1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. AIMIM Rejects Alliance with Humayun Kabir
Last Modified: नई दिल्ली , मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 (10:26 IST)

हुमायूं कबीर के साथ नहीं जाएगी ओवैसी की AIMIM, जानिए वजह

humayun kabir and owaisi
AIMIM on Humayun Kabir : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के साथ किसी भी चुनावी गठजोड़ से इनकार कर दिया। पार्टी ने कबीर के प्रस्तावों को राजनीतिक रूप से संदिग्ध और वैचारिक रूप से असंगत बताया।
 
गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस ने अलग होने के बाद हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक समारोह में मस्जिद की नींव रखी थी। 
 
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वकार ने कहा कि कबीर को व्यापक रूप से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ा हुआ माना जाता है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कबीर को अधिकारी के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा माना जाता है। अधिकारी भाजपा के राष्ट्रीय स्तरीय नेतृत्व के मुख्य रणनीतिक ढांचे के भीतर काम करते हैं।
 
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय उकसावे से प्रेरित राजनीति का समर्थन नहीं करता। वह राष्ट्र निर्माण में विश्वास रखता है। वह देश को मजबूत करने वाली ताकतों के साथ खड़ा है और अशांति और विभाजन पैदा करने वालों को नकारता है।
 
वकार ने पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का उल्लेख करते हुए कहा कि ओवैसी साहब की राजनीति संवैधानिक मूल्यों, शांति और सामाजिक सद्भाव पर आधारित है। वह ऐसे किसी भी व्यक्ति से नहीं जुड़ सकते जिसके कार्य एकता को खतरे में डालते हों, सामाजिक मतभेदों को गहरा करते हों या विनाश की राजनीति को बढ़ावा देते हों।
 
उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल के मुसलमान कबीर के हालिया कदमों के पीछे की राजनीतिक मजबूरियों से पूरी तरह वाकिफ हैं। लोग समझते हैं कि वह किसके इशारे पर, किस हद तक और किस मकसद से काम कर रहे हैं।
edited by : Nrapendra Gupta 
ये भी पढ़ें
LIVE: लोकसभा में आज चुनाव सुधार पर चर्चा, उठेगा BLO की मौत का मुद्दा