1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Questions raised over order limiting diesel supply to 200 litres per day

एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं देने के आदेश पर उठे सवाल, किसानों को नए नियम से बाहर रखने की मांग

New rules for diesel sales. a limit of 200 liters per day
पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री को लेकर सरकार के नए फैसले पर सवाल उठने लगे है। सरकार ने पिछले कुछ दिनों पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद अब डीजल की बिक्री को लेकर नए नियम लागू किए हैं। नए आदेश के तहत अब पेट्रोल पंपों से एक वाहन या ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जाएगा।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोल पंपों से ईंधन की खरीद पर कुछ पाबंदियां लगा दी हैं। नए आदेश के तहत अब फैक्ट्रियां और बड़ी कंपनियां पेट्रोल पंप से तेल नहीं खरीद पाएंगी और एक ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा और इस डीजल का पुनर्विक्रय भी प्रतिबंधित रहेगा। डीजल की बिक्री को लेकर नए नियमें 90 दिनों के लिए लागू रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।

हलांकि सरकार के इस फैसले को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे है। आइए समझते है कि वह कौन से सवाल है, जो सरकार के इस फैसले के बाद उठ रहे हैं।

नए नियम को लागू करने पर सवाल?- नए आदेश के तहत अब एक ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं दिया जाएगा लेकिन इस नियम को जमीन पर लागू कैसे किया जाएगा इस पर सवाल उठ रहे है। पेट्रोल पंप कारोबारी के मानें तो नए आदेश का व्यावहारिक तौर पालन कैसे होगा, यह सवालों के घेरे में है। अगर कस्टमर एक पंप से 200 लीटर डीजल लेकर अगले पंप से दोबारा फिर 200 लीटर डीजल ले लेगा तो उसको कैसे रोका जाएगा। इसको लेकर नए नियमों में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।

'वेबदुनिया' से बातचीत में मध्यप्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते हैं कि इन आदेश को लागू करने में व्यावहारिक समस्या आएगी और एक व्यक्ति को एक दिन में 200 लीटर ही डीजल दिया जाएगा,यह आदेश पेट्रोल पंपों पर कैसे लागू होगा, इस पर सवाल है। हम तो नए आदेश की प्रतियां पेट्रोल-पपों पर चस्पा कर देंगे और एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं देंगे लेकिन वह कस्टमर अगले पंप से डीजल नहीं लेगा, इसकी क्या गारंटी है।

कंज्यूपर पंप से खरीदी पर सवाल?-सरकार के आदेश के मुताबिक अब औद्योगिक, कमर्शियल और संस्थागत ग्राहक पेट्रोल पंप से डीजल नहीं खरीद सकेंगे। उन्हें अपनी जरूरत का डीजल सिर्फ अपने कंज्यूमर पंप से ही लेना होगा यानी डीजल के बड़े खरीदारों के लिए पेट्रोल पंप का रास्ता बंद कर दिया गया है। लेकिन सरकार ने जो 200 लीटर की लिमिट तय की है उस पर सवाल उठ रहे है।

सरकार ने 200 लीटर से अधिक डीजल की खरीदी करने वाले उपभोक्ताओं को भले ही कंज्यूमर पंप की राह दिखा दी है लेकिन देश के साथ मध्यप्रदेश में कंज्यूमर पंपों की संख्या कितनी है, यह भी एक बड़ा सवाल है। सामान्य तौर पर  ऑयल कंपनियां ही ब्लक में डीजल की सप्लाई करती है, ऐसे में अगर एक व्यक्ति को 200 लीटर के अधिक डीजल चाहिए तो क्या वह पूरा टैंकर खरीदेगा।

वहीं सरकार ने कंज्यूमर पंप से डीजल की बिक्री के फैसले के पीछे तर्क दिया है कि हाल के दिनों में औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ता कीमतों में अंतर का लाभ उठाने के लिए थोक बिक्री केंद्रों के बजाय खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीद रहे थे। इससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर डीजल की कमी पैदा होने की आशंका बढ़ गई थी।

खेती-किसानी पर नए नियम की मार-डीजल की बिक्री पर इस नए नियम का सबसे अधिक सीधा असर किसानों पर पड़ने की आंशका है। सरकार ने डीजल की बिक्री पर यह फैसला ऐसे समय किया है जब खेती-किसानी के काम के लिए किसान बडे पैमाने पर डीजल की खरीदी कर रहा है। समान्य तौर पर दूर-दूराज के गांव के किसान खेत की जुताई और सिंचाई के लिए पेट्रोल पंपों से ड्रमों डीजल खरीदते है और उसको अपनी आवश्यकता के अनुसार उपयोग करते है लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक उन्हें एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं मिल सकेगा, जिससे अब किसानों को बार-बार पेट्रोल पंपों को चक्कर लगाना पड़ेगा और परेशान होना पड़ा।

'वेबदुनिया' से बातचीत में मध्यप्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह कहते है कि इस समय में खेती-किसानी का काम चला रहा है और किसान टैक्टरों की जगह ड्रमों में डीजल की खरीद करता है, जिससे उसे बार-बार पंपों के चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसलिए किसानों को इस नियम से बाहर रखना चाहिए और उन्हें पेट्रोल पंपों से ही 200 लीटर से अधिक डीजल दिया जाना चाहिए।  

कंटेनरों के नए नियम पर भी सवाल-डीजल की बिक्री को लेकर  सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री केवल वाहन के टैंक या पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा अनुमोदित कंटेनरों में ही की जाएगी। ऐसे में अब बाजार में ऐसे कंटेनरों की बिक्री बढ़ेगी और आने वाले समय में इनकी किल्लत भी हो सकती है।

 
लेखक के बारे में
विकास सिंह
special correspondent.... और पढ़ें