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UP के बागपत में दिनदहाड़े दोहरा हत्याकांड, व्यापारी और बेटे की गोली मारकर हत्या, क्षेत्र में तनाव

Businessman and his son shot dead in Uttar Pradesh's Baghpat district
Baghpat double murder case : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई है। यहां बड़ौत कस्बे में मुख्य बस स्टैंड पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर स्थित एक टेंट व्यवसायी की दुकान पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें व्यापारी और उनके पुत्र की मौत हो गई, जबकि घटना में 2 अन्य लोग घायल हुए हैं। पिता-पुत्र की मौत के बाद व्यापारियों में रोष है। उन्होंने सड़क जाम कर दिया। पुलिस-प्रशासन ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाते हुए आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। वहीं आज सुबह गमहीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
 

आलाधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

बड़ौत में सरेआम पिता-पुत्र की हत्या की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। जिसके बाद एडीजी मेरठ जोन, मेरठ कमिश्‍नर और डीआईजी ने बागपत पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मिली जानकारी के अनुसार, बड़ौत के दिल्ली-सहारनपुर मार्ग स्थित पुलिस चौकी से महज 30 मीटर की दूरी पर हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने अपने साथियों के साथ मिलक टेंट हाउस पर पहुंचा और 2015 की पुरानी रंजिश के चलते गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

इस हमले में व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल (55) और उनके पुत्र विकास अग्रवाल (30) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसका उपचार चल रहा है। 
 
पुलिस के अनुसार मृतकों के परिवार द्वारा मिली शिकायत के आधार पर नामजद मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी वरुण लुहारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वरुण वारदात के बाद भागने का प्रयास कर रहा था। आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। इस घटना में वह भी घायल हुआ था, उसे उपचार के लिए मेरठ भेजा गया। जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। 
 

पिता-पुत्र की मौत से व्यापारियों में रोष

घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस चौकी के नजदीक इतनी बड़ी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
 

जांच में जुटी पुलिस

वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
 

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार

बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पिता-पुत्र के शव उनके घर पहुंचाए गए, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और शोकसंतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हुए पिता-पुत्र का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अंतिम यात्रा में व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और हजारों स्थानीय लोगों ने भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की। घटना के विरोध में पूरे बड़ौत बाजार को बंद रखा गया।
 

पुलिस की कार्रवाई तेज

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के पिता बाबूराम को हिरासत में लिया है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए 10 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
 
 पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं तथा शेष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। एहतियातन बाजार और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
 

हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी पर हैं कई मामले दर्ज 

वरुण उर्फ वरुण लुहारी बड़ौत कोतवाली का दर्ज हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, रंगदारी, बलवा, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े कुल 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इस हिस्ट्रीशीटर पर आईपीसी की धाराएं 147, 148, 149, 307, 323, 325, 342, 379, 384, 411, 504 और 506 सहित कई मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।

बड़ौत क्षेत्र में उसके खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि हरियाणा के सोनीपत में भी एक मामला दर्ज होने का उल्लेख मिलता है। लंबे समय से पुलिस निगरानी में रहने के बावजूद वह लगातार आपराधिक गतिविधियों के आरोपों के कारण चर्चा में रहा। पूर्व में इस अपराधी की बड़ौत स्थित घर की कुर्की भी हुई थी, जिसके बाद यह उत्तराखंड चला गया, बीते कल यानी मंगलवार को यह अपने केस की सुनवाई के लिए बागपत आया था।

लंबे अरसे बाद भी उसकी नफरत सोहनलाल परिवार से कम नहीं हुई, लिहाजा उसने बाप-बेटे को मौत के घाट सरेआम उतार दिया। कहते है कि अंत बुरे का अंत भी बुरा होता है, पिता पुत्र को नींद की आगोश में सुलाने वाला भी अब मौत की नींद सो गया है। वरुण लुहारी की मौत के बाद बागपत पुलिस ने चैन की सांस ली है।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल
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