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Girish Srivastav
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तुलजापुर में मां भवानी का शक्तिशाली शक्तिपीठ मंदिर तुलजा भवानी मौजूद है।
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इस मंदिर में मां की पूजा एक अमूर्त प्रतिमा के रूप में नहीं, बल्कि उन्हें सजीव मानकर पूजा जाता है। इसके पीछे की वजह है- मां का स्वयं चलना।
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माना जाता है कि साल में 21 दिन मां खुद मंदिर के गर्भगृह से निकलकर अपने कक्ष में सोने के लिए जाती हैं।
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मंदिर में मौजूद मां की प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है, जिनका पूजन सजीव मानकर किया जाता है।
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मां तुलजा भवानी की गिनती देश के सबसे शक्तिशाली मंदिरों में की जाती है क्योंकि यहीं पर छत्रपति शिवाजी महाराज को मुगल सेना से लड़ने के लिए चमत्कारी तलवार मिली थी।
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दरअसल, मां तुलजा भवानी छत्रपति शिवाजी महाराज की कुलदेवी हैं और हमेशा युद्ध पर जाने से पहले शिवाजी महाराज तुलजा देवी का आशीर्वाद जरूर लेते थे।
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साथ ही महाराष्ट्र व अन्य राज्यों के कई निवासियों की कुलदेवी के रूप में भी प्रचलित है।