कांग्रेस आहत, राज्यपाल कोश्यारी ने हमें क्यों नहीं बुलाया

पुनः संशोधित मंगलवार, 12 नवंबर 2019 (19:53 IST)
मुंबई। महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच ने कहा कि उसे भी सरकार बनाने का न्योता मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद एनसीपी और कांग्रेस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों पार्टियों की बैठक में सरकार के गठन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। हालांकि दोनों ही पार्टियों ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना को समर्थन पर अभी भी कोई फैसला नहीं लिया है।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने कभी भी नियमों का पालन नहीं किया। हमेशा मनमानी की। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाकर लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि जब भाजपा, शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने के लिए न्योता मिला तो कांग्रेस को भी सरकार गठन के लिए न्योता मिलना चाहिए था।

पटेल ने कहा कि शिवसेना ने फोन करके समर्थन मांगा था, लेकिन एनसीपी से बिना बात करे हम कोई फैसला नहीं लेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनसीपी नेता शरद और प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस नेता अहमद पटेल और मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद थे।


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