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मनोरंजक प्रवासी कविता : पिकनिक

गुरुवार,मई 19, 2022
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भारतीय-अमेरिकी ((Indian American) पदार्थ वैज्ञानिक, इंजीनियर और प्रोफेसर डॉ. अरुण मजूमदार (Dr. Arun Majumdar) को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University) के जलवायु परिवर्तन और निरंतरता पर केंद्रित नए स्कूल का पहला डीन नामित किया गया है।
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अमेरिका की स्टेट नॉर्थ कैरोलाइना के शार्लिट शहर के 'साहित्य संगम' ग्रुप की पहली कविता गोष्ठी की रिपोर्ट यहां पेश की जा रही है।
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कैसे एक व्यक्ति की सोच, उठाया गया एक सार्थक कदम और प्रयास भविष्य निश्चित कर, अस्तित्व को मजबूत कर, सभी को एकजुट कर सभी की ख़ुशियों का कारण बन जाता है। भविष्य को लेकर देखा गया एक सपना साकार होकर भविष्य को वर्तमान में संजो लेता है।
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अमेरिका ने यारों, बूढ़ा कर दिया, वरना हम भी, जवान थे अच्छे-खासे।
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भरा आकाश और नभ मंडल बारूद और धुएं की बौछार है, सिसक रही मानवता ये कैसा नरसंहार है, जहां थी तारों की लड़ियां वहां बमों की भरमार है... कांप रहा नभमंडल सारा ये कैसा अत्याचार है
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रह रह कर मन उदास हो उठता है, एक अंधेरे कोने में सिमटने लगता है हजार दुख छिपाकर एक खुशी मनाएं कैसे, मां ठीक है लेकिन मामा चले गए
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जब सहन करते हैं, जब मर्यादा उलांघते हैं, जब आकांक्षाएं ऊंची रखते हैं, जब उम्मीदों को ठुकराते हैं, जब चाल चल जाते हैं
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एक समुंदर पानी का, एक समुंदर रेत का, एक जमीन बंजर एक पहाड़ विशाल, मध्य जीवन रिक्त है
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स्वास्थ, सद्‌बुद्धि, हिम्मत, मेहनत, चार पाए हैं ऐसी खटिया के जिन पर टिक कर, आराम से कटती है जिंदगी
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आज मेरी तस्वीरें चिढ़ा रही हैं मुझे, जब मैं उनसे नजरें मिला रही हूं कुछ पुरानी तस्वीरें कॉलेज के दिनों की, प्रयोगशाला में सफेद कोट पहने
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सुंदर, नाजुक, कोमल-कोमल, मानो कोई खिली थी नन्ही-सी कली, देख-देख मैं मन ही मन खुश होती लहराती मेरे मन की बगिया
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आज अरसे बाद घर लौटी हूं। घर जी हां, घर अपना घर, वफादार घर जिसकी छत के नीचे आकर एक अजीब-सा अपनापन महसूस होता है। अभी-अभी धूप की तेजी बढ़ने के साथ ध्यान गया, रौशनी चारों
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ढींगरा फैमिली फाउंडेशन (Dhingra Family Foundation, USA) अमेरिका ने अपने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन ने अपने कथा-कविता सम्मान (International Story Poetry Award by Shivna Prakashan) घोषित कर दिए हैं।
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याद आती है भारत की दिवाली ! यहां तो बस लगता है खाली खाली !! न यहां वह वातावरण है और न है संग ! व्यस्त जीवन के कारण न है वह उमंग!!
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दीपावली के त्योहार पर मिठाई का अपना अलग ही मजा है। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं 5 तरह के मीठे व्यंजन बनाने की सरल विधियां...
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अमेरिका के रेतीले प्रांत नेवादा में, अलकापुरी सी चमचमाती, रेगिस्तान के बीच बसी हुई, लास वेगास की भव्य नगरी।
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दिल्ली शहर इतना प्रदूषित (Polluted) हो चुका है कि वहां पर एक दिन रहकर सांस लेना यानी दस सिगरेट पीने के बराबर नुकसान करता है- ऐसा TV चैनल वाले अक्सर बताते रहते हैं,
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प्रवासी कविता : पर्वत

रविवार,अक्टूबर 3, 2021
अनंतकाल से अटल खड़ा है, पर्वत एक विशाल, उत्तुंग शिखर उसका चमके, जैसे कोई मशाल।
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जल अर्थात् पानी का धन-दौलत से बहुत करीब का संबंध माना गया है। दोनों ही समान गुणधर्मी होते हैं। दोनों की प्रकृति है बहना। यदि कद्र न की जाए, सहेज कर न रखा जाए तो दोनों बह जाते हैं।
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