Sonam Wangchuk : अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने क्या शर्त रखी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े प्रदर्शन के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि यदि केंद्र सरकार यह भरोसा देती है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो वह अपना अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। विपक्षी सांसदों का एक डेलीगेशन एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता हॉस्पिटल पहुंचा ताकि उनसे अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ने की अपील की जा सके।
सोनम वांगचुक से मिलने के बाद क्या बोले विपक्षी सांसद
विपक्षी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मिलने मेदांता अस्पताल पहुंचा। सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें समाजवादी पार्टी, AAP RJD, JMM और CPI के सांसद हैं। हम यहां 50 सांसदों के अपील लेटर के साथ आए हैं। आपका स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। आप खतरनाक अवस्था मे पहुंच चुके हैं। आप अपना अनशन तोड़ दीजिए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और पुलिस से मांगा जवाब
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बिना किसी चेतावनी के पुलिस ने बल प्रयोग किया। साथ ही आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान किनारे खड़ी एक महिला के साथ अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा ने कथित तौर पर मारपीट की। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से संबंधित अधिकारी को तलब करने की भी मांग की।
दिल्ली पुलिस ने आरोपों से किया इनकार
दिल्ली पुलिस ने अदालत में याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि कथित शांतिपूर्ण प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया था। पुलिस के अनुसार, कई वीडियो में पुलिसकर्मियों के घायल होने और भीड़ द्वारा पथराव किए जाने के दृश्य मौजूद हैं। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई मांगों को लेकर 'संसद चलो' मार्च निकाला था। मानसून सत्र के पहले दिन जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे, तब भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
सरकार से बातचीत को तैयार CJP
बुधवार को CJP ने कहा कि वह सरकार से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि वे किसी मंत्री के कार्यालय या आवास पर नहीं जाएंगे। बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान, जैसे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, में हो सकती है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी पुष्टि की कि इस संबंध में पुलिस की ओर से उनसे संपर्क किया गया है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा जल्द ही CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर सकते हैं।

