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Last Updated : शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 (14:50 IST)

1 करोड़ रोजगार, महिलाओं को हर माह 3000, बंगाल में भाजपा के घोषणा पत्र की 15 बड़ी बातें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अमित शाह ने जारी किया घोषणा पत्र

BJP West Bengal Manifesto 2026
BJP West Bengal Manifesto 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया है। घोषणा पत्र में महिलाओं से लेकर युवाओं तक के लिए कई वादे किए गए हैं। भाजपा ने घुसपैठ को भी मुद्दा बनाया है। चूंकि बंगाल में वर्तमान मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की स्थिति मजबूत है, ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा इस वादों के सहारे अपनी चुनावी नैया पार लगा पाएगी। 
 
भाजपा (BJP) द्वारा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जारी घोषणा पत्र को 'भरोसार शपथ' (Bhoroshar Shopoth) नाम  दिया है। यह घोषणा पत्र केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने जारी किया। आइए जानते हैं वे कौनसे वादे हैं, जिनके आधार पर भाजपा पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत लगा रही है... 
 
घुसपैठ पर नकेल : अमित शाह ने कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बंगाल की जनता के मन में भय है कि अगर घुसपैठ इसी प्रकार चलती रही, तो बंगाल का अस्तित्व नहीं बचेगा। पश्चिम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि एक बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनाइए, हम चुन-चुन कर एक-एक घुसपैठिए को बंगाल से बाहर निकालने का काम करेंगे। हम बंगाल और देश को सुरक्षित करेंगे। 
 
श्वेत पत्र : टीएमसी (TMC) के 15 साल के भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की बदहाली को उजागर करने के लिए 'श्वेत पत्र' जारी किया जाएगा। टीएमसी का 15 साल का शासन पश्चिम बंगाल के लिए हर प्रकार के संकट का परिचायक रहा है। इस संकल्प पत्र के आधार पर चलने वाले भाजपा के अगले पांच साल बंगाल के विकास का रास्ता खोलेंगे। 
 
डीए (DA) और वेतन आयोग : सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) सुनिश्चित करना और 7वें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा। सभी सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों के लिए डीए सुनिश्चित किया जाएगा और 45 दिनों के भीतर ही सातवें वेतन आयोग को लागू कर सभी कर्मचारियों का सम्मान नई बनने वाली भाजपा सरकार करेगी।
 
रोजगार : अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना, साथ ही प्रत्येक बेरोजगार युवा को 3000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपए की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के कारण जो युवा योग्यता की आयु सीमा गंवा चुके हैं, उन्हें पांच साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी, ताकि वे अपना भविष्य तराश सकें। 2015 से भर्ती न हुए युवाओं को पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
 
महिलाओं को वित्तीय सहायता : बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद महिलाओं के लिए 3,000 रुपए की मासिक वित्तीय सहायता योजना शुरू की जाएगी। 
 
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण : केवल महिलाओं वाली पुलिस बटालियन, 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड' बनाना और राज्य की नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण देना। मातंगनी हाजरा और रानी रशमोनी बटालियन का निर्माण किया जाएगा। संदेशखाली मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त महिला हाईकोर्ट जज नियुक्त करेंगे।
 
समान नागरिक संहिता (UCC) : समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कानून बनाना और गो-तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून लाना। भाजपा शासित कई राज्यों में यूसीसी (Uniform Civil Code) लागू किया गया है, हम 6 माह के अंदर ही बंगाल में यूसीसी लागू करेंगे।
 
उद्योगों का आधुनिकीकरण : पुराने चाय बागानों का कायाकल्प करना, दार्जिलिंग चाय की ब्रांडिंग को मजबूत करना और जूट उद्योग का आधुनिकीकरण करना। हल्दिया को पोर्ट-आधारित विकास और ब्लू इकॉनॉमी दोनों का केंद्र बनाने के लिए हम हल्दिया पोर्ट को एक निश्चित रोडमैप के तहत विकसित करेंगे।
 
स्वास्थ्य और शिक्षा : आयुष्मान भारत योजना और सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू करना; मुफ्त HPV टीकाकरण, स्तन कैंसर की जांच और उत्तर बंगाल में AIIMS, IIT व IIM की स्थापना करना। आयुष्मान भारत समेत, भारत सरकार की सभी योजनाओं को हम कम्प्लीशन सर्टिफिकेट के साथ लागू करेंगे और पूरे देश की तरह पीएम मोदी के गरीब कल्याण के यज्ञ को हम बंगाल में भी शुरू करेंगे।
 
कृषि सहायता : चावल, आलू और आम की खेती के लिए विशेष सहयोग और समर्थन। पीएम किसान सम्मान निधि में हम राज्य की तरफ से अतिरिक्त 3000 रुपए जोड़ेंगे और किसानों को सालाना 9000 रुपए की वित्तीय सहायता देंगे। 
 
सिंडिकेट का अंत : सिंडिकेट गतिविधियों को खत्म करना और "कट मनी" संस्कृति पर रोक लगाना।
 
भाषा सम्मान : कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना।
 
मत्स्य पालन और उद्योग : 'पीएम मत्स्य संपदा योजना' के तहत सभी मछुआरों का पंजीकरण करना और पश्चिम बंगाल को एक प्रमुख औद्योगिक और मछली निर्यात केंद्र बनाना।

वंदे मातरम संग्रहालय : बंगाल की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हम एक भव्य वंदे मातरम संग्रहालय की कल्पना लेकर आए हैं। इसके माध्यम से पूरे विश्व में बंगाल के कल्चर को प्रसिद्धि मिलेगी।
 
धार्मिक स्वतंत्रता : धार्मिक प्रथाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाना।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 
 
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