Putin Trump friendship : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस में दिलचस्पी बढ़ती नजर आ रही है। ट्रंप अब रूस से दु्श्मनी वाले चैप्टर को बंद कर दोस्ती का नया अध्याय लिखने की तैयारी कर रहे हैं। इससे अमेरिका और रूस के साथ ही भारत को भी फायदा मिलेगा।
2014 में क्रीमिया को रूस में मिलाने और 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से अमेरिका लगातार रूस को बड़ा खतरा मानता रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अब रूस के माथे से दुश्मन का टैग हटा दिया है। वाशिंगटन अब मॉस्को के साथ स्ट्रेटजिक स्टेबिलिटी बहाल करना चाहता है। रूस भी अमेरिका की इस पहल से काफी खुश नजर आ रहा है।
क्या होगा भारत पर असर : अमेरिका और रूस की दुश्मनी की वजह से ही ट्रंप सरकार ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगा रहा था। अब इस दुश्मनी के दोस्ती में बदलने का फायदा भी भारत को मिलेगा। उसे ना सिर्फ अमेरिकी टैरिफ से राहत मिलेगी बल्कि वह खुलकर रूस से तेल आयात भी कर सकेगा।
भूराजनीतिक संतुलन : अगर रूस और अमेरिका के बीच संबंध सुधरते हैं, तो यह एशिया और खासकर भारत के लिए भूराजनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। भारत, जो अमेरिका और रूस दोनों के साथ अच्छे संबंध चाहता है। अगर दोनों देशों में संबंध बेहतर होते हैं तो भारत दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखेगा और साथ ही उसकी स्वतंत्र विदेश नीति को भी मजबूती मिलेगी।
आर्थिक और व्यापारिक सहयोग : रूस और अमेरिका के बीच अच्छे व्यापारिक रिश्ते भारत को एक मध्यस्थ के रूप में काम करने का मौका दे सकते हैं। भारत खुद भी अमेरिका और रूस के साथ अपनी निर्यात और आयात बढ़ाने की स्थिति में हो सकता है।
रक्षा क्षेत्र में क्या फायदा : भारत पहले से ही रूस से कई प्रकार के रक्षा उपकरण खरीदता है, जैसे कि हथियार, मिसाइल सिस्टम, और सैन्य प्रशिक्षण। अमेरिका के साथ भी भारत के रक्षा संबंध मजबूत हो रहे हैं, जैसे कि लिक्विडिटी और लॉजिस्टिक समझौतों (LEMOA) और COMCASA। अगर रूस और अमेरिका के बीच दोस्ती मजबूत होती है, तो भारत को एक समग्र रक्षा नेटवर्क में भाग लेने का अवसर मिल सकता है, जिससे उसे अपनी सुरक्षा को लेकर बेहतर विकल्प मिल सकते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में क्या फायदा : रूस, ऊर्जा उत्पादन के मामले में एक बड़ा देश है, जबकि अमेरिका दुनिया में सबसे बड़ा शेल गैस उत्पादक है। अगर दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ता है, तो भारत को कच्चे तेल, गैस, और अन्य ऊर्जा स्रोतों के लिए बेहतर और सस्ते विकल्प मिल सकते हैं। इससे भारत के ऊर्जा सुरक्षा में सुधार हो सकता है।
वैश्विक सुरक्षा और सामरिक स्थिरता : रूस और अमेरिका के बीच बेहतर संबंध वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे भारत को एक शांतिपूर्ण वैश्विक माहौल में अपने आर्थिक और राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। इससे भारत को भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि रूस और अमेरिका दोनों के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए भारत को बहुत सतर्क रहना होगा, ताकि एक देश के साथ रिश्ते बिगड़ने का खतरा न हो। रूस और अमेरिका दोनों के साथ भारत को अपनी विदेश नीति में ज्यादा लचीलापन और संतुलन बनाए रखना होगा। कुल मिलाकर, रूस और अमेरिका की दोस्ती भारत के लिए कई अवसरों को खोल सकती है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत किस तरह से अपनी विदेश नीति को संतुलित करता है।
edited by : Nrapendra Gupta