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  4. Under Chief Minister Yogi Adityanath's leadership Uttar Pradesh is becoming India's emerging digital hub
Last Modified: लखनऊ (उप्र) , शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 (20:45 IST)

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी बन रहा देश का उभरता डिजिटल हब

Chief Minister Yogi Adityanath
- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 400 इकाइयां पंजीकृत
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर को मिला नया विस्तार
- आईटी कंपनियों का उत्तर प्रदेश की ओर रुझान बढ़ रहा
Uttar Pradesh news : उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख आईटी और डिजिटल हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू की गई नीतियों और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था का असर अब धरातल स्टार पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश में आईटी कंपनियों का लगातार विस्तार हो रहा है, जो रोजगार सृजन निवेश और तकनीकी नवाचार के नए अवसर पैदा कर रही हैं। इनमें से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 400 आईटी कंपनियां पंजीकृत हैं।   
 
उत्तर प्रदेश में संचालित आईटी कंपनियों में स्टार्टअप्स, मध्यम उद्यम और वैश्विक स्तर की बड़ी कंपनियां शामिल हैं। ये कंपनियां मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटीईएस, क्लाउड सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सेवाओं पर कार्य कर रही हैं। आईटी विशेषज्ञ प्रदीप यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने विज़न से आईटी कंपनियों का उत्तर प्रदेश की ओर रुझान बढ़ रहा है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े आईटी गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुके हैं। जो डेटा सेंटर और नई तकनीकों पर आधारित सेवाएं प्रदान करने का काम कर रही हैं। इसके अलावा कानपुर और वाराणसी जैसे शहर भी तेजी से उभरते डिजिटल केंद्र बन रहे हैं, जिससे प्रदेश के संतुलित विकास को मजबूती मिल रही है।
 
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 400 इकाइयां पंजीकृत हैं। ये इकाइयां आईटी निर्यात में अहम भूमिका निभा रही हैं। आईटी विशेषज्ञों का कहना है कि वर्ष 2026  तक प्रदेश में एसटीपीआई पंजीकृत इकाइयों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश में माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, विप्रो, इंफोसिस, पेटीएम और एडोब जैसी प्रमुख कंपनियां बड़े स्तर पर संचालन कर रही हैं। इसके साथ ही लगभग 90 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) स्थापित किए जा चुके हैं, जहां रिसर्च और उच्च स्तरीय सेवाओं पर काम हो रहा है। इन कंपनियों की मौजूदगी से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर काम करने का अवसर मिल रहा है। सरकार की स्किल डेवलपमेंट योजनाओं के अंतर्गत युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour
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