Super Typhoon Bavi : सुपर टाइफून 'बावी' का असर भारत तक, चीन-ताइवान-जापान में हाई अलर्ट, देश के कई राज्यों में भी घट सकती है बारिश
पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून 'बावी' (Bavi) एशिया के कई देशों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं और लगभग 1,000 किलोमीटर तक फैले इस विशाल तूफान को हाल के वर्षों के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में माना जा रहा है। इसका सीधा असर चीन, ताइवान और जापान पर पड़ने की आशंका है, जबकि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत के मानसून पर भी दिखाई देने लगा है।
भारत में मानसून पर दिखने लगा असर
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश को कवर कर चुका है, लेकिन मौसम विभाग की ताजा सैटेलाइट तस्वीरें चिंताजनक संकेत दे रही हैं। फिलहाल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में मानसून काफी सक्रिय है और इन क्षेत्रों में घने बादल छाए हुए हैं। गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में बादलों की गतिविधि कमजोर बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना कम रह सकती है।
क्या सुपर टाइफून 'बावी' की वजह से थम सकती है मानसूनी रफ्तार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलीपींस के पास प्रशांत महासागर में बना सुपर टाइफून 'बावी' तेजी से ताइवान और चीन की ओर बढ़ रहा है। हालांकि यह तूफान भारत से करीब 3,000 से 4,000 किलोमीटर दूर है, लेकिन इसका प्रभाव बंगाल की खाड़ी तक महसूस किया जा रहा है।
IMD Weather Warning !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 10, 2026
A Low Pressure Area over northern parts of central Uttar Pradesh is likely to trigger isolated heavy to very heavy rainfall over Himachal Pradesh, Uttarakhand, Haryana, and Uttar Pradesh today.
Stay alert, avoid flood-prone areas, and follow official… pic.twitter.com/ys0eNHOQR6
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक यह तूफान चीन की ओर आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) बनने की संभावना बेहद कम है। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। यदि नया मानसूनी सिस्टम समय पर विकसित नहीं हुआ तो अच्छी और व्यापक बारिश के लिए करीब एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है।
चीन, ताइवान और जापान में तबाही का खतरा
चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सुपर टाइफून 'बावी' 11 जुलाई को चीन के फुजियान प्रांत में लैंडफॉल कर सकता है। इससे पहले यह उत्तरी ताइवान के बेहद करीब से गुजरेगा। ताइवान के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह 1987 के बाद सबसे बड़े आकार का टाइफून हो सकता है। राजधानी ताइपे के आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में एक मीटर तक बारिश की आशंका है। आपदा से निपटने के लिए 29,000 सैनिकों को अलर्ट पर रखा गया है। समुद्री शहरों में मछुआरों ने अपनी नौकाएं सुरक्षित बंदरगाहों में पहुंचा दी हैं, जबकि लोग घरों की सुरक्षा के लिए रेत की बोरियां जमा कर रहे हैं और किसान समय से पहले फसल काटने में जुट गए हैं।
जापान में 252 किमी/घंटा तक चल सकती हैं हवाएं
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने ओकिनावा के साकिशिमा द्वीप समूह के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। यहां शनिवार तक हवा की रफ्तार 252 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा प्रति घंटे 50 मिमी तक बारिश, 24 घंटे में 300 मिमी वर्षा, 10 मीटर ऊंची समुद्री लहरें, तूफानी ज्वार और तटीय बाढ़ की चेतावनी भी जारी की गई है।
चीन अभी पिछले टाइफून की तबाही से उबर नहीं पाया
सुपर टाइफून 'बावी' के आने से पहले चीन टाइफून 'मेसाक' से हुई भारी तबाही का सामना कर रहा है। गुआंग्शी प्रांत में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 लोग लापता हैं। हेंगझोउ में बांध टूटने से आई बाढ़ में 26 लोगों की जान चली गई, जबकि गुइगांग चिड़ियाघर में बाढ़ के कारण तीन शेरों की मौत हो गई और 100 से अधिक जानवर अपने बाड़ों से बाहर निकल गए। बाढ़ में फंसे 12,000 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित बचाया गया। क्या भारत में बढ़ेगी चिंता?
वेदर एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुपर टाइफून 'बावी' का भारत में सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर मानसून की रफ्तार पर पड़ सकता है। यदि बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र बनने में देरी होती है, तो उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में कुछ दिनों के लिए बारिश कमजोर रह सकती है। हालांकि इसके बाद नया सिस्टम बनने पर मानसून फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।

