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि उनके परिसरों में आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो। यदि किसी स्थान पर आवारा कुत्तों का जमाव या ठिकाना पाया जाता है तो संबंधित स्थानीय निकायों को तुरंत सूचना देकर आवश्यक उपचारात्मक कार्रवाई कराई जाए। Edited by : Sudhir Sharma