अनशन से बिगड़ी सोनम वांगचुक की तबीयत, दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई
Sonam Wangchuk news in hindi : जंतर मंतर पर 20 दिन से अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अपने साथ ले गई। उन्हें सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वांगचुक की सेहत लगातार खराब हो रही थी। ALSO READ: Who is Neha Bora : कौन हैं नेहा बोरा? CJP प्रोटेस्ट के बाद क्यों हैं चर्चा में, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो
डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से सोनम वांगचुक का वजन लगातार घट रहा था। आज सुबह दिल्ली पुलिस की एक टीम जंतर मंतर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई।#WATCH दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस अस्पताल ले जा रही है।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 18, 2026
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डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि शुक्रवार को उनका वजन 56.55 किलोग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 350 ग्राम कम हुआ है। उनका ब्लड प्रेशर 108/68, ब्लड शुगर 70 एमजी/डीएल और हार्ट रेट 72 बीट प्रति मिनट दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन है। पहले शरीर की चर्बी कम हुई, उसके बाद मांसपेशियां प्रभावित होने लगीं और अब लंबे समय तक अनशन जारी रहने पर शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार और सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य के कारण विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह पर, उन्हें आवश्यक चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया, जिससे थोड़ा हंगामा हुआ, हालांकि पुलिस ने अत्यधिक संयम बरता और इस प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्वक इस स्थान को खाली कर दें।
क्या बोले अभिजीत दीपके?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, "सुबह 7 बजे जब मैं फ्रेश होने के लिए यहां से निकला, तो पुलिस के गुंडे वहां आए। वे सोनम सर को गालियां देते हुए घसीटकर लेकर गए। 60 साल का एक व्यक्ति, जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था उन्हें दिल्ली पुलिस जबरदस्ती घसीटकर यहां से लेकर गई। हमें नहीं पता कि कहां लेकर गए हैं। जैसे ही मुझे खबर मिली, मैं जंतर-मंतर आ रहा था, तो पुलिस ने मेरे साथ भी मारपीट की... ये पुलिस नहीं RSS के गुंडे हैं। मैं विदेश से अपने देश वापस आया था; क्या मैं कोई अपराधी हूं? मुझे इन लोगों ने सड़कों पर मारा।"
शुक्रवार को हुआ था सोनम वांगचुक पर हमला!
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक नीट परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे थे। उन्हें कांग्रेस, सपा, एनसीपी एसपी, आदमी पार्टी समेत की विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा था।

