क्या होती है ‘रेव पार्टी, क्‍या है इसका इतिहास और आखि‍र होता क्‍या है इन पार्टीज में?

Last Updated: रविवार, 3 अक्टूबर 2021 (16:59 IST)
हमें फॉलो करें
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग मामले में एनसीबी ने एक क्रूज से गि‍रफ्तार किया है। यहां रेव पार्टी चल रही थी, जिसमें तमाम तरह के ड्रग्‍स का इस्‍तेमाल किया जा रहा था। यह खुलासा होने के बाद एक बार फि‍र से बॉलीवुड पर नशे के दाग लग गए हैं।

हालांकि यह जानना जरूरी है आखि‍र ये रेव पार्टी क्‍या होती है, इनका इतिहास क्‍या है और आखि‍र ऐसी पार्टीज में होता क्‍या है। आइए जानते हैं रेव पार्टी के बारे में सबकुछ।

पूरी दुनिया में रेव पार्टियों का चलन बड़ी तेजी से बढ़ता जा रहा है। 80 और 90 के दशक में ही इन पार्टियों की शुरुआत हो गई थी। अगर रेव पार्टी की बात करें तो इसका मतलब जोश और मौज मस्ती से भरी महफिलों से है। इन पार्टियों में धड़ल्ले से गैरकानूनी ड्रग्‍स का इस्तेमाल किया जाता है। गुपचुप तरीके से होने वाली इन पार्टियों में रईसजादे एंजॉय करते है। तेज म्यूजिक, डांस और नशा इन पार्टीज की जान होती है। यह पार्टी पूरी पूरी रात चलती है। ड्रग्‍स बेचने वालों के लिए ये पार्टियां किसी लाटरी से कम नहीं होती।

खास बात है कि इन रेव पार्टियों में हर कोई शामिल नहीं हो सकता है। इनमें एंट्री के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है। यहां गांजा, चरस, कोकीन, हशीश, एलएसडी, मेफेड्रोन जैसे ड्रग्‍स का इस्तेमाल होता है। इन ड्रग्स का असर करीब 7 से 8 घंटों तक रह सकता है। रेव पार्टियों में ज्यादातर ड्रग्‍स इसके अयोजक ही उपलब्ध कराते हैं। इनमें लड़के और लड़कियां सभी शामिल होते हैं।

80 और 90 के दशक में दुनिया तेजी से रेव पार्टियों से वाकिफ हुई। हालांकि ऐसी पार्टियों की शुरुआत उससे करीब 20-30 साल पहले हो चुकी थी। लंदन में होने वाली बेहद जोशीली पार्टियों को 'रेव' कहा जाता है। अमेरिकी न्‍याय विभाग का एक दस्‍तावेज बताता है कि 1980 की डांस पार्टियों से ही रेव का चलन निकला। जैसे-जैसे तकनीक और ड्रग्‍स का जाल फैला, रेव पार्टियों की लोकप्रियता बढ़ती चली गई। भारत में रेव पार्टियों का चलन हिप्पियों ने गोवा में शुरू किया। इसके बाद देश के कई शहरों में रेव पार्टियों का ट्रेंड बढ़ा। अब इंटरनेट की वजह से यह और भी आसान हो गई। इंस्‍टाग्राम अकांउट के जरिए इसकी एंट्री और संपर्क मि‍ल जाते हैं।

रेव पार्टियों का मतलब है फूल मस्‍ती। एंट्री के लिए भी अच्‍छी-खासी रकम लगती है। भीतर हजारों वाट के संगीत पर थिरकते युवा होते हैं। कोकीन, हशीश, चरस, एलएसडी, मेफेड्रोन, एक्‍सटसी जैसे ड्रग्‍स लिए जाते हैं। अधिकतर रेव पार्टियों में ड्रग्‍स उपलब्ध करने का जिम्‍मा ऑर्गनाइजर्स का होता है। कुछ रेव पार्टियों में 'चिल रूम्‍स' भी होते हैं जहां खुलेआम सेक्‍स चलता है। कई क्‍लब्‍स में ड्रग्‍स के कुछ साइड-इफेक्‍ट्स जैसे डिहाड्रेशन और हाइपरथर्मिया को कम करने के लिए पानी और स्‍पोर्ट्स ड्रिंक्‍स भी उपलब्‍ध कराई जाती हैं।

हाल ही में एनसीबी ने जिस क्रूज पार्टी पर छापा मारकर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गि‍रफ्तार किया है वो भी एक तरह की रेव पार्टी मानी जा रही है, जिसे समुद्र के बीच क्रूज में आयोजित किया जा रहा था। जिसमें तमाम तरह के ड्रग्‍स का इस्‍तेमाल हो रहा था।



और भी पढ़ें :