क्या यूसुफ पठान ने भी बदल ली है टीम, अमित शाह से मुलाकात की अटकलें, कल्याण बनर्जी के दावे से उड़ी ममता बनर्जी की नींद
पश्चिम बंगाल में सत्ता से बाहर हुई टीएमसी में कथित अंदरूनी बगावत के बीच सांसद यूसुफ पठान (Yusuf Pathan) का नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने दावा किया है कि यूसुफ पठान को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली बुलाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्याण बनर्जी ने कहा कि मैंने 8 जून को यूसुफ पठान से बात की थी। वे वडोदरा में थे।
2024 के लोकसभा चुनाव में यूसुफ पठान ने बहरामपुर सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीरंजन चौधरी को लगभग 85 हजार वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी। यह चुनाव परिणाम पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना गया था। उन्होंने बताया कि अमित शाह ने उन्हें फोन किया है और वे उनसे मिलने दिल्ली आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी को तोड़ने की कोशिश की जा रही है और कुछ नेताओं ने अपना नेता ममता बनर्जी की जगह नरेन्द्र मोदी को मान लिया है।
हालांकि इस पूरे विवाद पर यूसुफ पठान ने अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक भाजपा विधायक ने भी दावा किया है कि पठान एक क्लब छोड़कर दूसरे क्लब में जा चुके हैं। लोकसभा में अलग बैठने की मांग को लेकर बागी सांसदों द्वारा भेजे गए पत्र पर उनके हस्ताक्षर होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने दावा किया है कि केवल 13 सांसदों ने ही पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। दल-बदल कानून से बचने के लिए 28 लोकसभा सांसदों वाली टीएमसी में कम से कम 19 सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा।
मोइत्रा बोलीं- थोड़ी शर्म और जरा रीढ़ की हड्डी दिखाइए
टीएमसी में बड़ी बगावत के बीच पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान पर बड़ा हमला बोला है। महुआ ने उन्हें बागी गुट का साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि थोड़ी शर्म और ज़रा रीढ़ की हड्डी दिखाइए।' यूसुफ पठान पर महुआ का यह हमला तब हुआ है जब बगावत में शामिल बर्दवान पूर्व सीट से सांसद शर्मिला सरकार के अनुसार पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर घोषणा कर दी है कि वे ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी से अलग होकर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होना चाहते हैं।
खबर से मची थी खलबली
यूसुफ पठान हाल ही में विवादों में आए थे जब एक बंगाली अखबार ने खबर छापी कि टीएमसी ममता बनर्जी के लिए बहरामपुर सीट खाली कराने के लिए यूसुफ पठान से इस्तीफा मांग रही थी। इसके लिए पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को भी बीच में लाया गया था। पठान ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। बहरामपुर में मुस्लिम मतदाता करीब 50-52 प्रतिशत हैं, जिसे टीएमसी ममता के लिए सुरक्षित सीट मानती है। सौरव गांगुली ने इस खबर को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि अखबार ने 'बिना सोचे-समझे' खबर छापी है। Edited by : Sudhir Sharma
