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पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कितना सख्‍त है नया कानून

jitendra singh on paper leak in parliament
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन कानून को और सख्त बनाने और तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि इन सभी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़े और बहाल हो सके। ALSO READ: "छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश से चली?" लोकसभा में गौरव गोगोई के तीखे सवाल, NTA और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
 
उन्होंने कहा कि धारा 10 की उप-धारा 1 में प्रावधान था कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कम से कम 3-5 साल की सजा और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। आज लाए जा रहे संशोधन के तहत, सजा की यही अवधि कम से कम 5-10 साल और जुर्माना 50 लाख रुपए तक कर दिया गया है। 2024 के कानून में, सर्विस प्रोवाइडर के लिए सजा 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना थी। अब इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किया जा रहा है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2024 के कानून में यह भी लिखा था कि प्रोवाइडर को अगले 4 वर्षों तक कोई भी परीक्षा आयोजित करने से रोक दिया जाएगा। आज, इस संशोधन के तहत उस अवधि को बढ़ाकर 8 साल किया जा रहा है... अंत में, संगठित अपराध करने वालों, यानी जहां माफिया गिरोह शामिल हो, के मामले में पहले सज़ा 5-10 साल थी। इसे बढ़ाकर 7-10 साल कर दिया गया है और जुर्माना पहले 1 करोड़ रुपये तक था। अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
 
उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने वीडियो के माध्यम से भी किया था, वह है तेजी से न्याय सुनिश्चित करना। हम परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करेंगे। हमने उसमें भी समय सीमा तय की है। जांच 2 महीने की अवधि के भीतर पूरी होनी चाहिए, चाहे वह केंद्रीय एजेंसी हो या विशेष कार्य बल। ALSO READ: कौन हैं जंतर-मंतर के वायरल हो रहे मोहम्मद इरफान? क्यों राहुल गांधी पहुंचे उनके घर?
 

यूपीए राज में भी लीक होते थे पेपर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले भी पेपर लिक होते थे। 2009, 2011, 2012 और 2013 में पेपर लीक हुए। यह सिर्फ एक राज्य तक सिमित नहीं। पीएम ने जल्द न्याय का फैसला किया है। नए बिल में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है।  
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