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Last Updated :नई दिल्ली , बुधवार, 22 अप्रैल 2026 (23:25 IST)

'आतंकवादी' वाले बयान पर मल्लिकार्जुन खरगे को चुनाव आयोग का नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाब, कांग्रेस ने क्या कहा

modi kharge
चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए 'आतंकवादी' बयान पर नोटिस जारी किया है। यह विवाद तब बढ़ा जब चुनाव आयोग ने कांग्रेस  अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर कड़ा संज्ञान लिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। 
यह कार्रवाई उस समय हुई जब केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल समेत भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात कर खरगे के बयान की शिकायत की। चुनाव आयोग ने इस टिप्पणी को चुनावी आचार संहिता के संभावित उल्लंघन के रूप में लेते हुए खरगे से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

क्यों शुरू हुआ विवाद 

दरअसल, खरगे ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तमिलनाडु में AIADMK के भाजपा के साथ गठबंधन पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री मोदी को 'आतंकवादी' कहा था।  उन्होंने कहा कि जो लोग सीएन अन्नादुरई की विचारधारा का पालन करने की बात करते हैं, वे मोदी के साथ कैसे जा सकते हैं? उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती। उनके साथ जुड़ना लोकतंत्र को कमजोर करना है और अन्नादुरई, कामराज, पेरियार, करुणानिधि और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों को कमजोर करना है।  इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है और चुनाव आयोग की कार्रवाई ने मामले को और तूल दे दिया है।

चुनाव आयोग पर साधा निशाना

कांग्रेस ने बुधवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गृह मंत्रालय के अधीन एक 'संलग्न कार्यालय' की तरह काम कर रहा है और उसका यह रवैया संविधान पर हमला है।  आयोग ने खड़गे को 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग का यह कदम दर्शाता है कि वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारों पर काम कर रहा है।
 
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि चुनाव आयोग लंबे समय से सरकार के प्रभाव में काम करता दिखाई दे रहा है और हालिया कार्रवाई उसी का ताजा उदाहरण है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर 'वोट चोरी' जैसी घटनाओं में भी आयोग की भूमिका संदिग्ध रही है। Edited by: Sudhir Sharma
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