सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव एवं अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वेश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी एवं राजस्थान की चोमू तहसील निवासी प्रोफेसर (डॉ) रमेश कुमार रावत ने चोमू शहर के गढ़ गणेश मन्दिर के पास स्थित गोशाला मे प्रतिदिन गोमाता की सेवा करने वाले गोभक्तों एवं वरिष्ठ नागरिकों का सिक्किम के हिमालयी प्राकृतिक ओंकार लिखित पंच मुखी रुद्राक्ष की कंठी पहनाकर स्वागत किया।
प्रोफेसर रमेश रावत ने बताया कि हर रुद्राक्ष प्राकृतिक एवं ओरिजिनल तथा पेड से टूटकर एवं पक्षियों के द्वारा गिराया हुआ है। शिव पुराण मे इसका उलेख मिलता है। इस अवसर पर प्रोफेसर रावत ने रुद्राक्ष की महिमा बताई एवं रुद्राक्ष धारण करने तथा रुद्राक्ष की पूजा अर्चना संबंधी शिव पुराण में उल्लेखित तथ्यों की जानकारी दी।
प्रोफेसर रावत ने रुद्राक्ष के आध्यात्मिक पहलू पर प्रकाश डाला एवं रुद्राक्ष धारण के लाभ बताए। इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने गढ़ गणेश मंदिर के महंत विश्वनाथ शर्मा, बालकिशन शर्मा, कैलाश बालम, ओम प्रकाश गोयल, सांवरमल महेश्वरी, संतोष शर्मा, दामोदर शर्मा, अंकित अग्रवाल, गोकुल चंद अग्रवाल, मुरारी पारीक, चोथमल सैनी, बाबूलाल पारीक, ब्रजेंद्र शर्मा, रामबाबू झालानी, पपू शर्मा, शिवा राजपूत, पपू सैनी, अशोक शर्मा, जितेंद्र राठौर, कमला जैन, हजारी लाल शर्मा, शैलेंद्र विजयवर्गीय का सम्मान किया।
इस आयोजन पर अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूंगावाले), संजीव कट्टा, मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा, चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, प्रधानमंत्री, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा गंगाराम खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा, राम निरंजन खुटेटा (खंडेलवाल), प्रधान संपादक, अखिल भारतीय खंडेलवाल वैश्य महासभा पत्रिका, शरद फरसोइया, राष्ट्रीय युवा संयोजक, अभा खंडेलवाल वैश्य, महासभा पत्रिका के सह प्रभारी राम बाबू गुप्ता, भवन संयोजक रमेश चंद खंडेलवाल, अखिल भारतीय खंडेलवाल सुमधुरा सखी सहेली मंच की संयोजक मधु खंडेलवाल, व कार्यकारिणी सदस्यगण, संयोजकगण, महासभा, जयपुर सहित अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छतीसगढ़, झारखंड, आसाम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, सहित अनेक प्रदेश एवं कोलकाता, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रतलाम, राजनंदगांव, सहित देश के अनेक प्रमुख शहरों से अनेक पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों, आजीवन सदस्यों, समाज के कर्मठ कार्यकर्ताओं, समाज बंधुओं ने खुशी वयक्त की है। साथ ही सभी ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए।