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अमेरिका ने भारतीय जहाजों पर बरसाए बम! 3 नाविकों की मौत के बाद भारत की कड़ी चेतावनी, 11 जून को फिर हुआ हमला
US attack Indian ship: पश्चिम एशिया (ओमान के तट) से एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे हिंदुस्तान को झकझोर कर रख दिया है। होर्मुज समुद्री मार्ग (Strait of Hormuz) में महाशक्ति अमेरिका की सेना ने एक भारतीय तेल टैंकर पर ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया है। इस भयानक हमले में भारत के तीन जांबाज नाविकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इतना ही नहीं 10 जून के बाद 11 जून को भी भारतीय जहाज पर हमला हुआ। ओमान के शिनास बंदरगाह के पास अमेरिकी सैनिकों ने फिर 'एमटी जलवीर' को निशाना बनाया। हालांकि इसमें सवार 20 भारतीय बाल-बाल बच गए।
इस कायराना हरकत के बाद भारत का गुस्सा सातवें आसमान पर है। नई दिल्ली ने बिना देर किए अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कह दिया है कि हमारे नाविकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ALSO READ: आसमान के 'सिकंदर' तेजस की राह में रोड़ा, अमेरिका के धोखे से भड़का रक्षा मंत्रालय, HAL पर लगेगा भारी जुर्माना!
आखिर अमेरिका ने क्यों किया हमला?
यह दिल दहला देने वाली घटना एमटी सेट्टेबेलो (MT Settebello) नामक जहाज पर हुई। अमेरिकी सेना ने इस जहाज को घेरकर सिर्फ इस शक में बमबारी कर दी कि इस जहाज ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया और यह ईरान से तेल लेकर जा रहा था। अमेरिकी सेना के इस क्रूर हमले ने भारत के तीन हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया। हमले में अपनी जान गंवाने वाले भारतीय हैं- आदित्य शर्मा (डेक कैडेट), शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर) और पटनाला सुरेश (मुख्य इंजीनियर)।
#WATCH दिल्ली: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। हम चाहते हैं और हमने आग्रह किया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित आवाजाही हो। यही हमारा रुख… pic.twitter.com/Op4Lf1WDiM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2026
562 भारतीयों की जान दांव पर!
समंदर में सिर्फ एक हमला नहीं हुआ है, बल्कि पिछले 72 घंटों से वहां मौत का तांडव चल रहा है। शिपिंग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल के अनुसार, 8 जून से अब तक भारतीय नाविकों वाले 3 जहाजों पर हमले हो चुके हैं। 8 जून को 'मैरिवेक्स' (Marivex) जहाज को निशाना बनाया गया, जिसमें आग लग गई। गनीमत रही कि सभी 24 भारतीय सुरक्षित बच गए। जबकि, 10 जून 'एमटी सेट्टेबेलो' पर अमेरिकी हमला, जिसमें 3 भारतीयों की मौत हुई। 11 जून यानी गुरुवार को भी ओमान के शिनास बंदरगाह के पास अमेरिकी सैनिकों ने फिर 'एमटी जलवीर' (MT Jalveer) को निशाना बनाया, इसमें सवार 20 भारतीय बाल-बाल बच गए। ALSO READ: होर्मुज स्ट्रेट में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने किया ईरानी ड्रोन पर हमला, ईरान ने ट्रंप को दी चेतावनी
भारत ने अमेरिकी राजदूत को किया तलब
इस वक्त होर्मुज समुद्री मार्ग में भारत के 13 बड़े जहाज मौजूद हैं, जिनमें 562 भारतीय नाविकों की जिंदगी दांव पर लगी हुई है। इस खूनखराबे के बाद भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। बुधवार को नई दिल्ली ने तुरंत अमेरिकी दूतावास के प्रभारी (CDA) को विदेश मंत्रालय तलब किया और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
#WATCH दिल्ली | विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया, "PM मोदी का यूरोप दौरा और G7 समिट में उनकी भागीदारी 14 से 18 जून तक चलेगी और इसमें फ्रांस की तीन जगह शामिल हैं... 16 और 17 जून को G7 समिट के आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री दूसरे आमंत्रित देशों के साथ हिस्सा… pic.twitter.com/wvDxuuylyS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 11, 2026
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिका को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हमारे नाविकों के साथ जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। समंदर में जहाजों पर लगातार हो रहे ये हमले तुरंत रुकने चाहिए। हम अमेरिका से अपेक्षा करते हैं कि वह भारत के विरोध को बेहद गंभीरता से ले।
केंद्रीय मंत्री की नसीहत
दूसरी ओर, केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय नाविकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए अमेरिका और पश्चिमी देशों को खरी-खरी सुनाई है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि यह हिंसा का दौर अब तुरंत खत्म होना चाहिए। अगर अमेरिका ने इन हमलों को नहीं रोका, तो यह विवाद दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की तरफ धकेल सकता है। भारत ने महाशक्तियों को नसीहत दी है कि हथियारों को छोड़कर कूटनीति और संवाद का रास्ता अपनाएं।
Edited by: Vrijendra Singh
