सम्बंधित जानकारी
- झारखंड के CM सोरेन ने हूल दिवस पर शहीद सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि, बोले- क्रांति की आग कभी बुझती नहीं, उसकी चिंगारी हमेशा जीवित रहती है
- झारखंड को मिलेगी बिजली की बड़ी सौगात, CM हेमंत सोरेन करेंगे 3 नए ग्रिड सबस्टेशनों का उद्घाटन
- झारखंड के CM हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला, 765 सरकारी स्कूल बनेंगे Plus Two
- झारखंड में DJ को लेकर सख्त आदेश, नहीं बजा सकेंगे रात 10 बजे के बाद
- झारखंड के CM हेमंत सोरेन आज करेंगे फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का उदघाटन
CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज होगी झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक
Chief Minister Hemant Soren : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह बैठक प्रोजेक्ट भवन में शाम 4 बजे से शुरू होगी। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बैठक में कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है। झारखंड में नई औद्योगिक नीति शीघ्र ही लांच होगी और इस बार अभी तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहे संताल परगना क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आज कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी के ड्राफ्ट पर निर्णय हो सकता है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज शाम कैबिनेट की अहम बैठक होगी। यह बैठक प्रोजेक्ट भवन में शाम 4 बजे से शुरू होगी। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। बैठक में कई कल्याणकारी योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है।
झारखंड में नई औद्योगिक नीति शीघ्र ही लांच होगी और इस बार अभी तक औद्योगिक गतिविधियों से दूर रहे संताल परगना क्षेत्र को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आज कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। कैबिनेट की बैठक में नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी के ड्राफ्ट पर निर्णय हो सकता है।
उद्योग विभाग इसी दृष्टिकोण से नई औद्योगिक नीति और टेक्सटाइल पालिसी को तैयार कर रहा है। राज्य सरकार की ओर से नई दिल्ली में निवेशक सम्मेलन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर इस पर निवेशकों की राय ली जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। संताल परगना को हवाई मार्ग और रेल मार्ग के साथ-साथ जल मार्ग से व्यवसाय के अवसर भी मिल रहे हैं।
राज्य सरकार की कोशिश है कि इस बात की अधिक से अधिक मार्केटिंग की जाए और इसके माध्यम से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर तो मिलेंगे ही, पूर्वी भारत में औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र तैयार होगा।
