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Last Modified: वाराणसी (उप्र) , शनिवार, 20 दिसंबर 2025 (20:05 IST)

अब अपराध की खबर एक मैसेज दूर, वाराणसी रेंज में शुरू हुआ पुलिस सतर्क मित्र 'व्हाट्सऐप बॉट'

Another major step by Uttar Pradesh Police in field of technology
Uttar Pradesh Police News : जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल कर रही योगी सरकार की पुलिस ने तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश पुलिस में पहली बार वाराणसी रेंज ने अपराध नियंत्रण के लिए 'व्हाट्सऐप बॉट' की शुरुआत की है। इस अत्याधुनिक पहल को 'पुलिस सतर्क मित्र' नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों की मदद से पूर्वांचल में होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

अब तक देखा गया था कि नाम उजागर होने या किसी प्रकार की परेशानी के डर से लोग अपराध से जुड़ी अहम जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंचा पाते थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए वाराणसी रेंज पुलिस ने यह नई व्यवस्था लागू की है। इस 'व्हाट्सऐप बॉट' के जरिए कोई भी नागरिक पूरी तरह गोपनीय रूप से पुलिस को सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का न तो मोबाइल नंबर, न नाम और न ही स्थान पुलिस के पास पहुंचेगा।
वाराणसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि यह सुविधा शनिवार से शुरू कर दी गई है। वाराणसी रेंज के अंतर्गत आने वाले जौनपुर, गाजीपुर और चंदौली जिलों में यदि कहीं भी कोई अवैध गतिविधि दिखाई देती है या उसकी जानकारी मिलती है, तो नागरिक व्हाट्सऐप नंबर 7839860411 पर मैसेज भेजकर या क्यूआर कोड स्कैन कर सूचना दे सकते हैं। सिर्फ 'Hi' लिखने पर बॉट स्वतः भाषा का विकल्प पूछेगा और फिर अवैध गतिविधि से जुड़े सवाल क्रमवार तरीके से करेगा।

इस 'व्हाट्सऐप बॉट' पर गौ-तस्करी व गौवध, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, ड्रग्स, अवैध शराब, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, वेश्यावृत्ति, महिला व बाल तस्करी, अवैध स्पा, छेड़छाड़ वाले स्थान, अवैध खनन, ओवरलोड वाहन, जबरन वसूली, पुलिस भ्रष्टाचार, जबरन धर्म परिवर्तन सहित किसी भी अन्य अवैध गतिविधि की सूचना दी जा सकती है। सूचना फोटो, वीडियो, ऑडियो या टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से भेजी जा सकेगी।
इस बॉट के जरिए प्राप्त सभी सूचनाएं सीधे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय और डीआईजी वाराणसी रेंज कार्यालय में पहुंचेंगी। वहां से सक्षम अधिकारी को तुरंत कार्रवाई के लिए सूचना भेजी जाएगी। कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा फोटो, वीडियो या संदेश के जरिए रिपोर्ट दी जाएगी और सूचना देने वाले 'पुलिस सतर्क मित्र' को भी स्वतः धन्यवाद और कार्रवाई की जानकारी भेजी जाएगी।

वाराणसी रेंज कार्यालय में इसके लिए विशेष बैकएंड डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है, जिससे अवैध गतिविधियों के हॉटस्पॉट, थानावार आंकड़े और साप्ताहिक, मासिक विश्लेषण किया जा सकेगा। पुलिस का मानना है कि 'पुलिस सतर्क मित्र' जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाएगा और अपराध पर निर्णायक प्रहार करने में मील का पत्थर साबित होगा।