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PoK में मुनीर की बर्बरता पर भड़का भारत, बोला- अत्याचारों का होगा इंसाफ
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पुलिस की कथित बर्बरता और बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की 'गलत हरकतों और अत्याचारों' के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार फर्जी खबरों और वीडियो का सहारा लेकर अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार फैला रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में पुलिस की गंभीर बर्बरता की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके अत्याचारों और गलत कार्यों के लिए जवाबदेह ठहराएगा। इस बीच पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) के कई इलाकों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ताजा झड़पों के बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से Joint Awami Action Committee (JAAC) के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, Rawalakot और Muzaffarabad में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद संचार सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके विरोध में पूरे क्षेत्र में बंद का आह्वान किया गया है, जिसका व्यापक असर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। वहीं Bhimbar और Kotli जैसे शहरों में भी बाजार बंद हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तक प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब Supreme Court of Pakistan-occupied Kashmir ने फैसला सुनाया कि पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटें संवैधानिक रूप से संरक्षित हैं और इन्हें संवैधानिक संशोधन के बिना समाप्त नहीं किया जा सकता।
उधर, ब्रिटेन की संसद के 50 से अधिक सांसदों ने भी PoJK में संचार सेवाओं पर प्रतिबंध, गिरफ्तारियों और बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई है। Imran Hussain के नेतृत्व में सांसदों ने ब्रिटेन की गृह सचिव Yvette Cooper को पत्र लिखकर क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पत्र में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं के बाधित होने, संचार प्रतिबंधों तथा बढ़ती अशांति का उल्लेख किया गया है। Edited by : Sudhir Sharma
