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Last Updated :नई दिल्ली , शुक्रवार, 6 मार्च 2026 (16:39 IST)

जयशंकर से मिले ईरान के उप विदेश मंत्री, युद्ध के बीच किन मुद्दों पर हुई बात?

S Jaishankar meets Iranian Deputy Foreign Minister
Jaishankar meets Iranian Deputy Foreign Minister : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। खबरों के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर कहा कि ईरान और भारत के बीच बहुत पुराने सभ्यतागत संबंध हैं। मुलाकात के बाद खातिबजादेह ने तीखा बयान देते हुए कहा कि उनका देश लगातार हमलों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल ईरान को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। खातिबजादेह ने कहा कि उनके देश के पास अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक प्रतिरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर कहा कि ईरान और भारत के बीच बहुत पुराने सभ्यतागत संबंध हैं।

खातिबजादेह ने दिया तीखा बयान

मुलाकात के बाद खातिबजादेह ने तीखा बयान देते हुए कहा कि उनका देश लगातार हमलों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इसराइल ईरान को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। खातिबजादेह ने कहा कि उनके देश के पास अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक प्रतिरोध करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
 

ईरान पीछे हटने वाला

खातिबजादेह के मुताबिक, इस समय ईरान के नागरिक लगातार हमलों के खतरे में जी रहे हैं और हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। खातिबजादेह ने कहा कि ईरान इस संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। खातिबजादेह ने उम्मीद जताई कि भारत समेत दुनिया के अन्य देश अंतरराष्ट्रीय कानून और न्याय के पक्ष में खड़े होंगे।
खातिबजादेह ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने एक ऐसे जहाज पर हमला किया जो पूरी तरह निहत्था था। वह जहाज भारत के निमंत्रण पर एक अंतरराष्ट्रीय अभ्यास में शामिल होने आया था और उसमें कोई हथियार मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस तरह का हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। खातिबजादेह ने कहा कि यह सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं बल्कि ईरान के अस्तित्व और संप्रभुता का सवाल बन गया है। 
उप विदेश मंत्री सईद ने कहा कि ईरान के पास अभी अमेरिका और इसराइल की घुसपैठ के खिलाफ वीरता से अपनी रक्षा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अमेरिका के जमीनी हमले की संभावना के बारे में मंत्री ने कहा कि ईरान किसी भी औपनिवेशिक मिशन को रोकने के लिए तैयार है। 
 

भारत के साथ संबंध पर क्‍या बोले खातिबजादेह

नई दिल्ली की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर कूटनीतिक बातचीत हुई है। हम ईरान-भारत संबंधों को बहुत महत्व देते हैं। हम इंडो-फारसी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े हुए हैं। पिछले 24 घंटों में भारत और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच यह तीसरी बार संपर्क है। 

जयशंकर ने कहा- आज कोई भी देश पूरी तरह से हावी नहीं

वैश्विक तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया में कोई भी देश पूरी तरह से वैश्विक प्रभुत्व (हेजेमनी) नहीं रखता है और आने वाला समय बहुध्रुवीय विश्व का होगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज कोई भी देश पूरी तरह से हावी नहीं है। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के पीछे दो बड़ी ताकतें काम कर रही हैं तकनीक (टेक्नोलॉजी) और जनसंख्या का स्वरूप (डेमोग्राफी)। आने वाले दशक में यही दोनों कारक दुनिया की दिशा तय करेंगे।

ईरान-अमेरिका जंग पर भारत ने जताई चिंता 

भारत ईरान और अमेरिका के बीच हो रहे जंग में तटस्थ है। भारत ने जंग के शुरू होने पर चिंता जाहिर की थी। ईरान ने जब यूएई और सऊदी जैसे देशों पर हमला किया, तो भारत के प्रधानमंत्री ने वहां के राष्ट्राध्यक्षों से बात की। इतना ही नहीं, जंग के बीच भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने कहा- सैन्य संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर सकता है।
Edited By : Chetan Gour 
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