E20 पेट्रोल से कितना घटेगा माइलेज, पेट्रोलियम मंत्रालय ने दिया यह जवाब
Ethanol blended Petrol News : पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (E20) को लेकर जारी बहस के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज कहा कि 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता (माइलेज) 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकती है, लेकिन इसके बदले मिलने वाले ऊर्जा सुरक्षा, कम कार्बन उत्सर्जन और बेहतर इंजन प्रदर्शन जैसे लाभ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, ब्राजील वर्षों से E27 (27 प्रतिशत इथेनॉल) का इस्तेमाल कर रहा है और वहां इंजन खराब होने की कोई समस्या नहीं आई है। वहीं नितिन गडकरी ने भी ब्राजील द्वारा बहुत पहले ही E100 (100 प्रतिशत इथेनॉल) लागू किए जाने का हवाला देते हुए भारत में भी इसका स्तर बढ़ाने की बात कही है।
3 से 5 फीसदी तक घट सकता है माइलेज
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (E20) को लेकर जारी बहस के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज कहा कि 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता (माइलेज) 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकती है, लेकिन इसके बदले मिलने वाले ऊर्जा सुरक्षा, कम कार्बन उत्सर्जन और बेहतर इंजन प्रदर्शन जैसे लाभ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
इसे वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षण, वाहन विनिर्माताओं के साथ परामर्श और घरेलू एथनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बाद ही लागू किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि ई20, ई10 या शुद्ध पेट्रोल की तुलना में अधिक स्वच्छ, बेहतर गुणवत्ता वाला और अधिक दक्ष ईंधन है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्यों की तारीफ?
गहराते ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि कैसे पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) की नीति आज भारत के लिए संकटमोचक साबित हो रही है। भारत ने 2025 में ही समय से पहले E20 ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया था, जो अब युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत सुरक्षा चक्र बनकर उभरा है।
'इथेनॉल पॉलिसी' पर क्या बोले नितिन गडकरी?
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई-20) नीति का जोरदार बचाव करते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया। गडकरी ने कहा कि इथेनॉल नीति से उन्हें कोई व्यक्तिगत फायदा नहीं होता और यह योजना देश में पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
क्या दूसरे देश भी करते हैं E20 पेट्रोल का इस्तेमाल?
भारत में E20 पेट्रोल (20 फीसदी इथेनॉल-मिश्रित ईंधन) को लेकर छिड़ी बहस के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या दुनिया के अन्य देशों ने भी इस तकनीक को अपनाया है? जब भी भारत में इथेनॉल कार्यक्रम की बात आती है तो 'ब्राजील' का उदाहरण सबसे पहले दिया जाता है।
हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, ब्राजील वर्षों से E27 (27 प्रतिशत इथेनॉल) का इस्तेमाल कर रहा है और वहां इंजन खराब होने की कोई समस्या नहीं आई है। वहीं नितिन गडकरी ने ब्राजील द्वारा बहुत पहले ही E100 (100 प्रतिशत इथेनॉल) लागू किए जाने का हवाला देते हुए भारत में भी इसका स्तर बढ़ाने की बात कही है।
अरविंद केजरीवाल ने मांगा जवाब
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर, हीरो मोटोकॉर्प समेत 29 ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल को लेकर लिखित जवाब मांगा। उन्होंने 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 के इस्तेमाल और संभावित नुकसान पर सवाल उठाए। उन्होंने पत्र में ऑटो कंपनियों से कहा कि वे जनता को बताएं कि क्या उनके 2023 के पहले बने प्रोडक्ट्स में E20 इस्तेमाल किया जा सकता है।
...तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा?
E20 फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से अगर कार या बाइक का इंजन खराब हो जाता है तो वाहन मालिक को इंश्योरेंस क्लेम नहीं मिलेगा। इस दावे पर सरकार की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली PIB Fact Check Unit ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से मोटर वाहन बीमा पर कोई असर नहीं पड़ता है।

