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समुद्र में चीन की मनमानी पर लगेगा ब्रेक? दिल्ली में क्वाड देशों ने दिया कड़ा संदेश
नई दिल्ली में क्वाड (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक संपन्न हुई। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सहित चारों देशों के नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा, निगरानी और चीन के बढ़ते प्रभाव पर बड़ा साझा बयान जारी किया। बयान से संकेत मिल रहे हैं कि समुद्र में चीन की मनमानी पर लगाम लग सकती है।
ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमने अभी-अभी क्वाड के विदेश मंत्रियों की एक बहुत ही सार्थक और उपयोगी बैठक समाप्त की है। ज्यादातर चर्चाएं दुनिया के मौजूदा हालात पर ही केंद्रित थी। हमने स्वाभाविक रूप से इंडो-पैसिफिक से जुड़े खास मुद्दों पर ध्यान दिया। क्योंकि हम 4 समुद्री लोकतंत्र हैं जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग छोर पर हैं इसलिए विचारों का आदान-प्रदान काफी महत्वपूर्ण था। समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ा है, जिसमें निगरानी और डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडरसी केबल, ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग और HADR एक्टिविटीज शामिल हैं। हम आने वाले समय में इन क्षेत्रों को और गहरा करते रहेंगे।
Just completed a productive QUAD FMM with colleagues @SecRubio of the US, @SenatorWong of Australia, and FM @moteging of Japan.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 26, 2026
Three major takeaways:
Agreed on Indo-Pacific Maritime Surveillance Initiative and on a Common Operating Picture in the maritime domain. Will… pic.twitter.com/4b0dFtiAHC
रूबियो ने की समुद्री सुरक्षा की बात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि आज मैं बहुत खुश हूं कि हमारी टीमों ने इस बातचीत से पहले जो काम किया है, उसके परिणामस्वरूप हमारे पास कुछ ऐसे ठोस और हासिल किए जा सकने वाले परिणाम हैं, जिनकी घोषणा हम अपने-अपने देशों और पूरी दुनिया के सामने कर सकते हैं। समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर, दो बड़ी घोषणाएं हैं। पहला है 'इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल' की शुरुआत, जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने के लिए हममें से हर देश की समुद्री निगरानी क्षमताओं का लाभ उठाएगी। इससे ही जुड़ा हुआ है 'इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल' का विस्तार भी, जो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को लगभग-वास्तविक समय का वाणिज्यिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता डेटा उपलब्ध कराता है।
उन्होंने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि उसने 'क्वाड एट सी' मिशन के अगले चरण की मेजबानी करने का वादा किया है। इस मिशन के तहत, हमारे सभी देशों के कोस्ट गार्ड एक ही जगह पर, एक ही जहाज पर एक साथ आते हैं।
क्या बोले जापानी विदेश मंत्री?
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा, 'मुझे क्वाड सहयोग में हुई प्रगति देखकर बहुत खुशी हुई, जो 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक' के लक्ष्य को साकार करने के लिए एक प्रेरक शक्ति का काम करता है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में काफी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि आज बैठक की शुरुआत में, मैंने 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक' (FOIP) को साकार करने में क्वाड के तहत हमारे चारों देशों के महत्व पर जोर दिया। FOIP के अपडेट का मुख्य उद्देश्य यह है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देश अपने भविष्य का निर्धारण स्वयं करने के लिए अपनी मज़बूती और क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करें। आज की बैठक ने हमें एक ऐसा अडिग संदेश देने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान किया कि क्वाड इस दिशा में आवश्यक और ठोस सहयोग को आगे बढ़ाएगा।
हार्मुज पर क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री?
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि हमारी हर मीटिंग में, हम मोमेंटम पर और यह पक्का करने पर फोकस रहे हैं कि हम असली नतीजे दें। हमारी जिम्मेदारी असली विकल्प देना है, खासकर इसलिए क्योंकि हमारे इलाके (इंडो-पैसिफिक) में रणनीतिक हालात बिगड़ रहे हैं। यह इलाका बहुत ज्यादा आर्थिक तनाव का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से हमारे इलाके पर क्या असर पड़ेगा और इसका हमारी ऊर्जा सुरक्षा पर क्या असर होगा। हम नेविगेशन की आज़ादी को फिर से पक्का करने के लिए एक डिप्लोमैटिक समाधान की दिशा में सेक्रेटरी रूबियो की कोशिशों को मानते हैं। हम नेविगेशन की आज़ादी के सिद्धांत को बनाए रखने और किसी भी टोलिंग प्रपोजिशन का विरोध करने की अहमियत को मानते हैं। क्वाड आज कई नई पहलों को आगे बढ़ा रहा है।
edited by : Nrapendra Gupta
