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Indian Ocean Dipole Explained: क्या IOD अल नीनो के असर को कम कर सकता है? जानिए पूरा गणित
MP-राजस्थान समेत 9 राज्यों में प्री-मानसून एक्टिव, IMD ने बताया किन राज्यों में होगी बारिश
प्रशांत महासागर में विकसित हुए अल नीनो (El Niño) के बीच मौसम वैज्ञानिक अब एक और महत्वपूर्ण जलवायु प्रणाली इंडियन ओशन डाइपोल (Indian Ocean Dipole - IOD) पर नजर बनाए हुए हैं। यह मौसमीय घटना हिंद महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में होने वाले बदलावों से जुड़ी होती है और भारत के मानसून पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
इंडियन ओशन डाइपोल तटस्थ (Neutral) स्थिति में है। हालांकि, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने संकेत दिए हैं कि वर्ष के उत्तरार्ध में सकारात्मक IOD विकसित हो सकता है। यही एजेंसी अल नीनो के विकसित होने की घोषणा करने वाली शुरुआती प्रमुख मौसम संस्थाओं में शामिल थी।
जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि संभावित सकारात्मक IOD कितना मजबूत होगा और कब विकसित होगा। लेकिन ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि कई बार सकारात्मक IOD भारत में अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
क्या होता है इंडियन ओशन डाइपोल?
नासा (NASA) के मुताबिक इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह तापमान में अंतर के कारण बनने वाली जलवायु घटना है। सकारात्मक IOD (Positive IOD) की स्थिति में अफ्रीका के निकट पश्चिमी हिंद महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है, जबकि इंडोनेशिया के पास पूर्वी हिंद महासागर का पानी अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।
नकारात्मक IOD (Negative IOD) में स्थिति इसके विपरीत होती है, यानी पूर्वी भाग गर्म और पश्चिमी भाग ठंडा हो जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक यदि इस वर्ष भी सकारात्मक IOD विकसित होता है, तो यह भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए राहत भरी खबर साबित हो सकता है और अल नीनो के संभावित असर को कम कर सकता है।
क्या है बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इस दौरान मानसून कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के कुछ और हिस्सों तथा दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच सकता है।
मानसून की झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में एंट्री हो गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और तेज हो सकती है, जिससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ कृषि कार्यों को भी फायदा पहुंच सकता है। देश के कई राज्यों में प्री मानसून एक्टिव है। राजस्थान समेत 9 राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। मध्यप्रदेश में शनिवार शाम भोपाल समेत 4 जिलों में तेज बारिश हुई। Edited by : Sudhir Sharma
