राखी का बाजार सजा, भाई के लिए कौनसी राखी रहेगी सबसे शुभ? जानिए राखी चुनने का सही तरीका
इस बार 28 अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण के दिन राखी का त्योहार मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। शास्त्रों के अनुसार, भाई की राशि और शुभ प्रतीकों के अनुसार सही राखी का चयन करना उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य लाता है।
राशि के अनुसार चुनें भाई के लिए शुभ राखी
मेष राशि: लाल या मैरून रंग की राखी बांधें। इससे भाई के जीवन में उत्साह, साहस और ऊर्जा बनी रहती है।
वृषभ राशि: सफेद, चांदी (सिल्वर) या नीले रंग की राखी चुनें। यह उनके जीवन में शांति, स्थिरता और सुख-समृद्धि लाती है।
मिथुन राशि: हरे रंग या रेशमी धागे वाली राखी अति उत्तम रहेगी। यह भाई की बुद्धि, व्यापार और संचार क्षमता में वृद्धि करती है।
कर्क राशि: पीले, सफेद या मोती जड़ी राखी बांधें। इससे भाई को मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और भाग्य का साथ मिलता है।
सिंह राशि: नारंगी (ऑरेंज), सुनहरे (गोल्डन) या लाल रंग की राखी सबसे शुभ है। यह उनके मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाती है।
कन्या राशि: हरे, नीले या गहरे रंग की राखी चुनें। यह उनकी कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करती है।
तुला राशि: सफेद, क्रीम या हल्के नीले रंग की राखी बांधना लाभदायक रहेगा। यह जीवन में संतुलन, प्रेम और खुशहाली लाती है।
वृश्चिक राशि: लाल, मैरून या गुलाबी रंग की राखी सर्वोत्तम है। यह भाई को नकारात्मक शक्तियों से बचाती है और साहस देती है।
धनु राशि: पीले या केसरिया रंग की राखी बांधें। यह उनके ज्ञान, तरक्की और सौभाग्य में वृद्धि करती है।
मकर राशि: नीले या गहरे रंग की राखी शुभ मानी जाती है। यह उनके करियर में सफलता और मजबूती प्रदान करती है।
कुंभ राशि: नीले, आसमानी या बहुरंगी (मल्टीकलर) राखी चुनें। यह भाई की रचनात्मकता और नए अवसरों के द्वार खोलती है।
मीन राशि: पीले, सुनहरे या केसरिया रंग की राखी बांधें। यह उनके जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शांति लाती है।
पवित्र प्रतीकों वाली शुभ राखियां
यदि आपको भाई की राशि ज्ञात न हो, तो आप सनातन धर्म के इन पवित्र प्रतीकों वाली राखी चुन सकती हैं:
स्वास्तिक राखी: स्वास्तिक को गणेश जी का रूप माना जाता है। यह भाई के जीवन से सभी विघ्न-बाधाओं को दूर कर सफलता के मार्ग खोलता है।
ॐ (ओम) राखी: ओम की ध्वनि ब्रह्मांड की ऊर्जा का प्रतीक है। इसे बांधने से मानसिक शांति और सुरक्षा मिलती है।
रुद्राक्ष राखी: रुद्राक्ष भगवान शिव का अंश है। रुद्राक्ष युक्त राखी भाई को आरोग्य देती है और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती है।
मौली (कलावा) की राखी: कलावा सबसे प्राचीन और शुद्ध रक्षासूत्र माना गया है। त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) को नियंत्रित करने और धार्मिक दृष्टिकोण से यह सर्वोत्तम है।
राखी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
टूटी या खंडित राखी न लें: बाजार से राखी खरीदते समय ध्यान दें कि उसमें लगे मोती, धागे या प्रतीक कहीं से टूटे हुए न हों।
अशुभ चिह्नों से बचें: प्लास्टिक के कंकाल, नुकीले आकार या उदास चेहरे वाले कार्टून वाली राखियां लेने से बचें।
काले रंग का प्रयोगन करें: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर काले रंग के धागे या काले पत्थरों वाली राखी का प्रयोग करने से बचना चाहिए।

