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सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का कोर्ट का आदेश, इलाज के लिए बनेगी डॉक्टरों की टीम

sonam wangchuk hunger strike
Sonam Wangchuk Medanta Hospital shift: कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मामले में मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया है।
 
इसके साथ ही कोर्ट ने उनके समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित करने का भी आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें मेदांता अस्पताल भेजने में कोई आपत्ति नहीं है और वहीं उनका आगे का उपचार किया जाएगा।  ALSO READ: सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा, सांसदी छोड़ने की दी चेतावनी, जंतर-मंतर लाठीचार्ज का भी विरोध

पत्नी गीतांजलि की याचिका पर आया निर्णय

यह फैसला सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए आया है। गीतांजलि ने आरोप लगाया था कि उनके पति को इलाज के नाम पर जबरन सफदरजंग अस्पताल में हिरासत में रखा गया है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि वांगचुक को उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति दी जाए।
 
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में 28 जून से बेमियादी अनशन पर थे। अनशन के 20वें दिन (18 जुलाई) गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। ALSO READ: सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं 3 शर्तें, संसद मार्च से पहले आंदोलन में आया बड़ा मोड़

सफदरजंग RDA का कड़ा रुख

सोनम वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध सफदरजंग अस्पताल में रखे जाने पर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) ने तीखा विरोध जताया है। RDA ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मांग की है कि डॉक्टरी सलाह के खिलाफ अस्पताल से छुट्टी लेने के वांगचुक के अधिकार की रक्षा की जाए।
 
डॉक्टरों ने अपने पत्र में कहा कि किसी मरीज को उसकी मर्जी के खिलाफ रखना मेडिकल पेशे की नैतिकता और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। अस्पताल में अत्यधिक पुलिस बल की तैनाती से अन्य मरीजों और डॉक्टरों को भारी असुविधा हो रही है। डॉक्टरों ने गैर-चिकित्सकीय उद्देश्यों और राजनीतिक हितों के लिए अस्पताल के इस्तेमाल पर भी गंभीर आपत्ति जताई है। इतना ही नहीं एसोसिएशन ने जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।

कैसी है वांगचुक की स्थिति

सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी ताज़ा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। जांच में ब्लड शुगर, पोटेशियम और ल्यूकोसाइट के स्तर में कमी पाई गई है, जिसके चलते उन्हें निरंतर निगरानी की आवश्यकता है। वांगचुक लगातार अनशन के कारण गंभीर डिहाइड्रेशन से जूझ रहे हैं। हालांकि वे ओआरएस और ओरल पोटेशियम ले रहे हैं, लेकिन नसों के जरिए ग्लूकोज(IV Fluids) दिए जाने वाले इलाज की डॉक्टरी सलाह को उन्होंने स्वीकार नहीं किया है।
 
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