Trump tariff puts Gujarat diamond business in trouble: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत से आयात होने वाले कई सामानों पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा ने भारतीय उद्योगों में 'गहरी चिंता' की स्थिति पैदा कर दी है। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि इस टैरिफ को कम नहीं किया गया तो भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भारी नुकसान हो सकता है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी 'मेक इन इंडिया' अभियान को भी बड़ा खतरा है।
'मेक इन इंडिया' अभियान का उद्देश्य भारत को चीन के विकल्प के रूप में एक मजबूत विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला केंद्र बनाना है। हालांकि, अमेरिका के इस कड़े कदम से भारतीय उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा, जिससे इस अभियान की सफलता पर सवालिया निशान लग गए हैं।
गुजरात का हीरा सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित : दिवाली पर घर-कार देने वाले हीरा कारोबार पर संकट
ट्रम्प के टैरिफ का सबसे बुरा असर गुजरात के हीरा सेक्टर पर पड़ा है। यह वही उद्योग है जो अपनी कर्मचारियों को हर साल दिवाली के मौके पर कार और घर जैसे महंगे उपहार देने के लिए जाना जाता है। विशेष रूप से छोटे हीरे की कटाई और पॉलिश का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह उद्योग पहले से ही अमेरिका और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में मांग में कमी के कारण संघर्ष कर रहा था।
नौकरियों पर खतरा : अप्रैल में वॉशिंगटन द्वारा 10% बेसलाइन टैरिफ की घोषणा के बाद से ही गुजरात में इस उद्योग में करीब एक लाख मजदूरों की नौकरियां जा चुकी हैं। गुजरात डायमंड वर्कर्स यूनियन के अनुसार, अब भारत पर 50% टैरिफ लगने के बाद नौकरियों के नुकसान में और भी तेजी आई है। इस संकट के कारण इस साल दिवाली के मौके पर दिए जाने वाले बहुमूल्य बोनस और उपहारों पर भी सवाल उठने लगे हैं, जिससे लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
यूनियन ने बताया कि प्राकृतिक हीरे की कटाई और पॉलिश के क्षेत्र से कई मजदूर अब लैब में तैयार होने वाले हीरे के उद्योग की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन अगर इस उभरते हुए क्षेत्र को भी उच्च टैरिफ का सामना करना पड़ा, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। हीरा उद्योग से जुड़े वर्करों की नौकरियों पर और खतरा मंडरा सकता है।
अब सरकार से उम्मीद : भारतीय उद्योग जगत और सरकार दोनों ही इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत सरकार अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत कर इस टैरिफ को कम करवा पाती है या नहीं। यदि यह टैरिफ लागू रहता है, तो इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और लाखों श्रमिकों की आजीविका पर पड़ेगा, जिससे 'मेक इन इंडिया' जैसी योजनाओं को भी बड़ा झटका लग सकता है। विशेष रूप से गुजरात के हीरा उद्योग पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा और दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर श्रमिकों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
इसलिए चर्चा में रहते हैं सावजी भाई ढोलकिया : अपने कर्मचारियों को दिवाली पर महंगे उपहार बांटने के मामले में सबसे आगे गुजराती हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया का नाम है। वह सूरत में स्थित हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के मालिक हैं। सावजी ढोलकिया हर साल दिवाली पर अपने कर्मचारियों को शानदार बोनस देने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार कर्मचारियों को प्रदर्शन के आधार पर कार, घर और गहने गिफ्ट किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 2014 में 50 करोड़ रुपए बोनसे के रूप में बांटे थे। इनमें 491 कारें और 200 फ्लैट शामिल थे। 2016 में, उन्होंने 1260 कारें और 400 फ्लैट दिए। 2018 में उन्होंने 600 कारें गिफ्ट की थीं। सावजी ढोलकिया की इस दरियादिली की काफी चर्चा होती है। उनके इसी अंदाज के कारण उन्हें 'बॉस हो तो ऐसा' का टैग भी मिला हुआ है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala